जस्टिन लैंगर – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

Justin Langer Records in Hindi

पूरा नाम – जस्टिन ली लैंगर

जन्म – 21 नवंबर 1970, पर्थ, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया

प्रमुख टीमें – ऑस्ट्रेलिया, मिडलसेक्स, राजस्थान रॉयल्स, सोमरसेट, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया

उपनाम – जेएल, अल्फी

भूमिका – सलामी बल्लेबाज

बल्लेबाजी शैली – बाएं हाथ के बल्लेबाज

गेंदबाजी शैली – दाएं हाथ के मध्यम

क्षेत्ररक्षण स्थिति – तीसरी स्लिप

ऊंचाई – 1.78 मीटर

टेस्ट पदार्पण (कैप 354) – 23 जनवरी 1993 बनाम वेस्टइंडीज
अंतिम टेस्ट – 5 जनवरी 2007 बनाम इंग्लैंड

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 117) – 14 अप्रैल 1994 बनाम श्रीलंका
अंतिम एकदिवसीय – 25 मई 1997 बनाम इंग्लैंड

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct
Tests 105 7696 250 45.27 54.22 23 30 912 40 73
ODIs 8 160 36 32 88.88 0 0 13 4 2
First-class 360 28382 342 50.23 86 110 322
List A 239 7875 146 38.6 14 53 113
T20s 41 1015 97 28.19 136.42 0 5 126 22 9
Bowling averages
Mat Wkts BBI BBM Ave Econ SR 4w 5w 10
Tests 105 0 3 0 0 0
ODIs 8
First-class 360 5 2/17 42 3.26 77.2 0 0
List A 239 7 3/51 3/51 30.71 6.68 27.5 0 0 0
T20s 41

मैथ्यू हेडेन – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

जस्टिन लैंगर की कहानी सबसे बढ़िया वापसी की कहानियों में से है | उनके करियर का पहला भाग उनके करियर के दूसरे भाग से काफी विषम था | पहले भाग में, कई मौके मिलने पर भी वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे थे | उन्होंने अपना पहला टेस्ट 23 वर्ष की उम्र में 1993 में वेस्ट इंडीज के विरुद्ध खेला था और हेलमेट पर गेंद लगने के बावजूद एक जुझारू अर्धशतक लगाया था | इस मैच ने ही अगले दशक के पहले भाग तक के हालातों को बयान कर दिया था | उन्हें एक जुझारू और ठग माना जाता था | सफलता लैंगर के हाथ आसानी से नहीं आयी | निरंतर ही उन्हें टीम से अंदर-बाहर किया गया | उनकी पहली पारी जिससे उनकी महानता की झलकियां दिखाई दी, वो होबार्ट में 1999 में पाकिस्तान के विरुद्ध उनका शतक था | एडम गिलक्रिस्ट के साथ मिलकर उन्होंने एक ऐसी जीत दर्ज की थी जिसकी किसी को भी आशा नहीं थी | इस पारी के बाद भी निरंतरता इनसे कोसों दूर रही | मध्यक्रम में उनका स्थान भी बदलता रहा ताकि उन्हें टीम में जगह मिल पाए | वर्ष 2000 में भारत के विरुद्ध दोहरा शतक लगाने के बाद उनकी फॉर्म में गिरावट आयी और भारत के विरुद्ध एक मशहूर श्रृंखला के तुरंत बाद आयी एशेज के पहले चार मैचों के लिए उन्हें टीम से बाहर रखा गया | मध्यक्रम में कई सारे खिलाड़ियों के अच्छा प्रदर्शन करते रहने के कारण उनका टीम में बने रहना मुश्किल हो गया |



2001 में आखिरी एशेज टेस्ट में लैंगर को पारी की शुरुआत करने का मौका मिला जब माइकल स्लेटर चोटिल हो गए | यह उनके करियर में एक नया मोड़ लेकर आया | लैंगर ने इस मौके को दोनों हाथ से थामा और एक बहुत ही बढ़िया सैंकड़ा जमाया | हेडन-लैंगर की सलामी जोड़ी की भी ये शुरुआत थी जो कि उस दौर की सबसे घातक जोड़ी बनी | अभी तक की सर्वश्रेष्ठ सलामी जोड़ियों की सूची में इस जोड़ी का नाम बिलकुल चोटी पर आता है | ये दोनों ही खब्बू एक मतवाले रूप से निरंतर भी थे और उस दौर में सब पर हावी होने वाली कंगारू टीम का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा थे |

एडम गिलक्रिस्ट – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

मानसिक तौर पर भी लैंगर अपने युग के किसी भी अन्य खिलाड़ी जितने ही तंदुरुस्त थे और यह उस वाकये से साबित हुआ था जब मखाया नतिनी की गेंद पर सिर पर चोट के बावजूद अपने 100वें टेस्ट में वे बल्लेबाज़ी करने के लिए तैयार थे | चोट लगने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें सुझाव दिया था कि वे कुछ समय बल्लेबाज़ी न करे क्योंकि एक और आघात उनके जीवन के लिए हानिकारक साबित हो सकता था | ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन को राहत मिली जब लैंगर को गेम में वापस बल्लेबाज़ी करने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी, लेकिन उस वाकये के बाद लैंगर की प्रतिबद्धता पर किसी को कोई शक नहीं था | वो ऐसे इकलौते कंगारू बल्लेबाज़ थे जो 2005 की एशेज के अंत में भी अक्षत थे और श्रृंखला की समाप्ति 43 के औसत के साथ की थी | अपने साथी खिलाड़ियों की तरह ही उन्होंने भी 2007 में इंग्लैंड के ऑस्ट्रेलियाई दौरे का बेसब्री से इंतज़ार किया, और इंग्लैंड का सूपड़ा साफ़ करने के बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया |

रिकी पोंटिंग – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड



लैंगर आज भी सक्रिय रूप से क्रिकेट से जुड़े हुए है और इस समय पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और पर्थ स्कॉर्चर्स के प्रशिक्षक है और पहले 2009 से 2012 के बीच में ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम के बल्लेबाज़ी कोच और सहायक कोच भी रह चुके है |

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Justin Langer Records | Australia | CricketinHindi.com
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