जे पी ड्यूमिनी – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड

जे पी ड्यूमिनी - दक्षिण अफ्रीका - रिकॉर्ड

पूरा नाम – जीन-पॉल ड्यूमिनी

जन्म – 14 अप्रैल 1984, स्ट्रैंडफ़ोन्टेन, केप टाउन, केप प्रांत

प्रमुख टीमें – दक्षिण अफ्रीका, केप कोबरास, डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयरडेविल्स, डेवन, मुंबई इंडियंस, दक्षिण अफ्रीका अंडर -19, सनराइजर्स हैदराबाद, सरे, पश्चिमी प्रांत, पश्चिमी प्रांत बोन्डेंड

भूमिका – ऑलराउंडर

बल्लेबाजी शैली – बाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – दाएं हाथ के ऑफब्रेक

टेस्ट पदार्पण (कैप 302) – 17 दिसंबर 2008 बनाम ऑस्ट्रेलिया

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 77) – 20 अगस्त 2004 बनाम श्रीलंका

टी 20 पदार्पण (कैप 30) – 15 सितम्बर 2007 बनाम वेस्टइंडीज

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct
Tests 46 2103 166 32.85 46.28 6 8 250 13 38
ODIs 184 4767 150* 36.95 83.16 4 25 316 65 76
T20Is 76 1822 96* 37.95 124.79 0 11 130 65 34
First-class 108 6774 260* 46.08 49.8 20 30 79
List A 255 6979 150* 38.34 82.74 5 46 98
T20s 229 5691 99* 37.68 122.94 0 39 409 191 90
Bowling averages
Mat Wkts BBI BBM Ave Econ SR 4w 5w 10
Tests 46 42 4/47 4/51 38.11 3.55 64.3 2 0 0
ODIs 184 65 4/16 4/16 44.47 5.35 49.8 1 0 0
T20Is 76 20 3/18 3/18 28.95 7.7 22.5 0 0 0
First-class 108 77 5/108 41.06 3.49 70.5 3 1 0
List A 255 88 4/16 4/16 42.32 5.18 49 1 0 0
T20s 229 71 4/17 4/17 29.56 7.59 23.3 3 0 0

फाफ डू प्लेसिस – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड



जेपी ड्यूमिनी ने वर्ष 2004 में अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट में अपना पदार्पण किया था, लेकिन 2008-09 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे के दौरान ही उनकी बल्लेबाज़ी करने की असाधारण क्षमता सबके सामने आई। 2008-09 की गर्मियों में दक्षिण अफ्रीका की टीम एक कठिन श्रृंखला में जीत हासिल करने की उम्मीदों के साथ ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी, परंतु उन्हें पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मुकाबले में चौथी पारी में 414 रन के विशाल स्कोर का सामना करना पड़ा। ऐश्वेल प्रिंस को चोट लगने का परिणाम यह हुआ कि ड्यूमिनी ने टेस्ट क्रिकेट में अपना पदार्पण किया और 50 रनों की नाबाद पारी खेलकर उन्होंने अपनी टीम को एक ऐतिहासिक जीत हासिल करने में सहायता की। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए अगले टेस्ट मुकाबले में ड्यूमिनी ने और भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 166 रनों की पारी खेलकर सबका दिल जीत लिया और पुछल्ले/निचले क्रम के बल्लेबाज़ों के साथ मिलकर मुकाबले में 184 रन के स्कोर पर 7 विकेट खोकर एक समय संघर्ष कर रही दक्षिण अफ्रीका की टीम को संकट से उबारा। दक्षिण अफ्रीका ने वह टेस्ट मुकाबला जीत लिया और संकटपूर्ण स्थिति में होने के बावजूद इन दोनों टेस्ट मुकाबलों को जीतकर वह श्रृंखला भी जीत ली। ड्यूमिनी ने इन दोनों टेस्ट मुकाबलों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और इस प्रकार उनका अंतरराष्ट्रीय करियर आरंभ हुआ।

अगर हम ड्यूमिनी के अब तक के करियर को देखें तो पता चलता है कि उन्होंने 17 वर्ष की आयु में वर्ष 2001 में केप कोबराज़ की टीम के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पदार्पण किया था। उस दशक के शुरुआती दौर में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजी क्रम की मजबूती का परिणाम यह हुआ कि अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित करने के लिए ड्यूमिनी को बहुत थोड़े अवसर मिले थे। उन्हें ऑस्ट्रेलिया में खेली जाने वाली टेस्ट और एकदिवसीय श्रृंखलाओं के लिए टीम में चुने जाने के रूप में बड़ा अवसर दिए जाने तक वह कुछ वर्षों तक एकदिवसीय टीम में अंदर-बाहर होते रहे।

