बूम्राह ने जीत दिलाई (Jasprit Bumrah wins for India in final over)

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भारत 144-8 (राहुल 71, जॉर्डन 3-22) ने इंग्लैंड 139-6 (स्टोक्स 38, रूट 38, नेहरा 3-28) को पांच रन से हराया

जस्प्रीत बूम्राह ने मैच के अंतिम ओवर में केवल दो रन देकर दो विकट लिए और एक काँटे के मैच में भारत ने इंग्लैंड को नागपुर में दूसरे टी२० मुक़ाबले में पाँच रन से हराकर सीरीज़ 1-1 से बराबर कर ली. जोस बटलर ने पारी के 19वें ओवर की आख़िरी तीन गेंदों पर 12 रन बनाकर मैच लगभग इंग्लैंड को झोली में डाल ही दिया था, लेकिन बूम्राह ने उन्हें और रूट को अपने आख़िरी ओवर में आउट कर मैच का रुख़ बदल दिया.

पारी के 16वें ओवर के अंत तक रूट और स्टॉक्स जमे हुए थे और इंग्लैंड को बचे 4 ओवेरो में केवल 32 रन चाहिए थे, तब नेहरा ने स्टॉक्स को आउट किया और बूम्राह ने 18वें ओवर में केवल तीन रन देकर दबाव बनाया. लेकिन नेहरा का आख़िरी ओवर महेंगा साबित हुआ और बटलर ने उसमें 16 रन बटोरे, जिसके बाद बूंराह ने अंतिम ओवर में दो रन दिए और दो विकट लेकर मैच ख़त्म किया.

इंग्लैंड सीरीज़ जीत सकती थी लेकिन जैसे जैसे पिच धीमी होती गयी वैसे ही इंग्लैंड की रनगति भी धीमी पड़ गयी. रूट ने कानपुर की तरह इस बार भी पारी को एक छोर से संभाले रखा लेकिन उनकी बल्लेबाज़ी में वो लय नही दिखी. हालाँकि रूट को ग़लत फ़ैसले से पगबाधा आउट दिया गया जबकि गेंद उनके बल्ले से लगी थी. इसके बाद बूम्राह ने बटलर का लेग स्टंप उड़ा दिया और आख़िरी गेंद पर 6 रन के लिए जब मोईन ने बल्ला घुमाया तो गेंद से संपर्क नही बना सके, और इसके बाद दर्शकों के उल्लास से नागपुर का वीसीए स्टेडियम गूँज उठा.

के एल राहुल मैच में अकेले अर्धशतक बनाने वाले खिलाड़ी रहे और उनके 71 रन केवल 47 गेंदों में आए और मैच के सबसे अच्छे शॉट भी उनके ही बल्ले से देखने को मिले. भारत की ओर से राहुल दोहरी संख्या में पहुँचने वाले तीन में से एक बल्लेबाज़ थे और सिर्फ़ वो ही खुल कर शॉट खेल पाए. क्रिस जॉर्डन ने तीन बहुमूल्य विकट लेकर भारतीय बल्लेबाज़ी को क्षतिग्रस्त किया लेकिन अंत में 144 का स्कोर पर्याप्त साबित हुआ.

कानपुर की ही तरह इस बार भी इंग्लैंड ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए भारत को १५० रन तक नही पहुँचने दिया. मोईन ने अपने चार ओवर की स्पेल में एक भी चौका नही खाया और जॉर्डन ने कोहली, राहुल और धोनी के विकट लेकर चार ओवर में केवल २२ रन ही खर्चे. पारी के अंतिम ओवर में भी जॉर्डन ने धोनी के सामने केवल पाँच रन ही दिए.

ईयन मॉर्गन ने टॉस के समय ही विकट के धीमेपन को भाँप कर इसे एक प्राकृतिक भारतीय विकट बताया था. इंग्लैंड ने तीसरे स्पिन्नर लीयम डॉव्सन को खिलाया और दोनो टीमों ने शुरुआत स्पिन गेंदबाज़ी से ही की.

इंग्लैंड के दोनो ओपनर सैम बिलिंग्स और जेसन रॉय ने चहल के दूसरे ओवर में एक एक चक्का लगाया लेकिन नेहरा ने दोनो को लगातार गेंदों पर आउट कर दिया. इसके बाद कोहली ने लगातार अमित मिश्रा और सुरेश रैना से आठ ओवर गेंदबाज़ी कराई और रनगति पर अंकुश लगाने की कोशिश की. मिश्रा ने मॉर्गन को सीमा रेखा पर कॅच आउट करा दिया लेकिन अगली ही गेंद पर स्टॉक्स को नो बॉल पर बोल्ड कर बैठे. इसके बाद स्टॉक्स ने रूट के साथ साझेदारी की और कुछ आक्रामक शॉट खेले.

लेकिन अंत में इंग्लैंड पिच की धीमी गति से संघर्ष करती नज़र आई और पहले भी इस मैदान पर 10 में से 7 बार पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम ही जीती थी. आज भी ऐसा ही हुआ. स्टॉक्स ने रैना पर एक छक्का और चौका मारा और फिर चहल पर आक्रमण कर इंग्लैंड को मैच में बनाए रखा. लेकिन उन्हें नेहरा ने एक धीमी गेंद डालकर आउट कर दिया.

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