मिचेल जॉनसन – ऑस्ट्रेलिया – रिकॉर्ड

Mitchell Johnson Records in Hindi

पूरा नाम – मिशेल गाइ जॉनसन

जन्म – 2 नवंबर, 1981, टाउन्सविले, क्वींसलैंड

प्रमुख टीमें – ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रेलिया ए, किंग्स इलेवन पंजाब, मुंबई इंडियंस, पर्थ स्कॉर्चर्स, क्वींसलैंड, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया

उपनाम – मिज, नौच

भूमिका – गेंदबाज

बल्लेबाजी शैली – बाएं हाथ के बल्लेबाज

गेंदबाजी शैली – बाएं हाथ के तेज

ऊँचाई – 1.89 मीटर

टेस्ट पदार्पण (कैप 398) – 8 नवंबर 2007 बनाम श्रीलंका
अंतिम टेस्ट – 17 नवंबर 2015 बनाम न्यूजीलैंड

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 156) – 10 दिसंबर 2005 बनाम न्यूजीलैंड
अंतिम एकदिवसीय – 29 मार्च 2015 बनाम न्यूजीलैंड

टी 20 पदार्पण (कैप 24) – 12 सितंबर 2007 बनाम ज़िम्बाब्वे
अंतिम ट्वेंटी – 20 अगस्त 2013 बनाम इंग्लैंड

बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का औसत														 	मॅच 	पारी	नाबाद	रन	सर्वाधिक स्कोर	औसत	गेंद खेलीं	स्ट्राइक रेट	शतक	अर्धशतक	चौके	छ्क्के	कॅच	स्टमपिंग टेस्ट	73	109	16	2065	123*	22.2	3536	58.39	1	11	247	31	27	0 एकदिवसीय	153	91	32	951	73*	16.11	987	96.35	0	2	81	23	35	0 टी२०	30	17	7	109	28*	10.9	95	114.73	0	0	8	3	5	0 प्रथम श्रेणी	117	170	31	3180	123*	22.87			2	15			39	0 लिस्ट ए	184	108	39	1115	73*	16.15	1223	91.16	0	2			39	0 ट्वेंटी२०	96	49	24	300	30	12	287	104.52	0	0	21	10	20	0
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गेंदबाज़ी औसत													 	मॅच 	पारी	गेंदें	रन	विकेट	बेस्ट/पारी	बेस्ट/मॅच	औसत	रन प्रति ओवर	स्ट्राइक रेट	4 विकेट	5 विकेट	10 विकेट टेस्ट	73	140	16001	8891	313	8/61	12/127	28.4	3.33	51.1	16	12	3 एकदिवसीय	153	150	7489	6038	239	6/31	6/31	25.26	4.83	31.3	9	3	0 टी२०	30	30	656	797	38	3/15	3/15	20.97	7.28	17.2	0	0	0 प्रथम श्रेणी	117		23765	13352	465	8/61		28.71	3.37	51.1	24	17	4 लिस्ट ए	184		9227	7387	284	6/31	6/31	26.01	4.8	32.4	11	4	0 ट्वेंटी२०	96	95	2128	2702	114	3/3	3/3	23.7	7.61	18.6	0	0	0
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एक दिन, रॉडनी मार्श को डेनिस लिली का फ़ोन आया, और उन्होंने एक बहुत ही उम्दा खोज के बारे में बताया, क्वींसलैंड के एक 17-वर्षीय बाए-हाथ के तेज़ गेंदबाज़ – मिशेल गाए जॉनसन | इन सालों में, मिच बहुत आगे आ गए है और काफी समय के लिए ऑस्ट्रेलियाई तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण के अगुआ भी रहे है |

दाए-हाथ के बल्लेबाज़ों के लिए जॉनसन की मुख्य गेंद वो है जो कि एक अजीब-से कोण पर बाहर की ओर जाती है | किसी भी विकेट पर अतिरिक्त उछाल लाने की उनकी क्षमता बाए-हाथ के बल्लेबाज़ों के विरुद्ध उनके तरकश में और तीर डालती है और गेंद को अंदर की ओर लाकर वे बल्लेबाज़ों को जगह बनाने भी नहीं देते | उपमहाद्वीप के ऊपरी क्रम के बल्लेबाज़ कई मौकों पर उनका शिकार बने है जिन्हे डेनिस लिली ने ‘जीवन की अद्भुत खोज’ कहा था |

हालाँकि कई बार उन्हें अपनी स्वछंदता के लिए आलोचना का शिकार बनना पड़ा है, जॉनसन आधुनिक युग के सवर्श्रेष्ठ बाए-हाथ के तेज़ गेंदबाज़ों में शुमार है, इसलिए भी क्योंकि न खेल पाने वाली गेंदें डालकर वे अपनी कमज़ोरी को ढकने की क्षमता रखते है | 2006 की एशेज के लिए जॉनसन ऑस्ट्रेलिया के दल का हिस्सा थे लेकिन एक बार भी मैच की टीम में जगह नहीं बना पाए | हालाँकि, जब अवसर ने उनके द्वार खटखटाये, तब उन्होंने दोनों हाथों से उसका स्वागत किया | अपने पहले ही मैच में 96 रन देकर 4 विकेट लिए, जॉनसन ने आने वाले दौर की झलकियां दिखा दी |

जब भी आप जंग की तयारी करे, एक अतिरिक्त गोली या एक अतिरिक्त तलवार का होना हमेशा ही फायदेमंद होता है | वहीं पर जॉनसन की बल्लेबाज़ी प्रतिभा काम आती थी | इस लम्बे क्वींस्लैंडर के पास हर तरह के अपरंपरागत शॉट को लगाने की क्षमता है और उनके आक्रामक रुख के कारण वे निचले क्रम के एक बहुत ही उपयोगी बल्लेबाज़ है | कई मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की लाज रखी है |

जॉनसन ने एकदिवसीय मंच पर आते ही तहलका मचा दिया और एक तगड़े भारतीय बल्लेबाज़ी क्रम के विरुद्ध 11 रन देकर 4 विकेट निकाल लिए | उन्होंने सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और युवराज सिंह का शिकार किया | 2007 में भारत में एकदिवसीय श्रृंखला में जॉनसन ने सर्वाधिक विकेट लिए और टीम की जीत में एक अहम भूमिका निभाई |

मिच को हमेशा ही अफ्रीका के विरुद्ध खेलना बहुत भाया है | जब 2008 के अंतिम भाग में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया था, जॉनसन ने दुसरे टेस्ट मैच में 8/61 के आंकड़े हासिल किये थे | उसी श्रृंखला में क्लार्क़ के साथ बल्लेबाज़ी करते हुए उन्होंने 64 रनो की एक उपयोगी पारी भी खेली थी | 2009 में, जब ऑस्ट्रेलिया ने दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था, जॉनसन ने नाबाद 96 रन बनाए थे, जिसमे पॉल हैरिस के विरुद्ध एक ओवर में 26-रन भी शामिल थे | यह सब यहाँ ही ख़तम नहीं हुआ, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम तीसरे मैच में हार के कगार पर थी, मिच ने अविजित 123 रनों की पारी खेली थी, और पुछल्ले बल्लेबाज़ों के साथ मिलकर मैच बचाया था | अपने सनसनीखेज़ प्रदर्शन के चलते जॉनसन को मैन ऑफ़ द सीरीज का सम्मान दिया गया था |

जॉनसन की फॉर्म में गिरावट 2009 में शुरू हुई, खासकर कि एशेज के दौरान, जहां वे विकेटों के लिए तरस गए | उनकी जमकर आलोचना तो हुई लेकिन टीम में उनका स्थान सलामत रहा | उसी साल वेस्ट इंडीज और पाकिस्तान के विरुद्ध बढ़िया प्रदर्शन कर उन्होंने अपने खोये हुए जादू को वापस पाना शुरू किया |2011 में पहले एशेज टेस्ट में बेकार प्रदर्शन के कारण दूसरे टेस्ट से निकाले जाने के बाद जॉनसन को तीसरे मैच के लिए वापस बुलाया गया और श्रृंखला में वे ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे सफल गेंदबाज़ बने |

2013 जॉनसन के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहा | मार्च 2013 में भारत से तीसरे टेस्ट से पहले उन्हें टीम से जेम्स पैटिंसन, शेन वॉटसन और उस्मान ख्वाजा के साथ अनुशासनहीनता के कारण निकाल दिया गया | उसके बाद उन्हें 2013 की एशेज से भी बाहर कर दिया गया | आईपीएल के छठे संस्करण में मुंबई की ओर से उन्होंने सराहनीय प्रदर्शन किया और उन्हें शुरूआती सफलताएं दिलाई | पुराने जॉनसन की तरह ही उन्होंने भी बहुत-से बल्लेबाज़ों को अपनी गति और उछाल से परेशान किया |

इस तरह के प्रदर्शन के फलस्वरूप उन्हें इंग्लैंड के विरुद्ध एकदिवसीय श्रृंखला के लिए चुना गया, जहाँ उन्होंने अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा | सिलसिलेवार रूप से उन्होंने 90 मीलप्रतिघंटा के ऊपर गेंदें डाली और अपनी लाइन और लेंथ बरकरार रखी | भारतीय दौरा भी उनके लिए काफी बढ़िया रहा, जहां उन्होंने अपनी तेज़ गेंदबाज़ी से सुरेश रैना और युवराज सिंह को काफी परेशान किया | इन प्रयासों के कारण उन्हें बेंगलुरु के आखिरी मैच से पहले एशेज की तयारी करने के लिए वापस बुला लिया गया | इस फैसले पर पूर्व-क्रिकेटरों ने काफी सवाल खड़े किये क्योंकि श्रृंखला 2-2 से बराबरी पर थी और बस आखिरी मैच खेला जाना बाकी था |

2013-14 की एशेज में उन्होंने सर्वाधिक विकेट चटकाए और 13.97 की बेहतरीन औसत से 5 मैचों में 37 विकेट अपने नाम किये, जिसमे तीन 5-विकेट के आंकड़े भी शामिल थे | पूरी श्रृंखला वे अपनी गेंदों से आग उगल रहे थे और अपनी गति और उछाल से ब्रिटिश बल्लेबाज़ों को परेशान कर रहे थे | टेस्ट में पहले नंबर की टीम दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध एक घर से बाहर की श्रृंखला में भी उन्होंने यह प्रदर्शन बरक़रार रखा, और ऑस्ट्रेलिया की ओर से सर्वाधिक 22 विकेट, 17.36 के औसत से लिए, जिसकी बदौलत ऑस्ट्रलिया ने श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की | तीन पारियों में उन्होंने सर्वाधिक – 126.1 – ओवर भी डाले |

उनकी पिछली टीम मुंबई द्वारा उन्हें बरकरार नहीं रखा गया था और फरवरी 2014 में आईपीएल की नीलामी में उन्हें पंजाब द्वारा 6.5 करोड़ के भारी मूल्य पर ख़रीदा गया था | अपनी रफ़्तार से जॉनसन ने विरोधी बल्लेबाज़ों को परेशान करते रहना जारी रखा और उन्हें नया-सा बनाये रखने के लिए टीम प्रबंधन को उन्हें कुछ मैचों के लिए बाहर बिठाना पड़ा | 2014-15 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में रोहित शर्मा से शब्दों की अदला-बदली करने के बाद, जॉनसन ने ब्रिस्बेन के दूसरे टेस्ट में बहुत ही अहम 88 रन बनाये जिस कारण ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में बढ़त ले पाया | दूसरी पारी में 4 विकेट लेकर उन्होंने भारतीय बल्लेबाज़ी क्रम को भी धराशायी कर दिया | हालाँकि हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण वे सिडनी में आखिरी टेस्ट से बाहर हो गए और 2015 के विश्व कप से पहले, भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली गयी त्रिकोणीय श्रृंखला के कुछ मैचों से भी उन्हें बाहर बैठना पड़ा |

जॉनसन ने 2015 के विश्व कप में 15 विकेट लिए, लेकिन वे मिशेल स्टार्क के अधीन ही रहे, जो कि इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ साबित हुए | उनके सर्वश्रेष्ठ आंकड़े अफ़ग़ानिस्तान के विरुद्ध आये, जहाँ उन्होंने 22 रन देकर 4 विकेट ले अफ़ग़ानिस्तान के ऊपरी क्रम को तहस-नहस कर दिया | सेमीफइनल में भारत के विरुद्ध भी उन्होंने अपना जौहर दिखाया, और केवल 9 गेंदों पर 27 रन जड़कर ऑस्ट्रेलिया को 300 रनों के पार पहुंचाया |

हालाँकि जॉनसन ने 2015 के एशेज में कई सराहनीय प्रदर्शन किये, उस निरंतरता के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ा | जब अपने घर पर ऑस्ट्रेलिया की न्यू ज़ीलैंड से भिड़ंत हुई, तब अपने दो पसंदीदा मैदानों – गाबा और वाका – पर वे अपने पूर्व व्यक्तित्व की छाया से प्रतीत हुए, और शायद इसी कारण से वाका टेस्ट के पांचवे दिन जॉनसन ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी | उनके इस फैसले ने क्रिकेट के विशेषज्ञों और उनके प्रशंसकों को चौका दिया | हालाँकि जॉनसन ब्रेट ली से आगे निकल ऑस्ट्रेलिया की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों में चौथे स्थान पर आ गए |

बातें जिनका आपको ज्ञान नहीं था: मिशेल जॉनसन एक कराटे विशेषज्ञ, जेसिका ब्रैटिच को डेट कर रहे थे, और अब उनसे शादी कर चुके है | ब्रैटिच के साथ उनके संबंधों के कारण, उनकी माँ के साथ उनके रिश्ते में दरारे आयी है | मिच की माँ ने जेसिका पर उनके बेटे को उनसे दूर ले जाने का आरोप लगाया है |

मिशेल जॉनसन ने जेसिका के समीप रहने के लिए क्वींसलैंड से पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की ओर स्थानांतरण कर लिया |

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Mitchell Johnson Records | Australia | CricketinHindi.com
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