वीरेंद्र सहवाग के बारे में 16 तथ्य – एक शानदार सलामी बल्लेबाज

16 facts to know about Virender Sehwag

बेबाक टाइमिंग के साथ शान के लिये लगातार भूख, नज़फगढ़ के सुल्तान, वीरेंद्र सहवाग के लिये यह परिभाषा बिल्कुल सटीक बैठती है। चकाचौंध सूरज के नीचे, अपने पहले चौके से लेकर बिजली के प्रहार जैसे शॉट्स तक, उन्होंने लगभग एक दशक तक भारतीय उम्मीदों में जान फूँकने का काम किया।

टेस्ट में 82.23 की स्ट्राइक रेट और 49.34 के औसत से 8586 रन तथा 251 एकदिवसीय मैचों में 104.33 की स्ट्राइक रेट से 8273 रन बनाकर सहवाग सही मायने में क्रिकेट के आक्रामक स्वभाव में खूब जमे। वर्तमान में हरियाणा के लिये खेल रहे, वीरेंद्र सहवाग की अंतिम तीन पारी 92, 37 और 51 आसानी से उनकी वर्तमान फॉर्म को दर्शा रहीं है। 38 शतक और 70 अर्धशतक,अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकदिवसीय क्रिकेट में दोहरे शतक के साथ और टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक इस आदमी के लिये सबकुछ बयान करते हैं।

उन्होंने 19 टी-20 मैचों में 145.38 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। वीरेंद्र सहवाग ने 191 प्रथम श्रेणी मैचों में 47.35 की औसत से, 41 शतकों और 55 अर्धशतकों की मदद से 14396 रन बनाए हैं ।उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 4 दोहरे शतक लगाए हैं । उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 136 विकेट भी लिये हैं।

    वीरेंद्र सहवाग – भारत – रिकॉर्ड

वीरेंद्र सहवाग के बारे में 16 तथ्य –

1. जन्म और परवरिश –

वीरेंद्र सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को, नजफगढ़, दिल्ली में हुआ था। सहवाग का जन्म एक अनाज व्यापारी के एक हिंदू जाट परिवार में हुआ था। वीरेंद्र सहवाग ने अपना बचपन भाई-बहनों, चाचा, चाची और सोलह चचेरे भाई के साथ एक संयुक्त परिवार में बिताया था। हालांकि अब नई दिल्ली में रहने वाले सहवाग का परिवार हरियाणा से है।

वीरेंद्र सहवाग अपनी माता कृष्णा और पिता कृष्ण सहवाग के चार बच्चों में तीसरी संतान हैं। सहवाग से बड़ी दो बहनें मंजू और अंजू हैं जबकि उनसे छोटा एक भाई है विनोद।

अप्रैल 2004 में वीरेंद्र सहवाग ने आरती अहलावत से शादी की। इसमें अरुण जेटली और भारत के तत्कालीन क़ानून मंत्री शामिल हुए। दंपति के दो बेटे, आर्यवीर, 18 अक्टूबर 2007 को पैदा हुएऔर वेदांत, 2010 में पैदा हुए थे।

2. अलग-अलग भूमिका –

वीरेंद्र सहवाग भारत, एशिया क्षी, दिल्ली, दिल्ली डेयरडेविल्स, आईसीसी विश्व क्षी, इंडिया ब्लू, किंग्स इलेवन पंजाब, लीसेस्टरशायर, मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब, राजस्थानक्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष क्षी के लिये खेले हैं।

3. उपनाम –

उन्हें प्यार से वीरू के रूप में जाना जाता है । “मुल्तान का सुल्तान” और “नजफदढ़ के नवाब” जैसे शब्द उसके साथ जुड़े हुए हैं।

4. प्रथम श्रेणी करियर –

वीरेंद्र सहवाग ने 1997-98 में दिल्ली क्रिकेट टीम के लिये खेलते हुए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी शुरुआत की। उन्हें 1998-99 के दिलीप ट्रॉफी के लिये नॉर्थ जोन क्रिकेट टीम में चुना गया था, और कुल रन स्कोरिंग सूची में वे पांचवें स्थान पर रहे। अगले वर्ष वे दिलीप ट्रॉफी रन स्कोरिंग सूची में चौथे स्थान पर रहे, जिसमें 274 भी शामिल था, जो प्रतियोगिता का उच्चतम स्कोर था। उन्होंने यह स्कोर केवल 327 गेंदों में अगरतला में दक्षिण जोन के खिलाफ बनाया था और पंजाब के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में तेज तर्रार 175 गेंदों में 187 रन बनाए।

