नयन मोंगिया – भारत – रिकॉर्ड

Nayan Mongia Records in Hindi

पूरा नाम – नयन रामलाल मोंगिया

जन्म – 19 दिसंबर, 1969, बड़ौदा, गुजरात

प्रमुख टीमें – भारत, बड़ौदा

बल्लेबाज़ी शैली – दाएं हाथ के बल्लेबाज़

क्षेत्ररक्षण की स्थिति – विकेटकीपर

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct St
Tests 44 1442 152 24.03 38.53 1 6 159 5 99 8
ODIs 140 1272 69 20.19 68.9 0 2 95 8 110 44
First-class 158 7736 181 38.48 12 45 353 43
List A 213 2755 106 26.23 1 9 173 64

90 के दशक के शुरूआती भाग में नयन मोंगिया भारत के सबसे सक्षम विकेटकीपरों में से एक थे | उनकी प्रशस्त कीपिंग, और निपुण बल्लेबाज़ी की जोड़ी ने भारत का अच्छा साथ दिया और सय्यद किरमानी और किरण मोरे के बाद वे केवल तीसरे ऐसे भारतीय कीपर थे जिन्होंने 100 कैच लेने और 1000 रन बनाने की जोड़ी हासिल की हो|



इंग्लैंड में अपने पहले दौरे पर उन्होंने मोरे के उपकर्मी होने की भूमिका निभाई | हालाँकि वे इंग्लैंड के कीपर एलेन नॉट को प्रभावित करने में कामयाब रहे, जिन्होंने यह माना कि मोंगिया एक स्वाभाविक कीपर है | मोरे के प्रस्थान के बाद, मोंगिया 90 के दशक में भारत के लिए पूरे समय के कीपर बन गए |

उनकी फुर्ती और सजगता, और साथ-ही उनकी निपुण बल्लेबाज़ी, ने उन्हें टीम के लिए एक बहुमूल्य संपत्ति बना दिया | एकदिवसीय प्रारूप में, कभी उन्हें बीच के ओवरों में पिंच-हिटर के रूप में तो कभी सलामी बल्लेबाज़ के रूप में उतारा जाता था | वे तेज़-तर्रार पारियां तो खेल जाया करते थे लेकिन अपने करियर के अंतिम समय में अनियमित होने लगे थे | उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 1996 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध दिल्ली टेस्ट के दौरान आयी थी |

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पारी की शुरुआत करने भेजे गए मोंगिया, ग्लेंन मैक्ग्राथ और पॉल राइफल की घातक गेंदबाज़ी में भी अपना विकेट बचाते हुए आठ घंटों तक क्रीज़ पर टिके रहे थे और 152 रनों की एक बेमिसाल पारी खेली थी | उस समय ये किसी भी भारतीय विकेट-कीपर द्वारा टेस्ट क्रिकेट में बनाया गया उच्चतम स्कोर था | क्रीज़ पर आठ घंटे टिके रहकर, मोंगिया ने असाधारण अनुशासन और धैर्य का नज़ारा पेश किया था |

भारत के स्पिन गेंदबाज़ों के साथ उनका बहुत अच्छा ताल-मेल था | अनिल कुंबले, हरभजन सिंह और काफी सारे भारतीय स्पिनरों को भारत के घूमते पिचों पर मोंगिया की शानदार कीपिंग से काफी मदद मिलती थी | हालाँकि, मैदान के बाहर उनकी समस्याओं ने उनका पीछा नहीं छोड़ा |

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एक बार 1994 में कानपुर में वेस्ट इंडीज के विरुद्ध उन पर धीमी बल्लेबाज़ी करने का आरोप लगाया गया था | जब टीम को 54 गेंदों पर 63 रनों की आवश्यकता थी, मोंगिया जो कि उस समय मनोज प्रभाकर के साथ क्रीज़ पर मौजूद थे, रेंगते हुए आगे बढ़े थे और वेस्ट इंडीज को 46 रनों से जीत दिला दी थी | मोंगिया ने केवल 4 रन बनाने के लिए 21 गेंदों को ज़ाया किया था वहीं दूसरी ओर प्रभाकर ने बड़ी धीमी गति से अपना शतक बनाया था | उनके नाम का उल्लेख मैच-फिक्सिंग को लेकर हुई छानबीन में भी हुआ था और 2001 में उन्हें टीम से बाहर निकाल दिया गया था |

मोंगिया फिर कभी अपनी फॉर्म वापस हासिल नहीं कर पाए और 2004 में बड़ौदा की टीम से निकाले जाने के पश्चात उसी साल उन्होंने अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी | उन्होंने थाईलैंड की क्रिकेट टीम के कोच के रूप में काम किया और वर्तमान में एक क्रिकेट विशेषज्ञ है | ये बहुत ही दुःख की बात है कि मोंगिया अपने क्रिकेट करियर में और बड़े मुकाम हासिल नहीं कर पाए |

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Nayan Mongia Records | India | CricketinHindi.com
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