माइकल वॉन – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

Michael Vaughan Records in Hindi

पूरा नाम – माइकल पॉल वॉन

जन्म – 29 अक्टूबर, 1974, सेलफर्ड, मैनचेस्टर

प्रमुख टीमें – इंग्लैंड, मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब, यॉर्कशायर

उपनाम – फ्रेंकी, वर्गील

बल्लेबाज़ी शैली – दाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – दाएं हाथ के ऑफब्रेक

अन्य – टिप्पणीकार

ऊँचाई – 6 फुट 2 इंच

शिक्षा – सिल्डाडेल व्यापक, शेफ़ील्ड

टेस्ट पदार्पण (कैप 600) – 25 नवंबर 1999 बनाम दक्षिण अफ्रीका
अंतिम टेस्ट – 30 जुलाई 2008 बनाम दक्षिण अफ्रीका

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 161) – 23 मार्च 2001 बनाम श्रीलंका
अंतिम एकदिवसीय – 21 अप्रैल 2007 बनाम वेस्टइंडीज

टी 20 पदार्पण (कैप 11) – 13 जून 2005 बनाम ऑस्ट्रेलिया
अंतिम टी 20 – 9 जनवरी 2007 बनाम ऑस्ट्रेलिया

बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का औसत
मॅच रन सर्वाधिक स्कोर औसत स्ट्राइक रेट शतक अर्धशतक चौके छ्क्के कॅच
टेस्ट 82 5719 197 41.44 51.13 18 18 742 22 44
एकदिवसीय 86 1982 90* 27.15 68.39 0 16 204 13 25
टी२० 2 27 27 13.5 122.72 0 0 4 0 0
प्रथम श्रेणी 268 16295 197 36.95 42 68 118
लिस्ट ए 282 7238 125* 29.18 3 46 88
ट्वेंटी२० 18 319 41* 18.76 112.32 0 0 31 5 2
गेंदबाज़ी औसत
मॅच विकेट बेस्ट/पारी बेस्ट/मॅच औसत रन प्रति ओवर स्ट्राइक रेट 4 विकेट 5 विकेट 10 विकेट
टेस्ट 82 6 2/71 2/71 93.5 3.44 163 0 0 0
एकदिवसीय 86 16 4/22 4/22 40.56 4.89 49.7 1 0 0
टी२० 2
प्रथम श्रेणी 268 114 4/39 46 3.36 81.9 0 0
लिस्ट ए 282 78 4/22 4/22 33.38 4.62 43.3 4 0 0
ट्वेंटी२० 18 1 1/21 1/21 81 9 54 0 0 0

इंग्लैंड जब माइक गैटिंग की कप्तानी में 1986-87 में एशेज जीता, फिर उसके बाद उन्हें बहुत लंबा इंतजार करना पड़ा। 2005 वो साल था जब एशेज इंग्लैंड के पास वापस आया और माइकल वॉन वह कप्तान थे जिन्होंने इसे संभव बनाया।

वॉन सभी अर्थों में एक मास्टर थे और उनकी बल्लेबाजी माइक आथर्टन से काफी मिलती जुलती थी। 1999-00 में वह टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहली गेंद का सामना करने तब आये जब उनकी टीम 2 विकेट पर 4 रन बनाकर जोहान्सबर्ग की पिच पर पिछड़ रही थी। वह उस दिन बहुत अधिक रन तो नहीं बना पाए लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबके दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। उनका पहला टेस्ट शतक पाकिस्तान के खिलाफ 2001 में ओल्ड ट्रैफर्ड में आया।

आंड्र्यू स्ट्रौस – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

2002 वह वर्ष था जब वॉन वास्तव में अपने उत्कृष्ट फॉर्म में थे। उन्होंने श्रीलंका और भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 900 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया के एशेज दौरे पर 633 रन बनाये। फॉर्म के इस क्रम ने आईसीसी रैंकिंग में उन्हें विश्व के नंबर एक बल्लेबाज की पदवी दिलायी। उनसे पहले इंग्लैंड के केवल ग्राहम गूच ने ही यह मुकाम हासिल किया था। हालांकि उन्होंने खेल के छोटे प्रारूप में संघर्ष किया।

