इंज़माम-उल-हक़ से जुड़े 15 तथ्य – सूक्ष्म व्यक्तित्व

15 facts to know about Inzamam Ul Haq

इंज़माम-उल-हक़ से जुड़े तथ्यों के संग्रह को एक अल्पसूचि में डालना काफी कठिन हैं, एक व्यक्ति जिसने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में इंज़माम जितनी ख्याति और सफलता हासिल की हो | हालाँकि, जब लोग असली इंज़माम-उल-हक़ से रूबरू होते हैं, तब ‘अद्भुत पुरुष’ शब्द ज़ुबान पर नीरस नियमितता से आने लगता हैं | ‘इंज़ी’ जैसा कि उन्हें आम तौर पर जाना जाता हैं, पाकिस्तानी दल के करीब 20 सदस्यों के लिए एक कप्तान से भी बढ़कर थे | उनके पैतृक रवैये के कारण उन्होंने वे ऊचाईयाँ हासिल की जो कि कोई पाकिस्तानी कप्तान हासिल नहीं कर पाया हैं | पाकिस्तानी इतिहास में वे अभी तक सबसे सफल एकदिवसीय कप्तान हैं |

1. मुल्तान के सुल्तान:

इंज़माम-उल-हक़ का जन्म 3 मार्च,1970 को पाकिस्तान के पश्चिमी पंजाब प्रान्त के मुल्तान में हुआ था |

2. उपनाम:

उनके टीम साथी और मीडिया उन्हें प्यार से इंज़ी बुलाते हैं |

3. 1992 के विश्व कप में ऑकलैंड में इंज़माम-उल-हक़ ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी | मेज़बानों को उनके घर पे खेलने से ही दबाव कम नहीं था, और-तो-और उनके विरोध में मार्टिन क्रो की अजेय कीवी टीम थी | क्रो ने शिष्टता और आक्रामकता का बढ़िया मिश्रण दिखाया जिस कारण कीवियों ने 50 ओवरों में 262 रन बनाये | इसके उल्ट, एक जवान और उत्साहित इंज़माम ने 37 गेंदों पर 60 रन जड़े और अपने दम पर पाकिस्तान को जीत दिलाई | शीघ्र ही, अपने प्रदर्शन के बाद वे चर्चा का विषय बन गए |

4. पेस गेंदबाज़ी के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी:

इंज़माम जल्दी विकेट खोने की भयंकर प्रवृत्ति रखते थे | पारी की शुरुआत में गेंद की लम्बाई न माप पाने के कारण कई मौकों पर वे पगबाधा फंस चुके थे | हालाँकि, अपने लेग साइड में पैड पर से खेलने के हुनर ने उन्हें एक दुर्जेय शक्ति बना दिया | ताकत इंज़ी के पास भरी पड़ी थी, और फिर नियमित रूप से मैचों में वे बड़े स्कोर भी बनाने लगे | पूर्त पाकिस्तानी कप्तान इमरान खान ने कहा था, ” पेस गेंदबाज़ी के वे विश्व भर में सबसे बढ़िया बल्लेबाज़ हैं |”

5. मैदान पर धीमापन:

क्षेत्ररक्षण करते हुए इंज़ी बहुत कम ही दिखाई देते थे | इसका एक कारण यह था कि उन्हें व्यायाम करने से बड़ी नफरत थी | इंज़ी की पसंदीदा क्षेत्ररक्षण कि जगहें शार्ट मिड-विकेट, मिड-ऑन और स्लिप घेरा था | उन्हें काफी ख़राब क्षेत्ररक्षण के लिए जाना जाता था और मैदान पर अपने धीमेपन के लिए जाना जाता था |

6. ‘बैट स्वभाव’ वाक़या:

50 वर्षों की स्वतंत्रता मनाने के लिए भारत और पाकिस्तान की टीमें 1997 में टोरंटो, कनाडा में मिली | वैसे तो कई कीर्तिमान स्थापित हुए, लेकिन इस दौरे को इंज़ी के कुख्यात ‘बैट स्वभाव’ के लिए याद किया जाता है | एक भारतीय-कैनेडियन प्रशंसक ने इंज़ी की मेगाफोन पर आलू से तुलना की थी | इंज़ी अपना आपा खो बैठे थे और आउट होने के बाद ड्रेसिंग रूम जाते वक़्त उस प्रशंसक को बल्ले से मारा था |

7. ‘बॉब’ से सम्बन्ध:

पाकिस्तान के पूर्व कोच, स्वर्गीय बॉब वूल्मर से इंज़ी का बहुत करीबी नाता था | जिन 3 सालों के लिए इन दोनों ने साथ काम किया, उस समय के लिए पाकिस्तान एक बहुत ही भयभीत करने वाली एकदिवस्य टीम बन गयी | किंग्स्टन में उनकी मृत्यु के बाद, इंज़ी ने कराची के एक चर्च में वूल्मर की स्मारक सेवा की अगुवाई की |

8. एक उपयोगी खब्बू गेंदबाज़:

हालाँकि इंज़माम दाएं हाथ से बल्लेबाज़ी करते हैं, वे गेंदबाज़ी बाए हाथ से करते हैं |अपने एकदिवसीय करियर में उन्होंने 58 गेंदें डाली हैं और 3 विकेट लिए हैं |

9. सच्ची काबिलियत:

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इमरान खान ने बार-बार इंज़ी की बल्लेबाज़ी की तारीफ़ की है |उन्हें एक बार कहते हुए सुना गया था, “मुझे लगता है कि इंज़माम ब्रायन लारा और सचिन तेंदुलकर जितने प्रतिभावान है लेकिन वे खुद ही अपनी सच्ची प्रतिभा नहीं जानते |”

10. रन आउट की भरमार:

एक रिकॉर्ड जिसपर इंज़माम को गर्व नहीं होगा वह है उनके रन आउट होने का | वे अपने करियर में 40 बार रन आउट हो चुके है, जो कि पूर्व श्री लंकाई कप्तान मरवन अट्टापटु से एक ही कम है |

11. टेस्ट मैच बीच में छोड़ा:

इंज़माम ऐसे पहले कप्तान बन गए जिन्होंने टेस्ट मैच बीच में ही छोड़ दिया हो, जो कारनामा उन्होंने इंग्लैंड के विरुद्ध 2006 में किया | 20 अगस्त 2006 को ओवल के मैदान पर इंज़माम जिस टीम की कप्तानी कर रहे थे, उसने चाय के बाद मैदान पर आने से मना कर दिया, क्योंकि अंपायर डार्रेल्ल हेयर और बिली डॉक्टरोव द्वारा उनपर गेंद से छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए थे | इंज़माम और उनकी टीम ने इस फैसले का काफी विरोध किया |बाद में जब इंज़माम उनकी टीम को लेकर मैदान पर आये, तब दोनों अंपायर और इंग्लैंड की टीम मौजूद नहीं थे | दोनों टीमों, अंपायरों और क्रिकेट बोर्ड के सदस्यों के बीच हुई बातचीत में यह फैसला लिया गया कि मैच को वापस शुरू नहीं किया जाएगा और इंग्लैंड को विजेता घोषित कर दिया गया |

12. अफ़ग़ानिस्तान के कोच:

दिसंबर 2012 में इंज़माम को अफ़ग़ानिस्तानी राष्ट्रीय टीम का बल्लेबाज़ी सलाहकार नियुक्त किया गया था | अक्टूबर 2015 में उन्हें ज़िम्बाब्वे के दौरे के लिए अफ़ग़ानिस्तानी राष्ट्रीय दल का अस्थायी मुख्य कोच घोषित किया गया था | एक सफल ज़िम्बाब्वे दौरे – जिसमे उन्होंने दोनों एकदिवसीय और टेस्ट श्रृंखलाएं जीती, जो कि टेस्ट खेलने वाले किसी भी देश के विरुद्ध उनकी पहली श्रृंखला विजय थी- को ध्यान में रखते हुए उनके कार्यकाल को 2017 तक के लिए बढ़ा दिया गया |

13. बड़े हिट लगाने वाला अवतार:

इंज़माम, बागी इंडियन क्रिकेट लीग (आई.सी.एल.) के 2007 के उद्घाटन सीजन में ही उनसे जुड़ गए और इस प्रतिस्पर्धा में लाहौर टीम की अगुवाई की | यह चाल उनके लिए विवादस्पद साबित हुई जब उन्हें पी.सी.बी. द्वारा राष्ट्रीय टीम चुनाव और घरेलु मैचों से प्रतिबंधित कर दिया गया | उन्होंने इंग्लैंड के विरुद्ध ब्रिस्टल में अपना इकलौता ट्वेंटी-20 मैच भी खेला, जो कि पाकिस्तान ने 5 विकेट से जीता |

14. लाहौर में विदाई:

इंज़माम ने अपना आखिरी टेस्ट मैच दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला |अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ द्वारा आयोजित गार्ड ऑफ ऑनर के बीच वे बल्लेबाज़ी करने आये | बल्ले से वे पूरी तरह विफल रहे और मैच अंत में ड्रॉ पर समाप्त हुआ |

15. सितारा-ए-इम्तिआज़:

पाकिस्तानी सरकार ने 2005 में इंज़माम-उल-हक़ को सितारा-ए- इम्तिआज़ से नवाज़ा |

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