हरभजन सिंह – भारत – रिकॉर्ड

Harbhajan Singh Records in Hindi

पूरा नाम – हरभजन सिंह

जन्म – 3 जुलाई, 1980, जालंधर (अब जालंधर), पंजाब

प्रमुख टीमें – भारत, एशिया एकादश, एसेक्स, इंडिया ग्रीन, लंकाशायर, मुंबई इंडियंस, मुंबई इंडियंस, पंजाब, सरे

भूमिका – गेंदबाज

बल्लेबाजी की शैली – राइट-हैंड बैट

गेंदबाजी की शैली – राइट-आर्म ऑफ-ब्रेक

टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण (कैप 215) – 25 मार्च 1998 बनाम ऑस्ट्रेलिया
अंतिम टेस्ट – 10-14 जून, 2015 बनाम बांग्लादेश

वनडे कैरियर की शुरुआत (कैप 113) – 17 अप्रैल 1998 बनाम न्यूजीलैंड
अंतिम वनडे – 25 अक्टूबर 2015 बनाम दक्षिण अफ्रीका
वनडे शर्ट नंबर 3

टी 20 कैरियर की शुरुआत (कैप 3) – 1 दिसंबर 2006 बनाम दक्षिण अफ्रीका
अंतिम टी 20 – 4 मार्च 2016 बनाम यूएई

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct
Tests 103 2224 115 18.22 64.8 2 9 277 42 42
ODIs 236 1237 49 13.3 81.06 0 0 92 35 71
T20Is 28 108 21 13.5 124.13 0 0 11 4 7
First-class 196 4242 115 19.28 2 15 99
List A 334 2134 79* 15.24 0 2 112
T20s 229 1390 78 15.27 132.63 0 2 129 70 69

 

Bowling averages
Mat Wkts BBI BBM Ave Econ SR 4w 5w 10
Tests 103 417 8/84 15/217 32.46 2.84 68.5 16 25 5
ODIs 236 269 5/31 5/31 33.35 4.31 46.3 2 3 0
T20Is 28 25 4/12 4/12 25.32 6.2 24.4 1 0 0
First-class 196 777 8/84 28.85 2.81 61.4 41 8
List A 334 393 5/31 5/31 32.31 4.34 44.6 5 4 0
T20s 229 204 5/18 5/18 25.79 6.67 23.1 3 1 0



हरभजन सिंह ने तूफानी अंदाज़ में अपने कैरियर की शुरुआत की थी, जब उन्हें अनुशासनहीनता के कारण राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी से बाहर फेंक दिया गया था। और तब के जवान रिकी पोंटिंग के साथ जुबानी झड़प की वजह से मैच रेफरी द्वारा खरी खोटी सुननी पड़ी थी। वह और पोंटिंग आने वाले समय में एक प्रसिद्ध प्रतिद्वंदिता विकसित करने वाले थे, जिसमे ऑफ स्पिनर प्रारंभिक वर्षो में बल्लेबाज़ को इस प्रतिद्वंदिता में चित करने वाला था।

रिकी पोंटिंग बनाम हरभजन सिंह

उनके करियर को अत्यंत गुमनामी से बचाया गया था जब सौरव गांगुली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्लासिक 2001 श्रृंखला में उनको टीम में शामिल किए जाने के लिए लड़ाई लड़ी। हरभजन ने अपने दम पर अपनी गेंदबाज़ी से 32 ऑस्ट्रेलियाई विकेट चटकाए और इस 3 मैच की श्रृंखला में भारत ने जबरदस्त वापसी की और श्रृंखला 2-1 से जीती। जाहिर है, वह कभी उस संख्या को दोहराने में कामयाब नही हुए, लेकिन अपने उस प्रदर्शन से टीम में उन्होंने स्वयं को नियमित सदस्य के रूप में स्थापित किया। प्रारंभिक वर्षो में अनिल कुंबले एक गुरु के भाँती उसका मार्गदर्शन करते थे और उसे सलाह देते थे, फिर लोगों के मन में कुंबले की लोकप्रियता कम हो गयी, जब हरभजन स्पिन गेंदबाज़ी में टीम की पहली पसंद बने, विशेष रूप से वनडे में, जहाँ पर निचले क्रम में उनकी आक्रामक और निडर बल्लेबाज़ी टीम के लिए मूल्यवान साबित हुई।

हालांकि, कुंबले ने जल्द ही टीम में वापसी की जब हरभजन ने अपना कुछ पैनापन खो दिया और बल्लेबाज़ की उम्मीद के मुताबिक गेंद डालने लगे, और विकेट लेने की बजाय रन बचाने के लिए गेंद डालने लगे। कुम्बले के संन्यास के बाद उन्हें एक बार फिर से टीम के मुख्य स्पिन गेंदबाज़ की कमान सौंपी गई।

सांख्यिकीय विश्लेषण: रविचंद्रन अश्विन बनाम हरभजन सिंह

उनके सीवी पर कुछ दागो में से एक है उनका घरेलु और विदेशी दौरों के प्रदर्शन के बीच का अंतर। घर पर उनका औसत 26.8 रन प्रति विकेट है, लेकिन घर के बाहर उनका औसत 38.86 है।

हरभजन सिंह 2011 विश्व कप विजेता टीम के अभिन्न अंग थे परंतु अगला सत्र उनके लिए कठिन साबित हुआ। दो सत्रों 2010-2011 में एक के बाद एक ख़राब प्रदर्शनों ने उनकी भारतीय टीम में जगह को लेकर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट मैचों में 400 विकेट का आकड़ा पार किया, परंतु अपना अच्छा प्रदर्शन लगातार नहीं दे पाए और चयनकर्तायो ने उन्हें इंग्लैंड दौरे के अत्यंत ख़राब प्रदर्शन की वजह से टीम से बाहर कर दिया। उन्होंने शुरू में घरेलु क्रिकेट में बहुत संघर्ष किया परंतु वहां भी वे कुछ ख़ास नही कर पाए। जहाँ भारत हर स्वरुप में आश्विन को हरभजन से ज्यादा प्राथमिकता दे रहा था, वही सरदार ने एसेक्स के साथ 2012 के दूसरे सत्र में खेलने का निर्णय लिया। हालांकि उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं था परंतु उन्होंने श्रीलंका में होने वाले T20 विश्व कप के लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी की। वह टीम से अंदर बाहर होते रहे और लगभग डेढ़ साल, अगर नवम्बर 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ एक टेस्ट को हटा दे, के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट टीम में वापिस आये। हरभजन ने अपना सौवां टेस्ट मैच खेला – इस मुकाम को हासिल करने वाले दसवे गेंदबाज़ – चेन्नई में 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ। हालांकि वह भारतीय टीम में वापसी करने में
असमर्थ रहे और आख़िरी वनडे उन्होंने 2011 में खेला।



हमेशा जुझारू और कभी न हार मानने वाले, हरभजन ने हाल ही में अपनी बल्लेबाज़ी पर जोर दिया है और अपने बल्लेबाज़ी कौशल को बढ़ाया है, और अक्सर महत्वपूर्ण बल्लेबाज़ी कैमियो भी खेले है। उनके नाम दो टेस्ट शतक भी दर्ज है, दोनों 2011 में न्यूजीलैंड के ही खिलाफ है।

हरभजन सिंह से जुड़े 15 तथ्य: वो सरदार जो कभी हार नहीं मानता

टेस्ट मैचों में विकेटों के मामले में वह भारत की तरफ से सबसे सफल ऑफ स्पिनर गेंदबाज़ रहे है।

क्रिकेट के मामलो के अलावा, हरभजन हमेशा मैदान पर अपनी झड़प के कारण भी सुर्ख़ियों में रहे है, और कोई भी 2008 के ऑस्ट्रेलिया और भारत के सिडनी टेस्ट से ज्यादा कुख्यात नहीं हो सकता। एंड्रयू साइमंड्स पर नस्ली टिप्पणी के आरोप में उन पर शुरू में तीन टेस्ट मैचों का प्रतिबन्ध लगा दिया गया था। हालांकि, प्रतिबन्ध जल्द ही हटा दिया गया जब भारतीय टीम ने दौरे से वापिस जाने की धमकी दी, क्योंकि मैच रेफरी माइक प्रोक्टर के पास हरभजन के खिलाफ कोई ऑडियो या वीडियो सबूत नहीं था। बाद में उसी वर्ष हालांकि, हरभजन आईपीएल के उट्घाटन मैच से निलंबित कर दिए गए जब उन्होंने अपने और श्रीसंथ की टीम के साथ एक मैच के बाद उन्हें थप्पड़ मार दिया।

आईपीएल: हरभजन सिंह आईपीएल के पहले संस्करण के बाद से मुंबई इंडियंस का एक अभिन्न हिस्सा रहे है। घायल तेंदुलकर की गैरमौजूदगी में हरभजन की कप्तानी में चैंपियंस लीग के 2011 के संस्करण में मुंबई फ्रेंचाइजी ने खिताब जीता। उन्होंने 2013 के आईपीएल संस्करण में कप्तानी छोड़ी क्योंकि वह कप्तानी का बोझ और नही संभाल सकते थे। मुंबई फ्रेंचाइजी ने टूर्नामेंट के 2014 के संस्करण के लिए भी उन्हें टीम में बनाए रखने का फैसला किया।

