शीर्ष 10 क्रिकेटर जिनपर मैच फिक्सिंग की वजह से आजीवन प्रतिबंध लगाया गया

Top 10 cricketers banned for life in match fixing

यहां हम उन 10 प्रमुख खिलाड़ियों के नाम बता रहे हैं जिन्होंने क्रिकेट में आजीवन प्रतिबंध का सामना किया है।

क्रिकेट का खेल हमेशा सज्जनों के खेल के रूप में जाना जाता है। खेल में उभरते नए बदलावों के साथ क्रिकेट ने अब वैश्विक परिदृश्य में एक व्यापक पहुंच बना ली है। यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि पैसा और लोकप्रियता का प्रवाह भी इसी व्यपाक पहुँच के कुछ परिणाम हैं। स्पष्ट रूप से खेल के लिए यह एक अच्छी बात है। हालांकि, ऐसे भी कई उदाहरण सामने आए हैं जब लोकप्रियता और पैसे ने खेल के प्रति जुनून को को पीछे छोड़ दिया।

दुनिया भर में कई प्रतिष्ठित क्रिकेटरों की जिंदगी में कुछ ऐसे मौके भी आये जब वह भावनाओं के बहाव में बह गए और गलत तरीके अपना कर खेल की गरिमा को शर्मसार कर दिया। बीते कई वर्षों में कई क्रिकेटर मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होते पाये गए हैं। खेल में बढ़ते पैसे के साथ सट्टेबाजों का लालच भी बढ़ा और खिलाड़ियों ने भी अवैध तरीके अपना कर अपनी चांदी काटने की कोशिश की।

यहां हम 10 ऐसे महान क्रिकेटरों के बारे में बता रहे हैं जो ऐसे घोटालों में शामिल पाये गए और खेल से प्रतिबंधित हुए। मोहम्मद आमिर, हर्शल गिब्स, अजय जडेजा और मार्लोन सैमुअल्स जैसे कुछ खिलाड़ियों को कुछ खास समय के लिए प्रतिबंधित किया गया था। लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन पर आजीवन प्रतिबंध भी लगाया गया। यह सूची प्रतिबंधित खिलाड़ियों की दूसरी श्रेणी पर केंद्रित है। तो आइये देखते हैं कि कौन थे वे खिलाड़ी:

मोहम्मद अजहरुद्दीन (आजीवन प्रतिबंध- 2012 में प्रतिबंध हटा लिया गया)
मोहम्मद अजहरुद्दीन (आजीवन प्रतिबंध- 2012 में प्रतिबंध हटा लिया गया)

1. मोहम्मद अजहरुद्दीन (आजीवन प्रतिबंध- 2012 में प्रतिबंध हटा लिया गया)

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को सर्वश्रेष्ठ भारतीय कप्तानों में से एक के रूप में जाना जाता रहा है। यह कहना गलत नहीं होगा कि 90 के दशक के अंत में टीम इंडिया ने इनके ही नेतृत्व में प्रगति के नए रास्ते तय किये। कलाइयों के बेहतरीन प्रयोग के लिए प्रसिद्ध एक विपुल बल्लेबाज, अजहरुद्दीन भी मैच फिक्सिंग के जाल में घिर गए थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सन 2000 की श्रृंखला के दौरान उनपर सट्टेबाजों के साथ संबंध रखने का आरोप लगा और बाद में उन्हें जीवन भर के लिए क्रिकेट खेलने से प्रतिबंधित कर दिया गया।

रिपोर्टों ने दावा किया है कि उन्होंने ही सट्टेबाजी के लिए दक्षिण अफ्रीकी कप्तान हैंसी क्रोनिए को सट्टेबाजों के सामने पेश किया था। इसके अलावा तहलका के लिए मनोज प्रभाकर द्वारा किये गए रहस्योद्घाटन भी उनके लिए बदनामी लाने वाले साबित हुए। उनकी कहानी बाद में बॉलीवुड फिल्म ‘अजहर’ नामक फिल्म में दिखाई गयी थी। 8 नवंबर, 2012 को साक्ष्यों की कमी के कारण उनके प्रतिबंध को हटा लिया गया।

अजय शर्मा (आजीवन प्रतिबंध - 2014 में हटा लिया गया)
अजय शर्मा (आजीवन प्रतिबंध – 2014 में हटा लिया गया)

2. अजय शर्मा (आजीवन प्रतिबंध – 2014 में हटा लिया गया)

जिस दौरान मोहम्मद अजहरुद्दीन मैच फिक्सिंग घोटाले में संलिप्त पाये गए थे, उस दौरान एक और क्रिकेटर भी थे जिनपर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया, और वह थे अजय शर्मा। वर्ष 2000 में सट्टेबाजों के साथ संबंध रखने के लिए उन्हें भी दोषी पाया गया। अजय जडेजा और मनोज प्रभाकर जैसे अन्य क्रिकेटरों पर इसी मामले की वजह से पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया गया था।

