लक्ष्मीपति बालाजी – भारत – रिकॉर्ड

Laxmipathy-Balaji-records-in-Hindi

पूरा नाम – लक्ष्मीपति बालाजी

जन्म – 27 सितंबर, 1981, मद्रास (अब चेन्नई), तमिलनाडु

प्रमुख टीमें – भारत, चेन्नई सुपर किंग्स, किंग्स इलेवन पंजाब, कोलकाता नाइट राइडर्स, तमिलनाडु

नायडू के रूप में भी जाना जाता है

भूमिका – गेंदबाज

बल्लेबाज़ी शैली – दाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – दाएं हाथ से मध्यम-फास्ट

टेस्ट पदार्पण (कैप 245) – 8 अक्टूबर 2003 बनाम न्यूजीलैंड
अंतिम टेस्ट – 24 मार्च 2005 बनाम पाकिस्तान

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 147) – 18 नवंबर 2002 बनाम वेस्ट इंडीज
अंतिम एकदिवसीय – 8 फरवरी 2009 बनाम श्रीलंका

टी 20 पदार्पण (कैप 43) – 11 सितंबर 2012 बनाम न्यूजीलैंड
अंतिम टी20 – 2 अक्टूबर 2012 बनाम दक्षिण अफ्रीका

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct
Tests 8 51 31 5.66 40.47 0 0 5 1 1
ODIs 30 120 21* 12 78.94 0 0 8 3 11
T20Is 5 0
First-class 106 1202 49* 12.14 0 0 38
List A 100 328 28* 9.37 74.71 0 0 27
T20s 104 54 15 4.9 87.09 0 0 4 2 16
Bowling averages
Mat Wkts BBI BBM Ave Econ SR 4w 5w 10
Tests 8 27 5/76 9/171 37.18 3.43 65 2 1 0
ODIs 30 34 4/48 4/48 39.52 5.57 42.5 1 0 0
T20Is 5 10 3/19 3/19 12.1 7.56 9.6 0 0 0
First-class 106 330 7/42 26.1 2.82 55.4 18 16 4
List A 100 145 5/36 5/36 29.35 4.97 35.3 2 3 0
T20s 104 126 5/24 5/24 22.19 7.76 17.1 5 1 0

एक कातिलाना मुस्कान- पहली चीज़ जिसपे आप गौर करेंगे जब आप लक्ष्मीपति बालाजी को देखेंगे। ऐसा एक पल नहीं होगा जब आपको उथुकाडु में जन्मे खिलाड़ी के चेहरे पर मुस्कुराहट नहीं दिखेगी। तमिलनाडु राज्य के बालाजी एक दुबले शरीर वाले तेज गेंदबाज हैं जो अपने शानदार एक्शन के साथ बल्लेबाजों को किसी भी वक़्त परेशानी में डाल सकते थे। उनके करियर का मुख्य आकर्षण 2003-04 में पाकिस्तान का सफल दौरा माना जायेगा।



बालाजी ने अपने पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच (ओडीआई) में वेस्टइंडीज के खिलाफ चार ओवरों में 44 रन खर्च कर दिए थे। घरेलू टेस्ट सीरीज में भी उनका प्रदशन खासा अच्छा नहीं रहा। न्यूजीलैंड के खिलाफ ख़राब प्रदर्शन की वजह से वह कुछ समय के लिए भारतीय टीम से बाहर भी रहे। लेकिन लगातार अच्छे प्रदर्शन की वजह से उन्हें 2003-04 में ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए वापस बुलाया गया, जहां उन्होंने एक और युवा खिलाड़ी इरफान पठान के साथ टीम में भागीदारी की।

