रसेल अर्नोल्ड – श्रीलंका – रिकॉर्ड

Russel Arnold Records in Hindi

पूरा नाम – रसेल प्रेमकुमारन अर्नोल्ड

जन्म – 25 अक्टूबर, 1973, कोलंबो

प्रमुख टीमें – श्रीलंका, चेन्नई सुपरस्टार, आईसीएल वर्ल्ड इलेवन, नोडस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब

बल्लेबाजी शैली – बाएं हाथ के बल्लेबाज

गेंदबाजी शैली – दाएं हाथ के ऑफब्रेक

अन्य – टिप्पणीकार

टेस्ट पदार्पण (कैप 68) – 19 अप्रैल 1997 बनाम पाकिस्तान
अंतिम टेस्ट – 1 जुलाई 2004 बनाम ऑस्ट्रेलिया

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 91) – 6 नवंबर 1997 बनाम दक्षिण अफ्रीका
अंतिम एकदिवसीय – 28 अप्रैल 2007 बनाम ऑस्ट्रेलिया

Batting and fielding averages
Mat Runs HS Ave SR 100 50 4s 6s Ct
Tests 44 1821 123 28.01 44.58 3 10 222 3 51
ODIs 180 3950 103 35.26 72.57 1 28 284 21 48
T20Is 1 7 7 7 100 0 0 0 0 0
First-class 168 9444 217* 40.7 25 43 150
List A 283 7246 103 39.16 2 53 95
T20s 4 63 24 21 123.52 0 0 6 1 0
Bowling averages
Mat Wkts BBI BBM Ave Econ SR 4w 5w 10
Tests 44 11 3/76 3/76 54.36 2.68 121.2 0 0 0
ODIs 180 40 3/47 3/47 43.47 4.83 53.9 0 0 0
T20Is 1
First-class 168 158 7/84 29.63 2.78 63.7 4 0
List A 283 103 4/22 4/22 33.86 4.65* 46.1* 2 0 0
T20s 4 0 6.33 0 0 0

अर्नोल्ड की अपने खेल को स्थिति के अनुकूल बनाने की क्षमता ने उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक आदर्श नंबर 6 बल्लेबाज़ बनाया और निस्संदेह उनका अच्छा दृष्टिकोण उन्हें खिलाड़ियों से उचित सम्मान भी दिलाता है। दबाव को झेलने में सक्षम अर्नोल्ड लक्ष्य का पीछा करने में माहिर हैं और मैदान में उनके सुरक्षित हाथ टीम में उनकी उपयोगिता को और साबित करते हैं। वह अच्छी गेंदबाज़ी करने में भी सक्षम हैं।

लंबे कद के सुनियोजित बाएं हाथ के बल्लेबाज अर्नोल्ड ने सलामी बल्लेबाज के रूप में अपना टेस्ट करियर शुरू किया। शुरुआत में कई ठोस स्कोर्स बनाने के बावजूद और दो साल बाद एशियाई टेस्ट चैंपियनशिप में बुलावे के बाद भी वह सनथ जयसूर्या के साथी के रूप में जारी नहीं रख सके और उनकी जगह मार्वन अटापट्टू ने ले ली। 2000 के अंत तक रनों की कमी की वजह से वह निचले मध्य क्रम में खेलते दिखाई दिए। जब जयसूर्या के फॉर्म और आत्मविश्वास में कमी नज़र आई तो आर्नोल्ड को 2002 में शीर्ष क्रम में एक और मौका दिया गया और उन्होंने ओल्ड ट्रैफर्ड में शानदार 62 और 109 रन बनाए। इसके बाद की श्रृंखला में असफलता ने उन्हें 2003 के विश्व कप के बाद लंबे समय तक टीम से बाहर रखा लेकिन अर्नोल्ड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के लिए टीम में फिर से वापसी की। जिम्बाब्वे के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच में नाबाद 51 रन बनाने के बावजूद अर्नोल्ड को जुलाई 2004 में एकदिवसीय और टेस्ट टीमों से हटा दिया गया था। सात सदस्यीय अशांता डे मेल चयन समिति नई प्रतिभा को टीम में शामिल करना चाहती थी और अर्नोल्ड का भविष्य थोड़ी देर के लिए अंधकारमय प्रतीत हो रहा था। लेकिन उन्होंने नेट पर अपने खेल पर कड़ी मेहनत की और घरेलू क्रिकेट में काफी रन भी बनाए। उन्हें दिसंबर 2004 में न्यूजीलैंड के दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया। हालांकि, युवा ब्रिगेड के दबाव – मुख्यतः तिलकरत्ने दिलशान के शानदार प्रदर्शन- ने उन्हें टीम में अपने स्थान के लिए संघर्ष करने पर विवश कर दिया। 2006 में इंग्लैंड के खराब दौरे के बाद (ऑस्ट्रेलिया में कुछ बढ़िया प्रयासों के बावजूद), उन्हें टेस्ट टीम से हटा दिया गया। लेकिन मुख्य टूर्नामेंट में अनुभव को कभी कम नहीं आँका जा सकता है और इसलिए उन्हें 2007 विश्व कप टीम में स्थान मिला।

अर्नोल्ड विश्व कप फाइनल के बाद सेवानिवृत्त हुए और चेन्नई सुपरस्टार और आईसीएल वर्ल्ड इलेवन के लिए अनौपचारिक भारतीय क्रिकेट लीग में शामिल हो गए। सितंबर 2008 में उनपर और चार अन्य श्रीलंकाियों पर से प्रतिबंध हटा दिया गया, जिसका अर्थ यह था कि अर्नोल्ड घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए स्वतंत्र थे। उन्होंने रेडियो कमेंट्री भी की है।

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