केदार जाधव की पीड़ा और उत्साह (The pain and jubilation of Kedar Jadhav)

Kedar Jadhav 120 vs England Video

केदार जाधव ने शारीरिक थकान और दर्द से लड़ते हुए अपने करियर की सबसे महत्वपूर्ण पारी खेली, लेकिन अपनी टीम को जीतते देखने से बेहतर दवा उनके लिए और कोई नही थी.

जैसे ही केदार जाधव ने मिडविकेट की तरफ शॉट मारा, हार्दिक पांड्या दो रन के लिए दौड़े लेकिन केदार ज़मीन पर थे. केदार ने किसी तरह से खुद को स्टंप पर गिरने से तो बचा लिया था लेकिन मांसपेशियों के खिचाव की पीड़ा इतनी थी की वे इस बात की खुशी ना माना सके. पास ही फील्डिंग कर रहे जो रूट ने उनका हाल चाल लेते हुए दाहिने पैर को छुआ लेकिन और कुछ नही किया इस दर से की कहीं और ज़्यादा दर्द ना हो जाधव को.

तरल पदार्थ और दवाइयाँ इतनी देर में मैदान तक आ गई. जाधव ने सब्स्टिट्यूट अजिंक्य रहाने से मराठी भाषा में पूछते सुना की क्या वो बल्लेबाज़ी कर पएन्गे.जधव का परिवार जो स्टेडियम में मैच देख रहा था चिंतित हो उठा, उनकी मा की आँखें नम थी. इससे दो ओवर पहले ही आँखों में नमी का कारण जाधव के शानदार शतक की खुशी था.

जाधव क्या करने वाले थे? क्या वो रिटायर होकर वापिस आ जाएँगे? या लड़ेंगे और मैच को ख़त्म करेंगे, जैसा अब तक उनके कप्तान विराट कोहली उन्हे उकसाते आ रहे थे. जाधव ने बल्लेबाज़ी जारी रखने का निर्णय लिया. वे खड़े हुए और क्रिस वॉक्स की गेंदबाज़ी का सामना करने के लिए तैयार थे. वॉक्स ने छोटी गेंद करी और जाधव ने फिर वही पुल शॉट खेला, लेकिन इस बार नज़ारा कुछ और था – जाधव खड़े रहे और गेंद सीमा रेखा के पार गयी छक्के के लिए. पहले बार मैच में दर्शकों ने एक साथ आवाज़ की – “केदार…केदार…केदार.”

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जब केदार 12वें ओवर में बल्लेबाज़ी करने आए तो उन्हें मरणोपरांत शांति सी का स्वागत मिला, क्योंकि पुणे के दर्शक अब तक धोनी के आउट होने के ग़म से उभर नही पाए थे. लेकिन ये जाधव का इलाक़ा है. ये वही जगह है जहाँ वो मैच के बाद अपनी बीएमडब्लू गाड़ी में आते हैं, सफेद कपड़ो वाली क्रिकेट खेलते हैं और यार दोस्तों के साथ हसते हैं, प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खाली पड़ी दर्शक दीर्घाओं के समक्ष शतक बनाते हैं. अपने घर पे ये उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मैच है, और तब भी उनके स्वागत में कोई शोर नही मचा रहा.

Kedar Jadhav
Kedar Jadhav

लेकिन जाधव के लिए ये बातें मायने नही रखती, और उन्होने वही बल्लेबाज़ी करी जिसके दम पर पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 50 से ज़्यादा की औसत से 3000 से ज़्यादा रन बना चुके हैं. अपनी दूसरी ही गेंद पर उन्होने ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद को पुल करके चौका मारा. अगले ओवर में थर्ड मॅन और मिडऔन के क्षेत्र में लगातार दो चौके जड़ दिए.

इसके बाद उन्होने आदिल रशीद की फ्लिपर को डीप स्क़वार पे मारा और उनके अगले ओवर में मिड औन पर खिलाड़ी को अंदर देख उपर से उठा कर मारा. जल्दी ही गेंद और रनों का अंतर जाधव ने बढ़ा दिया, 21 रन 11 गेंदों से पलक झपकते ही वे 33 रन 18 गेंदों में पहुँच गए.

