मिसबाह-उल-हक़ – पाकिस्तान – रिकॉर्ड

Misbah-Ul-haq Records in Hindi

पूरा नाम – मिस्बाह-उल-हक खान नियाज़ी

जन्म – 28 मई, 1974, मियांवाली, पंजाब

प्रमुख टीमें – पाकिस्तान, फैसलाबाद फॉक्स, इस्लामाबाद यूनाइटेड, खान रिसर्च लैब्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, सरगोधा, सेंट लूसिया ज़ौक्स

भूमिका – मध्यक्रम के बल्लेबाज

बल्लेबाजी की शैली – राइट-हैंड बैट

गेंदबाजी की शैली – लेग-ब्रेक

टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण (कैप 166) – 8 मार्च 2001 बनाम न्यूजीलैंड

वनडे कैरियर की शुरुआत (कैप 142) – 27 अप्रैल 2002 बनाम न्यूजीलैंड
अंतिम वनडे – 20 मार्च, 2015 बनाम ऑस्ट्रेलिया
वनडे शर्ट नंबर 22

टी 20 कैरियर की शुरुआत (कैप 17) – 2 सितंबर 2007 बनाम बांग्लादेश
अंतिम टी20 – 27 फरवरी 2012 बनाम इंग्लैंड

बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का औसत														 	मॅच 	पारी	नाबाद	रन	सर्वाधिक स्कोर	औसत	गेंद खेलीं	स्ट्राइक रेट	शतक	अर्धशतक	चौके	छ्क्के	कॅच	स्टमपिंग टेस्ट	72	126	18	4951	161*	45.84	11129	44.48	10	36	491	73	49	0 एकदिवसीय	162	149	31	5122	96*	43.4	6945	73.75	0	42	342	83	66	0 टी२०	39	34	13	788	87*	37.52	715	110.2	0	3	45	26	14	0 प्रथम श्रेणी	227	374	43	16368	284	49.45			43	94			197	0 लिस्ट ए	283	260	54	9811	129*	47.62			11	70			123	0 ट्वेंटी२०	145	128	33	3200	107*	33.68	2706	118.25	1	12	207	131	61	0
Misbah-Ul-Haq-Batting-and-Fielding-Records-in-Hindi
गेंदबाज़ी औसत													 	मॅच 	पारी	गेंदें	रन	विकेट	बेस्ट/पारी	बेस्ट/मॅच	औसत	रन प्रति ओवर	स्ट्राइक रेट	4 विकेट	5 विकेट	10 विकेट टेस्ट	72	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	- एकदिवसीय	162	1	24	30	0	-	-	-	7.5	-	0	0	0 टी२०	39	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	- प्रथम श्रेणी	227		324	246	3	1/2		82	4.55	108		0	0 लिस्ट ए	283		144	179	1	1/10	1/10	179	7.45	144	0	0	0 ट्वेंटी२०	145	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-
Misbah-Ul-Haq-Bowling-Records-in-Hindi

मिसबाह-उल-हक़ के व्यक्तित्व का सबसे उल्लेखनीय पहलू उनका स्थिर स्वभाव है, जो उनकी बल्लेबाज़ी और कप्तानी में साफ झलकता है. 2011 में मिसबाह ने अपनी बल्लेबाज़ी में कमाल की निरंतरता दिखाते हुए प्रदर्शन किया और 2010 में जब पाकिस्तान इंग्लैंड में स्पॉट फिक्सिंग के कलंक से लिप्त था तब उनकी कप्तानी ने पाकिस्तान क्रिकेट को उभारने में अहम भूमिका निभाई. स्पॉट फिक्सिंग की बदनामी के तुरंत बाद 36 वर्षीय मिसबाह ने कप्तानी संभाली और उनका शांत स्वभाव पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक बूटी की तरह साबित हुआ.

एक बल्लेबाज़ के तौर पर मिसबाह घंटों तक क्रीज़ पर रक्षात्मक बल्लेबाज़ी कर समय गुज़र सकते हैं, और वहीं आक्रामक शॉट खेलकर कर गेंदबाज़ों की लय खराब भी कर सकते हैं. अपनी मज़बूत रक्षात्मक तकनीक की वजह से टेस्ट क्रिकेट में लंबी पारियाँ खेल कर मिसबाह ख़ासे कामयाब रहे हैं. अपनी पहली टेस्ट पारी में 2001 में भी मिसबाह ने धैर्य दर्शाते हुए औक्लैण्ड की ख़तरनाक पिच पर दो घंटे तक बल्लेबाज़ी कर 28 रन बनाए थे. इसके बाद वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खराब प्रदर्शन की वजह से कई सालों तक टीम से बाहर रहे. 2003 से 2007 के बीच चार सालों में मिसबाह ने एक भी टेस्ट मैच नही खेला और गिने चुने एकदिवसीय मुकाबलों में ही शिरकत की.

लेकिन घरेलू क्रिकेट में रनों की बहार, उसके बाद इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट और इंज़माम के क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद जुलाइ 2007 में मिसबाह को पाकिस्तान बोर्ड ने केंद्रीय करार दिया. इसके एक महीने बाद, एक चौंका देने वाले फ़ैसले में दक्षिण अफ्रीका में होने वाली टी२० चॅंपियन्षिप के लिए मिसबाह को मोहम्मद युसुफ के उपर तर्ज दी गई. उन्होने चयनकर्ताओं के फ़ैसले को सही साबित करते हुए टूर्नामेंट में पाकिस्तान के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाए और फाइनल में लगभग जीत भी दिला ही दी थी. इसी साल के अंत में भारत दौरे पर अपना शानदार फॉर्म कायम रखते हुए मिसबाह ने दो शतक बनाए, और दोनों पारियों में 400 मिनट से ज़्यादा क्रीज़ पर बिताए.

लेकिन 2011 का साल वो था जिसमें मिसबाह ने खुद को भीड़ से अलग करते हुए अपनी प्रतिभा के असली दर्शन कराए और एक विश्वस्तरीय बल्लेबाज़ और समूह के नेता के रूप में स्थापित हुए. 2012 में उन्हीं की कप्तानी में पाकिस्तान ने अपनी सबसे बड़ी टेस्ट जीत – उस समय की विश्व नंबर 1 टीम इंग्लैंड को उसी के घर में 3-0 से मात – हासिल की. मिसबाह के पास मॅनेज्मेंट में डिग्री है और शायद उनकी लोगों को मॅनेज करने की आदत ही है जिसकी वजह से वे पाकिस्तान जैसी अप्रत्याशित टीम की इतनी सफलता से कप्तानी कर पाए.

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