जेम्स फॉल्कनर – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

जेम्स फॉल्कनर - ऑस्ट्रेलिया - रिकॉर्ड

पूरा नाम – जेम्स पीटर फॉल्कनर

जन्म – अप्रैल 29, 1990, लाउंसेस्टन, तस्मानिया

प्रमुख टीमें – ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रेलिया ए, ऑस्ट्रेलिया अंडर -19, गुजरात लायंस, किंग्स इलेवन पंजाब, लंकाशायर, लॉन्सेस्टन, मेलबर्न स्टार्स, पुणे वारियर्स, राजस्थान रॉयल्स, तस्मानिया, तस्मानिया द्वितीय एकदिवसीय, तस्मानिया अंडर -19

भूमिका – आलराउंडर

बल्लेबाजी शैली – दाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – बाएं हाथ के तेज-माध्यम

ऊँचाई – 1.86 मीटर

टेस्ट पदार्पण (कैप 435) – 21 अगस्त 2013 बनाम इंग्लैंड

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 202) – 1 फरवरी 2013 बनाम वेस्टइंडीज

टी 20आई पदार्पण (कैप 57) – 1 फरवरी 2012 बनाम भारत

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct
Tests 1 45 23 22.5 104.65 0 0 4 1 0
ODIs 69 1032 116 34.4 104.24 1 4 83 29 21
T20Is 24 159 41* 14.45 115.21 0 0 7 5 11
First-class 63 2566 121 30.91 50.91 2 15 257 17 26
List A 121 1936 116 30.25 91.45 1 10 139 49 34
T20s 159 1565 73 22.68 122.55 0 1 76 56 52
Bowling averages
Mat Wkts BBI BBM Ave Econ SR 4w 5w 10
Tests 1 6 4/51 6/98 16.33 3.54 27.6 1 0 0
ODIs 69 96 4/32 4/32 30.85 5.53 33.4 4 0 0
T20Is 24 36 5/27 5/27 19 7.96 14.3 0 1 0
First-class 63 192 5/5 8/97 24.78 2.92 50.9 7 5 0
List A 121 168 4/20 4/20 30.36 5.35 34 8 0 0
T20s 159 176 5/16 5/16 24.28 7.94 18.3 1 3 0


आरोन फिंच – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

बाएं हाथ के चाइनामैन गेंदबाज़ के रूप में अपने करियर की शुरूआत करने के बाद, जेम्स फॉल्कनर ने ग्रेड-स्तर के क्रिकेट में परिश्रम करने का परंपरागत मार्ग चुना और उन्होंने कलाई घुमाकर स्पिन गेंदबाज़ी करने की कला पर अपने नियंत्रण को अपनी तेज़ गेंदबाज़ी के साथ मिलाकर स्वयं को घरेलू क्रिकेट में एक चालाक युवा तेज़ गेंदबाज़ के रूप में विकसित कर लिया। जूनियर स्तर के क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन और विकास के कारण उन्होंने आसानी से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अकादमी के द्वारा विकसित किए जाने वाले खिलाड़ियों के दल ‘डेवेल्पमेंट स्क्वॉड’ में अपनी जगह बनाई। 2007-08 के सत्र में तस्मानिया की टीम के साथ खेलने के लिए एक नया अनुबंध अर्जित करने के बाद, उन्होंने खिलाड़ियों के रैंक वाली सूची में ऊपर तेज़ी से चढ़ना जारी रखा और 18 वर्ष का होने से पहले ही उनका चयन वर्ष 2008 के अंडर-19 विश्व कप के लिए टीम में ऑस्ट्रेलिया की टीम में किया गया था।



उन्हें 2008-09 के सत्र के दौरान शैफ़ील्ड शील्ड प्रतियोगिता में अपना पदार्पण करने का अवसर दिया गया था, और 2010-11 के सत्र में उन्होंने अपने करियर का पहला शानदार प्रदर्शन किया, जब उन्होंने 30 के औसत से 300 रन बनाकर और 17.72 की औसत से 36 विकेट लेकर एक हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर अपने कौशल का प्रदर्शन किया था। इसके अलावा, उन्होंने तस्मानिया की टीम को निर्णायक मुकाबले में जीत दिलाने के लिए 4 विकेट लेकर और पहली पारी में उपयोगी 71 रन बनाकर पहली पारी के आधार पर तस्मानिया की टीम को मिलने वाली बढ़त को सुनिश्चित करते हुए शानदार प्रदर्शन किया।

ग्लेन मैक्सवेल – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

फॉल्कनर ने तस्मानिया की टीम के अपने साथियों के साथ शैफ़ील्ड शील्ड का खिताब जीता जबकि इस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व कप के अपने खिताब को बरकरार रखने के लिए भारत में खेल रही थी। इस समय शायद फॉल्कनर यह नहीं जानते थे कि वास्तव में 4 साल और 8 दिन बाद उन्हें ही वह खिलाड़ी बनने का अवसर प्राप्त होगा जो विश्व कप के खिताब को ऑस्ट्रेलिया वापस लाएगा।

जॉर्ज बेली – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड



फॉल्कनर ने फरवरी 2012 में भारत के विरुद्ध खेले जाने वाले टी-20 मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खेलने का अपना पहला अवसर प्राप्त किया था। उस कैलेंडर वर्ष के आसपास के समय में खेले जाने वाले अंतरराष्ट्रीय टी-20 मुकाबलों की कम संख्या होने के कारण फॉल्कनर अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद टीम में अपनी जगह पक्की करने में असफल रहे और वह उस टीम में भी जगह नहीं बना पाए जिसने वर्ष 2012 में आईसीसी टी-20 विश्वकप के लिए श्रीलंका का दौरा किया था। बाएं हाथ के इस तेज़ गेंदबाज़ ने कड़ी मेहनत की और शैफ़ील्ड शील्ड प्रतियोगिता में खेलना जारी रखा और 2012-13 में इस प्रतियोगिता में 20.33 की औसत से 39 विकेट लिए, जिनमें 3 बार मुकाबले की एक ही पारी में लिए गए पांच विकेट शामिल थे। इसके अतिरिक्त उन्होंने 34.15 के औसत से 444 रन बनाकर एक हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर अपनी साख को मजबूत किया।

एडम ज़ांपा – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

हालांकि, इस अवसर पर, फॉल्कनर ने वास्तव में अपने उच्चस्तरीय खेल का प्रदर्शन किया और अपने संयम और लय का प्रदर्शन करके चयनकर्ताओं को दिखा दिया कि किस कारण से वह एकदिवसीय टीम में अपनी जगह बनाने के लिए योग्य हैं। क्वींसलैंड की टीम के विरुद्ध खेले गए महत्वपूर्ण निर्णायक मुकाबले में मैन ऑफ द मैच (मुकाबले के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी) का पुरस्कार अर्जित करने वाला प्रदर्शन करके वह सुर्खियों में छा गए थे। उन्होंने इस मुकाबले में दो पारियों में 4 विकेट लिए थे, लेकिन दूसरी पारी में महत्वपूर्ण 89 रन बनाये थे जिसने मुकाबले का रुख बदल दिया। तस्मानिया की टीम के द्वारा पहली पारी में 194 रन की बढ़त लिए जाने के बाद, क्वींसलैंड के गेंदबाज़ों ने पूरी ताकत के साथ आक्रमण किया और 15 रनों के योग पर तस्मानिया की टीम के 5 विकेट झटक लिए। जब तस्मानिया की टीम 56 रनों पर 6 विकेट गंवा चुकी थी और उनकी बढ़त अभी केवल 260 रनों की थी, जिसका पीछा आसानी से किया जा सकता था तब फॉल्कनर बल्लेबाज़ी करने के लिए मैदान पर उतरे और 89 रनों की एक शांत और प्रवाहपूर्ण पारी खेलकर, क्वींसलैंड के लिए 446 रनों का लक्ष्य स्थापित किया और तस्मानिया की टीम का खिताब को जीतना निश्चित किया । अपने शानदार प्रदर्शन के परिणामस्वरूप, तस्मानिया क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ घरेलू खिलाड़ी होने के लिए उन्हें लगातार तीन बार रिकी पोंटिंग पदक प्राप्त करने का गौरव प्राप्त है।

मिचेल मार्श – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड



इस स्थिति में जेम्स फॉल्कनर की असाधारण प्रतिभा को अब और अधिक समय तक नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता था और वह चयनकर्ताओं के ध्यान को आकर्षित करने में पूरी तरह से और वास्तव में सफल हो रहे थे। उन्हें फरवरी 2013 में एकदिवसीय क्रिकेट में पदार्पण करने का अवसर दिया गया था, और उन्होंने गेंद के साथ कुछ मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया क्योंकि बल्लेबाज़ अंतिम ओवरों में व्यापक विविधताओं से परिपूर्ण उनकी गेंदबाज़ी का सामना करने में संघर्ष करते नज़र आ रहे थे। उन्होंने अपने बल्ले के साथ अपनी पूरी लय में मुकाबलों का रुख बदलने वाली कुछ पारियां खेलकर स्वयं को पूरे वर्ष 2013 के दौरान ऑस्ट्रेलियाई टीम के महत्वपूर्ण अंग के रूप में स्थापित किया।

स्टीव स्मिथ – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

उनके द्वारा मोहाली में 29 गेंदों में खेली गई 64 रनों की पारी उनकी बल्लेबाज़ी की क्षमता का एक शानदार उदाहरण थी, जहां उन्होंने हार के जबड़े से जीत हासिल करने के लिए मुकाबले के अंतिम ओवर से पहले इशांत शर्मा के द्वारा फेंके गए एक ओवर में 30 रन बनाए थे। इसके अलावा, बैंगलोर में खेले गए श्रृंखला के निर्णायक मुकाबले में फ़ॉल्कनर ने किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ के द्वारा एकदिवसीय क्रिकेट में लगाया गया सबसे तेज शतक बनाकर भारतीय टीम के द्वारा रखे गए 384 रनों के विशालकाय लक्ष्य का पीछा करने की कोशिश करके भारतीय टीम के लिए कड़ी चुनौती पेश की थी। उन्होंने मैच फिनिशर के रूप में अपनी उसी प्रतिष्ठा को पुनः प्राप्त किया जैसी प्रतिष्ठा वास्तव में भारत के महेंद्र सिंह धोनी के साथ संबंधित की जाती है, जब उन्होंने गाबा के मैदान में खेले गए एकदिवसीय मुकाबले में टिम ब्रेसनैन को लगातार तीन चौके लगाए थे और अपनी टीम के लिए असंभव लगने वाले एक लक्ष्य को प्राप्त करने का काम किया था।

वर्ष 2013 में ऑस्ट्रेलिया के एशेज़ श्रृंखला के अभियान में, फॉल्कनर को पांचवें टेस्ट मुकाबले के लिए टीम में शामिल किया गया था, जब ऑस्ट्रेलिया की टीम पहले ही श्रृंखला को जीत चुकी थी। तत्कालीन कप्तान माइकल क्लार्क के अनुसार, फॉल्कनर “टीम को कुछ मजबूती प्रदान करेंगे जिसकी पिछले टेस्ट मुकाबलों के दौरान शायद ऑस्ट्रेलियाई टीम में कमी रही हो”। इसके प्रत्युत्तर में फॉल्कनर ने ओवल में खेले गए तथा ड्रॉ रहे मुकाबले में 6 विकेट लिए और निचले क्रम में बल्लेबाज़ी करते हुए 25 रनों की प्रभावशाली पारी खेली। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि वह मुकाबला फॉल्कनर द्वारा अपने अब तक के करियर में खेला गया एकमात्र टेस्ट मुकाबला है।