इसके बाद वीरेंद्र सहवाग को अंडर – 19 टीम के लिये चुना गया, जिसने दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया। वह 2000-01 के सत्र में दो शतकों के साथ सातवें स्थान पर थे, लेकिन उनकी निरंतरता नेचयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया और वह 2001 के मध्य में राष्ट्रीय टीम के नियमित सदस्य बने।

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5. वीरेंद्र सहवाग की एकदिवसीय करियर की शुरुआत खराब रही, जब 1999 में मोहाली में पाकिस्तान के खिलाफ शोएब अख्तर की गेंद पर 1 रन पर पगबाधा आउट हो गये । उनका गेंदबाजी प्रदर्शन भी अप्रभावी और काफ़ी महंगा था, उन्होंने 3 ओवरों में 35 रन दे दिए । इसके बाद उन्हें 20 महीने तक राष्ट्रीय टीम में एक और मौका नहीं मिला।

6. वीरेंद्र सहवाग ने अगस्त 2001 में श्रीलंका में अपनी अंतरराष्ट्रीय करियर में एक सफलता हासिल की, जब उन्हें न्यूजीलैंड के साथ होने वाली त्रिकोणीय श्रृंखला में बतौर सलामी बल्लेबाज पदोन्नत किया गया । ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि नियमित सलामी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर पैर की चोट के कारण अनुपस्थित थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में उन्होंने 69 गेंदों में अपना पहला शतक बनाया।

7. 2003 विश्व कप की यादें –

वीरेंद्र सहवाग 2003 के क्रिकेट विश्व कप में इतने प्रभावशाली नहीं थे, जिन्होंने 27 के औसत से 299 रन बनाये, फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 82 रन बनाए।

8. फॉर्म में उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने 2004-05 में वनडे सीरीज़ में 3 मैन ऑफ द मैच अपने नाम किए, जिसमें श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान के खिलाफ एक-एक पुरस्कार शामिल था। कोच्चि में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में उन्होंने 95 गेंदों पर 108 रन बनाए, अठारह महीनों में अपना पहला शतक, जिसमें 95 रन की जीत थी।

9. एकदिवसीय प्रारूप में तूफान –

सहवाग की स्कोरिंग दर बहुत तेज है, प्रत्येक 100 गेंदों पर 103.44 रन पर (केवल एक मौजूदा खिलाड़ी शाहिद अफरीदी ही इनसे अधिक हैं, जिसका औसत बहुत कम है)। उन्हें लक्ष्य का पीछा करते हुए अधिक सफलता मिली, 13 में से 7 शतक लक्ष्य का पीछा करते हुए ही हैं।

10. कप्तान की भूमिका –

वीरेंद्र सहवाग अपने पहले टी-20 मैच में भारत का नेतृत्व करने वाले पहले कप्तान थे । उन्होंने 17 बार भारत का नेतृत्व किया और 10 में जीत अपने नाम की । बीमारी, चोट या रोटेशन पॉलिसी के कारण कप्तानी पारी समाप्त की।

11. एकदिवसीय मैचों में प्रभुत्व –

वीरेंद्र सहवाग ने भारत के लिये 251 एकदिवसीय मैच खेले और 15 शतकों और 38 अर्धशतकों के साथ 8273 बनाए जिसमें 219 रन का सर्वोच्च स्कोर शामिल है । दिलचस्प बात यह है कि वह इंदौर में दोहरा शतक बनाते समय टीम के कप्तान थे।

12. टेस्ट का आगाज़ –

वीरेंद्र सहवाग ने एक मध्यक्रम के बल्लेबाज के रूप में 2001 में ब्लूमफ़ोन्टेन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच की शुरुआत की। दक्षिण अफ्रीकी जीत के बावजूद उन्होंने 105 रन बनाए।

13. मैच विजेता –

2009 में श्रीलंका के भारत दौरे के दौरान, 3 टेस्ट मैचों की टेस्ट सीरीज़ में उन्होंने 491 रनों के साथ श्रृंखला सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी के साथ समाप्त की । आखिरी टेस्ट मैच में उन्होंने 293 रन बनाये जिसकी सहायता से भारत ने वह टेस्ट मैच जीता । इस पारी में उन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए-

– दूसरा सबसे तेज दोहरा शतक
– केवल 207 गेंदों पर 250 रन बनाये
– एक ही दिन में तीसरे सबसे ज्यादा रन स्कोरर (284 नॉट आउट)

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14. वीरेंद्र सहवाग, इतिहास में एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट और एकदिवसीय दोनों प्रारूपों में एक सलामी बल्लेबाज के रूप में 7,500 से अधिक रन बनाए हैं।

गेंद खेलने के मामले में वीरेंद्र सहवाग ने सबसे तेज टेस्ट तिहरा शतक बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने मील के पत्थर तक पहुंचने के लिये 278 गेंदें लीं।

वीरेंद्र सहवाग ने गेंदों का सामना करते हुए टेस्ट में सबसे तेज 250 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने मील के पत्थर तक पहुंचने के लिये 207 गेंदें लीं।

वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट में दूसरा और तीसरा सबसे तेज दोहरा शतक अपने नाम किया है। वास्तव में, शीर्ष 10 सबसे तेज टेस्ट दोहरे शतक में से पाँच उनके नाम हैं।

वीरेंद्र सहवाग के नाम वनडे में दूसरा सबसे तेज दोहरा शतक है। उन्होंने अपना दोहरा शतक पूरा करने के लिये 140 गेंदें लीं। विश्व रिकॉर्ड क्रिस गेल के पास है, जिन्होंने 138 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया।

वीरेंद्र सहवाग ने वनडे में तीसरा सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर बनाया है। रोहित शर्मा और मार्टिन गुप्टिल शीर्ष दो पदों पर काबिज हैं।

वीरेंद्र सहवाग ने एक टेस्ट पारी में दूसरे सबसे ज़्यादा चौके लगाए हैं । उन्होंने 2006 के लाहौर टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की, जहां उन्होंने अपनी पारी में 47 चौके लगाए। विश्व रिकार्ड जॉन एड्रिच के नाम है, जिन्होंने एक टेस्ट पारी में 52 चौके लगाए।

वीरेंद्र सहवाग ने एक एकदिवसीय पारी में दूसरे सबसे ज़्यादा चौके लगाए हैं। उन्होंने वेस्टइंडीज (इंदौर, 2011) के खिलाफ यह एकदिवसीय पारी में 25 चौके लगाए थे। रोहित शर्मा 33 चौकों के साथ पहले स्थान पर हैं।

वीरेंद्र सहवाग ने 100 से अधिक स्ट्राइक रेट पर इतिहास में सबसे ज्यादा टेस्ट स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है । उन्होंने 2008 में चेन्नई टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की, जहां उन्होंने 104.93 की स्ट्राइक रेट से 319 रन बनाये।

उन्होंने 11 सैकड़ों टेस्ट शतक को 150+ स्कोर में बदलने के लिये रिकॉर्ड बनाया है।

वीरेंद्र सहवाग 7000 टेस्ट रनों तक पहुंचने वाले दुनिया के दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज हैं।

वीरेंद्र सहवाग टेस्ट इतिहास के चार बल्लेबाजों में से एक है जिन्होंने दो तिहरे शतक लगाए हैं, डॉन ब्रैडमैन, ब्रायन लारा और क्रिस गेल

केवल वीरेंद्र सहवाग और डॉन ब्रैडमैन ही ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने तीन बार 290 से अधिक रन बनाये हैं।

वीरेंद्र सहवाग ने दूसरी सबसे ज़्यादा बार 250 से अधिक रन बनाए हैं- डॉन ब्रैडमैन की तुलना में एक कम।

वीरेंद्र सहवाग टेस्ट मैचों में दो तिहरा शतक लगाने और एक टेस्ट पारी में पांच विकेट लेने वाले एकमात्र क्रिकेटर है।

वीरेंद्र सहवाग एक दिन में तीसरे सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने का रिकॉर्ड रखते हैं । उन्होंने 2009 के मुंबई टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की, जिसमें उन्होंने एक दिन में 284 रन बनाए। ये भी 1933 के बाद से किसी भी बल्लेबाज द्वारा किए गए सबसे ज्यादा टेस्ट रन हैं। विश्व रिकॉर्ड डॉन ब्रैडमैन के नाम है जिन्होंने एक दिन में 309 टेस्ट रन बनाए।

टेस्ट में वीरेंद्र सहवाग ने सभी क्रिकेटरों में सबसे अधिक स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं जिन्होंने 2,000 से अधिक रन बना लिये हैं। एकदिवसीय मैचों में भी कुछ ऐसा ही है।

वीरेंद्र सहवाग एकमात्र क्रिकेटर है जो एक टेस्ट पारी में लगातार दो दोहरी- शतकीय साझेदारी का हिस्सा बने हैं । उन्होंने 2008 में चेन्नई टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की, जहां उन्होंने पहले दूसरे विकेट के लिये 213 रन (वासिम जाफर के साथ) और 268 रन (राहुल द्रविड़ के साथ) की साझेदारी की। उन्होंने 2009 में मुंबई टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ इस उपलब्धि को दोहराया, जहां उन्होंने पहले दूसरे विकेट के लिये 221 रन (मुरली विजय के साथ) और 237 रन (राहुल द्रविड़ के साथ) की साझेदारी की।

वीरेंद्र सहवाग और ग्रैहम गूच ही ऐसे हैं, जिन्होंने एक पूरी टेस्ट पारी में बल्लेबाजी करते हुए 60% से ज़्यादा रन बनाए हैं।

15. राष्ट्रीय पुरस्कार –

वीरेंद्र सहवाग पहले भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्होंने तिहरा शतक लगाया है।

वीरेंद्र सहवाग ने भारतीयों के बीच टेस्ट मैचों में सबसे तेज 150/200/250/300 रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।

वीरेंद्र सहवाग ने भारतीयों के बीच सबसे तेज एकदिवसीय दोहरा शतक बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है ।

वीरेंद्र सहवाग ने एक भारतीय क्रिकेटर द्वारा भारत के बाहर सबसे तेज एकदिवसीय पचास / शतक बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।

वीरेंद्र सहवाग भारत के शीर्ष तीन उच्चतम व्यक्तिगत टेस्ट स्कोर अपने नाम किए हुए हैं।

वीरेंद्र सहवाग ने 3000 / 4000/7000 टेस्ट रनों तक पहुंचने के लिये भारतीयों में सबसे तेज रन बनाये हैं।

वीरेंद्र सहवाग ने भारतीय सलामी बल्लेबाजों में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाए हैं।

सहवाग और सचिन तेंदुलकर ने संयुक्त रूप से भारत के लिये अधिकतम टेस्ट दोहरा शतक बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। दोनों ने 6 दोहरे शतक लगाए हैं।

वीरेंद्र सहवाग ने भारतीयों के बीच टेस्ट मैचों में अधिकतम 250 से अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने चार बार 250 से अधिक टेस्ट स्कोर बनाए हैं।

वीरेंद्र सहवाग एक दिन में सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले भारतीय हैं।

वीरेंद्र सहवाग ने भारतीयों में एक टेस्ट पारी में सर्वाधिक चौके जड़े हैं।

वीरेन्द्र सहवाग एकमात्र भारतीय है जिन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में दो बार से अधिक 1400 से अधिक रन बनाए हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को तब हासिल किया जब उन्होंने 2008 में 1462 टेस्ट रन बनाए और 2010 में 1422 टेस्ट रन बनाए।

वीरेंद्र सहवाग की सभी भारतीय क्रिकेटरों में सबसे अधिक टेस्ट बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट है, जिन्होंने 1000 से अधिक टेस्ट रन बनाए हैं।

वीरेंद्र सहवाग की सभी भारतीय क्रिकेटरों में सबसे अधिक एकदिवसीय बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट है, जिन्होंने 1000 से अधिक एकदिवसीय रन बनाए हैं

वीरेंद्र सहवाग के नाम भारतीय क्रिकेटरों में टेस्ट कैरियर में सबसे अधिक छक्के मारने का रिकॉर्ड है। उन्होंने टेस्ट मैचों में कुल 91 छक्के लगाए हैं। विश्व रिकॉर्ड एडम गिलक्रिस्ट के नाम है, जिन्होंने टेस्ट मैचो में 100 छक्के लगाए हैं। भारतीयों में वीरेंद्र सहवाग के नाम चौके-छक्कों द्वारा सबसे ज़्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 2009 के मुंबई टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की जब उन्होंने चौकों और छक्कों की मदद से 202 रन बनाए । विश्व रिकॉर्ड जॉन एड्रिच के नाम है, जिन्होंने इस तरह 238 रन बनाए हैं। वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर ही ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों में 1000 से अधिक चौके लगाए हैं।

सहवाग और सचिन तेंदुलकर ने भारतीयों के बीच टेस्ट में सबसे ज्यादा ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज़’ अवॉर्ड जीते हैं। दोनों ने टेस्ट में पांच ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज़’ पुरस्कार जीते हैं। सहवाग ने 39 टेस्ट श्रृंखलाओं में और सचिन ने 74 टेस्ट श्रृंखलाओं में ये जीते । सहवाग ने टेस्ट और वनडे मिलाकर 31 मैन ऑफ द मैच पुरस्कार जीते हैं, जो भारतीयों में तीसरे स्थान पर हैं- शीर्ष दो, सचिन और गांगुली के नाम हैं।

2008 में वे “विज्डन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड” से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय बने । 2009 में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को बनाए रखने वाले किसी भी देश के एकमात्र खिलाड़ी बने।

16. अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार – अर्जुन पुरस्कार – 2002, पद्म श्री – 2010

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