भारत के 5 सर्वश्रेष्ठ विकेट कीपर

Top 5 Wicket Keepers for India

पिछले कुछ वर्षों में कुछ बेहतरीन विकेट कीपर भारत के लिये खेल चुके हैं। आइये नज़र डालते हैं इनमे से 5 सर्वश्रेष्ठ विकेट कीपरों पर-

क्रिकेट की सबसे कठिन भूमिकाओं में से एक है विकेट कीपिंग। इसके लिये खिलाड़ी को खेल की हर एक गतिविधि पर नज़र रखनी होती है। इसके लिये सबसे अधिक कुशलता की आवश्यकता होती है जिसमें फिटनेस, भरपूर ध्यान और विकेट के पीछे चपलता शामिल है।

भारत भाग्यशाली रहा है क्योंकि उसे विकेट कीपिंग सहित खेल के किसी भी विभाग में कुशल खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं रही है। पिछले वर्षों में भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के चयनकर्ता ऐसे विकेट कीपर का चयन करते थे जो कीपिंग में तो कुशल होता था परन्तु बल्लेबाज़ी में योगदान नहीं दे पाता था। किन्तु समय बदला और विकेट कीपरों को बल्लेबाज़ी पर भी ध्यान देना पड़ा और कुछ विकेट कीपर सलामी बल्लेबाज की भूमिका भी निभाने लगे जिससे एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ी क्रम प्राप्त होता था।

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जनार्दन नावले(भारत के पहले विकेट कीपर जिन्होंने संयोगवश भारत के पहले टेस्ट मैच में पहली गेंद खेली) से लेकर नाना जोशी, नरेन तमहाने, फारुख इंजीनियर, किरण मोरे, नयन मोंगिया और महेंद्र सिंह धोनी तक भारत को विकेट कीपरों की कोई कमी नहीं रही। नाना जोशी और नरेन तमहाने भारत के विकेट कीपिंग विशेषज्ञ थे जिन्होंने बल्लेबाज़ी में नाममात्र का योगदान दिया किन्तु फारुख इंजीनियर(भारत के पहले एकदिवसीय विकेट कीपर) के आने के बाद से काफ़ी बदलाव आया।

भारत के पास बेहतरीन विश्वस्तरीय विकेट कीपर रहे हैं। हम आपको इनमे से 5 सर्वश्रेष्ठ विकेट कीपरों के बारे में बताएंगे जिन्होंने भारत के लिये प्रदर्शन किया-

नरेन तमहाने

Naren Tamhane CricketinHindi
Naren Tamhane CricketinHindi

नरेन तमहाने का जन्म 1931 में मुंबई में हुआ। उन्होंने 22 वर्ष की अवस्था में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और 1955 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला मैच खेला। उन्होंने भारत के लिये 21 टेस्ट मैच खेले। 50 शिकार (35 कैच, 16 स्टंपिंग) करने वाले वह पहले भारतीय विकेट कीपर बने।
स्टंपिंग करने की उनकी खास शैली थी। स्टंपिंग करते वक़्त वह सिर्फ एक खिल्ली गिराया करते थे। अपने दूसरे टेस्ट में 54* के अलावा बल्ले से उन्होंने कुछ खास योगदान नहीं दिया। तमहाने ने 1960 में सन्यास ले लिया और कई वर्षों तक चयनकर्ता के रूप में भारतीय क्रिकेट की सेवा करते रहे।
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#5 फारुख इंजीनियर

Farokh Engineer CricketinHindi
Farokh Engineer CricketinHindi

फारुख इंजीनियर भारतीय टीम को प्रदर्शित करते थे। वह एक आक्रामक बल्लेबाज़ और बेहतरीन विकेट कीपर थे। विकेट के पीछे वह काफी चुस्त थे। अपने भारी शरीर के बावजूद वह स्टंप के पीछे चपल रहते थे। उनकी कुशलता और चपलता दिग्गज स्पिन चौकड़ी बेदी, प्रसन्ना, चंद्रशेखर और वेंकटराघवन के सामने देखने को मिली।

1967-68 में इंजीनियर ने भारत की पहली विदेशी श्रृंखला जीत में विशेष योगदान दिया। उन्होंने शानदार कीपिंग के अलावा बल्ले से भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। 1995 में सन्यास लेने के बाद वह लंकाशायर के लिये काउंटी क्रिकेट खेलने लगे। उनके टीम के खिलाड़ी ब्रायन स्टेथम ने कहा था कि यदि इंजीनियर मेरी टीम के कीपर होते तो मैं और अधिक विकेट ले सकता था।

प्रसन्नचित्त और जिंदादिल खिलाड़ी इंजीनियर ने 46 टेस्ट मैच खेले और 82 शिकार किये। जिसमें 66 कैच और 16 स्टंपिंग सम्मिलित है।

#4 सय्यद किरमानी

Syed Kirmani Records in Hindi
Syed Kirmani Records in Hindi

सय्यद किरमानी जो किरी के नाम से प्रसिद्ध हैं, भारत के सर्वश्रेष्ठ विकेट कीपरों में से एक हैं। उन्होंने फारुख इंजीनियर के उत्तराधिकारी के रूप में 1976 में न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ टेस्ट पदार्पण किया। अपने दूसरे टेस्ट मैच में उन्होंने एक पारी में 6 स्टंपिंग का विश्व रिकॉर्ड बनाया।

