माइकल स्लेटर – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

Michael Slater Records in Hindi

पूरा नाम – माइकल जोनाथन स्लेटर

जन्म – 21 फरवरी, 1970, वग्गा वग्गा, न्यू साउथ वेल्स

प्रमुख टीमें – ऑस्ट्रेलिया, डर्बीशायर, न्यू साउथ वेल्स

बल्लेबाजी की शैली – राइट-हैंड बैट

गेंदबाजी की शैली – दाएं हाथ के मध्यम

टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण (कैप 356) – 3 जून 1993 बनाम इंग्लैंड
अंतिम टेस्ट – 20 अगस्त 2001 बनाम इंग्लैंड

वनडे कैरियर की शुरुआत (कैप 114) – 9 दिसंबर 1993 बनाम दक्षिण अफ्रीका
अंतिम वनडे – 24 मई 1997 बनाम इंग्लैंड

बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का औसत														 	मॅच 	पारी	नाबाद	रन	सर्वाधिक स्कोर	औसत	गेंद खेलीं	स्ट्राइक रेट	शतक	अर्धशतक	चौके	छ्क्के	कॅच	स्टमपिंग टेस्ट	74	131	7	5312	219	42.83	9967	53.29	14	21	598	30	33	0 एकदिवसीय	42	42	1	987	73	24.07	1634	60.4	0	9	95	2	9	0 प्रथम श्रेणी	216	384	19	14912	221	40.85			36	69			116	0 लिस्ट ए	135	131	3	3395	115	26.52			2	27			31	0
Michael-Slater-Batting-and-Fielding-Records-in-Hindi
गेंदबाज़ी औसत													 	मॅच 	पारी	गेंदें	रन	विकेट	बेस्ट/पारी	बेस्ट/मॅच	औसत	रन प्रति ओवर	स्ट्राइक रेट	4 विकेट	5 विकेट	10 विकेट टेस्ट	74	3	25	10	1	1/4	1/4	10	2.4	25	0	0	0 एकदिवसीय	42	2	12	11	0	-	-	-	5.5	-	0	0	0 प्रथम श्रेणी	216		133	113	3	1/4		37.66	5.09	44.3		0	0 लिस्ट ए	135		12	11	0	-	-	-	5.5	-	0	0	0
Michael-Slater-Bowling-Records-in-Hindi

एक साहसी और दिल से क्रिकेट खेलने वाले क्रिकेटर, माइकल स्लेटर ने अपने साहसिक ब्रांड के शॉट्स के ज़रिए न्यू साऊथ वेल्स और ऑस्ट्रेलिया के लिए कई महत्वपूर्ण पारियाँ खेलीं.

वग्गा वग्गा में जन्मे स्लेटर ने क्रिकेट में ज़बरदस्त वृद्धि की. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट अकॅडमी में ट्रेनिंग के बाद से स्लेटर ने जल्दी जल्दी लंबी छलाँग लगाई. 1992-93 के सीज़न की शुरुआत में वे न्यू साऊथ वेल्स के लिए चुने गए और 1993 में मात्र 23 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया की टीम में स्लेटर ने अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया. सीरीज़ के पहले ही मैच में मार्क टेलर के साथ ओपनिंग करते हुए स्लेटर ने अर्धशतक बनाया और इसके बाद अगले ही मैच में लॉर्ड्स के मैदान पर शानदार शतक बनाकर उन्होने ऑस्ट्रेलिया की टीम में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली.

अक्टोबर 1996 से मार्च 1998 तक के समय को अगर हटा दिया जाए तो लगभग एक दशक तक स्लेटर ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम के शीर्ष क्रम में लगातार रहे. इस दौरान ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ था और इसमें स्लेटर की कुछ यादगार पारियाँ थी – जैसे की 1995-96 में पर्थ के मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ 219 रन की पारी; घर में 1993-94 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ शानदार श्रंखला (जिसमें स्लेटर ने 76.25 की औसत से 305 रन बनाए) और 1994-85 में इंग्लैंड के खिलाफ श्रंखला में 62.3 की औसत से 623 रन बनाए. उनका अपने अंदाज़ में शतक बनाकर हेल्मेट को चूमना टेस्ट क्रिकेट में कुल 14 बार देखा गया, और 90 की लाइन में आउट होने का भी उन्होने 9 बार आउट हो कर कीर्तिमान बनाया. 1999 से 2001 के बीच टेस्ट इतिहास में लगातार सबसे ज़्यादा मैच जीतने के रिकौर्ड़ बनाने वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम में स्लेटर शामिल थे और उन्होने सभी 16 मैच खेले.

आश्चर्यजनक बात यह रही की स्लेटर के आक्रामक तेवर के बावजूद एकदिवसीय क्रिकेट में उन्हे सफलता नही मिली. उन्होने अपने एकदिवसीय पदार्पण मैच में 73 रन की शानदार पारी खेली लेकिन इसके बाद कुछ ज़्यादा नही कर सके और 1997 के बाद से एक भी अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच नही खेले.

एक लंबे खराब फॉर्म के चलते 2001 में स्लेटर को 5वें एशेज़ टेस्ट से पहले टीम से निकल दिया गया. इसके बाद मीडिया के हाथों अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में आलोचना झेलने के बाद स्लेटर को न्यू साऊथ वेल्स की टीम में भी लगातार जगह नही मिली. स्लेटर ने मेहनत जारी रखी, लेकिन जैसे ही उनका बतौर क्रिकेट कमेंटेटर करियर चल निकला, उनका क्रिकेट खेलें की तरफ रुझान कम होता गया. 2003-04 में दुर्भाग्यवश स्लेटर को एक दुर्बल कर देने वाली गंभीर बीमारी हुई जिसके बाद 2004 में उन्होने क्रिकेट से सन्यास ले लिया.

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