एक उदयीमान बल्लेबाज़ के करियर का यह एक निराशाजनक अंत था। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में करीब 68 की औसत से 10,120 रन बनाए। हालांकि, इस मामले में उनकी भागीदारी की वजह से वह केवल 1 टेस्ट मैच ही खेल सके। बीसीसीआई ने वर्ष 2014 में उनपर लगा प्रतिबंध हटा लिया था।

अता-उर-रहमान (आजीवन प्रतिबंध - 2006 में हटा लिया गया)
अता-उर-रहमान (आजीवन प्रतिबंध – 2006 में हटा लिया गया)

3. अता-उर-रहमान (आजीवन प्रतिबंध – 2006 में हटा लिया गया)

पाकिस्तान विश्व क्रिकेट में उच्च गुणवत्ता वाले तेज गेंदबाजों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। अता-उर-रहमान भी एक ऐसे खिलाड़ी थे जो 1990 के दशक के शुरूआती दौर में सबकी नज़रों में आ गए थे। वह तेज गति के साथ साथ लाइन और लेंथ को बनाए रखने के लिए जाने जाते थे।

उन्होंने 1992 में 17 वर्ष की आयु में पाकिस्तान के लिए अपने करियर की शुरुआत की। उन्हें आईसीसी द्वारा प्रतिबंधित किया गया और 2000 में सट्टेबाजों के साथ उनके संबंधों के लिए उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया था। यह वह दौर था जब आईसीसी के को हर तरफ से मैच फिक्सिंग के दावे और आरोप देखने और सुनने को मिल रहे थे। 2007 में आईसीसी द्वारा उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया था, लेकिन उन्होंने खेल में वापसी नहीं की।

सलीम मलिक (आजीवन प्रतिबंध - 2008 में हटा लिया गया)
सलीम मलिक (आजीवन प्रतिबंध – 2008 में हटा लिया गया)

4. सलीम मलिक (आजीवन प्रतिबंध – 2008 में हटा लिया गया)

सट्टेबाजों के साथ अपने संबंधों की वजह से जेल जाने वाले पहले क्रिकेटर के रूप में क्रिकेट के प्रतिष्ठित मध्यक्रम के बल्लेबाज सलीम मलिक का नाम क्रिकेट की दुनिया को शर्मसार कर देता है। वह उन कुछ खिलाड़ियों में से एक थे जो शेन वॉर्न की घूमती गेंदों का आसानी से सामना कर सकते थे। मैच फिक्सिंग की वजह से खेल के सभी प्रारूपों से प्रतिबंधित होने वाले वह पहले खिलाड़ी थे।

न्यायमूर्ति कय्यूम की जांच में उन्हें दोषी ठहराया गया। बाद में मार्क वा और शेन वॉर्न जैसे खिलाड़ियों ने इस तथ्य की गवाही दी कि मलिक ने 1994-95 में उनसे कराची टेस्ट गवाँ देने के लिए उन्हें मनाने का प्रयास किया था। उन्होंने वर्ष 2001 में प्रतिबंध पर सवाल उठाए लेकिन लाहौर उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। अंततः वर्ष 2008 में एक निचली अदालत ने इस प्रतिबंध को हटा लिया।

हैंसी क्रोनिए (आजीवन प्रतिबंध)
हैंसी क्रोनिए (आजीवन प्रतिबंध)

5. हैंसी क्रोनिए (आजीवन प्रतिबंध)

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए को अंतरराष्ट्रीय मैचों की भविष्यवाणी करने का दोषी पाया गया था। सट्टेबाजों के साथ उनके संबंधों को वर्ष 2000 के दौरान मीडिया ने तब दिखाया जब दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत के दौरे पर आयी थी।

यह सब उसी समय के दौरान हुआ था जब मोहम्मद अजहरुद्दीन को भी ऐसे ही घोटाले में नामित किया गया था। क्रोनिए ने कहा था कि उन्हें तत्कालीन भारतीय कप्तान द्वारा सट्टेबाजों के सामने पेश किया गया था। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक क्रोनिए ने बाद में अपराध कुबूल भी कर लिया था। मामले की आगे जांच होने से पहले हैंसी क्रोनिए की अगले वर्ष एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

एस श्रीसंत (आजीवन प्रतिबंध - 2015 में हटा लिया गया)
एस श्रीसंत (आजीवन प्रतिबंध – 2015 में हटा लिया गया)

6. एस श्रीसंत (आजीवन प्रतिबंध – 2015 में हटा लिया गया)

भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत को आईपीएल 2013 के स्पॉट फिक्सिंग घोटाले में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप के बाद बीसीसीआई द्वारा जीवन भर के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। उनपर ऐसे आरोप लगे थे कि वह जानबूझ कर नो बॉल फेंक रहे थे और कुछ ऐसे टेप भी सामने आये जिनमे साफ़ पता चल रहा था कि हर बार नो बॉल फेंकने से पहले वह अपने तौलिये से कुछ ख़ास इशारे कर रहे थे।

उन्होंने आजीवन प्रतिबंध के विरुद्ध याचिका दायर की और 2015 में दिल्ली पुलिस और स्थानीय अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स के साथ उनके कार्यकाल के दौरान हुए इस मामले में उनकी संलिप्तता की वजह से बीसीसीआई उनपर लगाये गए आजीवन प्रतिबंध के अपने निर्णय पर अब भी कायम है।

शिरफुल हक (अनिश्चितकालीन अवधि के लिए प्रतिबंध)
शिरफुल हक (अनिश्चितकालीन अवधि के लिए प्रतिबंध)

7. शिरफुल हक (अनिश्चितकालीन अवधि के लिए प्रतिबंध)

बांग्लादेश के पूर्व तेज गेंदबाज शिरफुल हक को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने अनिश्चित काल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। वर्ष 2012 में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीसीबी अध्यक्ष ने इसकी पुष्टि की थी।

2012 में बांग्लादेश प्रीमियर लीग के दौरान स्पॉट फिक्सिंग के मामले में उनकी भागीदारी के लिए उन्हें प्रतिबंधित किया गया था। आरोपों की पुष्टि भी हुई और अनुभवी क्रिकेटर मशरफे मोर्तजा ने इसकी पुष्टि की। तत्कालीन बोर्ड प्रमुख एएचएम मुस्तफा कमल ने कहा था, “अब उनको देश की किसी क्रिकेट गतिविधि में भाग लेने की इजाजत नहीं है।”

दानिश कनेरिया (आजीवन प्रतिबंध)
दानिश कनेरिया (आजीवन प्रतिबंध)

8. दानिश कनेरिया (आजीवन प्रतिबंध)

दानिश कनेरिया पाकिस्तानी लाइनअप के एक प्रमुख स्पिनर थे। कनेरिया उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों में गेंद को टर्न कराने के लिए काफी प्रसिद्ध थे। उन्होंने जल्द ही चयनकर्ताओं का भरोसा खो दिया और फिर इंग्लैंड की घरेलू सीरीज में एसेक्स के लिए खेलने हेतु इंग्लैंड चले गए। कनेरिया को ‘मैच के दौरान अनियमितताओं’ के लिए दोषी पाया गया और वर्ष 2012 में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

बाद में उनपर से सभी आरोप हटा लिए गए थे। हालांकि, ईसीबी के अनुशासनात्मक पैनल ने उन्हें दोषी पाया और उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। पीसीबी ने उनके निर्णय का पालन करने पर सहमति व्यक्त की। वर्ष 2013 में कनेरिया ने प्रतिबंध के खिलाफ अपील की लेकिन उनकी कोशिश व्यर्थ ही रही।

लू विन्सेंट (आजीवन प्रतिबंध)
लू विन्सेंट (आजीवन प्रतिबंध)

9. लू विन्सेंट (आजीवन प्रतिबंध)

लू विन्सेंट न्यूजीलैंड के मध्यम क्रम के बल्लेबाज थे। ऐसे व्यक्ति पर, जिसका टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक स्कोर 224 रन है, जब मैच फिक्सिंग के आरोप लगाये जाएं तो बड़ा आश्चर्य होता है। ऐसे मामलों में उनका नाम कई अवसरों पर लिया गया था। उन्होंने दावा किया था कि क्रिस केर्न्स ने उनके सामने मैच फिक्स करने की पेशकश की थी।

बाद में बांग्लादेश प्रीमियर लीग के दौरान भी सट्टेबाजों ने उनसे संपर्क किया और इस बात की रिपोर्ट न करने के लिए उन्हें दोषी पाया गया। इसके अलावा, उन्हें इंग्लैंड के घरेलू सर्किट में मैचों के दौरान भी फिक्सिंग का दोषी पाया गया। इन सभी आरोपों के बाद उनपर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया।

गुलाम बोडी (20 साल!)
गुलाम बोडी (20 साल!)

10. गुलाम बोडी (20 साल!)

इस फेहरिस्त में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर गुलाम बोडी का नाम भी आता है और यह आश्चर्य की बात भी है। हालांकि उनपर आजीवन प्रतिबंध नहीं लगाया गया, लेकिन क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका द्वारा लगाया गया 20 साल का प्रतिबंध भी किसी आजीवन प्रतिबंध के बराबर ही माना जा सकता है। दक्षिण अफ्रीका के घरेलू ट्वेंटी -20 टूर्नामेंट के दौरान मैच फिक्सिंग करने के लिए बोडी को दोषी पाया गया।

2015 में रैम स्लैम टी20 सीरीज़ में उन्होंने कथित रूप से मैचों के परिणाम तय किये थे। सीएसए ने इस मुद्दे पर एक बड़ी कार्रवाई की थी और उनपर 20 साल का प्रतिबंध लगा दिया। बोडी के साथ साथ विशिष्ट समय काल के लिए थमी सोलेकिले और लोनवाबो सोत्सोबे पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।

Source: Top 10 cricketers who have faced life bans for fixing

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