मोहम्मद समी – पाकिस्तान – रिकॉर्ड

Mohammad Sami Records in Hindi

पूरा नाम – मोहम्मद सामी

जन्म – 24 फरवरी, 1981, कराची, सिंध

प्रमुख टीमें – पाकिस्तान, आईसीएल पाकिस्तान एकादश इस्लामाबाद यूनाइटेड, कराची, लाहौर में उदास, कराची डाल्फिन, कराची प्रस्तुतकर्ताओं, केंट, लाहौर बादशाह, पाकिस्तान की नेशनल बैंक, पाकिस्तान के सीमा शुल्क, ससेक्स

भूमिका – गेंदबाज

बल्लेबाजी की शैली – राइट-हैंड बैट

गेंदबाजी की शैली – राइट-आर्म तेज

टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण (कैप 167) – 8 मार्च 2001 बनाम न्यूजीलैंड
अंतिम टेस्ट – 8 जुलाई 2012 बनाम श्रीलंका

वनडे कैरियर की शुरुआत (कैप 137) – 8 अप्रैल 2001 के बनाम श्रीलंका
अंतिम वनडे – 29 मई, 2015 बनाम जिम्बाब्वे

बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का औसत														 	मॅच 	पारी	नाबाद	रन	सर्वाधिक स्कोर	औसत	गेंद खेलीं	स्ट्राइक रेट	शतक	अर्धशतक	चौके	छ्क्के	कॅच	स्टमपिंग टेस्ट	36	56	14	487	49	11.59	1582	30.78	0	0	53	4	7	0 एकदिवसीय	87	46	19	314	46	11.62	490	64.08	0	0	16	10	19	0 टी२०	13	4	3	21	8	21	30	70	0	0	2	0	3	0 प्रथम श्रेणी	169	236	47	3333	77	17.63			0	6			98	0 लिस्ट ए	177	106	29	1016	55*	13.19			0	1			39	0 ट्वेंटी२०	119	61	22	447	38	11.46	344	129.94	0	0	28	22	41	0
Mohammad-Sami-Batting-and-Fielding-records-in-Hindi
गेंदबाज़ी औसत													 	मॅच 	पारी	गेंदें	रन	विकेट	बेस्ट/पारी	बेस्ट/मॅच	औसत	रन प्रति ओवर	स्ट्राइक रेट	4 विकेट	5 विकेट	10 विकेट टेस्ट	36	66	7499	4483	85	5/36	8/106	52.74	3.58	88.2	3	2	0 एकदिवसीय	87	85	4284	3567	121	5/10	5/10	29.47	4.99	35.4	3	1	0 टी२०	13	13	276	387	21	3/16	3/16	18.42	8.41	13.1	0	0	0 प्रथम श्रेणी	169		29007	16000	569	8/39		28.11	3.3	50.9		29	4 लिस्ट ए	177		8620	7118	248	6/20	6/20	28.7	4.95	34.7	6	4	0 ट्वेंटी२०	119	119	2628	3016	126	5/7	5/7	23.93	6.88	20.8	0	2	0
Mohammad-Sami-Bowling-records-in-Hindi

पाकिस्तान के आज के युग के तेज़ गेंदबाज़ ,मोहम्मद सामी ने अपने विशिष्ट घरेलू प्रदर्शन से टेस्ट टीम में प्रवेश किया ।इसका असर उनके टेस्ट प्रदर्शन पर दिखा,जब उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच विकेट लिए । एशियन टेस्ट चैंपियनशिप में श्रीलंका के खिलाफ, उनके तीसरे टेस्ट में उन्होंने आखिरी तीन बल्लेबाज़ो के विकेट लेकर हैट-ट्रिक बनाई ,उन्होंने ओडीआई में भी हैट-ट्रिक बनाई है । उनके शुरुआत के सालों और प्रधानतः 2003 के वर्ल्डकप के बाद उनके प्रदर्शन निराशाजनक रहे। जब कि वक़ार और वसीम के अवकाशग्रहण के बाद वो पाकिस्तान का नेतृत्व कर सकते थे।

श्रंखला दर श्रंखला वे निराश करते रहे,जैसे-जैसे होनहार तेज़ गेंदबाज़ों की कतार उनके आगे आती रही,जिनमें राना नावेद-उल-हसन , उमर गुल, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमीर शामिल थे | सामी आश्चर्यजनक रूप से बेअसर थे और वे बहुत रन दे दिया करते थे । 2006 की भारत की श्रंखला के बाद उनका प्रदर्शन इतना खराब था कि उन्हें श्रीलंका के दौरे से निकाल दिया गया । भाग्य से उन्हें गर्मी में इंग्लैंड दौरे में जगह मिली क्योंकि पाकिस्तान के प्रमुख गेंदबाज़ चोटिल थे।

कोई पूरी तरह से बता नहीं सकता कि तकलीफ कहां थी। उन्हें आक्रमणकारी गेंदबाज़ रहने को कहा गया, वह पहले बदलाव थे,वह तंदुरुस्त हैं और अपनी टीम के सबसे स्वस्थ खिलाड़ी हैं और वे पुष्ट भी हैं। छोटी सी दौड़ और विशाल क्रिया से तेज़ गति की बाॅल डाल लेते हैं। पचासी की गति से बाॅल डालते हैं और कभी-कभी नब्बे की गति से। उन्होंने जल्द ही आऊट स्विंग और मिड स्विंग पर भी स्वामित्व हासिल कर लिया था और वे मध्य यॉर्कर गेंद फेंकते हैं।

सामी अनौपचारिक भारतीय क्रिकेट लीग में सम्मिलित होकर पाकिस्तान के साथ अपने भविष्य को ख़तरे में ले आए थे । वे पाकिस्तान के घरेलू मैचों में आईसीएल से संबंध टूटने के बाद फिर बुलाए गए । 2009 में उन्हें क्या पता कैसे ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए पाकिस्तान टीम में सम्मिलित कर लिया गया ।

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