रैना भारतीय क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण – विराट कोहली (Kohli believes Raina is critical to Indian Cricket)

Kohli believes Raina is critical to Indian Cricket

टी२० मैचों में ज़्यादा युवाओं को लाने की सामान्य धारणा के विपरीत भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ टी२० श्रंखला के लिए टीम में युवराज सिंह, आशीष नेहरा, सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धोनी और अमित मिश्रा को जगह दी है.

धोनी को चुनाव शायद इसलिए है की वे युवा विकट कीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत को सीखा सकें. लेकिन युवराज, रैना और मिश्रा पर ख़ासा दबाव होगा की वे अपनी जगह सुरक्षित कर सकें.

युवराज ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मुक़ाबले में शानदार शतक बनाया था और अमित मिश्रा भी कुछ समय से टीम के इर्द गिर्द रहे हैं – मिश्रा ने इंग्लैंड के खिलाफ घर में दो टेस्ट खेले और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय श्रंखला में 18 विकट लिए. लेकिन रैना काफ़ी समय से टीम से बाहर हैं. रैना ने अपना आख़िरी मैच मार्च 2016 में खेला था. हालाँकि न्यूज़ीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज़ के लिए रैना चुने गए थे लेकिन बीमारी के चलते वो टीम का हिस्सा नही बन पाए. रणजी ट्रोफी में भी उन्हे उत्तर प्रदेश के लिए कई मैच छोड़ने पड़े थे.

इसका मतलब यह है की रैना को बिना कोई समय लिए सीधे फॉर्म में आना पड़ेगा. विराट कोहली मानते हैं की रैना अब अभी भारतीय क्रिकेट के लिए खेल के छोटे प्रारूप में बहुत महत्वपूर्ण हैं. “हमें अब भी लगता है कि सीमित ओवेरो की क्रिकेट में रैना अब भी भारत के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं, एक बार फिर ये सीरीज़ बहुत से युवाओं के लिए अपनी लय में आने का और टीम में अपनी जगह सुनिश्चित करने का अवसर है. टीम में जिन खिलाड़ियों का चयन हुआ है उसका कारण यही है की हम उनमें विश्वास रखते हैं की वे टीम में वर्तमान और भविष्य में अपना योगदान देंगे.” – विराट कोहली

सुरेश रैना – भारत – रिकौर्ड़स (Suresh Raina Records)

“अंत में ये बात तो उस व्यक्ति पर निर्भर करती है वो कितना तैयार है और कितने उत्साह से इस अवसर का लाभ उठा पाता है. मॅनेज्मेंट और चयनकर्ता केवल अपना विश्वास दिखाते हुए किसी को टीम में ला सकते हैं, लेकिन टीम में टीके रहना तो उस खिलाड़ी पर ही निर्भर करेगा. हमें सही संतुलन रखना है और मुझे उम्मीद है की रैना अपने फॉर्म में आएं क्योंकि मैं मानता हूँ की वे अब भी खेल के छोटे प्रारूप में टीम के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं. ये सीरीज़ इसी की एक शुरुआत है, अभी कोई देर नही हुई है.” – कोहली

आमिर मिश्रा का भी टीम में चयन केवल इसलिए हुआ क्योंकि मुख्य स्पिन्नर रविचंद्रन अश्विन और रवीन्द्र जडेजा को आगामी 5 घरूले टेस्ट – एक बांग्लादेश से और 4 ऑस्ट्रेलिया से – के लिए आराम दिया गया है. उनका टीम में चयन परवेज़ रसूल और यूज़वेन्द्र चहल जैसे स्पीन्नेरॉं के साथ हुआ. मिश्रा ने 2014 विश्व टी२० के बाद से केवल एक अंतरराष्ट्रीय टी२० मैच खेला है और वे उम्दा प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित होंगे क्योंकि परवेज़ रसूल की बल्लेबाज़ी क्षमता उनके लिए कड़ी चुनौती है.

