तस्वीरों में आशीष नेहरा का सफर -1999 से 2017 तक

Ashish Nehra - Career in pictures

अपने नाज़ुक शरीर के बावजूद नेहरा ने 18 वर्षों तक भारतीय क्रिकेट की सेवा की। तस्वीरों में देखें उनका यह सफर:

लगातार चोटों और प्रदर्शन में अनियमितता के बावजूद नेहरा भारतीय क्रिकेट में एक पहेली की तरह उभरे।

गेंदबाज़ी के समय अपनी लंबी मुस्कान के लिए प्रसिद्ध नेहरा ने अपने समय के कई तेज़ गेंदबाज़ों को पीछे छोड़ा। खेल के प्रति उनकी दृढ़ता के चलते कई सर्जरियों और चोटों के बाद उन्होंने वापसी की।

उनके सफर को उनका कैरियर ‘कैसा हो सकता था’ के जरिये प्रदर्शित किया जा सकता है लेकिन नेहरा इस बात को लेकर कभी चिंतित नहीं थे।
सोशल मीडिया पर उनके ऊपर कई चुटकुले बने लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दिया और कहा कि उनके पास इन चुटकुलों को पढ़ने के लिए फोन ही नहीं है।

Nehra first played for India in 1999
Nehra first played for India in 1999

नेहरा और वीरेंद्र सहवाग के बीच गहरा रिश्ता रहा है। दोनों दिल्ली की रणजी टीम में अभ्यास के लिए एक ही स्कूटर पर सवार होकर फिरोज़शाह कोटला जाया करते थे।

19 वर्ष की अवस्था में नेहरा को बड़ा अवसर प्राप्त हुआ। फरवरी 1999 में कोलम्बो में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट टीम में उनका चयन किया गया। लेकिन इस दौरे पर उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और नेहरा को भुला दिया गया। सौरव गांगुली की कप्तानी में उन्हें दूसरा मौका मिला।

Ashish Nehra played his first ODI in 2001
Ashish Nehra played his first ODI in 2001

भारतीय क्रिकेट के भविष्य के तेज़ गेंदबाज़ों के समूह में एकदिवसीय मैचों में ज़हीर खान के साथ नेहरा ने वापसी की। ज़हीर खान के सामने उनकी गेंदबाज़ी को उतना अधिक आकर्षण प्राप्त नहीं हो सका।

Nehra impressed against Zimbabwe in 2001
Nehra impressed against Zimbabwe in 2001

ज़िम्बाब्वे के खिलाफ अपना दूसरा टेस्ट खेलते हुए नेहरा ने 15 वर्षों बाद भारतीय टीम की विदेश में जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी गेंदबाज़ी अद्वितीय थी। वह उन बहुत कम गेंदबाज़ों में से थे जो गेंद को दोनों तरफ घुमा सकते थे। नेहरा ने धीरे धीरे भारतीय टीम में अपनी पहचान बनानी शुरू की।

Nehra got an early taste of success with the NatWest Trophy triumph
Nehra got an early taste of success with the NatWest Trophy triumph

नेहरा, गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम की विदेश में बड़ी जीत के रूप में याद रखी जाने वाली नेटवेस्ट ट्रॉफी 2002 का हिस्सा थे। इसके पूर्व उन्होंने श्रीलंका, वेस्ट इंडीज और ज़िम्बाब्वे के ही दौरे किए थे।

He earned a place in the Indian attack for the 2003 World Cup
He earned a place in the Indian attack for the 2003 World Cup

हालाँकि इस सीरीज़ में नेहरा ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया लेकिन वह विश्व कप टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे। इस टीम में वरिष्ठ खिलाड़ी जवागल श्रीनाथ थे।

The Super Six spell against England remains Nehra's most memorable performance
The Super Six spell against England remains Nehra’s most memorable performance

नेहरा ने अपने कैरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन डरबन में इंग्लैंड के खिलाफ किया। सुपर सिक्स के इस मुकाबले में नेहरा की बदौलत भारतीय टीम फाइनल तक पहुँच सकी।

Despite a swollen ankle, Nehra bowled unchanged from one end
Despite a swollen ankle, Nehra bowled unchanged from one end

