भारत में असंभावित विजय को लेकर स्मिथ आशावान (Smith hopes for victory in India)

Smith hopes for victory in India

एशिया में लगातार नौ टेस्ट मैचों में पराजय। भारत में 48 सालों में एकमात्र श्रृंखला विजय। और विरोधियों के हौसलें लगातार 19 टेस्ट और छह श्रृंखलाओं में जीत के बाद बुलंदियों पर। कुछ एक ऑस्ट्रेलियाई कप्तानों के सामने ही ऐसी कठिन परिस्थितियाँ आयी होंगी, लेकिन स्टीवन स्मिथ की निगाहें, टेस्ट इतिहास में अब तक की सबसे अप्रत्याशित जीतों में से एक कोे हासिल करने के लिए जज़्बे से भरी हुई हैं।

तीन साल और 20 टेस्ट मैचों के अपने कप्तानी करियर में जहाँ स्मिथ ने घरेलु मैदानों पर कई ऊंचाइयों को छुआ तो वहीं एक कमज़ोर श्रीलंका टीम के हाथों करारी शिकस्त और दक्षिण अफ्रीका से मिली पराजय ने उनके हौसलों को पस्त भी किया। आखिरी परिणाम ने तो ऑस्ट्रेलिया को चयन प्रक्रिया में परिवर्तन लाने तक के लिए मजबूर कर दिया और परिणामस्वरूप, स्मिथ की कप्तानी में जो टीम भारत आ रही है वो रंगना हेराथ के दल से शिकश्त झेलने वाली टीम से उल्लेखनीय रूप से कम उम्र की है।

स्मिथ ने मुंबई में कहा,”जीतने की तुलना में हारना हमें ज़्यादा कुछ सिखा जाता है, तो मुझे लगता है कि पिछला वर्ष परिणामों के मामले में काफी उतार चढ़ाव वाला रहा और हमें काफी कुछ सीखने को भी मिला।” मुझे लगता है कि इस टीम ने एक लंबा सफर तय किया है। हम बहुत कुछ सीख रहे हैं, हम लगातार कड़ी मेहनत करके खुद को और पूरी टीम को अच्छे परिणाम ला सकने में सक्षम बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं इस पूरी प्रक्रिया से काफी खुश हूँ।”

“ज़ाहिर है यह एक बहुत ही मुश्किल दौरा होने जा रहा है और मैं इस चुनौती के लिए उत्साहित भी हूँ। टीम के बाकी सदस्य भी अगले छह हफ्तों में आने वाली चुनौतियों के बारे में काफी उत्साहित हैं। भारत में खेलना हमेशा एक बड़ी बात होती है। हम जानते हैं कि अगर हम कुछ अच्छा कर जाएं और यहाँ एक श्रृंखला जीतने में सफल हो जाएं, फिर 10-20 साल बाद जब हम पीछे मुड़ के देखेंगे तो ये हमारी जिंदगी के कुछ सबसे बेहतरीन पलों में से एक होंगे। ”

एशिया में ऑस्ट्रेलिया के दो सबसे हाल के प्रयासों, एक श्रीलंका के खिलाफ और दूसरा 2014 में संयुक्त अरब अमीरात में पाकिस्तान के खिलाफ, में उनके अंदर ऐसी परिस्थितियों में कामयाबी हासिल करने के लिए ज़रूरी रणनीति और रवैये की स्पष्ट कमी देखने को मिली। स्मिथ ने कहा कि एक कप्तान के रूप में उनका सही समय पर हमला करने और रक्षा भी करने की क्षमता दिखाना ज़रूरी है। इसी तरह, उनके बल्लेबाजों और गेंदबाजों को अपनी लय पकड़ने के लिए, या व्यावहारिक रूप से भारत पर दबाव डालने के लिए सही क्षणों का पता होना भी आवश्यक है।

“मुझे लगता है कि खेल के अलग अलग क्षणों को समझना बहुत ही ज़रूरी है,” स्मिथ ने कहा। “मेरे हिसाब से खेल में समय का कई बार तकाज़ा होता है कि हम आक्रामक रुख अपनाएँ और कभी रक्षात्मक रवैया भी अपनाना होता है और चीज़ों को लय में चलने देना होता है। और जैसे ही आपको भनक लगे की हाँ ये सही मौका है, फिर आपको हमला बोलने से भी नहीं चूकना चाहिए।

“मुझे लगता है कि यह भारत में खेलते वक़्त कप्तानी करने का एक महत्वपूर्ण पहलू है। सही समय की पहचान और वक़्त रहते सही फैसले लेना बहुत महत्वपूर्ण है- आपको पता होना चाहिए कि कब कदम पीछे लेने हैं और कब हमला बोलना है। मुझे लगता है कि मैंने श्रीलंका में इस विषय में काफी कुछ सीखा। आप नहीं चाहते कि लोग अपने प्राकृतिक खेल को बदलें। सकारात्मक रहना और स्कोर करने के मौके देखते रहना बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि जब आप केवल बचाव की नीति अपनाने लगते हैं, तब आप शायद मुसीबत में आने वाले होते हैं।

