कुमार संगकारा – श्रीलंका – रिकॉर्ड

Kumar Sangakkara Records in Hindi

पूरा नाम – कुमार संगकारा चोकशनदा

जन्म – अक्टूबर 27, 1977, मतले

प्रमुख टीमें – श्रीलंका, एशिया एकादश, मध्य प्रांत, कोलम्बो क्रिकेट संघ, डेक्कन चार्जर्स, डरहम, होबार्ट हरिकेन्स, आईसीसी विश्व एकादश, जमैका टल्लावाहस, कंदुरता, कंदुरता मरूवोन्स, किंग्स इलेवन पंजाब, मेरिलबोन क्रिकेट क्लब, नोंदेस्क्रिप्टस क्रिकेट क्लब, क्वेटा ग्लेडियेटर्स , हैदराबाद, वारविकशायर

खेलने की भूमिका – विकेटकीपर बल्लेबाज

बल्लेबाजी की शैली – बाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी की शैली – राइट-आर्म ऑफ-ब्रेक

क्षेत्ररक्षण स्थिति – विकेटकीपर

राष्ट्रीय टीम – श्रीलंका (2000-2015)

टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण (कैप 84) – 20 जुलाई 2000 बनाम दक्षिण अफ्रीका
अंतिम टेस्ट – 20 अगस्त, 2015 बनाम भारत

वनडे कैरियर की शुरुआत (कैप 105) – 5 जुलाई 2000 बनाम पाकिस्तान
अंतिम वनडे – 18 मार्च, 2015 बनाम दक्षिण अफ्रीका
वनडे शर्ट नंबर 11

टी 20 कैरियर की शुरुआत (कैप 10) – 15 जून 2006 बनाम इंग्लैंड
अंतिम टी 20 – 6 अप्रैल 2014 बनाम भारत

बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का औसत														 	मॅच 	पारी	नाबाद	रन	सर्वाधिक स्कोर	औसत	गेंद खेलीं	स्ट्राइक रेट	शतक	अर्धशतक	चौके	छ्क्के	कॅच	स्टमपिंग टेस्ट	134	233	17	12400	319	57.4	22882	54.19	38	52	1491	51	182	20 एकदिवसीय	404	380	41	14234	169	41.98	18048	78.86	25	93	1385	88	402	99 टी२०	56	53	9	1382	78	31.4	1156	119.55	0	8	139	20	25	20 प्रथम श्रेणी	250	414	29	19420	319	50.44			56	84			365	33 लिस्ट ए	519	491	52	18908	169	43.07			37	117			514	124 ट्वेंटी२०	230	224	20	5884	94	28.84	4666	126.1	0	34			139	57
Kumar-Sangakkara-Batting-and-Fielding-Records-in-Hindi
गेंदबाज़ी औसत													 	मॅच 	पारी	गेंदें	रन	विकेट	बेस्ट/पारी	बेस्ट/मॅच	औसत	रन प्रति ओवर	स्ट्राइक रेट	4 विकेट	5 विकेट	10 विकेट टेस्ट	134	4	84	49	0	-	-	-	3.5	-	0	0	0 एकदिवसीय	404	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	- टी२०	56	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	- प्रथम श्रेणी	250		246	150	1	1/13		150	3.65	246		0	0 लिस्ट ए	519	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	- ट्वेंटी२०	230	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-	-
Kumar-Sangakkara-Bowling-Records-in-Hindi

22 साल की उम्र में जब एक लॉ के छात्र कुमार संगकारा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया तो ये स्पष्ट था कि वे बल्लेबाज़ी के सर्वोच्च स्तर से ज़्यादा के लिए बने हैं. उनसे पहले आए श्रीलंकाई बायें हाथ के बल्लेबाज़ – अर्जुन रणतुंगा और असंका गुरुसिँहा – झुँझारू खिलाड़ी थे लेकिन संगकारा जितनी आसानी से ऐसे खूबसूरत शॉट खेलते थे , जो की अकसर दाहिने हाथ के बल्लेबाज़ों द्वारा खेले जाते हैं, वो देखते ही बनता था. कट और पुल शॉट संगकारा के पास प्रारंभ से ही थे, और बढ़ते आत्मविश्वास के साथ वे फ्रंट-फुट पर भी आश्वस्त होते गए.

रणतुंगा पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस भ्रम को तोड़ चुके थे की श्रीलंका के खिलाड़ी नम्र स्वाभाव के होते हैं और उन्हे कोई भी डरा धमका सकता है, लेकिन संगकारा ने आक्रामकता का एक नया स्तर बनाया और स्टंप के पीछे से बल्लेबाज़ों पर कटु कटाक्ष करते हुए दबाव बनाने लगे. शुरू में उनकी विकेटकीपिंग में काफ़ी खामियाँ थी, लेकिन बल्लेबाज़ी इतनी परिपूर्ण थी की अंतिम 11 में से उन्हें हटाने का सवाल ही नही उठता था.

एक बल्लेबाज़ के तौर पर संगकारा तेज़ी से परिपक्व होते चले गए और रन बनाने की उनकी भूख का सबसे बड़ा अनुमान तब लगा जब 2006 में कोलंबो के सिनलीज़ स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महेला जयवर्धंने (कप्तान और उनके करीबी मित्र) के साथ मिलकर उन्होने विश्व रिकौर्ड़ 624 रन की साझेदारी एक ऐसे गेंदबाज़ी आक्रमण के खिलाफ करी जिसमें डेल स्टेन और मखाया एंटिनी जैसे ख़तरनाक गेंदबाज़ थे. संगकारा ने 287 रन की पारी खेली और अपनी प्रतिष्ठा को बरकरार रखते हुए इसके अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होबर्ट के मैदान पर 192 रन की महान पारी खेली, जहाँ श्रीलंका एक करीबी मुक़ाबले में हार गया. इस समय तक वो एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में अर्धशतक बनाने का सम्मान भी हासिल कर चुके थे, और जयवर्धने के कप्तानी त्यागने से बहुत पहले ये सॉफ हो चुका था की संगकारा ही भविष्य में कप्तान बनेंगे.

एकदिवसीय क्रिकेट में हालाँकि संगकारा को कई बार क्रीज़ पर जमने के बाद अपना विकेट फेंकते देखा गया है लेकिन उनकी नेत्रत्व की क्षमता को देखते हुए आईपीएल में वे काफ़ी चर्चित खिलाड़ियों में से रहे हैं. श्रीलंका की कप्तानी संभालते हुए संगकारा ने विकेटकीपिंग छोड़ दी, लेकिन विकेट के पीछे से उनके कमेंट बरकरार रहे. कप्तानी ने संगकारा की बल्लेबाज़ी को और भी ज़्यादा निखारा लेकिन फिर भी 2011 के बाद उन्होने कप्तानी त्याग दी, और विश्व क्रिकेट में नंबर 3 पर सबसे बड़े बल्लेबाज़ सालों तक बने रहे. 2012 के आईसीसी अवॉर्ड्स में संगकारा की धूम रही और वे टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर बने. इसी साल के अंत में उन्होने अपनी महानता एक बार फिर साबित करते हुए श्रीलंका क्रिकेट के इतिहास में घर से बाहर सबसे ज़्यादा दर्शकों के सामने (मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड), टेस्ट क्रिकेट में संयुक्त रूप से सबसे तेज़ 10000 रन (सचिन तेंदुलकर और ब्राइयन लारा सहित) बनाने का कीर्तिमान स्थापित किया.

2014 में टी२० विश्व कप जीतने के बाद उन्होने इस प्रारूप से सन्यास ले लिया और 2015 में संगकारा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया.

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