नेहरा अपने सूजे घुटनों के साथ पिच पर बने रहने के लिए केले खा रहे थे। गांगुली ने उन्हें गेंदबाज़ी सौंपने का निर्णय लिया।

दस लगातार ओवरों के स्पेल में एक छोर से नेहरा ने इंग्लैंड के छः बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेज उन्हें लक्ष्य का पीछा करने से रोक दिया। उन्होंने बिलकुल अलग अंदाज़ में सटीक लाइन और गति से गेंदबाज़ी कर यह उपलब्धि हासिल की।

Nehra fell at the final hurdle
Nehra fell at the final hurdle

हालाँकि गांगुली की यह टीम फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों पराजित हो गई।

After the World Cup, injuries started to surface for Nehra
After the World Cup, injuries started to surface for Nehra

इरफ़ान पठान का उदय, नेहरा के लिए झटके के समान था। विश्व कप के बाद पठान अपनी जगह पक्की कर रहे थे।ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान दौरे पर पठान ने अपनी गेंदबाज़ी से सबको प्रभावित किया। ज़हीर पहले से ही टीम के मुख्य तेज़ गेंदबाज़ थे। ऐसे में तीन तेज़ गेंदबाज़ों की टीम असंतुलित हो जाती।

Post the World Cup, the expectations rose enormously for Nehra
Post the World Cup, the expectations rose enormously for Nehra

डरबन में नेहरा के प्रदर्शन के बाद उनसे लोगों की आशाएं बढ़ गईं। वह शुरुआत और अंतिम ओवरों में प्रभावी गेंदबाज़ी करते थे। पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच में उन्होंने साबित किया कि विपरीत परिस्थितियों में वह उपयोगी साबित होंगे।

Nehra played his last Test at Rawalpindi in 2004
Nehra played his last Test at Rawalpindi in 2004

इन सबके बीच उनका टेस्ट कैरियर धूमिल हो रहा था। टेस्ट क्रिकेट खेलने लायक उनका शरीर न होने के चलते वह केवल 17 टेस्ट मैच खेल सके। अपना अंतिम टेस्ट उन्होंने रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ खेला।

2005 was one of Nehra's most prolific years
2005 was one of Nehra’s most prolific years

2004 और 2005 में वह इंग्लैंड, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गए और पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में भाग लिया। 2005 उनके कैरियर का सर्वश्रेष्ठ समय था। इंडियन ऑयल कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 59 रन देकर 6 विकेट चटकाए। वह पहले ऐसे भारतीय गेंदबाज़ बने जिसने एकदिवसीय मैचों में दो बार 6 विकेट लिया। यह रिकॉर्ड अभी भी बरकरार है।

In 2005, Nehra became the only Indian to take two six-fers in ODIs
In 2005, Nehra became the only Indian to take two six-fers in ODIs

ग्रेग चैपल के राज में भारतीय टीम में तेज़ गेंदबाज़ों का नया समूह बना। मुनाफ पटेल, वी आर वी सिंह, आर पी सिंह और इशांत शर्मा को मौका दिया गया। खराब फिटनेस और खराब फॉर्म के चलते नेहरा को बाहर बैठना पड़ा। नेट अभ्यास के दौरान टखने की चोट के चलते उनकी वापसी और मुश्किल हो गई। अगले 3 वर्ष और 294 दिन वह भारत के लिए नहीं खेल सके।

Nehra earned a recall in 2009
Nehra earned a recall in 2009

आई पी एल 2009 में दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर नेहरा तीसरे सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बने और भारतीय टीम में वापस आए। ज़हीर खान के चोटिल होने के कारण उन्हें यह अवसर मिला। वापसी के बाद चैंपियंस ट्रॉफी 2009 से पूर्व वेस्ट इंडीज के खिलाफ श्रृंखला में उन्होंने छः विकेट लिए।

From 2009 to 2011, Nehra became a crucial part of the bowling attack
From 2009 to 2011, Nehra became a crucial part of the bowling attack

अगले डेढ़ वर्षो तक विश्व कप 2011 तक वह भारतीय टीम का हिस्सा रहे। विश्व कप में युवाओं की टीम में उनका अनुभव महत्वपूर्ण था। 2009 उनके लिए बेहतरीन साल रहा जिसमें उन्होंने 21 एकदिवसीय मैचों में 31 विकेट लिए।

