लक्ष्मण शिवरामकृष्णन – भारत – रिकॉर्ड

Laxman Sivaramakrishnan Records in Hindi

पूरा नाम – लक्ष्मण शिवरामकृष्णन

जन्म – 31 दिसंबर, 1965, मद्रास (अब चेन्नई)

प्रमुख टीमें – भारत, बड़ौदा, तमिलनाडु

बल्लेबाज़ी शैली – दाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाज़ी शैली – लेगब्रेक गुगली

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct
Tests 9 130 25 16.25 0 0 0 9
ODIs 16 5 2* 2.5 20.83 0 0 0 0 7
First-class 76 1802 130 25.02 5 3 60
List A 33 47 14 3.91 0 0 17
Bowling averages
Mat Wkts BBI BBM Ave Econ SR 4w 5w 10
Tests 9 26 6/64 12/181 44.03 2.9 91 0 3 1
ODIs 16 15 3/35 3/35 35.86 4.26 50.4 0 0 0
First-class 76 154 7/28 38.49 3.4 67.7 6 1
List A 33 37 3/34 3/34 28.45 4.39 38.8 0 0 0

31 दिसंबर, 1965 को जन्मे लक्ष्मण शिवरामकृष्णन को आप दोषपूर्ण प्रतिभा वाला खिलाड़ी कह सकते हैं। उन्होंने आने के साथ ही क्रिकेट की दुनिया में तूफ़ान ला दिया था जब इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 3 लगातार पारियों में 6 विकेट लेकर इतिहास बना दिया। लेकिन दुख की बात यह है कि वह ऐसा प्रदर्शन जारी नहीं रख पाए। उनका शुरुआती एकदिवसीय प्रदर्शन भी कुछ ऐसा ही था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट विश्व चैंपियनशिप में तेजस्वी प्रदर्शन करने के साथ साथ शारजाह में रोथमैन कप में एक और अच्छा प्रदर्शन किया। अफसोस की बात यह है कि ये सब ज़्यादा देर तक चल नहीं पाया।

शायद परिपक्वता की कमी और बहुत कम उम्र में शुरुआत का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। 1981-82 में 15 साल की उम्र में दिल्ली के खिलाफ तमिलनाडु के लिए रणजी पदार्पण मैच में 7/28 के शानदार प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय आकर्षण बना दिया। अगले ही साल वह पाकिस्तान के दौरे के लिए टीम में शामिल हो चुके थे और तब वह 17 साल के भी नहीं थे, जब उन्होंने एंटीगुआ में वेस्ट इंडीज के खिलाफ शुरुआत की। उन्होंने उस मैच में कोई विकेट नहीं लिया लेकिन खेल के दोनों प्रारूपों में 1985 की शुरुआत में वह दुनिया के शीर्ष पर पहुँच चुके थे। उन्हें ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ी सफलता मिली थी और इंग्लैंड के खिलाफ 23 विकेट लेकर उन्होंने घरेलु श्रृंखला में मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी जीता।

 

रवि शास्त्री – भारत – रिकॉर्ड

 

हालांकि शिवा, जिस नाम से उन्हें सभी पुकारते हैं, के लिए सफलता संक्षिप्त थी और उसके बाद ख़राब फॉर्म से वह कभी भी उबर नहीं पाए। उन्होंने भारतीय टीम में अपना स्थान खो दिया और तमिलनाडु टीम में बने रहने के लिए उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने की कोशिश की। 1987 के विश्व कप के दौरान उन्होंने बिना किसी सफलता के भारतीय टीम में एक संक्षिप्त वापसी की थी। नरेन्द्र हिरवानी और अनिल कुंबले के उद्भव की वजह से भारतीय क्रिकेट में उनके लिए अब स्थान नहीं था।

लक्ष्मण शिवरामकृष्णन अब सबसे सम्मानित टीवी कमेंटेटरों में से एक है।

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Laxman Sivaramakrishnan Records | India | CricketinHindi.com
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