ए बी डिविलियर्स – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड

टेस्ट मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने के बाद, उन्होंने एकदिवसीय और टी-20 मुकाबलों में भी भारी मात्रा में रन बनाना जारी रखा और इसी कारण से वह ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए भय का एक कारण बने रहे। वह इस दौरे के कारण क्रिकेट के खेल के सितारों में से एक के रूप में उभरकर सामने आए, और इस श्रृंखला का समय उनके लिए बहुत अनुकूल रहा था, क्योंकि आईपीएल के दूसरे संस्करण के लिए आयोजित की गई नीलामी के दौरान मुंबई इंडियंस ने उन्हें 9.5 लाख डॉलर की भारी-भरकम रकम देकर अपनी टीम में शामिल कर लिया था। कई कारकों ने उनके पक्ष में काम किया – शीर्ष स्थान वाले/ प्रसिद्ध खिलाड़ियों में से अधिकतर खिलाड़ियों को पिछले नीलामी में खरीदा जा चुका था, वह (ड्यूमिनी) एक उभरती हुई प्रतिभा थे, और हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था।



हालांकि, जैसे-जैसे समय बीता ड्यूमिनी के अच्छे खेलने की पहेली का हल भी निकाल लिया गया। वर्ष 2009 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर आई ऑस्ट्रेलियाई टीम के गेंदबाज़ों ने शॉर्ट गेंदों से उन्हें परेशान करने में सफलता प्राप्त की और इस प्रकार से उनकी कमज़ोरी का पता लगा लिया। ड्यूमिनी ने रन बनाने के लिए संघर्ष करना जारी रखा और 2009-10 में इंग्लैंड के विरुद्ध दक्षिण अफ्रीका में ही खेली गई घरेलू श्रृंखला में उनका प्रदर्शन कुछ अच्छा नहीं रहा, क्योंकि वह आठ पारियों में केवल एक अर्धशतक ही बना पाए थे।

डेविड मिलर – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड

वह खेल के छोटे प्रारूपों में अपने अच्छे प्रदर्शन में स्थिरता बनाए रखने में सफल रहे, चैंपियंस लीग टी-20 प्रतियोगिता के पहले संस्करण में वह 112 की औसत और 140 के स्ट्राइक रेट के साथ केप कोबराज़ की टीम के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने आईपीएल में भी अच्छे खेल का प्रदर्शन किया था और वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस की टीम की ओर से सर्वाधिक औसत से रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक थे, इस दौरान उनकी औसत सचिन तेंदुलकर और सनथ जयसूर्या से भी अधिक थी।

दुर्भाग्यवश, राष्ट्रीय टीम में वापसी करने के बाद ड्यूमिनी को दिसंबर 2012 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध ब्रिस्बेन में खेले गए पहले टेस्ट के पहले ही दिन चोट लग गई। उन्हें अपने बाएं पैर की एड़ी के स्नायुजाल में टूट-फूट/चोट का सामना करना पड़ा। वह उस मुकाबले में आगे नहीं खेल सके और छह महीने के लिए टीम से बाहर निकाल दिए गए। उस चोट के कारण, वह वर्ष 2013 के दौरान अधिकतर समय क्रिकेट नहीं खेल सके थे। चोट से स्वस्थ होकर वापसी करने के बाद, उन्होंने नीदरलैंड्स की टीम के विरुद्ध एक अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मुकाबले में नाबाद 150 रन बनाए, इस पारी ने इंग्लैंड में आयोजित की जाने वाली चैंपियंस ट्रॉफी प्रतियोगिता के लिए दक्षिण अफ्रीका की टीम में जगह बनाने में भी उनकी सहायता की। एकदिवसीय मुकाबलों की टीम में अपना स्थान सुनिश्चित करने के बाद ड्यूमिनी को टेस्ट मुकाबलों के लिए दक्षिण अफ्रीका की टीम में वापसी करने में अधिक समय नहीं लगा। उन्हें अक्टूबर 2013 में संयुक्त अरब अमीरात में पाकिस्तान के विरुद्ध खेली जाने वाली श्रृंखला के लिए टीम में चुना गया था और अपनी वापसी का जश्न उन्होंने वापसी मुकाबले में अर्धशतक लगाकर मनाया।

क्रिस मॉरिस – दक्षिण अफ्रीका – रिकॉर्ड

टेस्ट मुकाबलों में लगातार कम स्कोर बनाने के बाद ड्यूमिनी दबाव में थे, लेकिन उन्होंने पोर्ट एलिजाबेथ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 123 रनों की धैर्यपूर्ण पारी खेलकर अपने आलोचकों को निरुत्तर कर दिया। उन्होंने अपनी अच्छी लय के जारी रखा और वर्ष 2014 में आयोजित किए गए टी-20 विश्वकप की पांच पारियों में 187 रन बनाए। जब दक्षिण अफ्रीका की टीम ने वर्ष 2014 में जून-जुलाई के दौरान श्रीलंका का दौरा किया, तो उन्होंने गाले में खेले गए पहले टेस्ट मुकाबले में एक शतक बनाकर बल्ले से अपनी क्षमता का अच्छा परिचय दिया। हालांकि, उसके बाद से वह घुटने की चोट से जूझते रहे हैं, लेकिन ड्यूमिनी दक्षिण अफ्रीका की टीम के एक महत्वपूर्ण अंग बन गए है क्योंकि वह एक उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाज़ भी है। इसी कारण से चयनकर्ताओं ने 50 ओवरों वाले क्रिकेट विश्वकप के लिए दक्षिण अफ्रीका की टीम में उनका चयन किया था।



इन उम्मीदों के बावजूद, वर्ष 2015 के विश्वकप में ड्यूमिनी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। विश्वकप में उनकी एकमात्र महत्वपूर्ण पारी ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध दक्षिण अफ्रीका के पहले मुकाबले में आई थी। उन्होंने नाबाद 115 रनों की शानदार पारी खेली और डेविड मिलर के साथ 256 रनों की कीर्तिमान बनाने वाली साझेदारी की, जो विश्वकप में पांचवें विकेट के लिए की गई अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी थी।

उसके बाद के दौरों के दौरान उनके लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की लय में गिरावट आई। टेस्ट मुकाबलों की टीम से डीविलियर्स के अनुपस्थित रहने के कारण, ड्यूमिनी को वर्ष 2016 और वर्ष 2017 के दौरान लंबे समय के लिए बल्लेबाजी क्रम में चौथे स्थान पर बल्लेबाजी करने का अवसर मिला, लेकिन वह उस स्तर का प्रदर्शन नहीं कर सके जिसकी उनसे अपेक्षा की जा रही थी। कुछ शानदार प्रदर्शनों, जैसे पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध बनाए गए शतक और कुछ अन्य प्रदर्शन, को छोड़कर, वह टीम में अपना स्थान कायम रखने के लिए आवश्यक स्तर का प्रदर्शन नहीं कर रहे थे। एकदिवसीय क्रिकेट में भी उनके प्रदर्शन की स्थिति अलग नहीं थी अर्थात् ऐसी ही थी।

खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम में कायम रहने वाले ड्यूमिनी को 2017 के मध्य में इंग्लैंड में कुछ विफलताओं के कारण सिर्फ एक टेस्ट मुकाबले के बाद टीम से बाहर कर दिया गया। इसके फलस्वरूप उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी ताकि वह अपना ध्यान पूरी तरह से क्रिकेट के छोटे प्रारूपों पर केंद्रित कर सकें। वह दक्षिण अफ्रीका की सीमित ओवरों के मुकाबलों की टीम का एक अभिन्न अंग बने हुए हैं और वह इंग्लैंड में आयोजित किए जाने वाले वर्ष 2019 के विश्व कप को अपने क्रिकेट करियर के आखिरी जश्न के अवसर के रूप में देख रहे होंगे। ड्यूमिनी पूरे विश्व में खेली जाने वाली कई फ्रैंचाइज़ टी-20 क्रिकेट लीग प्रतियोगिताओं में खेलते हुए नज़र आए हैं और वह जिस भी फ्रैंचाइज़ टीम की ओर से खेलते हैं, उस टीम के लिए एक मूल्यवान संपत्ति (महत्वपूर्ण खिलाड़ी) साबित हुए हैं। मुख्य रूप से एक बल्लेबाज़ के तौर पर खेलने वाले ड्यूमिनी की उपयोगी ऑफ़स्पिन गेंदबाज़ी और क्षेत्ररक्षण का उत्कृष्ट कौशल इस खिलाड़ी की उपयोगिता को और अधिक बढ़ा देते हैं।

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JP Duminy Records | South Africa | CricketinHindi.com
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