डेविड वार्नर – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

एक हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर फॉल्कनर के द्वारा लगातार किए गए अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें एकदिवसीय टीम की एकादश का एक अनिवार्य सदस्य बनाया। उनकी निरंतरता वर्ष 2015 विश्वकप के निर्णायक मुकाबले में मुकाबले का रुख बदलने वाले उनके गेंदबाज़ी आंकड़ों में नजर आई जब उन्होंने 36 रन देकर 3 विकेट लिए थे और कोरी एंडरसन, न्यूज़ीलैंड के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले ग्रांट इलियट और रॉस टेलर को आउट करके न्यूज़ीलैंड के मध्यक्रम को धराशायी कर दिया और न्यूज़ीलैंड की वापसी की किसी भी संभावना को ध्वस्त कर दिया। वर्ष 2015 के विश्वकप के निर्णायक मुकाबले का निर्णय निर्धारित करने वाले उनकी गेंदबाज़ी के आंकड़ों ने उनके लिए मुकाबले में मैन ऑफ द मैच (मुकाबले के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी) का प्रतिष्ठित पुरस्कार अर्जित किया था। उन्होंने इतिहास में अपना नाम दर्ज़ करवा लिया और स्वयं को सर विवियन रिचर्ड्स, रिकी पोंटिंग, शेन वॉर्न और एडम गिलक्रिस्ट जैसे महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर लिया, जिन्होंने फॉल्कनर से पहले इतने ऊंचे स्तर पर प्रशंसा प्राप्त की थी। गेंदबाज़ी करने वाले एक हरफनमौला (ऑलराउंडर) खिलाड़ी और मैच फिनिशर की भूमिका निभाते हुए फॉल्कनर ने सीमित ओवरों वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बने रहना जारी रखा है। अगस्त 2016 में, उन्होंने श्रीलंका के विरुद्ध खेले गए एक अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मुकाबले में एक हैट्रिक ली, पहले ही कई उपलब्धियों को प्राप्त कर चुके फॉल्कनर हैट्रिक लेने के बाद इस उपलब्धि को हासिल करने वाले छठे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बने।



इसमें हैरानी की कोई बात नहीं है कि बाएं हाथ के खिलाड़ी फॉल्कनर पूरे विश्व में खेली जाने वाली विभिन्न टी-20 लीग प्रतियोगिताओं में एक बहुमूल्य खिलाड़ी रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने आईपीएल में विभिन्न फ्रैंचाइज़ टीमों की ओर से भाग लिया है और सराहनीय प्रदर्शन किया है, वह वर्तमान में गुजरात लॉयंस की टीम के साथ जुड़े हुए हैं। फॉल्कनर, बिग बैश लीग के 36 मुकाबलों में 38 विकेट लेकर और 389 रन बनाकर फ्रैंचाइज़ टीम मेलबर्न स्टार्स का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। उन्होंने अब इस प्रतियोगिता में गेंदबाज़ी करते हुए 7.55 की साधारण दर से रन दिए हैं और वह मेलबर्न स्टार्स की टीम के मुख्य खिलाड़ियों की सूची में शामिल किए जाते हैं।

केवल 27 वर्ष की आयु में बहुत अधिक प्रशंसा प्राप्त करके फॉल्कनर ने क्षमता और संयम के मामले में खुद को उच्च कोटि का खिलाड़ी कहे जाने के योग्य साबित किया है। उनके पास क्रिकेट खेलने के लिए अभी भी करीब एक दशक का समय शेष है और उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का कोई भी संकेत नहीं दिखाया है। यदि उनके करियर का ग्राफ, संख्याओं और तेज़ी के मामले में, ऊपर की ओर जाने की अपनी प्रवृत्ति को जारी रखता है तो फॉल्कनर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में वर्तमान समय के महान खिलाड़ियों में से, अपितु सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक बनने की राह पर अग्रसर हैं।

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James Faulkner Records | Australia | CricketinHindi.com
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