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किरमानी स्टंप के पीछे शांत और प्रभावशाली थे। उन्हें फारुख इंजीनियर का आदर्श विकल्प माना जाता था। 1979-80 में पाकिस्तान के खिलाफ श्रृंखला में उन्होंने एक श्रृंखला में 19 शिकार के नरेन तमहाने के रिकॉर्ड की बराबरी की। 1983 विश्व कप में उन्हें सर्वश्रेष्ठ विकेट कीपर का अवॉर्ड मिला।

1986 की विश्व श्रृंखला के दौरान पैर में चोट लगने के कारण उनका कैरियर ख़त्म हो गया। अपने 10 वर्ष के कैरियर में उन्होंने 88 टेस्ट और 49 एकदिवसीय मुकाबले खेले जिसमे उन्होंने 234 शिकार(198 टेस्ट में, 36 एकदिवसीय मैचों में) किये।

#3 किरण मोरे

Kiran More Records
Kiran More Records
Source – espncricinfo.com

किरण मोरे उन साहसी कीपरों में से थे जो चुनौतियों का सामना करना पसंद करते थे। सय्यद किरमानी के उत्तराधिकारी के रूप में वह 7 वर्ष तक खेले। विकेट के पीछे वह एक भरोसेमंद खिलाड़ी माने जाते थे।

आंकड़ो से ज़्यादा वह अपने बेबाक स्वभाव के लिये जाने जाते थे। वह प्रतिद्वंद्वी को अपनी बातों से मात देना जानते थे। मोर 1992 विश्व कप के उस मैच का हिस्सा थे जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ उनके बार बार अपील करने से परेशान जावेद मियांदाद ने हवा में ऊपर नीचे उछल कर उनका मज़ाक उड़ाया था।

मोरे ने खतरनाक और दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ों कपिल देव, मनोज प्रभाकर और जवागल श्रीनाथ के सामने कीपिंग की। टेस्ट मैचों में उनके 130 में से 81 शिकार तेज़ गेंदबाज़ों की गेंद पर ही हुए।

#2 नयन मोंगिया

Nayan Mongia Records in Hindi
Nayan Mongia Records in Hindi

किरण मोरे के सन्यास के बाद भारतीय टीम में नयन मोंगिया को स्थान मिला। विकेट के पीछे मोंगिया काफ़ी भरोसेमंद थे और उपमहाद्वीपीय पिचों पर सफल कीपर थे। स्पिनरों के लिये वह भारत के सर्वश्रेष्ठ विकेट कीपरों में से एक थे। घुमावदार पिचों पर अनिल कुंबले, हरभजन सिंह समेत कई स्पिनरों को मोंगिया की शानदार कीपिंग के कारण काफ़ी मदद मिली।

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मोंगिया एक बेहतरीन बल्लेबाज़ भी थे जिन्होंने अपने अन्तर्राष्ट्रीय कैरियर में 2500 रन बनाए। एकदिवसीय मुकाबलों में भारतीय टीम उन्हें शुरुआत में और मध्य क्रम दोनों में पिंच हिटर के रूप में उपयोग करती थी। टेस्ट मैच और एकदिवसीय मैच दोनों में 100 शिकार करने वाले वह पहले भारतीय विकेट कीपर बने।

#1 महेंद्र सिंह धोनी

Mahendra Singh Dhoni Records
Mahendra Singh Dhoni Records

महेंद्र सिंह धोनी के आगमन से भारत की लंबे अरसे से चली आ रही ऐसे विकेट कीपर की खोज पूरी हुई जो बल्लेबाज़ी भी कर सकता हो। खेल के सभी प्रारूपों में वह भारत के सफलतम विकेट कीपर हैं। उन्होंने टेस्ट मैचों में 294 (256 कैच, 38 स्टंपिंग) एकदिवसीय मैचों में 383(283 कैच, 100 स्टंपिंग) और टी 20 मैचों में 67(43 कैच, 24 स्टंपिंग) शिकार किये।

धोनी की गैर पारंपरिक किन्तु प्रभावी तकनीक के नतीजे मिले। विकेट के पीछे वह बहुत ही चुस्त हैं, रन बचाने की और रन आउट करने की उनकी शैली अद्वितीय है। वह प्रकाश की गति से स्टंपिंग करते हैं और बल्लेबाज़ को बिलकुल भी समय नहीं देते। इन्हीं सब कारणों से वह अभी भी देश के सर्वश्रेष्ठ विकेट कीपर हैं। सीमित ओवरों के खेल में वह सर्वश्रेष्ठ फिनिशरों में से एक हैं। बल्लेबाज़ और कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड असाधारण है। वह अब तक के सफलतम भारतीय कप्तान हैं।

धोनी एक पारंपरिक कीपर नहीं हैं किन्तु निःसंदेह वह महानतम विकेट कीपरों में से एक हैं। वह अभी भी वैसा ही प्रदर्शन कर रहे हैं और सर्वश्रेष्ठ आधुनिक खिलाड़ियों में से एक हैं।

Source: 5 best wicketkeepers that India has produced

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