अपने ओडीआई संघर्षों के बावजूद, वॉन को 2003 के घरेलु मौसम के लिए एकदिवसीय कप्तान बनाया गया और नासिर हुसैन के अप्रत्याशित रूप से इस्तीफा देने के हफ्ते भर बाद टेस्ट कप्तानी भी उनके हाथों में आ गयी। यह उनके कौशल की एक कठिन परीक्षा थी, लेकिन वॉन ने दिखाया कि उनके पास एक चतुर दिमाग है जब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इंग्लैंड की सीरीज 2-2 से बराबर करवाई। श्रीलंका में हालात थोड़ा बदल गए और इंग्लैंड 0-1 से सीरीज हार गया, लेकिन वॉन ने इंग्लैंड को तीन दशकों में पहली बार वेस्टइंडीज के घर में जीत दिलाई। 2004 की गर्मियाँ वॉन और इंग्लिश टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ थीं क्योंकि उन्होंने न्यूजीलैंड और वेस्ट इंडीज को हराकर 7-0 के आंकड़े दर्ज कराये थे।

एंड्रयू फ़्लिंटॉफ़ – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

इसके बाद दक्षिण अफ्रीका में उनका प्रदर्शन संतोषजनक रहा जब उन्होंने 2-1 से सीरीज जीती। 2005 में एशेज सीरीज में 2-1 की बढ़त भी उन्हें हासिल हुई थी। हालांकि चोट ने पाकिस्तान और भारत के उप-महाद्वीपीय टूर पर उनकी भागीदारी को कम कर दिया और 2006 के सीजन को भी प्रभावित किया। एशेज की रक्षा में इंग्लैंड की अगुवाई करने का मौका भी उनके हाथ से निकल गया। फ्लिंटॉफ को कप्तान बनाया गया और इंग्लैंड को 5-0 से हारकर निराशा हाथ लगी। इसके बाद उन्होंने सी.बी. श्रृंखला में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इंग्लैंड का एक और ख़राब 2007 के विश्व कप अभियान में नेतृत्व किया।

वॉन ने जब वेस्टइंडीज के खिलाफ इंग्लैंड को 2-0 से सीरीज में जीत दिलायी तब लगा कि उन्होंने अच्छी वापसी की है। अपने पसंदीदा लीड्स के मैदान पर 103 रन बनाकर वह स्वयं भी फॉर्म में वापस आये। वॉन ने पीटर मे को उस व्यक्ति के रूप में पीछे कर दिया जिसने इंग्लैंड को 21 टेस्ट जीत के साथ सबसे ज्यादा जीत दिलायी थी। इसके बाद राहुल द्रविड़ की अगुवाई वाली भारत की टीम के खिलाफ 0-1 से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अगले साल एजबेस्टन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक और हार के बाद वॉन ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया।

नासेर हुसैन – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

2009 की एशेज श्रृंखला के बाद अपने ख़राब फॉर्म की वजह से वॉन ने टेस्ट क्रिकेट से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की। वॉन 2003 में विस्डेन क्रिकेटर्स ऑफ द ईयर में से एक के रूप में चुने गए और वह 2002 में उत्कृष्ट बल्लेबाजी के बाद विस्डेन के 140 वें संस्करण के कवर पर आने वाले पहले क्रिकेटर बन गए। दिसंबर 2005 में, इंग्लैंड क्रिकेट टीम को बीबीसी स्पोर्ट्स पर्सनालिटी ऑफ द इयर टीम अवार्ड से सम्मानित किया गया। 31 दिसंबर 2005 को एशेज जीतने वाली इंग्लैंड क्रिकेट टीम को क्वीन के द्वारा सम्मानित किया गया। वॉन के साथ टीम के कोच डंकन फ्लेचर और मैनेजर फिल नील को ओबीई से सम्मानित किया गया और बाकी टीम को एमबीई से सम्मानित किया गया। 2007 आईसीसी पुरस्कारों में वॉन को टेस्ट टीम ऑफ द ईयर में शामिल किया गया था।

2011 में इंग्लैंड के उनके खराब दौरे के दौरान भारतीय टीम के बारे में उनकी कुछ आलोचनाओं और ट्वीट्स ने उन्हें भारतीय प्रशंसकों का निशाना बनाया था।

एलेस्टर कुक – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

वॉन फिर स्काई स्पोर्ट्स के साथ एक नियमित कमेंटेटर बन गए और कुछ बड़े कार्यक्रमों के लिए पूरे विश्व में यात्रा भी करते हैं।

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