सर इयान बोथम – इंग्लैंड – रिकॉर्ड

Sir Ian Botham Records in Hindi

पूरा नाम – इयान टेरेंस बोथम

जन्म – 24 नवंबर, 1955 ओल्डफील्ड, हेस्वाल, चेशायर

प्रमुख टीमें – इंग्लैंड, डरहम, क्वींसलैंड, सॉमरसेट, वूस्टरशायर

उपनाम – बीफ़ी, बोथ, गाए

भूमिका – ऑलराउंडर

बल्लेबाज़ी शैली – दाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – दाएं हाथ के तेज-मध्यम

अन्य – टिप्पणीकार

ऊँचाई – 6 फुट 2 इंच

शिक्षा – बकलेर के मीड माध्यमिक विद्यालय, येओविल

टेस्ट पदार्पण (कैप 474) – 28 जुलाई 1977 बनाम ऑस्ट्रेलिया
अंतिम टेस्ट – 18 जून 1992 बनाम पाकिस्तान

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 33) – 26 अगस्त 1976 बनाम वेस्टइंडीज
अंतिम एकदिवसीय – 24 अगस्त 1992 बनाम पाकिस्तान

बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का औसत														 	मॅच 	पारी	नाबाद	रन	सर्वाधिक स्कोर	औसत	गेंद खेलीं	स्ट्राइक रेट	शतक	अर्धशतक	चौके	छ्क्के	कॅच	स्टमपिंग टेस्ट	102	161	6	5200	208	33.54	8565	60.71	14	22	621	67	120	0 एकदिवसीय	116	106	15	2113	79	23.21	2671	79.1	0	9	197	44	36	0 प्रथम श्रेणी	402	617	46	19399	228	33.97			38	97			354	0 लिस्ट ए	470	419	64	10474	175*	29.5			7	46			196	0
Sir-Ian-Botham-Batting-and-Fielding-records-in-Hindi
गेंदबाज़ी औसत													 	मॅच 	पारी	गेंदें	रन	विकेट	बेस्ट/पारी	बेस्ट/मॅच	औसत	रन प्रति ओवर	स्ट्राइक रेट	4 विकेट	5 विकेट	10 विकेट टेस्ट	102	168	21815	10878	383	8/34	13/106	28.4	2.99	56.9	17	27	4 एकदिवसीय	116	115	6271	4139	145	4/31	4/31	28.54	3.96	43.2	3	0	0 प्रथम श्रेणी	402		63547	31902	1172	8/34		27.22	3.01	54.2		59	8 लिस्ट ए	470		22899	15264	612	5/27	5/27	24.94	3.99	37.4	15	3	0
Sir-Ian-Botham-Bowling-records-in-Hindi

जुलाई 20, वो दिन जब नामुमकिन के मायनों को चुनौती दी गयी | उस दिन इनके कारनामों ने इन्हे एक आदर, एक सत्कार प्रदान किया जो कि उनके संन्यास के दिन तक बना रहा | जुलाई 20 को विश्व के सर्वश्रेष्ठ ऑल-राउंडरों में से एक, सर इयान बॉथम ने अपना नाम इतिहास के पन्नों में अमर कर लिया |

सर इयान के लिए पहला बड़ा पल 1974 में प्रथम-श्रेणी क्रिकेट के उनके पहले वर्ष में आया | समरसेट की ओर से खेलते हुए, वो एंडी रॉबर्ट्स का सामना कर रहे थे, जो कि वेस्टइंडीज के एक प्रतिरोधी पेसर थे, और उन्हें गेंद मुंह में जा लगी थी | खून बहे जा रहा था, लेकिन उन्होंने केवल अपना टूटा हुआ दांत थूका और बिना डरे बल्लेबाज़ी करना जारी रखा | ऑस्ट्रेलिया में ग्रेड क्रिकेट में बेकार प्रदर्शन के बाद, सर इयान ने अपना टेस्ट पदार्पण ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 1977 में ट्रेंट ब्रिज में किया और 5/74 के आंकड़ों के साथ अपनी छाप छोड़ी और इंग्लैंड को एक मज़बूत स्थिति में लेकर आये | पहले दिन बॉथम के स्पैल ने यह सुनिश्चित कर दिया कि इंग्लैंड 1930 के बाद से पहली बार ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध ट्रेंट ब्रिज में विजयी होगा |

बॉथम टेस्ट मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे और आनंद उठाते रहे | पाकिस्तान के विरुद्ध 1978 में तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला में बॉथम ने दो सैंकड़े जमाये | लॉर्ड्स टेस्ट में तो वे अकेले ही मैच अपनी टीम की झोली में ले आये | उन्होंने एक बढ़िया शतक जमाया और दूसरी पारी में 8/34 के साथ किसी भी इंग्लिश गेंदबाज़ द्वारा टेस्ट मैचों में तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अपने नाम कर लिया | उनकी निरंतरता इस स्तर की थी कि 1980 में उन्हें कप्तानी के पद पर बिठा दिया गया था | लेकिन उस समय के बाद से ही बॉथम की फॉर्म में गिरावट आनी शुरू हुई | उन्होंने 12 मैचों में कप्तानी की और एक भी नहीं जीत पाए | हालाँकि, यह गौर करने योग्य है कि 12 में से 10 मैच वेस्टइंडीज के विरुद्ध थे, जो उस समय विश्व की सर्वश्रेष्ठ टीम थी | हालाँकि, उस भीषण समय के दौरान, कप्तानी से इस्तीफ़ा देने के बाद, बॉथम ने अपनी महानता का एक और प्रतीक दिया और एक ही मैच में शतक लगाकर 10 विकेट लेने वाले पहले खिलाड़ी बन गए |

उन्होंने यह कीर्तिमान भारत के विरुद्ध वानखेड़े में स्थापित किया | जब तक 1981 की एशेज श्रृंखला आरम्भ हुई, बॉथम की फॉर्म बहुत ही ख़राब हो चुकी थी | लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट में बॉथम दोनों पारियों में शून्य पर चलते बने थे, और अखबारों के शीर्षक यह चीख रहे थे, ” बॉथम को जाना होगा !” हेडिंग्ले में तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड को एक पारी हार दिखाई पड़ रही थी और सट्टेबाज़ों ने इंग्लैंड की जीत पर 500-1 का सट्टा लगा दिया था | बॉथम का मैच में प्रदर्शन तब तक काफी अच्छा रहा था और उन्होंने पहली पारी में 50 रन देकर 6 विकेट लिए थे | बहुत कम लोगों ने यह सोचा होगा कि यह इंग्लैंड क्रिकेट के स्वर्णिम दौर की शुरुआत भर थी |

बॉथम ने ग्राहम डिली के साथ मिलकर मौज करने की सोची और पागलों की भांति बल्लेबाज़ी करने लगे | उन्होंने 149 रनों की एक शानदार और तूफानी पारी खेली और पुछल्ले बल्लेबाज़ों के साथ मिलकर इंग्लैंड की ओर से ऑस्ट्रेलिया के लिए 130 रनों का लक्ष्य रखा | इसके बाद बॉब विलिस ने तेज़ गेंदबाज़ी का एक अद्भुत मुज़ायरा पेश किया और 43 रन खर्च 8 विकेट निकालकर इंग्लैंड को 18 रनों से एक यादगार जीत दिला दी | यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में केवल दूसरा मौका था जब किसी टीम ने फॉलो-ऑन लेने के बाद भी जीत दर्ज की हो | इस परिणाम ने इंग्लैंड को एक टीम और एक देश के तौर पर प्रसन्नता से भर दिया, लेकिन बॉथम ने ऑस्ट्रेलिया को परेशान करना जारी रखा |

बर्मिंघम में चौथे टेस्ट के अंदर भी, बॉथम ने 14 ओवरों में 5/11 के अंकों के साथ 29 रनों की एक और छोटी सी जीत इंग्लैंड को दिलवाई | मेनचेस्टर में पांचवे टेस्ट में बॉथम ने बल्ले से घातक प्रदर्शन किया और 118 रन ठोंके, जिसमे 6 गगनचुम्बी छक्के शामिल थे | हालाँकि, ऑस्ट्रेलिया ने मैच बचाने की तमाम कोशिशें की, इंग्लैंड ने 103 रनों से मैच जीतकर एशेज अपने नाम कर ही ली | यदि सर डॉन ब्रैडमैन ने अपने समय में इंग्लैंड को डराया हुआ था, तो वही 1981 के उनके कारनामे ने इंग्लैंड क्रिकेट को हमेशा के लिए बदल दिया | उस दिन लोगों ने एक क्रिकेटर का उद्भव देखा | 1981 में विश्व भर ने देखा जब 1981 की गर्मी में सर इयान बॉथम के उद्भव ने ऑस्ट्रेलिया में पूरी तरह से खौफ भर दिया |

बॉथम अपने करियर की चोटी पर थे, लेकिन जैसे-जैसे समय गुज़रा, चोटें उनपर हावी होने लगी और उनकी फॉर्म में गिरावट आने लगी | 1986 में कैनाबिस का सेवन करने के कारण उन्हें इंग्लैंड बोर्ड ने दो महीनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया | हालाँकि उन्होंने न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध वापसी की और टेस्ट मैचों के डेनिस लिली के 355 विकेटों के कीर्तिमान को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक-विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बन गए | उनके करियर के अंतिम समय में ऐसा लगने लगा जैसे बॉथम का जोश फीका पड़ गया है 1992 की गर्मी में पाकिस्तान के विरुद्ध टेस्ट और एकदिवसीय श्रंखला के बाद क्रिकेट से उन्होंने संन्यास ले लिया |

33.5 के औसत से 5200 रन, 28 के गेंदबाज़ी औसत से 383 विकेट | इन असाधारण आंकड़ों के चलते 2007 में उन्हें ‘नाइट’ की उपाधि दी गयी | 2009 में उन्हें आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ़ फेम में भी शामिल किया गया | इस समय वे एक कमेंटेटर है और इंग्लैंड की सभी घरेलू श्रृंखलाओं के आलावा विश्व भर के सभी प्रमुख टूर्नामेंटों में दिख जाते है |

मज़ेदार बातें:

सर इयान बॉथम एक प्रतिभावान फुटबॉलर भी थे | स्कनथॉर्प यूनाइटेड नामक क्लब के लिए उन्होंने फुटबॉल लीग में 11 मैच भी खेले थे |

सर इयान बॉथम दान-पुण्य में भी शामिल रहे है | चैरिटी के लिए उनकी लम्बी दूरी की पदयात्राओं ने ल्यूकेमिया अनुसन्धान के लिए 12 मिलियन ग्रेट ब्रिटेन पाउंड इकट्ठे किये है |

सर इयान बॉथम 1994 में इमरान खान के विरुद्ध एक नींदलेख के मामले में शामिल हुए थे | हालाँकि वे यह केस हार गए थे |

यह माना जाता है कि सर इयान बॉथम की इयान चैपल के साथ एडिलेड कार पार्क में 2010/11 की एशेज श्रृंखला के दौरान झड़प हो गयी थी |

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Sir Ian Botham Records | England | CricketinHindi.com
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