A four-pronged pace attack meant that competition was tight for Nehra
A four-pronged pace attack meant that competition was tight for Nehra

विश्व कप 2011 में नेहरा को केवल तीन मैचों में खेलने का मौका मिला। पाकिस्तान के खिलाफ सेमी फाइनल में उन्होंने 33 रन देकर 2 विकेट लिए और विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत का अजेय रिकॉर्ड कायम रखा।

Nehra played his part in the WC clash against Pakistan
Nehra played his part in the WC clash against Pakistan

पाकिस्तान के खिलाफ फील्डिंग करते समय उनकी उंगली में चोट लगने के कारण वह फिर कभी विश्व कप नहीं खेल सके। नेहरा विश्व कप से बाहर हो गए लेकिन भारत ने विश्व कप जीत कर इतिहास रचा। इसके बाद नेहरा के लिए वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया। तेज़ गेंदबाज़ों की नई पीढ़ी- उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, वरुण आरोन और आर विनय कुमार ने ज़हीर और नेहरा को किनारे कर दिया।

Post the finger injury, Nehra was out of the Indian team for four years
Post the finger injury, Nehra was out of the Indian team for four years

ज़हीर ने 2015 में सन्यास ले लिया लेकिन नेहरा, भारतीय टीम में वापसी करने के लिए आई पी एल खेलते रहे।

At 36, Nehra made a spectacular return
At 36, Nehra made a spectacular return

एक बार फिर से उन्होंने आई पी एल में बेहतरीन प्रदर्शन किया और चौथे सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने। इस प्रदर्शन की बदौलत उनके 37 वें जन्मदिन के पहले भारतीय टीम में उनकी वापसी हुई। लोगों ने उनके सम्मिलित होने पर प्रश्न भी उठाए लेकिन वह एक टी 20 विशेसज्ञ के रूप में टीम के अनुसार प्रदर्शन करते रहे।

He evolved admirably to become a T20 specialist
He evolved admirably to become a T20 specialist

इस उम्र में नेहरा केवल 4 ओवर गेंदबाज़ी कर सकते थे लेकिन इन 24 गेंदों में ही उन्होंने अपना प्रभाव दिखाया।

Nehra had enough fuel left to play in the Asia Cup and World T20
Nehra had enough fuel left to play in the Asia Cup and World T20

एक बार फिर वह 2016 आई पी एल के मध्य में चोटिल हो गए। हालाँकि इससे पूर्व वह ऑस्ट्रेलिया में, एशिया कप में और टी 20 विश्व कप में खेल चुके थे। उस वर्ष उन्होंने 15 मैचों में 16 विकेट लिए।

In 2017, Nehra managed yet another recall, and showed flashes of brilliance
In 2017, Nehra managed yet another recall, and showed flashes of brilliance

इसके बाद नेहरा की वापसी लगभग असंभव हो गई। लेकिन उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी 20 श्रृंखला में वापस बुलाया गया। नागपुर में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी 20 मैच में नेहरा ने डेथ ओवरों में जसप्रीत बुमराह के साथ कमाल की गेंदबाज़ी की। उन्होंने 4 ओवरों में केवल 28 रन देकर 3 विकेट लिए।

With Bumrah emerging as an automatic choice, Nehra decided to step away
With Bumrah emerging as an automatic choice, Nehra decided to step away

चोट के बाद 38 वर्ष की अवस्था में कैरियर के अंतिम दिनों में उन्होंने वापसी की थी। वह उस समय वापस आए जब फिटनेस को वरीयता दी जाने लगी। अपने सिद्धांतों के अनुसार खेलने वाले नेहरा ने सन्यास लेने का फैसला किया और टीम प्रबंधन से घरेलू मैदान फिरोज़शाह कोटला पर अपना अंतिम मैच खेलने की इच्छा जताई।

Nehra played his last game against New Zealand on November 1
Nehra played his last game against New Zealand on November 1

भले ही वह सबसे तेज़, सबसे बेहतर या सबसे फिट गेंदबाज़ नहीं थे, लेकिन भारतीय क्रिकेट की कभी न भूलने वाली याद बन गए हैं।

Source: Ashish Nehra (1999-2017): The journey in pictures

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Ashish Nehra - Career in pictures | CricketinHindi.com
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