रिकी पोंटिंग के बारे में 20 तथ्य – आधुनिक युग में ऑस्ट्रेलिया के महानतम खिलाड़ी

20 facts to know about Ricky Ponting in Hindi

ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करने वाले रिकी पोंटिंग क्रिकेट की दुनिया के सबसे महान बल्लेबाजों में से एक हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन और शतकों के साथ पोंटिंग के क्रिकेट आंकड़े काफी शानदार हैं। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम जब शीर्ष पर थी, तो सबको पता है कि उनको हरा पाना कितना मुश्किल था। यह ‘स्वर्ण युग’ था 2004 और 2011 के बीच टेस्ट क्रिकेट में और 2002 और 2011 के बीच एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में। ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते समय पोंटिंग ने टीम के 100 टेस्ट विजयों में शामिल होने का अविश्वसनीय रिकॉर्ड बनाया है।

आस्ट्रेलियाई इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट क्रिकेट अकादमी में उन्हें अकादमी कोच रॉड मार्श के द्वारा सबसे अच्छा 17 वर्षीय बल्लेबाज कहा गया था। पोंटिंग हमेशा एक आक्रामक प्रतिद्वंद्वी के रूप में पेश आते थे और उनके अंदर दृढ़ संकल्प, साहस और कौशल की बहुतायत थी। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलन बॉर्डर के अनुसार, “वह अपनी आस्तीन पर अपना दिल पहनता है।” पोंटिंग को हमेशा एक विश्व स्तरीय बल्लेबाज के रूप में याद किया जाएगा और एक चैंपियन टीम के कुशल अगुवा के तौर पर भी।

1. जन्म:

रिकी थॉमस पोंटिंग का जन्म 19 दिसंबर, 1974 को लॉन्सेस्टन, तस्मानिया में हुआ था। पोंटिंग के माता-पिता पहले प्रोस्पेक्ट में रहते थे जो तस्मानिया के दक्षिण में है। लेकिन फिर वे सेंट्रल लॉन्सेस्टन में न्यूहम के कार्यक्षेत्र वाले इलाके में चले गए।

2. आने वाले साल:

रिकी पोंटिंग तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके छोटे भाई ड्रू उन्हें घर के पीछे घंटों गेंदबाज़ी किया करते थे और रिकी एकाग्र होकर खेलते रहते। जब ड्रू को उनका मौका मिलता, तो रिकी फिर से बल्लेबाजी शुरू करने के लिए उन्हें जल्द ही आउट कर देते थे।

3. खेल से जुड़ा परिवार:

रिकी पोंटिंग एक मध्यवर्गीय परिवार के थे। उनके भाई ग्रीम एक अच्छे क्लब क्रिकेटर थे और एक युवा खिलाड़ी के रूप में ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल में भी खेलते थे। उनके पिता थॉमस गोल्फ के खेल में शामिल थे, जबकि पोंटिंग की मां लॉरेन विगोरो नाम के खेल में तस्मानिया के लिए खेलती थीं, जो क्रिकेट और टेनिस का एक मिश्रण है। वह अपने राज्य की चैंपियन खिलाड़ी थीं और नेटबॉल और बैडमिंटन भी काफी अच्छा खेल लेती थीं। उनके चाचा ग्रेग कैंपबेल ने 1989 और 1990 में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला था।

पोंटिंग ने सचिन और लारा में से ज़्यादा महान किसे माना?

4. क्रिकेट से परिचय:

रिकी पोंटिंग को क्रिकेट से उनके पिता ग्रीम और चाचा ग्रेग कैंपबेल ने अवगत कराया। बाद में पोंटिंग ने 1985-86 में 11 वर्ष की आयु में माउब्रे अंडर-13 टीम के लिए खेलना शुरू किया।

5. स्कूल क्रिकेट के ‘डेविड बून’:

जनवरी 1986 में उन्होंने पांच दिवसीय वार्षिक तस्मानिया जूनियर क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लिया। एक हफ्ते में चार शतक स्कोर करने के बाद क्रिकेट बल्लों के निर्माता कुकाबुरा ने पोंटिंग को प्रायोजित करने का फैसला किया जब वह सिर्फ आठवीं कक्षा में थे। एक महीने से भी कम समय में अंडर -16 के सप्ताह भर लंबी चली प्रतियोगिता में उन्होंने अंतिम दिन एक शानदार शतक लगाया। उत्तरी तस्मानियन स्कूल क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख टेड रिचर्डसन ने कहा, “रिकी निश्चित रूप से इस स्तर पर डेविड बून के बराबर हैं।”

6. इयान यंग द्वारा निर्देशित:

पोंटिंग के संरक्षक इयान यंग थे, जिनके बेटे शॉन ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते थे। शॉन यंग और पोंटिंग ने इंग्लैंड के खिलाफ 1997 एशेज टूर पर इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट मैच साथ भी खेला था। पोंटिंग 2010 में उनकी मौत तक इयान के बेहद करीब रहे। दुख की बात यह है कि पोंटिंग उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वह भारत में थे और ऑस्ट्रेलिया का एक टेस्ट मैच में प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

7. पोंटिंग सीनियर और पोंटिंग जूनियर बल्लेबाजी में एक साथ:

बढ़ते हुए पोंटिंग ने अपना अधिकांश क्रिकेट अपने उम्र के समूह के साथ और लॉनसेस्टन, तस्मानिया में मोब्रे क्रिकेट क्लब के लिए खेला। एक मैच में पोंटिंग और उनके पिता ग्रीम ने एक साथ बल्लेबाजी की। लेकिन पिता-पुत्र की जोड़ी एक दूसरे की बल्लेबाजी का ज्यादा आनंद नहीं ले सके क्योंकि पोंटिंग सीनियर जल्द ही आउट हो गए थे।

8. चोट की वजह से ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल से दूर हुए:

ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल भी पोंटिंग के खेल जीवन का एक बड़ा हिस्सा था और वह नॉर्थ मेलबर्न कंगारूस के अनुयायी भी हैं। सर्दियों के दौरान उन्होंने नॉर्थ लॉनसेस्टन के लिए जूनियर फ़ुटबॉल खेला और जब तक वह 14 साल के हुए तब तक यह उनके जीवन का एक संभव खेल विकल्प बन चुका था। एक 13 वर्षीय के रूप में अंडर -17 टीम में नॉर्थ लॉनसेस्टन के लिए खेलते वक़्त उन्होंने अपना हाथ चोटिल कर लिया। पोंटिंग का हाथ इतनी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त था कि उसे ठीक कर पाना मुश्किल था। 14-हफ्ते तक वह खेल से दूर रहे और उन्होंने फिर से प्रतिस्पर्धी फुटबॉल कभी नहीं खेला।

रिकी पोंटिंग बनाम हरभजन सिंह

9. क्रिकेट खिलाड़ी बनने से पहले ग्राउंड स्टाफ और स्कोरर:

1990 वर्ष के अंत में स्कूल छोड़ने के बाद उन्होंने लॉनसेस्टन में एक निजी स्कूल स्कॉच ओकबर्न कॉलेज में ग्राउंड स्टाफ टीम के साथ काम करना शुरू किया। पोंटिंग शेफ़ील्ड शील्ड खेलों में स्कोरबोर्ड टीम का भी हिस्सा थे। एक दिन की नौकरी के लिए उन्हें $20 का मेहनताना दिया जाता था। पोंटिंग इस अनुभव को इस तरह से याद करते हैं, “इस काम ने इस बात की पुष्टि कर दी कि मैं खेल में ही अपना करियर बनाना चाहता था।”

10. प्रथम श्रेणी में शतक बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी:

पोंटिंग 18 साल और 40 दिनों की उम्र में प्रथम श्रेणी में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के तस्मानियन बन गए। उन्होंने बून का 19 वर्ष और 356 दिनों का रिकॉर्ड तोड़ा।

Ricky Ponting Test Captaincy Records in Hindi
Ricky Ponting Test Captaincy Records in Hindi

11. भविष्य के साथियों के साथ यात्रा:

पोंटिंग पहली बार 1992 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर एडम गिलक्रिस्ट और ग्लेन मैक्ग्रा से मिले थे, जहां वे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अकादमी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। पोंटिंग और गिलक्रिस्ट दक्षिण अफ्रीका के लिए उड़ान पर एक दूसरे के बगल में ही बैठे थे लेकिन जोहान्सबर्ग में उतरने के बाद ही एक-दूसरे से उन्होंने शब्दों का आदान-प्रदान किया क्योंकि पहले वे एक दूसरे को जानते नहीं थे।

12. सचिन तेंदुलकर के साथ पहली मुलाकात:

1992 में जब पोंटिंग ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अकादमी का हिस्सा थे तब उन्होंने पहले पहल सचिन तेंदुलकर को देखा। उनके बारे में बहुत कुछ सुन चुके पोंटिंग ने अधिकारियों से कहा कि उन्हें भारतीय युवा को देखने के लिए अभ्यास के बाद रुकने दें। “मैं सचिन तेंदुलकर को देखना चाहता था। उनके बारे में सभी बात कर रहे थे। मैं नेट के पीछे खड़ा हो गया जहाँ उन्हें बल्लेबाजी करनी थी। यह कहना सही है कि मैं आने वाले समय में उन्हें काफी बल्लेबाजी करते देखने जा रहा था, लेकिन उस दिन मैं उनकी तकनीक का अध्ययन कर रहा था। यह देखना चाहता था कि उनके बारे में क्या ख़ास था।” पोंटिंग ने यह अपनी किताब में लिखा था।

13. पोंटिंग और शेन वॉर्न का कनेक्शन:

एडिलेड में अकादमी में अपने समय के दौरान पोंटिंग ने शेन वॉर्न से मुलाकात की, जो तब तक एक टेस्ट क्रिकेटर बन चुके थे। वास्तव में जब भी वे टेरी जेनर के साथ अपनी तकनीक पर काम करना चाहते थे तब पोंटिंग वॉर्न के खिलाफ बल्लेबाजी कर लिया करते थे। कुत्तों की दौड़ पोंटिंग को काफी पसंद थी और सट्टेबाजी के लिए उनकी रुचि की वजह से वॉर्न ने उन्हें ‘पंटर’ का नाम दिया और यह नाम हमेशा के लिए उनके साथ रह गया।

14. पदार्पण:

रिकी पोंटिंग ने 1995 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया के लिए अपने एकदिवसीय करियर की शुरुआत की। बाद में उसी वर्ष के अंत में रिकी पोंटिंग ने पर्थ में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में भी पदार्पण किया।

15. उच्चतम बल्लेबाज रेटिंग हासिल करने वाले:

1 दिसंबर 2006 को पोंटिंग टेस्ट क्रिकेट में उच्चतम रेटिंग हासिल करने वाले बल्लेबाज बने।

16. खेल के इतिहास में सबसे सफल कप्तान:

पोंटिंग क्रिकेट के इतिहास में सबसे सफल कप्तानों में से एक है। 2004 से 31 दिसंबर 2010 तक कप्तानी के दौरान 77 टेस्ट मैचों में उन्होंने 48 में जीत हासिल की है।

17. अजेय टीम के कप्तान:

2000 के प्रारंभ तक ऑस्ट्रेलिया दुनिया की हर टीम पर हावी हो चुका था। ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप में हैट-ट्रिक जीत हासिल की जिसमें से पोंटिंग ने 1999, 2003, 2007 में से 2003 और 2007 में लगातार दो विश्व कप में जीत हासिल की।

18. कप्तानी रिकॉर्ड में एक धब्बा:

एशेज में उनका रिकॉर्ड ही केवल एक चीज है जो वह अपने करियर में भूलना चाहेंगे। पोंटिंग एकमात्र ऐसे ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट कप्तान हैं जिनकी कप्तानी में टीम को तीन अलग एशेज श्रृंखलाओं में हार का सामना करना पड़ा।

19. करियर आंकड़े:

पोंटिंग एक खिलाड़ी के रूप में अविश्वसनीय हैं, जिन्होंने 168 टेस्ट मैचों में 51.85 की औसत के साथ 13,540 रन बनाये और 257 उनका उच्चतम स्कोर था। 375 एकदिवसीय मैचों में 42.03 के औसत से उन्होंने 13,704 रन बनाए, जिसमें 164 उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर था।

20. क्रिकेट के अलावे भी:

पोंटिंग केवल एक क्रिकेटर ही नहीं हैं बल्कि एक लेखक भी हैं जिन्होंने कई पुस्तकें भी प्रकाशित की हैं, जैसे: ब्रायन मुर्गट्रायड (2003, 2004, 2005); ज्योफ आर्मस्ट्रांग (2006, 2007, 2008, 200 9); और उनकी आत्मकथा पोंटिंग: एट द क्लोज ऑफ़ प्ले(2013)।

Summary
Review Date
Reviewed Item
20 facts to know about Ricky Ponting | CricketinHindi.com
Author Rating
51star1star1star1star1star

Leave a Response

share on: