ड्रेसिंग रूम की 11 ऐसी कहानियाँ जिन्होंने भारतीय खिलाड़ियों का अलग रूप प्रदर्शित किया

11 unheard Indian dressing room cricket stories

अक्सर हम यह जानने के इच्छुक होते हैं कि भारतीय ड्रेसिंग रूम के अंदर क्या क्या होता है? एक बड़े मैच से पहले कौन खिलाड़ियों में जोश भरता है? विवाद के बाद माहौल कैसा होता है? विपरीत परिस्थितियों में कौन हालात को संभालता है? आदि सवाल प्रशंसकों के मन में कौतूहल जगाते हैं।

हम आपको बताएंगे ड्रेसिंग रूम की कुछ ऐसी ही सच्ची और दिलचस्प घटनाओं के बारे में-

जब जॉन राइट ने वीरेंद्र सहवाग का कॉलर पकड़ा था
जब जॉन राइट ने वीरेंद्र सहवाग का कॉलर पकड़ा था

1. जब जॉन राइट ने वीरेंद्र सहवाग का कॉलर पकड़ा था

वीरेंद्र सहवाग अपना स्वभाविक खेल खेलते थे और जॉन राइट उनके बेबाक खेल से वाकिफ थे। ऐसे ही एक मुकाबले में जहाँ भारत को बल्लेबाज़ी में अच्छी शुरुआत की ज़रुरत थी, वीरेंद्र सहवाग एक खराब शॉट खेल कर आउट हो गए और राइट ने द्रविड़ को चेतावनी दी ” अगर यह फिर कभी ऐसा खराब शॉट खेल कर आउट हुआ तो मैं इसे टीम से बाहर कर दूंगा।” यह संदेश सहवाग को दिया गया था लेकिन वह कोच की इस धमकी से ज़्यादा प्रभावित नहीं हुए।

सहवाग ने अपना स्वभाविक खेल जारी रखा और अगले मैच में फिर से खराब शॉट खेल कर आउट हो गए। जॉन राइट इससे बहुत गुस्सा हुए और उन्होंने सहवाग का कॉलर पकड़ कर मैदान में उनके प्रदर्शन को लेकर जमकर लताड़ लगायी। इस बार सहवाग ने कोच की बात पर ध्यान दिया और अगले मैच में अच्छा खेलने का वादा किया।

जब सुनील गावस्कर ने उड़ाई फारुख इंजीनियर की खिल्ली
जब सुनील गावस्कर ने उड़ाई फारुख इंजीनियर की खिल्ली

2. जब सुनील गावस्कर ने उड़ाई फारुख इंजीनियर की खिल्ली

फारुख इंजीनियर और सुनील गावस्कर 1971 में शेष विश्व की टीम की ओर से खेलने के लिए चयनित हुए। फारुख ने वरिष्ठ होने के नाते गावस्कर को आराम से खेलने की सलाह देते हुए कहा ” जीरो पर आउट मत होना क्योंकि यहाँ मेलबॉर्न में पिच से पवेलियन तक की दूरी सबसे अधिक है।”

अब इसे संयोग कहें या दुर्भाग्य, इंजीनियर खुद शून्य पर आउट हो गए।

विश्व कप फाइनल में टॉस को लेकर हुए विवाद के बीच सचिन तेंदुलकर की सलाह काम आई
विश्व कप फाइनल में टॉस को लेकर हुए विवाद के बीच सचिन तेंदुलकर की सलाह काम आई

3. विश्व कप फाइनल में टॉस को लेकर हुए विवाद के बीच सचिन तेंदुलकर की सलाह काम आई

2011 विश्व कप फाइनल में दो बार टॉस करना पड़ा क्योंकि रेफरी ने संगकारा की आवाज़ ठीक से नहीं सुनी। भारतीय प्रशंसकों ने गुस्सा ज़ाहिर किया कि संगकारा ने बेईमानी की है, उन्होंने जो बोला था वह टॉस पर नहीं आया और जब टॉस के बाद रेफरी ने उनसे पूछा तो वह मुकर गए।

सचिन, जो कि टीम में सबसे वरिष्ठ खिलाड़ी थे, उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि अपना ध्यान खेल पर रखें और नकारात्मक चीज़ों को खुद पर हावी न होने दें क्योंकि यह उनके जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबला है।

अगर सचिन ने सही समय पर सलाह न दी होती तो भारतीय टीम पर शुरू से ही नकारात्मकता हावी हो जाती और खेल से पहले ही श्रीलंका को इसका फायदा मिलता।

ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली का पहला दिन
ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली का पहला दिन

4. ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली का पहला दिन

भारतीय ड्रेसिंग रूम में युवराज सिंह और हरभजन सिंह सबसे मज़ाकिया खिलाड़ी थे। जब विराट कोहली अपना पहला मैच खेलने जा रहे थे, तो उस समय वह अपनी भावनाओं पर काबू पाने की पूरी कोशिश कर रहे थे लेकिन कर नहीं पा रहे थे। युवराज और हरभजन ने उनसे सचिन तेंदुलकर के पैर छूने को कहा कि यह एक परंपरा है जो हर नया खिलाड़ी, सचिन का आशीर्वाद पाने को निभाता है। विराट कोहली पैर छूने आगे बढे तब सचिन ने उनसे बताया कि दोनों ने उनके साथ मज़ाक किया है।

जब पूरी टीम ने दादा के साथ मज़ाक किया और वह इस्तीफ़ा देने को तैयार हो गए
जब पूरी टीम ने दादा के साथ मज़ाक किया और वह इस्तीफ़ा देने को तैयार हो गए