शुरूआती साल और निजी जीवन

हरभजन सिंह ने एक सिख परिवार में जन्म लिया था | सरदार सरदेव सिंह, जो कि एक व्यवसायी थे और बॉल बीयरिंग और वाल्व की एक फैक्ट्री के मालिक थे, हरभजन सिंह इनके इकलौते पुत्र थे | पांच बहनों के साथ बड़े होने वाले, हरभजन पारिवारिक व्यवसाय के इकलौते वारिस थे, लेकिन उनके पिताजी ने यह ज़ोर दिया था कि वे अपने क्रिकेट करियर पर ध्यान केंद्रित करे और भारत का प्रतिनिधित्व करे |

हरभजन सिंह को पहली बार कोचिंग एक बल्लेबाज़ के तौर पर उनके पहले कोच चरणजीत सिंह भुल्लर ने दी, लेकिन उनके कोच की अकस्मात् मृत्यु के बाद दविंदर अरोड़ा के अधीन शिक्षा लेने के कारण उन्होंने स्पिन गेंदबाज़ी की ओर रूपांतरण कर लिया | अरोड़ा ने हरभजन की सफलता का श्रेय उनके काम करने के रवैये को दिया जिसमें सुबह के समय 3-घंटे के अभ्यास सत्र शामिल थे, और उसके बाद एक दोपहर का सत्र चलता था जो कि 3 बजे शुरू होकर सूर्यास्त तक समाप्त होता था |



टेस्ट विकेट मील के पत्थर

पहला: ग्रेग ब्लेवेट (ऑस्ट्रेलिया)
50वां: रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया)
100वां: वेवेल हाइन्ड्स (वेस्ट इंडीज)
150वां: नाथन एस्टल (न्यू ज़ीलैंड)
200वां: चार्ल्स कोवेंट्री (ज़िम्बाब्वे)
250वां: रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया)
300वां: रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया)
350वां: जेपी डुमिनी (दक्षिण अफ्रीका)
400वां: कार्लटन बॉघ ( वेस्ट इंडीज)

अभिनेता के तौर पर फिल्में

2004 – मुझसे शादी करोगी
2013 – भाजी इन प्रॉब्लम
2015 – सेकंड हैंड हस्बैंड

विवाद

1998 निलंबन

अपनी पहली अंतर्राष्ट्रीय श्रृंखला में रेफरी द्वारा हरभजन सिंह पर जुर्माना लगाया गया और एक मैच के लिए निलंबित कर दिया गया। यह निलंबन मैदान पर हरभजन द्वारा आई सी सी के अनुशासन के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में लगाया गया। रिकी पोंटिंग को आउट करने के बाद हरभजन उनसे उलझ गए थे।

एंड्रू सायमंड्स और श्रीसंथ के साथ विवाद

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन जब हरभजन 63 पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तभी वह एंड्रू सायमंड्स के साथ उलझ गए। इसके विरोध में हरभजन पर आई सी सी की धारा 3 के तहत सायमंड्स को बंदर कह कर अपमानित करने और जातिगत टिप्पणी करने का दोषी करार दिया गया। हालाँकि हरभजन और उनके साथ बल्लेबाज़ी कर रहे सचिन तेंदुलकर ने इस बात से इंकार किया। मैच खत्म होने के बाद रेफरी माइक प्रॉक्टर ने हरभजन को दोषी पाया और 3 टेस्ट मैचों के लिए उन्हें निलंबित कर दिया। इस फैसले की आलोचना भी हुई क्योंकि इस घटना का कोई ऑडियो या वीडियो नहीं था और केवल ऑस्ट्रलियाई खिलाड़ियों की ही बात मानी गई। हरभजन के निलंबन के विरोध में भारतीय टीम ने बीच में ही श्रृंखला छोड़ने की धमकी दी। हालाँकि बी सी सी आई अध्यक्ष शरद पवार ने आश्वस्त किया कि इसके बावजूद भी श्रृंखला जारी रहेगी।

29 जनवरी को चौथे टेस्ट के बाद एडिलेड में आई सी सी न्यायधीश जस्टिस जॉन हैनसन के समक्ष इस मामले की सुनवाई की गई। इस सुनवाई में हरभजन पर जातिगत टिप्पणी सिद्ध नहीं हुई और प्रॉक्टर द्वारा लगाए तीन टेस्ट मैचों का निलंबन निरस्त कर दिया गया। लेकिन उन्हें अभद्र भाषा के उपयोग का आरोपी पाया गया और उन पर मैच फीस का 50% जुर्माना लगाया गया।



इसके बाद हरभजन अप्रैल 2008 में मोहाली में मुंबई इंडियंस बनाम किंग्स इलेवन पंजाब के मैच में एक और विवाद का हिस्सा बने। जबकि दोनों टीमों के सदस्य एक दूसरे से हाथ मिला रहे थे, हरभजन ने पंजाब के गेंदबाज़ और भारतीय टीम के साथी श्रीसंथ को थप्पड़ जड़ दिया। उस समय तक हरभजन मुंबई के लिए तीन मैचों की कप्तानी कर चुके थे और तीनों में मुंबई को हार का सामना करना पड़ा। मुंबई के बल्लेबाज़ों का विकेट लेने के बाद श्रीसंथ का आक्रामक तेवर अपनाना हरभजन को रास नहीं आया। किंग्स इलेवन पंजाब ने आई पी एल से इसकी आधिकारिक शिकायत की। मैच रेफरी फारुख इंजीनियर ने हरभजन को धारा 4.2 के तहत आरोपी पाया और शेष बचे आई पी एल मैचों से निलंबित करने के अलावा उनके पूरे संस्करण के वेतन के भुगतान पर भी रोक लगा दी। बाद में हरभजन ने श्रीसंथ से सुलह करते हुए “मैंने जो गलती की उसकी सजा मैंने पाई।”

हरभजन सिंह का आईपीएल प्रदर्शन:

Batting and Fielding Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s CT
Career 136 799 64 16.3 142.42 0 1 76 41 40
2017 11 16 7* 8 100 0 0 0 1 2
2016 14 92 45* 30.66 109.52 0 0 11 2 4
2015 15 117 64 16.71 160.27 0 1 9 9 3
2014 14 28 10* 5.6 112 0 0 2 2 3
2013 19 116 25* 19.33 146.83 0 0 12 5 9
2012 17 108 33 12 135 0 0 14 3 6
2011 15 103 30 34.33 145.07 0 0 9 6 2
2010 15 105 49* 26.25 166.66 0 0 12 5 6
2009 13 84 20 10.5 158.49 0 0 6 5 3
2008 3 30 28 15 176.47 0 0 1 3 2
Bowling Mat WKTS BBM Ave Econ SR 4W 5W
Career 136 127 5/18 26.65 6.95 22.98 1 1
2017 11 8 3/22 33.25 6.48 30.75 0 0
2016 14 9 2/29 43.55 8 32.66 0 0
2015 15 18 3/27 24.77 7.82 19 0 0
2014 14 14 2/13 25.42 6.47 23.57 0 0
2013 19 24 3/14 19 6.51 17.5 0 0
2012 17 6 2/13 64 7.11 54 0 0
2011 15 14 5/18 26.42 6.98 22.71 0 1
2010 15 17 3/31 22.17 7.04 18.88 0 0
2009 13 12 4/17 21.33 5.81 22 1 0
2008 3 5 3/32 16.4 8.2 12 0 0

हरभजन सिंह के टेस्ट शतक:

Test centuries of Harbhajan Singh
No Runs Against City/Country Venue Start date Result
[1] 115
 New Zealand
 Ahmedabad, India
Sardar Patel Stadium 04-Nov-10 Drawn
[2] 111*
 New Zealand
 Hyderabad, India
Rajiv Gandhi International Stadium 12-Nov-10 Drawn

हरभजन सिंह के टेस्ट क्रिकेट में 5 विकेट प्रदर्शन:

# Figures Year Opponent Venue City Country
1 7/123 2001
 Australia
Eden Gardens Kolkata India
2 6/73
3 7/133 2001
 Australia
MA Chidambaram Stadium Chennai India
4 8/84
5 /51 2001
 England
PCA IS Bindra Stadium Mohali India
6 5/71 2001
 England
Sardar Patel Stadium Ahmedabad India
7 6/62 2002
 Zimbabwe
Feroz Shah Kotla Delhi India
8 5/138 2002
 West Indies
Sabina Park Kingston Jamaica
9 5/115 2002
 England
Kennington Oval London England
10 7/48 2002
 West Indies
Wankhede Stadium Mumbai India
11 5/115 2002
 West Indies
Eden Gardens Kolkata India
12 5/146 2004
 Australia
M Chinnaswamy Stadium Bangalore India
13 6/78
14 5/29 2004
 Australia
Wankhede Stadium Mumbai India
15 7/87 2004
 South Africa
Eden Gardens Kolkata India
16 6/152 2005
 Pakistan
M Chinnaswamy Stadium Bangalore India
17 7/62 2005
 Sri Lanka
Sardar Patel Stadium Ahmedabad India
18 5/147 2006
 West Indies
Warner Park Basseterre St Kitts
19 May-13 2006
 West Indies
Sabina Park Kingston Jamaica
20 5/122 2007
 Pakistan
Eden Gardens Kolkata India
21 5/164 2008
 South Africa
MA Chidambaram Stadium Chennai India
22 6/102 2008
 Sri Lanka
Galle International Stadium Galle Sri Lanka
23 6/63 2008
 New Zealand
Seddon Park Hamilton New Zealand
24 5/59 2010
 South Africa
Eden Gardens Kolkata India
25 7/120 2011
 South Africa
Newlands Cricket Ground Cape Town South Africa

हरभजन सिंह के टेस्ट क्रिकेट में 10 विकेट प्रदर्शन:

# Figures Opponent Venue City Country Year
1 13/196
 Australia
Eden Gardens Kolkata India 2001
2 15/217
 Australia
MA Chidambaram Stadium Chennai India 2001
3 11/224
 Australia
M Chinnaswamy Stadium Bangalore India 2004
4 10/141
 Sri Lanka
Sardar Patel Stadium Ahmedabad India 2005
5 10/153
 Sri Lanka
Galle International Stadium Galle Sri Lanka 2008

हरभजन सिंह के एकदिवसीय क्रिकेट में 5 विकेट प्रदर्शन:

# Figures Opponent Venue City Country Year
1 5/43
 England
Wankhede Stadium Mumbai India 2002
2 5/32
 England
Feroz Shah Kotla Delhi India 2002
3 5/56
 Sri Lanka
R Premadasa Stadium Colombo Sri Lanka 2009

हरभजन सिंह के टेस्ट क्रिकेट में मैन ऑफ़ द सीरीज़ अवार्ड:

S No Series Season Match Performance Result
1 Border-Gavaskar Trophy Test Series 2000–01 34 runs (3 matches, 6 innings); 178.3–44–545–32 (2×10 WM; 4×5 WI)
 India won the series 2–1.
2 West Indies in India Test Series 2002–03 69 runs (3 matches, 4 innings); 166–54–335–20 (2×5 WI); 5 catches Series Drawn.
3 South Africa in India Test Series 2007–08 11 runs (3 matches, 4 innings); 172.5–26–496–19 (1×5 WI); 1 catch
 India won the series 1–0.

हरभजन सिंह के टेस्ट क्रिकेट में मैन ऑफ़ द मैच अवार्ड:

S No Opponent Venue Season Match performance
1 Australia Chepauk, Chennai 2000–01 1st innings: 2 runs; 38.2–6–133–7
2nd innings: 3* runs; 41.5–20–84–8
2 Zimbabwe Feroz Shah Kotla, Delhi 2001–02 1st innings: 9 runs (2×4); 27.5–5–70–2
2nd innings: 14 runs (2×4, 1×6); 31–5–62–6; 2 catches
3 West Indies Chepauk, Chennai 2002–03 1st innings: 37 runs (5×4, 1×6); 29–13–56–3
2nd innings 30–6–79–4; 1 catch
4 South Africa Eden Gardens, Kolkata 2004–05 1st innings: 14 runs (2×4); 21.3–6–54–2; 1 catch
2nd innings: 30–3–87–7; 1 catch
5 Sri Lanka Motera, Ahmedabad[63] 2005–06 1st innings: 8* runs (1×4); 22.2–3–62–7; 1 catch
2nd innings: 40 runs (4×6; 1×6); 31–7–79–3
6 New Zealand Motera, Ahmedabad[63] 2010–11 1st innings: 69 runs (5×4 3×6 ); 43–7–112–1;
2nd innings: 115 runs (11×4; 3×6);

हरभजन सिंह के एकदिवसीय क्रिकेट में मैन ऑफ़ द मैच अवार्ड:

No. Opponent Venue Match Performance Result
1 South Africa SuperSport Park, Centurion 15 (14 balls: 2×4); 10-0-27-3
 India won by 41 runs
2 England Feroz Shah Kotla, Delhi 37 (46 balls: 3×4, 1×6); 10-2-31-5
 India won by 39 runs
3 West Indies Kinrara Academy Oval, Kuala Lumpur 37 (60 balls: 1×4, 2×6); 8-0-35-3
 India won by 16 runs

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