आंड्र्यू स्ट्रौस – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

Andrew-Strauss-Records-in-Hindi

पूरा नाम – एंड्रयू स्ट्रौस जॉन

जन्म – 2 मार्च, 1977, जोहानसबर्ग, ट्रांसवाल, दक्षिण अफ्रीका

प्रमुख टीमें – इंग्लैंड, मिडिलसेक्स, उत्तरी जिलों

उपनाम – स्ट्रौससी, लेवी, मारेमन, मपेट

खेलने की भूमिका – सलामी बल्लेबाज

बल्लेबाजी की शैली – बाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी की शैली – बायें हाथ के मध्यम

ऊंचाई – 5 फुट 11 इंच

शिक्षा – रॅड्ली कॉलेज, डरहम विश्वविद्यालय

टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण (कैप 624) – 20 मई 2004 बनाम न्यूजीलैंड
अंतिम टेस्ट – 16 अगस्त 2012 बनाम दक्षिण अफ्रीका

वनडे कैरियर की शुरुआत (कैप 180) – 18 नवंबर 2003 बनाम श्रीलंका
अंतिम वनडे – 26 मार्च 2011 बनाम श्रीलंका
वनडे शर्ट नंबर 14

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct
Tests 100 7037 177 40.91 48.91 21 27 867 10 121
ODIs 127 4205 158 35.63 80.94 6 27 454 25 57
T20Is 4 73 33 18.25 114.06 0 0 9 0 1
First-class 241 17046 241* 42.72 46 74 228
List A 254 7631 163 32.75 10 49 90
T20s 28 519 60 18.53 117.42 0 2 73 3 12
Bowling averages
Mat Wkts BBI BBM Ave Econ SR 4w 5w 10
Tests 100
ODIs 127 0 3 0 0 0
T20Is 4
First-class 241 3 1/16 47.33 6.45 44 0 0
List A 254 0 3 0 0 0
T20s 28

एंड्रयू स्ट्रौस दक्षिण अफ्रीका में जन्मे बाएं हाथ के स्टाइलिश और धाराप्रवाह बल्लेबाज हैं, जो दोनों तरफ से गेंद को स्कवायर विकेट पर मारने में माहिर है। वह सबकी नजर में तब आए जब 2004 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में 112 और 83 रन की ताबड़तोड़ पारी खेलकर इंग्लैंड को 7 विकेट जीतने में मदद की। वह मात्र ऐसे चौथे बल्लेबाज थे जिन्होंने अपने पदार्पण मैच में लॉर्ड्स के मैदान पर शतक बनाया।

एलेस्टर कुक – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

वह इंग्लैंड की तरफ से अपने पदार्पण मैच में दो शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज बनते बनते रह गए।

स्ट्रॉस का जन्म 1977 में दक्षिण अफ्रीका में हुआ था, और इसके 6 साल बाद ही वे इंग्लैंड चले आए थे। वे 1998 में मिडिलसेक्स में शामिल हो गए और अपनी पहली टीम की तरफ से खेलते हुए 400 से ज्यादा मैचों में प्रतिनिधित्व किया।2003 में वे इंग्लैंड के बांग्लादेश और श्रीलंका दौरे पर चुने गए लेकिन उनकी उपस्थिति सिर्फ एकदिवसीय मैचों के लिये कुछ मिश्रित परिणामों के साथ प्रतिबंधित थी।

उनको पहला मैच तब मिला जब उन्हें न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में चुना गया। उन्होंने शुरुआत तो धमाकेदार की परन्तु बाकी दौरा ख़ास सफल न रहा और वे सिर्फ एक पचासा ही जमा सके। लॉर्ड्स का मैदान उनका पसंदीदा बना रहा जहाँ उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ एक और शतक बनाया।
2004-05 के सत्र में स्ट्रॉस को अपने पैतृक देश के दौरे पर इंग्लैंड के दस्ते में शामिल किया गया। उनकी घर वापसी परीकथा की तरह हुई और उन्होंने टेस्ट सीरीज़ में सैकड़ो रन बनाकर शीर्ष क्रम में अपनी जगह बनाई।उनका पहला एशेज भी यादगार रहा जिसमें उन्होंने 2 शतक बनाये और 1980 के बाद इंग्लैंड को उसका पहला एशेज जीतने में मदद की।