5. जब पूरी टीम ने दादा के साथ मज़ाक किया और वह इस्तीफ़ा देने को तैयार हो गए

सौरव गांगुली एक साहसी कप्तान थे जो हमेशा खिलाड़ियों को बिना डरे खेलने की सीख देते थे। युवराज और आशीष नेहरा ने उनसे कहा कि वह उनकी कप्तानी में नहीं खेलना चाहते क्योंकि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमारे लिए जो बयान दिया उससे हमें चोट पहुँची है। यह सुन कर गांगुली भावुक हो गए और इस्तीफ़ा देने को तैयार हो गए।

द्रविड़ ने जब देखा कि मज़ाक ज़्यादा ही हो गया और गांगुली भावुक हो गए हैं तो उन्होंने बता दिया कि यह तो सिर्फ एक मजाक था। दादा ने जब यह सुना तो बल्ला उठा कर मज़ाक करने वालों को दौड़ाया।

जब युवराज ने धोनी की खिल्ली उड़ाई
जब युवराज ने धोनी की खिल्ली उड़ाई

6. जब युवराज ने धोनी की खिल्ली उड़ाई

जब धोनी भारतीय टीम में शामिल हुए तो युवराज अक्सर उन्हें बिहारी कह कर चिढ़ाते थे। वह यह भी कहते थे कि छक्के मारना बड़ी बात नहीं है, भारत को मैच जिताने से एक खिलाड़ी महान बनता है।

जब दाऊद इब्राहिम ड्रेसिंग रूम में घुस आया और कपिल देव ने उसे लताड़ा
जब दाऊद इब्राहिम ड्रेसिंग रूम में घुस आया और कपिल देव ने उसे लताड़ा

7. जब दाऊद इब्राहिम ड्रेसिंग रूम में घुस आया और कपिल देव ने उसे लताड़ा

शारजाह में 1987 में एक टूर्नामेंट के दौरान दाऊद इब्राहिम भारतीय ड्रेसिंग रूम में घुस गया और कहा कि अगर तुम लोग पाकिस्तान को हरा दोगे तो सबको एक कार तोहफे के रूप में मिलेगी। कपिल देव ने तुरंत उत्तर दिया “चल बाहर चल”।

2003 विश्व कप में सचिन के भाषण ने खिलाड़ियों में भरा जोश
2003 विश्व कप में सचिन के भाषण ने खिलाड़ियों में भरा जोश

8. 2003 विश्व कप में सचिन के भाषण ने खिलाड़ियों में भरा जोश

2003 विश्व कप के दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम हार गई और अब सबको यह चिंता सताने लगी कि अब मज़बूत टीमों का सामना कैसे करेंगे। सचिन को आभास हुआ कि खिलाड़ी खुद के प्रदर्शन पर ही प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं। उन्होंने सभी को जमा किया और एक प्रेरणादायी भाषण दिया जिससे भारतीय टीम विश्व कप के फाइनल तक पहुँची।

ब्रिस्बेन टेस्ट के दौरान कोहली और धवन के बीच विवाद
ब्रिस्बेन टेस्ट के दौरान कोहली और धवन के बीच विवाद

9. ब्रिस्बेन टेस्ट के दौरान कोहली और धवन के बीच विवाद

कोहली और धवन का यह विवाद सुर्खियों में रहा। बताया जाता है कि कोहली इसलिये नाराज़ हुए क्योंकि खेल के एक दिन पहले अभ्यास के दौरान धवन के चोटिल होने की वजह से उन्हें बल्लेबाज़ी क्रम में ऊपर आना पड़ा और वह सस्ते में आउट हो गए। आउट होने के बाद कोहली ने धवन पर चोट न लगने के बावजूद चोट का बहाना बनाने का आरोप लगाया। बाद में धोनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मीडिया इस मामले को ज़्यादा तूल दे रही है। यह इतनी बड़ी बात नहीं है।

एम एस धोनी के सन्यास की खबर सुन पूरी टीम भावुक हो गई
एम एस धोनी के सन्यास की खबर सुन पूरी टीम भावुक हो गई

10. एम एस धोनी के सन्यास की खबर सुन पूरी टीम भावुक हो गई

2014 में ऑस्ट्रेलिया में मेलबॉर्न टेस्ट के बाद एम एस धोनी ने अपने सन्यास की घोषणा की जिसके बाद सभी खिलाड़ी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अब वह खेल के तीनों प्रारूप नहीं खेल सकते और यह उनके सन्यास लेने का समय है। यह खबर सुन टीम के कई खिलाड़ियों की आँख नम हो गई।

जब सचिन और गांगुली ने तय किया कि मैच फिक्स नहीं हो सकता
जब सचिन और गांगुली ने तय किया कि मैच फिक्स नहीं हो सकता

11. जब सचिन और गांगुली ने तय किया कि मैच फिक्स नहीं हो सकता

90 के दशक में मैच फिक्सिंग की खबरें चर्चित थीं और सचिन को शंका थी कि उनका अगला मैच फिक्स हो सकता है। इस मामले पर उन्होंने सौरव गांगुली से बात की। दोनों ने यह तय किया कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाएंगे ताकि कोई अंदेशा न रह जाए। अगले ही दिन खेले गए मुकाबले में दोनों ने शतक जड़ा और भारतीय टीम को जीत दिलाई।

Source: 11 Indian Cricket Dressing Room Stories That Reveal A Fascinating Side Of Indian Cricketers

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11 unheard Indian dressing room cricket stories | CricketinHindi.com
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