मुरली कार्तिक – भारत – रिकॉर्ड

दोनों 1980-90 के बाद से पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ भारत के लिए एक घातक गेंदबाजी संयोजन बनाने में कामयाब हुए। यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक श्रृंखला थी क्योंकि पाकिस्तान में उनकी यह पहली श्रृंखला विजय साबित हुई। तीन मैचों में बालाजी ने 12 विकेट लिए, जिसमें तीसरे टेस्ट में सात विकेट शामिल हैं। भारत को श्रृंखला में 2-1 से जीत मिली। तमिलनाडु के तेज गेंदबाज ने 76 रन पर 5 विकेट लेकर तब शानदार टेस्ट आंकड़े दर्ज कराए, जब पाकिस्तान ने अगले साल भारत का दौरा किया।

2005 टेस्ट सीरीज़ वो आखिरी सीरीज थी जब बालाजी खेल के सबसे लंबे प्रारूप में भारत के लिए खेले। उनकी पीठ में तनाव की वजह से हुए फ्रैक्चर ने लगभग उसी वर्ष उनके करियर को समाप्त कर दिया। उसे सुधारने के लिए उन्हें एक सर्जरी से गुजरना पड़ा और उस समय के तमिलनाडु के कोच डब्लूवी रमन ने स्मरण करते हुए कहा, “अगर मुझे उस वक़्त में वापस जाना होता, जब उन्हें बताया गया था कि उन्हें सर्जरी के लिए जाना होगा, तो इससे उबरने में मुझे दो दिनों से ज़्यादा का वक़्त लगता।” हालांकि अपनी जुझारू क्षमता की वजह से बालाजी धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मांगों पर खरा उतरने लगे।

प्रवीण कुमार – भारत – रिकॉर्ड

तीन साल की अवधि के बाद बालाजी ने 2008 में रणजी ट्रॉफी खेलना शुरू किया और बाद में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के उद्घाटन संस्करण में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने भी उनका चयन कर लिया। पुनर्निर्मित एक्शन के साथ तमिलनाडु के तेज गेंदबाज ने आईपीएल 2008 में सीएसके के लिए एक हैट-ट्रिक सहित 11 विकेट लिए। उस प्रदर्शन ने उन्हें 2009 में एकदिवसीय टीम में वापसी भी दिला दी।



आईपीएल के चौथे संस्करण में कोलकाता नाइट राइडर्स ने अब पहले से काफी परिपक्व हो चुके बालाजी को वापस उठाया। गौतम गंभीर की अगुवाई वाली टीम के लिए वह एक महत्वपूर्ण गेंदबाज बन गए और शानदार प्रदर्शन के साथ बालाजी ने भारत की टी20 टीम में वापसी भी की। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के बाद उन्हें 2012 विश्व टी20 के लिए भी चुना गया। हालांकि उस मेगा आयोजन में उनके अच्छे प्रदर्शन के बावजूद, बालाजी फिर कभी भारत के लिए नहीं खेले।

भारतीय टीम में बालाजी की अनुपस्थिति से तमिलनाडु को बहुत फायदा हुआ। उन्होंने उन्हें रणजी टीम का कप्तान बनाया और वह कई सालों तक टीम का मुख्य आधार बने रहे। उन्होंने तमिलनाडु प्रीमियर लीग के पहले संस्करण में भी भाग लिया, जहां उन्होंने दिनेश कार्तिक और अभिनव मुकुंद के साथ एक युवा टीम का नेतृत्व करते हुए खिताब जीता। बालाजी ने घोषणा की कि टीएनपीएल फाइनल उनके करियर का आखिरी मैच होगा। निस्संदेह वह तमिलनाडु से आये सबसे बेहतरीन तेज़ गेंदबाज़ थे।

लक्ष्मीपति बालाजी से जुड़ी अन्य खबरें:

चेन्नई सुपरकिंग्स ने आई पी एल 2018 के लिए लक्ष्मीपति बालाजी को गेंदबाज़ी कोच नियुक्त किया

Summary
Review Date
Reviewed Item
Laxmipathy Balaji Records | India | CricketinHindi.com
Author Rating
51star1star1star1star1star

Leave a Response

share on: