एलन बॉर्डर – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

Allan Border Records

पूरा नाम – एलन रॉबर्ट बॉर्डर

जन्म – 27 जुलाई, 1955, क्रेमॉर्न, सिडनी, न्यू साउथ वेल्स

प्रमुख टीमें – ऑस्ट्रेलिया, एसेक्स, ग्लूस्टरशायर, न्यू साउथ वेल्स, क्वींसलैंड

उपनाम – एबी

भूमिका – मध्य-क्रम के बल्लेबाज

बल्लेबाजी शैली – बाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – धीमी बाएं हाथ से ओर्थोडॉक्स

क्षेत्ररक्षण की स्थिति – दूसरी स्लिप

अन्य – कोच, प्रशासक

ऊँचाई – 5 फुट 9 इंच

शिक्षा – उत्तर सिडनी बॉयज़ हाई स्कूल

टेस्ट पदार्पण (कैप 299) – 29 दिसंबर, 1978 बनाम इंग्लैंड
अंतिम टेस्ट – 25 मार्च 1994 बनाम दक्षिण अफ्रीका

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 49) – 13 जनवरी 1979 इंग्लैंड
अंतिम एकदिवसीय – 8 अप्रैल 1994 बनाम दक्षिण अफ्रीका

बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का औसत														 	मॅच 	पारी	नाबाद	रन	सर्वाधिक स्कोर	औसत	गेंद खेलीं	स्ट्राइक रेट	शतक	अर्धशतक	चौके	छ्क्के	कॅच	स्टमपिंग टेस्ट	156	265	44	11174	205	50.56			27	63	1161	28	156	0 एकदिवसीय	273	252	39	6524	127*	30.62	9134	71.42	3	39	500	43	127	0 प्रथम श्रेणी	385	625	97	27131	205	51.38			70	142			379	0 लिस्ट ए	382	353	58	9355	127*	31.71			3	62			183	0
Allan-Border-Batting-and-Fielding-Records-in-Hindi
गेंदबाज़ी औसत													 	मॅच 	पारी	गेंदें	रन	विकेट	बेस्ट/पारी	बेस्ट/मॅच	औसत	रन प्रति ओवर	स्ट्राइक रेट	4 विकेट	5 विकेट	10 विकेट टेस्ट	156	98	4009	1525	39	7/46	11/96	39.1	2.28	102.7	1	2	1 एकदिवसीय	273	87	2661	2071	73	3/20	3/20	28.36	4.66	36.4	0	0	0 प्रथम श्रेणी	385		9750	4161	106	7/46		39.25	2.56	91.9		3	1 लिस्ट ए	382		3703	2905	90	3/20	3/20	32.27	4.7	41.1	0	0	0
Allan-Border-Bowling-Records-in-Hindi

कठोरता कँगरूंओं में हमेशा से ही एक प्रचलित लक्षण माना जाता है | हालाँकि, इसका एलेन बॉर्डर से अधिक इस्तेमाल किसी ने नहीं किया | उनकी कप्तानी ने ऑस्ट्रेलिया को सबसे निचले स्तर से घसीटते हुए, विश्व विजेता बनाया और इस हद तक दबाव बनाये रखा, कि विरोधियों का पूरी तरह से मानसिक वियोजन करना खेलने के ऑस्ट्रेलियाई तरीके के साथ जोड़ा जाने लगा |

बॉर्डर उस समय ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का हिस्सा बने जब सब कुछ तहस-नहस पड़ा हुआ था | कई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने 1977 में केरी पैकर द्वारा आयोजित वर्ल्ड सीरीज चैंपियनशिप्स में खेलने का चुनाव किया था | ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को वापस से खड़ा करना कोई आसान काम नहीं था |

उनका पहला टेस्ट शतक एक खट्टा-मीठा अनुभव रहा | पाकिस्तान के विरुद्ध 1979 में टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया 305/3 के स्कोर पर पहुंच गया था | हालाँकि, सरफ़राज़ नवाज़ द्वारा 1 रन देकर 7 विकेट लेने के अद्भुत कारनामे के कारण पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 310 रनों पर समेट 71 रनों से जीत दर्ज की | हालाँकि, 1980 में, बॉर्डर ऐसे पहले और अकेले खिलाड़ी बन गए, जिन्होंने दोनों पारियों में 150 से अधिक रन बनाये हो, जब उन्होंने पाकिस्तान के विरुद्ध लाहौर में नाबाद 150 और 153 रनों की पारिया खेली |

बॉर्डर ने अपनी क्लास का ठप्पा 1981 की एशेज श्रृंखला में लगाया, जिसकी समाप्ति उन्होंने 59.2 के औसत और 533 रनों के साथ की, जिसमे 3 शतक शामिल थे | हालाँकि, श्रृंखला को परिभाषित करने का श्रेय इंग्लैंड के इयान बॉथम को जाता है, जिनके हरफनमौला प्रदर्शन की मदद से इंग्लैंड ने एशेज 3-1 से अपने नाम की | इस श्रृंखला को ‘बॉथम की एशेज’ का नाम दिया गया था, लेकिन बॉर्डर को इसी श्रृंखला में किये योगदान के कारण 1981 में विसडेन क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर के सम्मान से नवाज़ा गया था | ह्यूजेस के इस्तीफे के बाद, बॉर्डर को इन विपरीत परिस्थितियों में कप्तानी दी गयी थी | बाद में उन्होंने ये माना, कि वे एक अनिच्छुक कप्तान थे |

ऑस्ट्रेलिया को परिणाम अपनी ओर जाते हुए तब भी नहीं दिखे | घर पर पहली बार उन्हें न्यू ज़ीलैंड से किसी भी श्रृंखला में हार झेलनी पड़ी, और अंत में वेस्ट इंडीज के हाथों भी उन्हें मुँह की खानी पड़ी | इस पूरे समय, बॉर्डर हर प्रकार के हालातों में रनों का अम्बार लगा रहे थे |

त्रिनिदाद के पोर्ट ऑफ़ स्पेन में 1984 की श्रृंखला के दूसरे टेस्ट के दौरान बॉर्डर ने निर्दयी गेंदबाज़ी के विरुद्ध डटकर खेलते हुए 98 और 100 रनों की पारिया खेली, और दोनों ही मौकों पर नाबाद रहे | ऑस्ट्रेलिया मैच ड्रॉ कराने में कामयाब रहा, और बॉर्डर ने अपने इरादों की ओर पहला इशारा कर दिया | जिस वेस्ट इंडीज ने अपने रास्ते में आयी हर टीम को जीता था, वो बॉर्डर से जीत नहीं छीन पाए |

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1986 में चेन्नई टेस्ट के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट में पुनर्जन्म की शुरुआत हुई | बॉर्डर ने 106 रनों की पारी तो खेली, लेकिन सबसे यादगार डीन जोंस पर की गयी उनकी टिप्पणियां थी | जब जोंस गर्मी से अत्यधिक रूप से प्रभावित थे, तब बॉर्डर उनके पास आये और उन्हें कोई सहानुभूति नहीं दी | बस कठोरता से कहा कि जोंस को कमज़ोरी नहीं दिखानी चाहिए और अपना कौशल प्रदर्शित करना चाहिए | इसके बाद जोंस ने 210 रनों की एक अद्भुत पारी खेली और क्रिकेट के इतिहास में यह केवल दूसरा मैच बन गया जो कि टाई पर समाप्त हुआ हो | 1987 की विश्व कप विजय से ही बॉर्डर और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की काया-पलट का समापन हुआ | कोलकाता में इंग्लैंड के विरुद्ध फाइनल के दौरान बॉर्डर ने गेंद से मैच का पासा पलटा | इंग्लैंड के कप्तान माइक गैटिंग एक अच्छी पारी खेल रहे थे, जब तक कि रिवर्स स्वीप लगाते हुए वे कीपर को एक सीधा कैच नहीं थमा बैठे, एक विकेट जिससे इंग्लैंड उबर नहीं पाया और अंत में 7 रनों की हार के साथ विश्व कप ऑस्ट्रेलिया के हाथों में दे दिया |

इन सालों में बॉर्डर ने यह भी दिखाया कि वे एक कुशल ऑल-राउंडर भी हैं | 1988 में एस.सी.जी. में चौथे टेस्ट के दौरान बॉर्डर तब बल्लेबाज़ी करने आये जब वेस्ट इंडीज का स्कोर 144/1 था | उनकी सटीक लेफ्ट आर्म स्पिन से उन्होंने वेस्ट इंडीज बल्लेबाज़ी क्रम को तहस-नहस कर दिया, और 46 रन देकर सात विकेट चटका दिए | दूसरी पारी में 75 रन और 4/50 के आंकड़ों के साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में इकलौती बार 10 विकेट लिए | दूसरी पारी में बॉर्डर ने विजयी रन बनाये और अपने लिए एक यादगार मैच जीत लिया |

क्राइस्टचर्च में 1993 के टेस्ट मैच में वे न्यू ज़ीलैंड के विरुद्ध सुनील गावस्कर के 10122 रनों के आंकड़े से आगे निकल टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए | उन्होंने लीड्स में एक दोहरा शतक लगाया जब ऑस्ट्रेलिया ने 1993 की एशेज में इंग्लैंड को 4-0 से रौंद दिया | हालाँकि, यदि बॉर्डर की कप्तानी में उन्हें कोई अफ़सोस हैं, तो वह यही है कि वे कभी वेस्ट इंडीज को नहीं हरा पाए |

उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध खेला, और उसके बाद चयनकर्ता बन गए | ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की ओर उनका योगदान कुछ इस कदर रहा है कि उनका नाम ही महानता का प्रतीक हैं | हर साल, सर्वश्रेष्ठ खिलाडी को एलेन बॉर्डर पदक से सम्मानित किया जाता है |

उनके नाम कई सारे कीर्तिमान है जो कि अब तक पार किये जा चुके है | उन्होंने सर्वाधिक टेस्ट (156) खेले, सर्वाधिक रन (11,174) बनाये, सर्वाधिक टेस्ट मैचों (153) में लगातार हिस्सा लिया, और 93 बार टीम की कप्तानी की जो कि एक विश्व कीर्तिमान है | एलेन बॉर्डर वे विराट हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को लम्बे दौर की सफलता के लिए ठोस नींव प्रदान की है |

Summary
Allan Border Records | Australia | CricketinHindi.com
Article Name
Allan Border Records | Australia | CricketinHindi.com
Publisher Name
CricketinHindi.com
Publisher Logo

Leave a Response

share on: