तिलकरत्ने दिलशान – श्रीलंका – रिकॉर्ड

Tillakratne Dilshan Records in Hindi

पूरा नाम – तिलकरत्ने मुदियाअंसलेज दिलशान

जन्म – 14 अक्टूबर, 1976, कलुतारा

प्रमुख टीमें – श्रीलंका, एशिया इलेवन, बस्नहिरा साउथ, ब्लूमफ़ील्ड क्रिकेट एंड एथलेटिक क्लब, दिल्ली डेयरडेविल्स, गयाना अमेज़ॅन वारियर्स, कलुतारा टाउन क्लब, कराची किंग्स, उत्तरी जिले, पेशावर झल्मी, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, सेबेस्टियनट्स क्रिकेट एंड एथलेटिक क्लब, सिंघा स्पोर्ट्स क्लब , सरे, तमिल यूनियन क्रिकेट और एथलेटिक क्लब

तुवन मोहम्मद दिलशान के रूप में भी जाना जाता है

भूमिका – ऑलराउंडर

बल्लेबाज़ी शैली – दाएं हाथ के बल्लेबाज़

गेंदबाजी शैली – दाएं हाथ से ऑफब्रेक

क्षेत्ररक्षण की स्थिति – विकेटकीपर

टेस्ट पदार्पण (कैप 80) – 18 नवंबर 1999 बनाम जिम्बाब्वे
अंतिम टेस्ट – 16 मार्च 2013 बनाम बांग्लादेश

एकदिवसीय पदार्पण (कैप 102) – 11 दिसंबर 1999 बनाम ज़िम्बाब्वे
अंतिम एकदिवसीय – 28 अगस्त 2016 बनाम ऑस्ट्रेलिया

टी 20 पदार्पण (कैप 2) – 15 जून 2006 बनाम इंग्लैंड
अंतिम टी 20 – 9 सितंबर 2016 बनाम ऑस्ट्रेलिया

बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण का औसत														 	मॅच 	पारी	नाबाद	रन	सर्वाधिक स्कोर	औसत	गेंद खेलीं	स्ट्राइक रेट	शतक	अर्धशतक	चौके	छ्क्के	कॅच	स्टमपिंग टेस्ट	87	145	11	5492	193	40.98	8379	65.54	16	23	677	24	88	0 एकदिवसीय	330	303	41	10290	161*	39.27	11933	86.23	22	47	1111	55	123	1 टी२०	80	79	12	1889	104*	28.19	1567	120.54	1	13	223	33	31	2 प्रथम श्रेणी	233	384	24	13979	200*	38.83			38	59			356	23 लिस्ट ए	449	416	54	14314	188	39.54			30	71			204	8 ट्वेंटी२०	221	217	25	5193	104*	27.04	4228	122.82	1	34	633	110	79	3
Tillakratne-Dilshan-Batting-and-Fielding-records-in-Hindi
गेंदबाज़ी औसत													 	मॅच 	पारी	गेंदें	रन	विकेट	बेस्ट/पारी	बेस्ट/मॅच	औसत	रन प्रति ओवर	स्ट्राइक रेट	4 विकेट	5 विकेट	10 विकेट टेस्ट	87	76	3385	1711	39	4/10	4/10	43.87	3.03	86.7	1	0	0 एकदिवसीय	330	204	5880	4778	106	4/4	4/4	45.07	4.87	55.4	3	0	0 टी२०	80	25	258	313	9	2/4	2/4	34.77	7.27	28.6	0	0	0 प्रथम श्रेणी	233		6501	3255	90	5/49		36.16	3	72.2		1	0 लिस्ट ए	449		7871	6303	152	4/4	4/4	41.46	4.8	51.7	4	0	0 ट्वेंटी२०	221	116	1564	1892	64	3/16	3/16	29.56	7.25	24.4	0	0	0
Tillakratne-Dilshan-Bowling-records-in-Hindi