केदार जाधव – भारत – रिकॉर्ड्स

इंग्लैंड का दिमाग़ दोनो तरफ से जलने लगा. ईयन मॉर्गन ने मैच के बाद ये बात स्वीकार भी की कि कोहली को स्ट्राइक से डोर रखने के लिए वे जाधव को ज़्यादा गेंद खिलाना चाहते थे लेकिन इसका ऐसा परिणाम होगा ये उन्होने सोचा ना था. जाधव ने कोहली से भी तेज़ रब बनाने शुरू कर दिए. जल्द ही जाधव ने मात्र 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर दिया. लेकिन जश्न में उन्होने अपना बल्ला तक नही उठाया, सिर्फ़ कोहली से हाथ मिलाया और उन्हे पता था की मैच जीतना अभी बहुत दूर है. पिछली अक्टोबर की कड़वी यादें अब भी ताज़ा थी, जब जाधव ऐसे ही अच्छे खेल रहे थे और उनके आउट होते ही टीम बिखर गयी थी, और भारत न्यूज़ीलैंड से मैच हार गया था. जाधव इस बार मैच जिताने के लिए प्रतिबद्ध थे, और कोहली से अच्छा साथी कौन हो सकता था उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए? कप्तान ने कहाँ वो बेहद खुश हैं की जाधव ने इस बार लंबी पारी खेली और दबाव फिर से इंग्लैंड पर डाला. मैच खेल कर सीखना और खुद को और ज़्यादा खीचना बहुत ज़रूरी है.

कोहली ने जाधव को सिर्फ़ तेज़ दौड़ने के लिए बोला, बाकी किसी भी चीज़ में उन्हें समझाने की ज़रूरत नही पड़ी. पारी के 28वें ओवर में जाधव ने दूसरे रन के लिए मना कर दिया जब की ऐसा लगा की उन्होने पहले हन बोला था. इस पर कोहली भड़क पड़े लेकिन ओवर के अंत में जाधव को शांति से समझाया.

30वें ओवर में एक बार फिर जाधव ने आदिल रशीद को निशाना बनाया – वे उनके दो ओवेरो में 31 रन बटोर चुके थे. कोहली ने मैच के बाद कहा की जाधव के कई शॉट उन्हें अविश्वसनीय लगे, ख़ासकर वो जिनसे उन्होने इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाज़ों को दबाव में डाला.

Kedar Jadhav 120 vs England in Pune
Kedar Jadhav 120 vs England in Pune

जैसे ही जाधव ने मात्र 65 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, उनकी मांसपेशियों में खिचाव होने लगा – दवाइयाँ दी गई और कोहली ने उन्हे तोड़ा और खीचा. “मुझे उसे ज़्यादा कुछ बोलना नही पड़ा” – कोहली ने कहा. “ऐसे मौके पर आपको ज़्यादा बोलकर सामने वाले को असमंजस्य में नही डालना चाहिए. मुझे पता था की वो अच्छा खेल रहा है. दिक्कत सिर्फ़ उसके दर्द की थी और उसका ध्यान उसी पे था. मैने उसे कहा की अपना ध्यान खेल आर केंद्रित करो और दर्द के बारे में ज़्यादा मत सोचो. टीम के लिए खुद को थोड़ा और बलिदान कर दो.” – विराट कोहली

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मांसपेशियों में खिचाव के दूसरे हमले के बाद जाधव केवल दो ओवर और टिके और 12 रन और जोड़ दिए, जब उनके भरोसेमंद पुल शॉट ने उन्हे कॅच आउट करा दिया. जाधव बेहद निराश दिखे लेकिन उन्होने तुरंत हार्दिक पांड्या को सलाह दी कि उन्हे कैसे बल्लेबाज़ी करनी है. दर्शकों ने फिर कुछ ख़ास उत्साह से अभिनंदन नही किया, लेकिन जाधव जो उससे कोई फ़र्क नही पड़ता. भले ही वो मैच के अंत तक नाबाद ना रहे हों, लेकिन भीषण दर्द पर वे विजयी हो चुके थे. और इस बार उन्होने अपनी टीम को मैच जीतते हुए भी देखा.

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