क्रिकेट में अपने भविष्य को लेकर इरफ़ान पठान आशंकित

Irfan Pathan uncertain of his future in cricket

कहानी क्या है?

2017-18 के रणजी ट्राफी सीजन में सिर्फ दो मैचों के बाद ही इरफ़ान पठान को बड़ौदा टीम की कप्तानी और साथ ही टीम से भी बर्खास्त कर दिया गया। इस घटना के बाद ज़ाहिर तौर पर अनुभवी ऑलराउंडर खिलाड़ी इरफान पठान क्रिकेट में अपने भविष्य को अनिश्चितता भरी नज़रों से देखने लगे हैं। पहले दो मैचों में उम्दा प्रदर्शन के बावजूद टीम से उन्हें हटाया जाना निश्चित तौर पर चयनकर्ताओं को सवालों के घेरे में खड़ा करता है। उनके फैसले से इरफ़ान भी उतने ही हैरान हैं और 33 वर्षीय पेसर ने आरोप लगाया कि उनका निष्कासन गैर-क्रिकेटिंग मुद्दों से भी जुड़ा हो सकता है।

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पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान इरफान की हैरानी और उनका गुस्सा साफ़ साफ़ देखा जा सकता था। “मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि यह पिछले तीन सालों से हो रहा है। मैं किसी और से पूछे बिना खुद के भीतर झाँककर एक जवाब खोजने की कोशिश कर रहा हूँ। अगर मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं होता और तब यह निर्णय लिया जाता, तब मुझे कोई समस्या नहीं होती। लेकिन मैंने छठे नंबर पर खेलते हुए 80 रनों की पारी खेली और विकेट भी लिए। गेंदबाज़ी भी अच्छी तरह से कर रहा हूँ। मैं फिट भी हूँ, फिर मुझे क्यों हटा दिया गया? उन्होंने (बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन) भी एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा था कि मैं इस सीजन के लिए टीम के संरक्षक और कप्तान के रूप में काम करूँगा और खिलाड़ियों के कौशल को विकसित करने में मदद करूँगा। सिर्फ दो मैचों के बाद तो मुझे नहीं हटा सकते ना? यह (सिर्फ) क्रिकेट से जुड़ा मुद्दा तो नहीं ही हो सकता है।”

उन्होंने कहा, “घरेलू क्रिकेट खेलना और वहाँ अच्छा प्रदर्शन करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगर घरेलू क्रिकेट में भी खिलाड़ियों को मौके नहीं मिलेंगे और मेरे साथ जो हो रहा है वो बाकियों के साथ भी होगा, तो मुझे चिंता है कि इस देश में आगे क्रिकेट का क्या होगा। मैंने हमेशा मैदान पर अपना 100 प्रतिशत देने की कोशिश की है। मेरी गेंदबाजी या फिटनेस में कोई दिक्कत नहीं थी, यहाँ बात कुछ और है और यह अच्छा नहीं है। लेकिन मुझे पता है कि यह अंत नहीं है। मेरा मुख्य उद्देश्य सीमित ओवरों का क्रिकेट है, पर मैं चार दिवसीय क्रिकेट भी खेलना चाहता हूँ क्योंकि यह आपको फिट रखता है और आपको अपनी लय प्राप्त करने में मदद करता है।”

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मामले की पृष्ठभूमि

रणजी ट्रॉफी सत्र के पहले दो मैचों में बड़ौदा का नेतृत्व करने वाले इरफान से आश्चर्यजनक रूप से उनकी कप्तानी छीन ली गई और 22 वर्षीय दीपक हुड्डा को उनके स्थान पर रखा गया। इससे भी बदतर हालात तब पैदा हो गए, जब इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को वडोदरा में रिलायंस स्टेडियम में त्रिपुरा के खिलाफ होने वाले मैच से पहले टीम से हटा दिया गया।

असल में ऐसा हुआ क्यों?

इरफान ने इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में मध्य प्रदेश के खिलाफ 130 गेंदों में 80 रन बनाकर 2017-18 रणजी ट्रॉफी सत्र में एक मजबूत शुरूआत की। हालांकि उनकी गेंदबाजी लगभग अप्रभावी ही रही और उन्होंने 19 ओवरों में सिर्फ एक विकेट ही लिया। फलस्वरूप, बड़ौदा 8 विकेट से मैच हार गया।

बड़ौदा ने आंध्र प्रदेश के खिलाफ अगला मैच ड्रॉ तो करा लिया, लेकिन मैच में इरफान का प्रदर्शन अपेक्षाकृत अपर्याप्त ही था। वह पहली और दूसरी पारी में क्रमशः 0 और 4 के स्कोर पर आउट हो गए। और लगभग 21 ओवरों में बाएं हाथ यह तेज गेंदबाज केवल एक विकेट लेने में कामयाब हुआ। हालांकि अन्य राज्य संघ इस तरह के परिदृश्य में उनके जैसे अनुभवी खिलाड़ी की सेवाएँ लेना बंद नहीं करते, लेकिन बड़ौदा के चयनकर्ताओं ने न केवल इस अनुभवी क्रिकेटर से कप्तानी छीनी, बल्कि उन्हें टीम से भी बर्खास्त करके उनकी जगह एक युवा खिलाड़ी को टीम की कमान सौंप दी और सबको चौंका दिया।

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आगे क्या होगा?

विष्णु सोलंकी के शानदार शतक और निचले मध्य क्रम के उपयोगी योगदान की मदद से बड़ौदा एक कमजोर त्रिपुरा टीम के खिलाफ चल रहे मैच में नियंत्रण की स्थिति में आ गयी है। हुड्डा के लिए कप्तान के रूप में यह एक अच्छी शुरुआत है और संभव है कि बड़ौदा के चयनकर्ता इरफान को 9 तारीख से वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई के खिलाफ होने वाले अगले मैच में भी नजरअंदाज करना जारी रखें।

लेखक की राय

33 वसंत देख चुके इरफान पठान का क्रिकेट के मैदान में भविष्य अस्थिर दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी की संभावनाएं तो ना के बराबर ही हैं और घरेलू क्षेत्र में भी उनके लिए दरवाज़े बंद होते दिखाई दे रहे हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है कि इस ऑलराउंडर का करियर अनिश्चितता में डूबा हुआ दिखाई दे रहा है। यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन उन्हें जल्द ही एक पेशेवर के रूप में किसी अन्य राज्य की टीम में शामिल होने की कोशिश शुरू कर देनी चाहिए।

Source: Shocked Irfan Pathan uncertain of his future in cricket

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