“स्कोर करने के मौके ढूंढने की मानसिकता भी अच्छी है, लेकिन अंततः बचाव की रणनीति ही मदद करती है जब आप मुसीबत में हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हमारा डिफेंस भारत की न केवल स्पिन गेंदबाज़ी के खिलाफ मजबूत हो बल्कि उनके कुछ काबिल तेज़ गेंदबाज़ों के खिलाफ भी जो गेंद को सीम, स्विंग और रिवर्स स्विंग करने की क्षमता रखते हैं। बल्ले से रक्षात्मक रवैया अपनाना भी अविश्वसनीय रूप से इस श्रृंखला में हमारे लिए महत्वपूर्ण होने जा रहा है। ”

भारतीय बल्लेबाज़ी क्रम किसी भी गेंदबाजी लाइन अप को पस्त करने में सक्षम है, लेकिन स्मिथ को विश्वास है कि मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, स्टीव ओकीफे और नाथन ल्योन के साथ साथ ऐश्टन एगर और मिच स्वेप्सन जैसे गेंदबाज़ों से सजा उनका आक्रमण किसी भी मैच में 20 विकेट लेने का माद्दा रखता है। एशिया के पिछले दौरों से मिले अनुभव का फायदा सभी को मिलेगा, और श्रीलंका में स्टार्क के शानदार प्रदर्शन को भी भुलाया नहीं जा सकता जो की और फलदायक हो सकता था अगर उन्हें साथी गेंदबाज़ों का सहयोग मिला होता।

“मैं विश्वस्त हूँ। मुझे लगता है कि हमें गेंदबाजों का सही मिश्रण मिल गया है,” स्मिथ ने कहा। “लोग कड़ी मेहनत कर रहे हैं और जिस तरह से इन परिस्थितियों में गेंदबाजी करने की जरूरत है, उसके अनुकूल चीज़ें सीखने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यहाँ परिस्थितियां ऑस्ट्रेलिया से बिलकुल भिन्न हैं। वहाँ गेंद को उछाल देना और हवा में रखना होता है बल्कि यहाँ लाइन और लेंथ पर ध्यान देने की जरुरत है।

यहाँ आपको सुनिश्चित करना होता है कि आप लगातार सही क्षेत्रों में गेंदबाजी कर रहे हैं और विकेट को भी अपना काम करने दे रहे हैं। विकेट से फायदा लेना बहुत जरुरी है। लड़को ने बहुत मेहनत की है और मुझे लगता है कि हम एक बड़ी श्रृंखला के लिए तैयार हैं। उम्मीद है कि हमारे खिलाड़ी पर्याप्त दबाव बनाने में कामयाब होंगे और सही क्षेत्रों में गेंदबाज़ी करके उम्मीद है कि हमें सही परिणाम मिलेंगे।
मुझे लगता है कि रिवर्स स्विंग इस श्रृंखला में अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण होने जा रहा है। हमारे दो बड़े तेज गेंदबाज़ – जोश हेजलवुड और मिशेल स्टार्क – बहुत अच्छे रिवर्स स्विंग गेंदबाज हैं। वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का माद्दा रखते हैं, और भारत के पास कुछ बहुत ही उम्दा बल्लेबाज़ हैं। इसलिए वो यहाँ खेलने के लिए और चुनौतियों का सामना करने के लिये उत्साहित हैं। ”

ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच कोई श्रृंखला बिना मौखिक टकराव के नहीं गुज़रती, और इस मोर्चे पर स्मिथ ने कहा कि वह अपने खिलाड़ियों को इस बारे में फैसला लेने की छूट देंगे क्योंकि उन्हें पता है कि क्या करना उनके लिए सबसे सही है। इसमें कोई शक नहीं है कि विकेटकीपर मैथ्यू वेड के पास बहुत कुछ कहने को होगा, हालांकि स्मिथ के उप कप्तान डेविड वार्नर द्वारा उठाए गए कदमों पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

“मुझे लगता है कि हमारे सभी खिलाड़ी अपना प्राकृतिक खेल खेलना जानते हैं” स्मिथ ने कहा। “अगर मौखिक टकराव से उन्हें अच्छे परिणाम मिलते हैं तो मुझे इससे कोई समस्या नहीं है। सबसे ज्यादा ये बात मायने रखती है कि हम अपनी सर्वश्रेष्ठ मानसिकता के साथ मैदान में जाएं और अच्छा खेल दिखाएँ। अंत में यह आवश्यक है कि हम अपने कौशल के बल पर खेल रहे हैं और यकीनन हमारा कौशल और हमारा परिश्रम हमें सफलता देगा।”
स्मिथ के रणबांकुरों को पुणे में पहले टेस्ट से पहले, गुरुवार से मुंबई में भारत ‘ए’ के ​​खिलाफ एक अभ्यास मैच भी खेलना है।

Leave a Response

share on: