दिनेश चांदीमल – श्रीलंका – रिकॉर्ड

Dinesh Chandimal Records in Hindi

पूरा नाम – लोकुज दिनेश चांडीमल

जन्म – 18 नवंबर 1989 बालापीतिया

प्रमुख टीमें – श्रीलंका, नोडस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब, राजस्थान रॉयल्स, रुहुना, स्कूल आमंत्रण एकदिवसीय, श्रीलंका ए, श्रीलंका अकेडमी एकदिवसीय, श्रीलंका बोर्ड के अध्यक्ष इलेवन, श्रीलंका क्रिकेट विकास इलेवन, श्रीलंका अंडर -17, श्रीलंका अंडर -19

भूमिका – विकेटकीपर बल्लेबाज

बल्लेबाज़ी शैली – दाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – दाएं हाथ के ऑफब्रेक

क्षेत्ररक्षण की स्थिति – विकेटकीपर

ऊँचाई – 5 फीट 9 इंच

शिक्षा – आनंद कॉलेज, कोलंबो

टेस्ट पदार्पण (कैप 122) – 26 दिसंबर 2011 बनाम दक्षिण अफ्रीका

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 144) – 1 जून 2010 बनाम जिम्बाब्वे

टी 20 पदार्पण (कैप 33) – 30 अप्रैल 2010 बनाम न्यूजीलैंड

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct St
Tests 44 3296 164 43.94 50.51 10 15 365 21 71 10
ODIs 134 3288 111 32.23 74.17 4 21 229 34 58 7
T20Is 48 720 58 18 103.29 0 4 65 15 28 4
First-class 95 7062 244 48.04 60.46 20 34 781 92 153 24
List A 204 5295 119* 32.88 77.54 7 34 388 77 102 16
T20s 98 2219 93* 27.73 117.46 0 16 199 53 58 17

दिनेश चांदीमल ने जितना भी समय श्रीलंकाई टीम के साथ बिताया है उसमें अपार क्षमता दिखाई है। एक आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज, चांदीमल ने कुछ मैच जिताने वाली पारियाँ खेली है और क्रिकेट की दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। श्रीलंका में कई लोगों ने सुझाव दिया है कि चांदीमल भविष्य के लिए एक खिलाड़ी हैं, और खेल के सभी प्रारूपों के योग्य शैली को समायोजित करने की उनमें क्षमता है।

एंजेलो मैथ्यूज़ – श्रीलंका – रिकॉर्ड

चांदीमल के क्रिकेट करियर की शुरुआत दुखद रही। उनके पिता की आय कम थी। जब सुनामी 2004 में आई और उनका परिवार इससे प्रभावित हुआ तो बातें उनके लिए और भी बदतर हो गई। अंडर 13 टीम के लिए परीक्षणों में चान्दीमल एक गेंदबाज के रूप में आए थे जो बल्लेबाज़ी कर सकता था, पर उनके गेंदबाजी एक्शन को विवादास्पद समझा गया और उन्हें बाहर कर दिया गया।



हालांकि, उन्होंने मुसीबत के दिन पार किए और विकेटकीपिंग करने लगे। वह अपने आक्रामक बल्लेबाजी और कीपिंग शैली के लिए रोमेश कालुवितरणा को आदर्श मानते हैं। चांदीमल की बल्लेबाज़ी, कई तरह से कालुवितरणा के खेल की याद दिलाती है। वह स्कूल और कॉलेज के क्रिकेट में एक विपुल रन स्कोरर थे। उनकी सुसंगति के कारण उन्हें श्रीलंका की अंडर-19 टीम में स्थान मिला जहां उन्होंने भारतीय अंडर-19 इकाई के खिलाफ एक आकर्षक शतक जमाया। इसके बाद इंग्लैंड अंडर-19 टीम के खिलाफ एक बार फिर उन्होंने शतक जड़ा और कुआलालंपुर में खेले जाने वाले अंडर-19 विश्व कप में एक स्थान अर्जित किया।

उपुल थरंगा – श्रीलंका – रिकॉर्ड

कुमार संगकारा के अनुरोध पर, चांदीमल नोंदेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब में शामिल हो गए और उनका करियर तब से ऊपर की ओर बढ़ता चला गया है। उनकी सबसे अच्छा समय तब आया, जब उन्होंने न्यूजीलैंड की टीम के खिलाफ तीन दिवसीय मैच में शतक जमाया जिसमे जैकब ओरम, डेनियल वेटोरी, डेरिल टफी और क्रिस मार्टिन जैसे खिलाड़ी शामिल थे।

उनके उर्वर घरेलू सत्र ने 2010 के टी-20 विश्व कप के लिए श्रीलंका की राष्ट्रीय टीम में उनके लिए एक स्थान अर्जित किया। उन्होंने अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन किया और उन्हें जिम्बाब्वे त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए चुना गया। उनकी पहली बड़ी पारी भारत के खिलाफ आई, जब उन्होंने अपना पहला एकदिवसीय शतक बनाया था। उनकी पारी सावधानी के साथ आक्रामकता का संयुक्त मिश्रण थी और जिसने भारत को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया। वे 2011 इंग्लैंड दौरे के दौरान अच्छे फार्म में थे जब उन्होंने एकदिवसीय मैच में लॉर्ड्स के मैदान पर तूफानी शतक जमाया और एक हारे हुए मुकाबले में एक आक्रामक पचास रन मैनचेस्टर में बनाए।



एकदिवसीय मुकाबलों में 61 की औसत के साथ, चांदीमल ने अपनी क्षमता का परिचय दे दिया है। यह केवल कुछ समय की बात है जब वह श्रीलंकाई टीम के स्थायी सदस्य बन जाएंगे। चांदीमल के बहुप्रतीक्षित टेस्ट करियर की शुरुआत डरबन में 2011 में हुई थी, जहां श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका की धरती पर अपनी पहली जीत की पटकथा लिखी थी। रंगना हेराथ नौ विकेट लेकर प्रमुख नायक थे| चांदीमल डेल स्टेन, मोर्ने मोर्केल, जैक्स कैलिस और मर्चेंट डी लांगे जैसे गेंदबाजो की परीक्षाओं पर खरे उतरे, और अपनी तेजी से बढ़ती प्रतिभा की पुष्टि प्रत्येक पारी में अर्द्धशतक जमाकर की।

रंगना हेराथ – श्रीलंका – रिकॉर्ड

चांदीमल के कारनामों ने यथायोग्य उन्हें सितंबर 2012 में वर्ष के उभरते खिलाड़ी का पुरस्कार दिलवाया| प्रथम टेस्ट शतक के लिए हालांकि उन्हें 2013 तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। चांदीमल गाल में बांग्लादेश से चार कैच छूटने के मौके को भुनाकर इस मील के पत्थर पर पहुंचे। उसी वर्ष के दौरान चांदीमल, श्रीलंका के सबसे युवा कप्तान बने, जब उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले दो एकदिवसीय मुकाबलों के लिए नियमित कप्तान, एंजेलो मैथ्यूज की जगह टीम की बागडोर सौंप दी गई थी। चांदीमल ने टी-20 पक्ष का भी नेतृत्व किया, जबकि वे तब भी मैथ्यूज और अन्य वरिष्ठ खिलाड़ियों से सलाह लेते रहे।

कप्तानी ने उनकी बल्लेबाजी को बांधकर रख दिया जिसके चलते उन्होंने सतर्कता की बजाय मजबूत स्ट्रोक से काम लिया। नतीजतन, आकाशमान हो रही उनकी एकदिवसीय औसत पृथ्वी पर आ गई। ख़राब फॉर्म और एक सुस्त स्ट्राइक दर ने साथ मिलकर उन्हें टी 20 विश्व कप 2014 से बाहर किया| मलिंगा ने कप्तानी की बागडोर संभाली और लाहिरू थिरिमन्ने ने दोनों हाथों से मध्यक्रम की जगह को पकड़ा, जिससे उनके बल्लेबाज़ी क्रम को स्थिरता मिली और श्रीलंका ने अपना प्रथम टी-20 कप खिताब जीता।

2014 में उनकी लगातार खराब फार्म चयनकर्ताओं को नहीं जमी, और चांदीमल पाकिस्तान टेस्ट के लिए जुलाई 2014 में 15 सदस्यीय टीम से हटा दिया गए। पाकिस्तान और भारत के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबलों में वे दहाई का आंकड़ा छू भी नहीं पाए और किसी भी अन्य मुकाबले में नहीं खेले जब तक कि उन्हें दिसम्बर 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ दो एकदिवसीय मुकाबलों के लिए टीम में वापस नहीं बुलाया गया| उन्होंने अंतिम एकदिवसीय में नाबाद 55 रन जोड़े जिसके चलते श्रीलंका ने 302 का एक अच्छा स्कोर बनाया।

हालांकि चांदीमल न्यूजीलैंड के खिलाफ उम्मीदों के अनुसार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए, पर अपने समग्र एकदिवसीय रिकॉर्ड के कारण उन्हें विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम में स्थान मिला। 2015 विश्व कप के बाद, घर में और बाहर भी, एक क्रिकेटर और बल्लेबाज के रूप में चांदीमल की वृद्धि उत्तम दर्जे की परिपक्व पारियों में देखने को मिलती है।

2015 श्रीलंकाई क्रिकेट में परिवर्तन के एक साल के रूप में चिह्नित है। वरिष्ठ खिलाड़ियों का बाहर जाना, नीचे जाता हुआ प्रदर्शन और युवाओं पर अधिक निर्भरता। ठीक इसी अवसर की चांदीमल को जरूरत थी। और उन्होंने 162 रनों की एक शानदार पारी के साथ – जहाँ मैदान के सभी भागों में उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की धुलाई की – गाल में अपने पक्ष के लिए हार के मुंह से मैच छीन लिया। इस पारी में 16 चौके और चार छक्के शामिल थे। अगर कभी एक करियर सिर्फ एक पारी से याद किया जाना हो, तो उनके लिए यह पारी थी।

उन्होंने जल्द ही एकदिवसीय मैचों में लगातार पांच 50 + स्कोर के साथ रिकॉर्ड बुक में खुद को पाया – ऐसा करने वाले केवल चौथे श्रीलंकाई। अपने पक्ष के लिए इंग्लैंड के लिए एक ख़राब दौरे पर जहां वे एक भी मैच जीतने में असफल रहे, चांदीमल ने कुछ हठी पारियों से अपना सर ऊँचा रखा। वर्तमान में दुनिया भर में सबसे होनहार युवा बल्लेबाजों में से एक, यह उनके कंधों पर हो सकता है कि श्रीलंका के पुनरुत्थान की पटकथा लिखी जाए।

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Dinesh Chandimal Records | Sri Lanka | CricketinHindi.com
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