मार्कस ट्रेस्कोथिक – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

स्ट्रॉस को भारत के ख़िलाफ़ एक अच्छे दौरे के लिये छोटे फॉर्मेट की कप्तानी सौंपी गयी पर वहाँ 5-0 से इंग्लैंड का सूपड़ा साफ हो गया लेकिन बोर्ड ने फिर भी इस बांयें हाथ के बल्लेबाज पर भरोसा दिखाया और उन्हें पाकिस्तान के ख़िलाफ़ प्रमाणिक तौर पर टीम का कप्तान बनाया। एक होनहार शुरुआत के बाद स्ट्रॉस का प्रदर्शन लगातार गिरता गया और जल्द ही 2007 में उन्हे इंग्लैंड की टीम से बाहर कर दिया गया। स्ट्रॉस ने उसके बाद एक घोषणा की कि वह क्रिकेट से ब्रेक लेने जा रहे हैं जिसे बाद में उन्होंने एक अत्यधिक निराशजनक एवं थकाऊ 12 महीने क़रार दिया।

उनके न्यूज़ीलैंड के खिलाफ वापसी दौरे की शुरुआत सही नहीं रही पर वे तीसरे टेस्ट में चमके और अपने कैरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए शानदार 177 रन बनाये जिसने उनके कैरियर को एक नया जीवनदान दिया।

वे इंग्लैंड की लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे और 7 जनवरी 2009 में एक बार फिर इंग्लैंड के कप्तान बनाए गए, और कोच एंडी फ्लॉवर के साथ मिलकर इंग्लैंड को ऊंचाइयों तक पहुँचाया और इंग्लैंड की टीम को क्रिकेट के सर्वोच्च पायदान तक पहुँचाया। जब इंग्लैंड 2011 विश्वकप के क्वार्टर फाइनल से बहार हो गई तब उन्होंने एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय मैचों से संन्यास ले लिया।

केविन पीटरसन – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

वे भारत को घरेलू सीरीज में 4-0 से हराकर इंग्लैंड को पुनः टेस्ट की नं 1 पायदान तक ले गए। जबकी उसके बाद वो पाकिस्तान के खिलाफ यूएई में 3-0 से हार भी गए।

उसके तुरन्त बाद ही एक टेस्ट जीत ने उन्हेें कोलम्बो में श्रीलंका के साथ एक कठिन सीरीज में 1-1 से ड्रॉ खेलने में मदद की। इस बढ़े हुए आत्मविश्वास ने उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज जीतने में मदद की जिसे उन्होंने 2-0 के हाशिये से आसानी से जीता। उसके बाद एक कठिन टेस्ट हुआ जिसमें उनका मुकाबला दक्षिण अफ्रीका की टीम से था। अपने घर में खेलते हुए भी स्ट्रॉस और उनके खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और 3 मैचों की सीरीज 2-0 से गवां बैठे और इसके साथ ही नं 1 टेस्ट टीम का ताज भी। इंग्लैंड के कप्तान ने 100 टेस्ट खेलने के बाद क्रिकेट के सर्वाधिक बड़े प्रारूप से जल्द ही संन्यास की घोषणा कर दी।

इयान बेल – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

अपने क्रिकेट कैरियर के बाद स्ट्रॉस इंग्लिश ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स के द्वारा बुलाये गए और वो खेल के लिये सभी बड़े मौकों पर अपने विचारों को आवाज देते हुए कमेंटेटर बन गए,जिसमें 2013 की इंग्लैंड में आयोजित एशेज सीरीज भी शामिल है। स्ट्रॉस ने 2003 में ऑस्ट्रेलियन अदाकारा रुथ मैकडोनाल्ड के साथ शादी की और 2 बेटों सैम और लुका से आशीर्वादित हुए। आर्डर ऑफ़ ब्रिटिश एम्पायर के सदस्य रहते हुए स्ट्रॉस को आर्डर ऑफ़ ब्रिटिश एम्पायर में 2011में उनके जन्मदिन के दिन ऑफिसर नियुक्त किया गया।

share on: