विजय हज़ारे – भारत – रिकॉर्ड

Vijay Hazare Records in Hindi

पूरा नाम – विजय सैमुअल हजारे

जन्म – 11 मार्च, 1915, सांगली, महाराष्ट्र

मृत्यु – 18 दिसंबर, 2004 बड़ौदा (89 वर्ष 282 दिन की आयु)

प्रमुख टीमें – भारत, बड़ौदा, मध्य भारत, महाराष्ट्र

बल्लेबाज़ी शैली – दाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – दाएं हाथ के मध्यम

टेस्ट पदार्पण – 22 जून 1946 बनाम इंग्लैंड
अंतिम टेस्ट – 28 मार्च 1953 बनाम वेस्टइंडीज

विजय हज़ारे के बल्लेबाज़ी और क्षेत्ररक्षण कीर्तिमान:

Mat Inns NO Runs HS Ave 100 50 6s Ct St
Tests 30 52 6 2192 164* 47.65 7 9 1 11 0
First-class 238 367 46 18740 316* 58.38 60 73 166 0

विजय हज़ारे के गेंदबाज़ी कीर्तिमान:

Mat Inns Balls Runs Wkts BBI BBM Ave Econ SR 4w 5w 10
Tests 30 43 2840 1220 20 4/29 4/29 61.00 2.57 142.0 1 0 0
First-class 238 38447 14645 595 8/90 24.61 2.28 64.6 27 3

विजय हज़ारे, वह खिलाड़ी जिसने भारत को अपने पहले टेस्ट मैच में जीत दिलायी, ने अपने टीम के साथी एवम प्रतियोगी विजय मर्चेंट के साथ भारत के लिए 30 टेस्ट मैच खेले। भारतीय टीम के शुरुआती सालों में बॉम्बे स्कूल ऑफ बैट्समैनशिप को इसका एक अभिन्न अंग बनाने का योगदान भी हज़ारे को ही जाता है।

उनके कैरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1947-48 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आया जहाँ पर इन्होंने डॉन ब्रैडमैन की ‘अपराजेय’ ऑस्ट्रेलिया की टीम के खिलाफ एडिलेड में अपनी पारी की दोनों पारियों में शतक जड़ा। 2014 तक वह एकमात्र भारतीय बल्लेबाज थे जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया में दो लगातार पारियों में शतक जड़ा था। दिसंबर 2014 में विराट कोहली ने उस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली और उन्होंने ने भी उसी ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार दो पारियों में 115 और 141 रन बनाए।

विजय मर्चेंट – भारत – रिकॉर्ड

हज़ारे का 30 टेस्ट मैचों में औसत 47.65 का था। फिर भी उन्हें आज उनके औसत से ज्यादा टीम को हमेशा ही विपरीत परिस्थितियों से निकालने के लिए याद किया जाता है। अपने कैरियर के 30 टेस्ट मैचों में से उन्होंने 14 मैचों में भारत के लिए कप्तानी भी की। कप्तान बनने के बाद अपने पहले ही मैच में उन्होंने अपनी टीम को एक बार फ़िर से संकट से बाहर निकाला जहाँ पर फ्रेड ट्रूमैन ने भारतीय टीम की दूसरी इनिंग में बिना रन दिए 4 विकेट गिरा दिए थे उसी इनिंग में हज़ारे जिन्होंने पहली इनिंग में भी 89 रन बनाए थे एक बार फिर से 56 रन की पारी खेल कर भारत की हार को टाल दिया।

द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच बहुत कम खेला जाने लगा लेकिन भारत का घरेलू क्रिकेट कभी नहीं रुका। हज़ारे औऱ मर्चेंट ने मुम्बई में रनों का ऐसा स्तम्भ खड़ा किया कि उन्हें देखने 20-30 हज़ार की संख्या में दर्शक ब्रबॉर्न स्टेडियम पहुँच जाते थे।

सन 1943 में हज़ारे अपने कैरियर के शिखर पर थे। उसी साल उन्होंने 264, 81, 97, 248, 59, 309, 101 औऱ 223 जैसे विशाल रनों की पारी खेली। उसी समय उनकी प्रतिद्वंद्विता मर्चेंट से भी थी जहाँ मर्चेंट ने अपने कैरियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 248 बनाया वहीं पर हज़ारे ने उनके रिकॉर्ड को तोड़ते हए तिहरा शतक लगते हुए 309 रन का स्कोर अपने नाम किया।

वीनू मांकड़ – भारत – रिकॉर्ड

हज़ारे ने 51 वर्ष की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से सन्यास लिया उस समय तक हज़ारे 58.38 के औसत से 18740 बना चुके थे जिसमे 60 शतक एवम 73 अर्धशतक शामिल थे। बल्लेबाजी के साथ साथ हज़ारे ने गेंदबाजी मे भी अच्छा प्रदर्शन किया। उनकी माध्यम तेज़ गति की लेग कटर ने डॉन ब्रैडमैन जैसे महान बल्लेबाजों को भी परेशानी में डाला। हज़ारे ने अपने कैरियर में डॉन ब्रैडमैन को 2 बार आउट भी किया है। उन्होंने 24.61 की औसत से 595 प्रथम श्रेणी विकेट प्राप्त किये हैं।

1951-52 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में इन्होंनेें भारत को पहली जीत दिलायी लेकिन यह उनकी कप्तानी में जीता गया एकमात्र मैच था। हज़ारे एक शर्मीले किस्म के खिलाड़ी थे जिन्हें कप्तानी रास नही आयी। ऐसा भी कहा जाता है कि कप्तानी के बोझ के कारण इनकी बल्लेबाज़ी भी प्रभावित होने लगी थी।

उनके प्रतिद्वंद्वी मर्चेंट का ऐसा मानना था कि अगर हज़ारे के ऊपर कप्तानी का बोझ नहीं डाला गया होता तो वह भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बन सकते थे। मर्चेंट ने उनके कप्तानी के समय को क्रिकेट का एक दुखद समय बताया है।

पोली उमरीगर – भारत – रिकॉर्ड

हज़ारे की कुछ महान उपलब्धियां-

-लगतार 3 टेस्ट मैचों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज
-प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज
– 2 दोहरे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज
-50 प्रथम श्रेणी शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज
-प्रथम श्रेणी क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए सबसे अधिक रनों की साझेदारी। उन्होंने 1947 के रणजी फाइनल में गुल मोहम्मद के साथ मिल कर बरोदा के लिये 577 रन जोड़े। यह रिकॉर्ड 2006 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ संगाकारा और जयवर्धने ने 624 रनों की साझेदारी कर के तोड़ दी।
– टेस्ट मैच में 1000 रन बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज
– हज़ारे और जासु पटेल पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने।

सन्यास के बाद हज़ारे कुछ समय तक भारतीय क्रिकेट चयनकर्ता भी रहे। भारतीय घरेलू सीमित ओवर टूर्नामेंट भी इन्ही के नाम पर रखा गया है। लंबे समय तक आँत के कैंसर से पीड़ित रहने के बाद 2004 में 89 वर्ष की उम्र में इनकी मृत्यु हो गयी।

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