तिलकरत्ने दिलशान पिछले एक साल के आस-पास से एक रहस्योद्घाटन समान प्रतीत हुए है, और 2009 की शुरुआत में राष्ट्रीय दल में वापसी करने के बाद से ही उन्होंने अपना खुद का ही मानो रूपांतरण कर लिया है | एक बेमिसाल जवाबी-हमला करने वाले बल्लेबाज़, दिलशान के पास एक बार टिक जाने के बाद खुल के शॉट लगा पाने की काबिलियत है | एक सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका निभाने की शुरुआत के बाद से ही उन्हें खुल कर खेलने की स्वतंत्रता मिल गयी थी, और तब से उन्होंने परस्पर विकास ही किया है | जयसूर्या की जगह, जो उनके संन्यास लेने के बाद खाली हो गयी थी, उस स्थान को अपना बनाने के लिए दिलशान तत्पर थे |

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर दिलशान ने अपने आगमन की उद्घोषणा ज़िम्बाब्वे के विरुद्ध 1999 में एक धमाकेदार 163 रनों की पारी से की | अगले 8 टेस्ट मैचों में उन्हें बल्लेबाज़ी क्रम में ऊपर और नीचे किया गया और वे एक अर्धशतक भी नहीं लगा पाए, लेकिन आखिर में 2001 में उन्होंने टीम में जगह बना ली |

दिलशान में बदलाव उस समय दिखा जब उन्हें 2003 में वापस टीम में बुलाया गया, जहां उन्होंने 3 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 366 रन बनाये | अगले सालों में उन्होंने निरंतर अच्छा प्रदर्शन करते हुए टीम में एक नियमित स्थान प्राप्त कर लिया |

एकदिवसीय मैचों में दिलशान एक कामचलाऊ खिलाड़ी के रूप में खेलने लगे | वे बैकवर्ड पॉइंट पर एक फुर्तीले क्षेत्ररक्षक थे, कई मौकों पर उनके ऑफ-ब्रेक कारगर साबित होते थे और बल्लेबाज़ी में निचले मध्यक्रम पर वे अपना काम कर लिया करते थे | हालाँकि, ख़राब प्रदर्शन के चलते सितम्बर 2008 में टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया | 2008 के अंत में वे बांग्लादेश के विरुद्ध टेस्ट टीम में शामिल किये गए, और श्रृंखला में तगड़ा प्रदर्शन करने के कारण उन्हें एकदिवसीय मैचों में एक सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका निभाने का मौका मिला |

दिलशान ने अपना अच्छा प्रदर्शन ट्वेंटी-20 मैचों में भी जारी रखा | आईपीएल 2008 में 6ठे और 7वे स्थान पर बल्लेबाज़ी करने के बाद कप्तान वीरेंद्र सहवाग ने उन्हें 2009 के आईपीएल में नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करने का मौका दिया | दूसरे सीजन में दिलशान का प्रदर्शन काबिलेतारीफ था, जहां उन्होंने अपने ट्रेडमार्क दिलस्कूप ( एक शॉट जिसमे घुटनों के बल जाकर एक गुड लेंथ की बॉल को कीपर के सर के ऊपर से खेला जाता है ) का आविष्कार किया और 13 पारियों में 400 से अधिक रन बनाये |

उन्होंने इसी लय में खेलना जारी रखा और अपनी टीम को जून 2009 में आईसीसी विश्व ट्वेंटी20 के फाइनल तक पहुंचाया, और टूर्नामेंट में सर्वाधिक-रन बनाने के फलस्वरूप मैन ऑफ़ द सीरीज का खिताब भी जीता | वेस्ट इंडीज के विरुद्ध 57 गेंदों पर खेली गयी 96 रनों की उनकी पारी ने उन्हें आईसीसी ट्वेंटी-20 अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन का वर्ष 2009 का खिताब भी जिताया |

इस तूफानी सलामी बल्लेबाज़ ने 2011 विश्व कप में भी अपने प्रभावशाली हरफनमौला प्रदर्शन से आग लगा दी | 9 मैचों में एक अच्छी गति से खेलते हुए उन्होंने 500 रन बनाये और अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाया,और-तो-और, गेंद से 8 विकेट भी चटकाए | कुमार संगकारा के कप्तानी के पद से इस्तीफ़ा देने के बाद, तिलकरत्ने दिशान को क्रिकेट के तीनों प्रारूपों के लिए कप्तान बनाया गया |

दिलशान की नेतृत्वक्षमता तब शक के घेरे में आयी जब श्री लंका को इंग्लैंड, यूएई, दक्षिण अफ्रीका और यहां तक कि घर में भी ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा | दिलशान ने खुद भी ये माना, कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी ने उनकी बल्लेबाज़ी पर बुरा प्रभाव किया था |दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध एक निराशाजनक एकदिवसीय श्रृंखला के बाद उन्होंने कप्तानी से इस्तीफ़ा दे दिया |

2011 की शुरुआत में, दिलशान को आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर द्वारा 650,000$ में खरीदा गया |क्रिस गेल के साथ एक तूफानी सलामी जोड़ी का वे दूसरा हिस्सा थे |

श्री-लंका के कप्तान के पद से इस्तीफ़ा देने के बाद, दिलशान ने वापस रनों की झड़ी लगानी शुरू कर दी जिसका पता उनके द्वारा 2012 में बनाये 1119 रनों से चलता है | उसी वर्ष के दौरान उन्होंने भारत के विरुद्ध फरवरी 2012 में अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेल बेलारिव ओवल में अविजित 160 रन बनाये, हालाँकि उनकी टीम को तब भी हार का सामना करना पड़ा |

87 टेस्ट मैच खेलने के बाद, दिलशान ने अक्टूबर 2013 में क्रिकेट के सबसे लम्बे प्रारूप से संन्यास ले लिया | हालाँकि, वे रंगीन कपड़ों में श्रीलंकाई बल्लेबाज़ी क्रम में ऊपर के अग्रणी बने रहे | वे श्री लंका के सबसे सफल बल्लेबाज़ों में से एक है | दिसंबर 16,2014 को उन्होंने अपना 300वां एकदिवसीय मैच खेला, और इस बात का जश्न अपना 18वां सैंकड़ा जड़, और एकदिवसीय क्रिकेट में 9000 रनों को पार करके मनाया | यह कारनामा करने वाले वे 5वे श्रीलंकाई और कुल मिलाकर 15वे बल्लेबाज़ बन गए | उस मैच में श्रीलंका ने इंग्लैंड को हराया और दिलशान ने मैच में तीन विकेट भी चटकाए | अपने ऑल-राउंड प्रदर्शन के लिए दिलशान को मैन ऑफ़ द सीरीज का खिताब मिला |

जनवरी 23, 2015 को, दिलशान ने अपना 20वां एकदिवसीय सैंकड़ा जमाया और श्री लंका की ओर से सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ों में दूसरे स्थान पर आ गए | यह उपलब्धि हासिल करने वाले भी वे कुल मिलाकर दसवें बल्लेबाज़ बन गए | इस फुर्तीले सलामी बल्लेबाज़ ने अगस्त 2016 में ऑस्ट्रेलिया के श्रीलंकाई दौरे के दौरान अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय और टी20 क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा कर दी | उनका दिलस्कूप, आज भी, क्रिकेट के इतिहास के सबसे अभिनव प्रहारों में से है |

तथ्य: दिलशान को पूर्व में तुवान मुहम्मद दिलशान के नाम से जाना जाता था जब तक कि उन्होंने छोटी सी आयु में इस्लाम से बुद्धिज़्म की ओर रूपांतरण नहीं कर लिया | उनकी पहली शादी से उनका एक पांच वर्षीय पुत्र भी है | अभी वे श्रीलंकाई अभिनेत्री मंजुला थिलिनी से विवाहित है | इस दौरान, दिलशान के भाई टीएम संपथ रुहुना, तमिल क्रिकेट संघ और बेडेरलिआ क्रिकेट क्लब का प्रतिनिधित्व करते है |

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Tillakratne Dilshan Records | Sri Lanka | CricketinHindi.com
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