“सभी सम्मिलित खिलाड़ियों ने घरेलू टी२० और आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया है. वे काफ़ी नियंत्रित हैं और अच्छी जगहों पर गेंदबाज़ी करते हैं, हम सबने उनका प्रदर्शन देखा है. परवेज़ रसूल मेरी कप्तानी में रॉयल चॅलेनजर्स बंगलोर के लिए खेल चुके हैं और एक गेंदबाज़ के तौर पर वे काफ़ी आश्वस्त हैं और नई गेंद से भी दुनिया के आक्रामक बल्लेबाज़ों के खिलाफ अच्छी गेंदबाज़ी करने की क्षमता रखते हैं.” – कोहली

“मिश्रा और रसूल चालाक गेंदबाज़ हैं. वे बल्लेबाज़ों पर दबाव बनाकर विकट निकालते हैं. मुझे इन दोनों पर भरोसा है कि ये अच्छा प्रदर्शन करेंगे इस स्तर पर ये सीरीज़ इन दोनो के लिए करियर बदलने वाली साबित होगी. इन दोनो ने अब तक कोई बड़ी सीरीज़ नही खेली है इसलिए ये इनके सुनहरा मौका है की ये खुद को टी२० के विशेशग्य स्पिन्नर के तौर पर स्थापित करें.”


अमित मिश्रा – भारत – रिकौर्ड़स (Amit Mishra Records)


परवेज़ रसूल – भारत – रिकौर्ड़स (Parvez Rasool Records)

चूँकि भारत तीन मैचों की टी२० श्रंखला अक्सर नही खेलता है इसलिए चयनकर्ताओं ने युवा ऋषभ पंत और मंदीप सिंह को टीम में शामिल किया है. और हो सकता है की इस श्रंखला में कई प्रयोग किए जाएँ क्योंकि एकदिवसीय श्रंखला के विपरीत ये सीरीज़ चॅंपियन्स ट्रोफी की तैयारी के लिहाज़ से उतनी महत्वपूर्ण नही होगी.

“टीम का चयन हमने इसी दृष्टि से किया है की युवा खिलाड़ियों को अनुभवी खिलाड़ियो से सीखने का मैदान पर अवसर मिले. विचार यही है की यहाँ से इन खिलाड़ियों को तैयार कर एकदिवसीय क्रिकेट की ओर भेजें और फिर अंत में उन्हें टेस्ट क्रिकेट तक के लिए परिपक्व करें.” – कोहली ने कहा

“लेकिन ये बहुत आवश्यक है की हम इन खिलाड़ियों पर भरोसा रखें और उनके आत्मविश्वास में वृद्धि करें जिससे की वो अपने करियर को आगे ले जा सकें. हमारा यही संकल्प होना चाहिए क्योंकि हमें ये समझना होगा कि मैं. या कोई और सदा क्रिकेट नही खेलेगा इसलिए अभी से कोशिश रखनी होगी की हम उन खिलाड़ियों को पहचाने जो भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाएँगे. ये सोच हर समय होनी चाहिए.” – विराट कोहली

भारत के पास इस सीरीज़ में बल्लेबाज़ी के लिहाज़ से बहुत से विकल्प हैं – के एल राहुल, ऋषभ पंत और मंदीप सिंह ओपनिंग के लिए, और रैना, मनीष पांडे को संघर्ष करना होगा मध्य क्रम की दावेदारी के लिए धोनी और युवराज के साथ. कोहली ने मैच की रणनीति ज़ाहिर ना करते हुए कहा की शुरुआती मैच में टीम का चयन आसान होगा लेकिन अंत में तय करना होगा की किसी को टीम से निकालना है या और मौका देना चाहिए.

“समस्या केवल तब खड़ी होती है जब निरंतरता से प्रदर्शन ना हो. लेकिन शुरू के मैचों में ऐसा नही होता क्योंकि आप एक स्थिर बल्लेबाज़ी क्रम से शुरू करते हैं. अगर किसी क्रम पर प्रदर्शन में निरंतरता आती है तब आप दुविधा में होते हैं की उस स्थान पर किसी और को लिया जाए या खिलाड़ी को कुछ और मौके दें. ” – कोहली ने कहा

Leave a Response

share on: