हंसी क्रोनिए – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड

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पूरा नाम – वेसेल जोहान्स क्रोनिए

जन्म – 25 सितंबर, 1969, ब्लूमफ़ोन्टेन, ऑरेंज फ्री स्टेट

जन्म – 1 जून, 2002 क्रैकॉक पीक, पश्चिमी केप, दक्षिण अफ्रीका

प्रमुख टीमें – आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, फ्री स्टेट, लीसेस्टरशायर

बल्लेबाज़ी शैली – दाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – दाएं हाथ के मध्यम

अंतिम टेस्ट – 2 मार्च 2000 बनाम भारत

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 15) – 26 फरवरी 1992 बनाम ऑस्ट्रेलिया
अंतिम एकदिवसीय – 31 मार्च 2000 बनाम पाकिस्तान

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct
Tests 68 3714 135 36.41 44.63 6 23 409 33 33
ODIs 188 5565 112 38.64 76.47 2 39 366 94 73
First-class 184 12103 251 43.69 32 57 121
List A 304 9862 158 42.32 9 69 105
Bowling averages
Mat Wkts BBI BBM Ave Econ SR 4w 5w 10
Tests 68 43 3/14 5/34 29.95 2.03 88.3 0 0 0
ODIs 188 114 5/32 5/32 34.78 4.44 46.9 1 1 0
First-class 184 116 4/47 34.43 2.42 85.3 0 0
List A 304 170 5/32 5/32 33.5 4.46 45 1 1 0

यदि विलियम शेक्सपियर ने क्रिकेट पर एक दुखद कहानी लिखी होती, तो हैंसी क्रोनिए उसके मुख्य किरदार में पूरी तरह फिट बैठते। क्रिकेट की दुनिया तब चकित और निराशा से दंग रह गई थी, जब भविष्य के सुपरस्टार और उनके चहेते नायक ने यह स्वीकार कर लिया कि वह उस मैच फिक्सिंग माफिया का हिस्सा थे जो इस खेल को अपने अस्तित्व से उखाड़ फेंकने की जुगत में लगा था। हैंसी केवल दक्षिण अफ्रीकी टीम के कप्तान ही नहीं थे, वह एक प्राकृतिक लीडर थे, एक ऐसा आदमी जो अपने देश को अधिक अधिक सम्मान दिलाने के लिए सभी को प्रेरित कर सकता था। वह एक महान कैरियर को अपूर्ण छोड़ गए और पूरे क्रिकेट समुदाय को इस वाकये ने शर्मिंदा किया। क्रोनिए सिर्फ एक खिलाड़ी ही नहीं थे; वह इस खेल के लिए एक राजदूत थे।

लांस क्लूज़नर – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड

क्रोनिए ने रिकॉर्ड 53 टेस्ट मैचों और 138 वनडे मैचों में दक्षिण अफ्रीका का नेतृत्व किया। 1992 के विश्वकप में पदार्पण करने वाले क्रोनिए एक ऐसे ऑल राउंडर थे, जिसे एक कप्तान आदर्श रूप में पसंद करता था। 1992 विश्वकप में उनकी पहली उपस्थिति ने मध्यम परिणाम ही उत्पन्न किए, लेकिन उनकी प्रतिभा पर किसी को संदेह नहीं था। दक्षिण अफ्रीका का दौरा करने आये भारतीयों को उनके असली कौशल का सामना करना पड़ा। उन्होंने ओडीआई मैच में गेंद के साथ 5/32 का एक शानदार आंकड़ा पेश किया और पोर्ट एलिजाबेथ में कैरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 135 रन भी बनाये। वह 0/1 के स्कोर पर मैदान में आये और अंत तक टिके रहे। एलन डोनाल्ड के कहर ढाने वाले प्रदर्शन की मदद से दक्षिण अफ्रीका अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज करने में कामयाब हुआ। इसके बाद 1993 में क्रोनिए ने 122 रन बनाए, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने श्रीलंका को एक पारी और 208 रनों से हरा दिया। यह रंगभेद के बाद विदेश में दक्षिण अफ्रीका की पहली टेस्ट जीत थी।

शॉन पोलक – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड

जैसे हालात में वह पले बढ़े थे, उनमें मजबूत मानसिक क्षमता वाले गुण आ चुके थे और कम उम्र में ही अपने कन्धों पर जिम्मेदारियाँ लेना उन्होंने सीख लिया था। उन्हें ऑरेंज फ्री स्टेट का कप्तान बहुत कम उम्र में ही बना दिया गया था और उन्हें घरेलू प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने के लिए काफी प्रसंशा भी मिली। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं की वजह से हैंसी हर वक़्त घरेलु टीम के साथ मौजूद नहीं रहते थे, लेकिन उनकी प्रेरणादायक कप्तानी पर कभी सवाल नहीं उठ सकते थे। 1994-95 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे के लिए क्रोनिए को केप्लर वेसल्स के उपकप्तान के रूप में नियुक्त किया गया था। वह 24 साल के थे, टीम में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी। सिडनी में अंतिम सुबह वेसल्स को चोट पहुंचने का मतलब था कि क्रोनिए ने प्रभार संभाला और 119 रनों का बचाव करते हुए शानदार जीत दर्ज करने के लिए अपनी सेना का नेतृत्व किया। एडिलेड वह स्थान था जहां क्रोनिए ने पूरे समय टीम का नेतृत्व किया पर वह उतना अच्छा नहीं रहा जब ऑस्ट्रेलिया ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। क्रोनिए ने 1994 की गर्मियों के दौरान इंग्लैंड में सीम और स्विंग के खिलाफ संघर्ष किया, लेकिन कप्तानी के बीज उनके अंदर पहले से बो दिए गए थे और 1994-95 में क्रोनिए को पूर्णकालिक कप्तान के रूप में नियुक्त किया गया।

हर्शल गिब्स – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड

मैदान पर एक प्रेरक उपस्थिति दर्ज कराने वाले क्रोनिए एक कुशल कप्तान थे, जो मुश्किल से ही अपनी भावनाओं को मैदान में दिखाते थे। उनकी कप्तानी में एक गजब की बात थी, जबकि खिलाड़ियों का समय पर समर्थन करने के गुण ने उन्हें दक्षिण अफ्रीका के घरेलू सर्किलों में सम्मानित व्यक्ति बनने का अवसर प्रदान किया। ग्रेग मैथ्यूज ऐसे कई खिलाड़ियों में से एक हैं, जो उच्चतम स्तर पर क्रिकेट खेलने में सक्षम होने के लिए क्रोनिए को याद करते हैं। एक संयोजित कप्तान क्रोनिए ने खेल के मैदान पर अपने क्रोध को शायद ही कभी दिखाया होगा, तब भी नहीं जब दक्षिण अफ्रीका 1999 के विश्वकप से बाहर हो गया। हालाँकि उन्होंने अपना आपा तब खो दिया जब ऑस्ट्रेलिया के दौरे के दौरान मार्क वॉ को अंपायर ने नॉट आउट करार दे दिया और उन्होंने अंपायर के कैबिन पर एक स्टंप फेंक दिया था। इस फैसले की वजह से वॉ ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट और श्रृंखला दोनों बचाने में कामयाब रहे। 1998 में केपटाउन टेस्ट में अंपायर डेव ऑर्चर्ड के खिलाफ एक करतूत की वजह से उनपर जुर्माना लगाया गया था जब उन्होंने ग्राहम थॉर्प के खिलाफ रन आउट के फैसले के लिए तीसरे अंपायर तक जाने के लिए फील्ड अंपायर को मजबूर कर दिया था। फैसला रद्द कर दिया गया और दक्षिण अफ्रीका टेस्ट और सीरीज दोनों जीतने में कामयाब हुआ।

क्रोनिए ने कोच बॉब वूल्मर के साथ एक घातक जोड़ी बनाई और दोनों ने टीम के लिए लगातार सफलताएँ हासिल की। क्रोनिए एकमात्र देश ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फतह हासिल नहीं कर पाए। उन्होंने हर दूसरे देश के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ जीती जिसमें 2000 में भारत के खिलाफ 2-0 से दर्ज की गयी जीत भी शामिल थी। हालाँकि इस जीत के बाद उन्हें मैच फिक्सिंग का दोषी पाया गया। क्रोनिए ने अपनी टीम को 53 टेस्ट मैचों में से 27 में जीत दर्ज करायी, जो दक्षिण अफ्रीका के कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा है और उनके नेतृत्व में टीम सिर्फ 11 मैचों में ही हारी। उन्होंने 99 ओडीआई मैचों में जीत दर्ज की और सफलता के मामले में मार्क टेलर और स्टीव वॉ तक को पीछे छोड़ दिया।

जोंटी रोड्स – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड

यह साल 2000 में भारत में श्रृंखला के दौरान हुआ जब धन के लालच ने क्रोनिए के करियर को तबाह कर दिया। भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन द्वारा संजीव चावला नाम के एक बुकी से उनकी मुलाकात तब करायी गयी जब टीम ने 1996 में भारत का दौरा किया था। पैसे की लत ने क्रोनिए की ईमानदारी को पीछे छोड़ दिया और उन्होंने पीटर स्टार्डम को उनका साथ देने के लिए प्रभावित करने की असफल कोशिश भी की और फिर अपने साथियों मार्क बाउचर , जैक्स कैलिस और लांस क्लुसनर को दूसरे टेस्ट में कमतर प्रदर्शन करने को भी कहा। तीनों ने इसे एक व्यावहारिक मजाक के रूप में ले लिया, जिसके लिए क्रोनिए को जाना जाता था। दक्षिण अफ्रीका की एकदिवसीय श्रृंखला में हालाँकि वह अपने लक्ष्य में सफल हो गए।

गिब्स, हेनरी विलियम्स, निकी बोए और पीटर स्टायराडो फिक्सिंग सिंडिकेट में उनके साथ तैयार हुए। क्रोनिए ने आरोपों को कबूल करते वक़्त इस बात से इनकार कर दिया कि उन्होंने कभी भी कोई मैच फिक्स किया है और बाद के परिणाम उनके सिद्धांत का समर्थन भी करते हैं। उन्हें केवल घोषणा के पूर्वानुमान, टीम के चयन और अन्य कारकों जैसे छोटे छोटे विवरणों के लिए भुगतान किया गया था। जब दिल्ली पुलिस ने मैच फिक्सिंग के आरोपों का पर्दाफाश करने का दावा किया और हैंसी क्रोनिए का इस गठजोड़ में शामिल होने का दावा किया तो कोई भी उन पर विश्वास करने को तैयार नहीं था। कुछ इस तरह का सम्मान लोगों के दिल में क्रोनिए के लिए था।

एलन डोनाल्ड – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड

दोषारोपण के तीन दिन बाद, क्रोनिए ने तत्कालीन बोर्ड के प्रमुख अली बाकर और बाकी दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया जब उन्होंने अपने अपराधों को स्वीकार कर लिया। मैच फिक्सिंग प्रकरण में शामिल तीनों देशों, भारत, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका ने अपने यहाँ आगे की जांच के लिए दलों की स्थापना की। क्रोनिए की जांच करने वाली किंग्स समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची कि वास्तव में पूरे मैच-फिक्सिंग विवाद के वही मुख्य दोषी थे।

ईसाई धर्म को मानने वाले क्रोनिए अपनी गवाही के दौरान टूट गए और कहा कि उन्होंने पैसे के लालच की वजह से ऐसा किया। उन्होंने कहा कि पैसे की लत भी शराब की लत की तरह ही है। उन्होंने खुद की गलती महसूस की और लोगों से क्षमा भी मांगी। “मैं शराब या निकोटीन का आदी नहीं हूँ, लेकिन मेरे दिल में पैसे के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण प्यार है” – अपना बयान पढ़ते वक़्त उनके ये प्रसिद्ध शब्द थे। उन्हें जीवन भर के लिए खेल से प्रतिबंधित कर दिया गया, जबकि उनके सहयोगियों गिब्स, विलियम्स और बोए को भी दंडित किया गया। क्रोनिए ने आजीवन प्रतिबंध के खिलाफ अपील की लेकिन प्रिटोरिया उच्च न्यायालय में उनकी अपील को खारिज कर दिया गया। ऐसा व्यक्ति जो कभी कोई गलती नहीं कर सकता था अब अपने ही देश में एक मुजरिम बन चुका था।

जब पूरा क्रिकेट समुदाय उनके भविष्य को लेकर चिंतित था, तब क्रोनिए ने परास्नातक पाठ्यक्रम में खुद को नामांकित कराया और जोहान्सबर्ग स्थित बेल इक्विपमेंट्स में वित्तीय प्रबंधक के रूप में काम करने लगे। वह जॉर्ज में अपने घर से अपने कार्यस्थल तक जा रहे थे। एक दिन, क्रोनिए अपने निर्धारित उड़ान के ख़राब होने के बाद एक हॉकर एचएस 748 टर्बोप्रॉप विमान पर सवार हो गए। विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और क्रोनिए की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गयी। राष्ट्र अपने पसंदीदा बेटों में से एक की मौत से शोक में आ गया था। मैच फिक्सिंग एपिसोड को भुला दिया गया था और वेसेल जोहान्स क्रोनिए की मौत पर हजारों लोग शोक मना रहे थे।

क्रोनिए के पूर्व टीम साथी, गैरी कर्स्टन, शॉन पोलॉक, हर्शेल गिब्स, क्रेग मैथ्यूज और एलन डोनाल्ड भी उस व्यक्ति के अंतिम संस्कार में उपस्थित थे जिन्होंने उन्हें और उनकी टीम को विश्व क्रिकेट में फिर से राज करने लायक बनाया और उनका नेतृत्व किया था। जैक्स कैलिस ने कहा कि हैंसी के लिए उनके दिल में एक विशेष स्थान था और आशा व्यक्त की कि हैंसी को हमेशा अच्छी और सही चीजों के लिए याद किया जाएगा। यह अभी भी ज्ञात नहीं है कि क्यों क्रोनिए का ईमान पैसों की वजह से डोल गया। मैच फिक्सिंग की गुत्थी अभी तक पूरी तरह से हल नहीं हुई है और खेल को अपनी पीठ से कलंक मिटाने का कारण अभी भी नहीं मिला है।

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