सईद अनवर – पाकिस्तान – रिकॉर्ड

Saeed Anwar Records

पूरा नाम – सईद अनवर

जन्म – 6 सितंबर, 1968, कराची, सिंध

प्रमुख टीमें – पाकिस्तान, कृषि विकास बैंक ऑफ पाकिस्तान, कराची, लाहौर, संयुक्त बैंक लिमिटेड

बल्लेबाजी शैली – बाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – धीमी बाएं हाथ से रूढ़िवादी

टेस्ट कैपदार्पण (कैप 120) – 23 नवंबर 1990 बनाम वेस्ट इंडीज
अंतिम टेस्ट – 31 अगस्त 2001 बनाम बांग्लादेश

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 68) – 1 जनवरी 1989 बनाम वेस्टइंडीज
अंतिम एकदिवसीय – 4 मार्च 2003 बनाम ज़िम्बाब्वे

बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का औसत													 	मॅच 	पारी	नाबाद	रन	सर्वाधिक स्कोर	औसत	गेंद खेलीं	स्ट्राइक रेट	शतक	अर्धशतक	छ्क्के	कॅच	स्टमपिंग टेस्ट	55	91	2	4052	188*	45.52	7265	55.77	11	25	14	18	0 एकदिवसीय	247	244	19	8824	194	39.21	10938	80.67	20	43	97	42	0 प्रथम श्रेणी	146	232	7	10169	221	45.19			30	51		65	0 लिस्ट ए	325	319	23	11223	194	37.91			26	54		64	0
Saeed-Anwar-Batting-and-Fielding-Records-in-Hindi
गेंदबाज़ी औसत													 	मॅच 	पारी	गेंदें	रन	विकेट	बेस्ट/पारी	बेस्ट/मॅच	औसत	रन प्रति ओवर	स्ट्राइक रेट	4 विकेट	5 विकेट	10 विकेट टेस्ट	55	4	48	23	0	-	-	-	2.87	-	0	0	0 एकदिवसीय	247	13	242	191	6	2/9	2/9	31.83	4.73	40.3	0	0	0 प्रथम श्रेणी	146		653	412	9	3/83		45.77	3.78	72.5		0	0 लिस्ट ए	325		858	645	31	4/39	4/39	20.8	4.51	27.6	1	0	0
Saeed-Anwar-Bowling-Records-in-Hindi

एक शानदार बाएं हाथ के बल्लेबाज, अनवर खेल के एकदिवसीय प्रारूप के सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाजो में से एक थे। 1968 में कराची, पाकिस्तान में जन्मे, अनवर ने एनईडी विश्वविद्यालय, कराची से 1989 में अपनी इंजीनियरिंग पूरी की, लेकिन उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी करने से पहले ही प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। पाकिस्तान की टीम के लिए चुने जाने से पहले उन्होंने कृषि विकास बैंक ऑफ पाकिस्तान और यूनाइटेड बैंक लिमिटेड जैसे घरेलू पक्षों का प्रतिनिधित्व किया हुआ था।

एक धमाकेदार बाएं हाथ के बल्लेबाज, अनवर को एकदिवसीय मुकाबलों में तत्काल सफलता मिली। जब भी वह बल्लेबाजी करने आए, शानदार टाइमिंग और ख़ाली स्थान भेदने की उनकी क्षमता, उनकी विशेषता रही| अधिकांश आधुनिक सलामी बल्लेबाजों की तरह, न्यूनतम फुटवर्क एक ऐसी चीज थी जिसने उन्हें कभी भी परेशान नहीं किया क्योंकि उनका हाथ और आंखों का समन्वय उत्क्रिष्ठ था। उन्होंने अधिकांश रन कवर और पॉइंट के बीच के क्षेत्र में बनाए क्योंकि ऑफ स्टंप के बाहर न्यूनतम जगह के बावजूद उनमें मैदान के भीतर जगह खोजने की विलक्षण प्रतिभा थी। ऐसे कई उदाहरण हैं जहां उन्होंने विरोधी कप्तान के द्वारा मैदान के उस हिस्से को खिलाड़ियों से भर देने के बावजूद गेंदबाजों को परेशान किया, खासकर चेन्नई में भारत के खिलाफ 194 रनों की कीर्तिमान तोड़ने वाली पारी में। लेकिन इस ताकत का भी टेस्ट में अच्छे गेंदबाजों द्वारा फ़ायदा उठाया गया, जहां वह नियमित रूप से गली पर लपके जाने लगे जब भी वह स्टंप से बाहर जाती गेंदों से छेड़छाड़ करते थे। अपनी रन-स्कोरिंग(247 एकदिवसीय मैचों में 8824 रन)के कारण आलोचकों की नजरो से उन्होंने एक और बड़ी खामी को दूर किया हुआ था, जो उनका क्षेत्ररक्षण था। लेकिन पाकिस्तान की टीम खुश थी कि उनके पास ऐसा सलामी बल्लेबाज है जिसने 39 के औसत से रन बनाये हैं और जिसकी एकदिवसीय क्रिकेट में 81 की स्ट्राइक दर है। अनवर ने अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर में 20 सैकड़े जड़े, जिसमें से 7 शारजाह क्रिकेट ग्राउंड पर आये थे, जो पूरे 90 के दशक में पाकिस्तान का पसंदीदा मैदान था। तुलनात्मक रूप से, उनका टेस्ट रिकार्ड थोड़ा औसत था क्योंकि 55 टेस्ट मैचों में 11 शतक के साथ उन्होंने 4052 रन बनाए थे।

अनवर ने लंबे समय तक बीमारी के बाद अपनी बेटी की मृत्यु के बाद क्रिकेट से कुछ समय के लिए छुट्टी ली। इस त्रासदी से वे पूरी तरह टूट गए और हालांकि उन्होंने बाद में वापसी की, लेकिन वह उनके अतीत की छाया मात्र थी। उन्होंने 2003 के विश्व कप में भारत के खिलाफ एक शतक भी जमाया, लेकिन उनकी शारीरिक भाषा से स्पष्ट रूप से संकेत मिलता था कि उनका सर्वश्रेष्ठ खेल खत्म हो चुका है। यह समझते हुए, उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू श्रृंखला से पहले 2003 में सन्यास की घोषणा की।

तथ्य:

1) अनवर बल्लेबाजों के एक ऐसे विशेष समूह के सदस्य है जिन्होंने एकदिवसीय मुकाबलों में 3 लगातार शतक जड़े हैं। उन्होंने 1993 में चैंपियंस ट्रॉफी में श्रीलंका, वेस्टइंडीज और श्रीलंका के खिलाफ शारजाह में लगातार शतक जड़कर यह उपलब्धि हासिल की।

2) चेन्नई में भारत के खिलाफ 21 मई, 1997 को, अनवर ने शाहिद अफरीदी की सहायता से 194 रन बनाए, जो उनके लिए दौड़ रहे थे और इस प्रक्रिया में उन्होंने गैरी कर्स्टन के एकदिवसीय में अधिकतम व्यक्तिगत स्कोर 188 को पार किया। उनका यह कीर्तिमान 12 साल तक कायम रहा और तब टूटा जब चार्ल्स कावेन्ट्री ने बांग्लादेश के खिलाफ 2009 में नाबाद 194 रन बनाए| हाल ही में सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग दोनों ने उस स्कोर को पार किया और एकदिवसीय क्रिकेट दोहरा शतक भी जमाया।

3) उन्हें 1997 में विस्डेन क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार दिया गया था।

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