91.15 करोड़ में बिके 66 खिलाड़ी (66 cricketers sold for over 91 crore in IPL 2017)

Team List after IPL 2017 auction

हाल ही में हुई आई.पी.एल. 2017 की नीलामी में 66 लोगों को ख़रीदा गया – इनमें 39 भारतीय और 27 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं | गुजरात लायंस ने सबसे अधिक खिलाड़ी (11) खरीदें वही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर सबसे कम खिलाडियों (5) को अपने दल का हिस्सा बनाने में कामयाब रहे | कुल मिलाकर 91.15 करोड़ रुपयों का खर्च आठों फ्रेंचाइज़ों द्वारा किया गया, जिससे की मोटे तौर पर 1.38 करोड़ का खर्च प्रत्येक खिलाड़ी पर लगता हैं | कुल मिलाकर, भारतीय मुद्रा 24.75 करोड़ का खर्च भारतीय क्रिकेटरों पर किया गया (लगभग 63 लाख रुपये प्रति क्रिकटर), वही 66.4 करोड़ का खर्च उनके विदेशी समकक्ष खिलाडियों पर किया गया (लगभग 2.45 करोड़ रुपये प्रति क्रिकटर) |

एसोसिएट टीमों के भी ३ क्रिकेटरों की बिक्री इस नीलामी में हुई – जिनमे अफ़ग़ानिस्तान के रशीद खान (४ करोड़ रुपये ) और मोहम्मद नबी (३० लाख रुपये ) के साथ ही यू.ए.ई. के चिराग सूरी (१० लाख रुपये) शामिल हैं | रशीद और नबी सनराइजर्स हैदराबाद में गए वही सूरी को लायंस ने लिया | आज से पहले, एसोसिएट टीमों के केवल एक ही खिलाड़ी ने आई.पी.एल. में प्रदर्शन किया था, नीदरलैंड्स के रयान टेन डोइशकाटे |

11.84 था वह अनुपात जो की रॉयल चैलेन्जर्स द्वारा ख़रीदे गए खिलाडियों के आधार मूल्य और उनके बिक्री के मूल्य में रहा, सभी टीमों में सबसे अधिक | उन्होंने ५ खिलाड़ी ख़रीदे, जिनका आधार मूल्य कुल-मिलाकर 1.3 करोड़ रुपये था, और जिनकी बिक्री 15.4 करोड़ में हुई | उन्होंने 2 खिलाडियों को आधार मूल्य के 20 गुना दाम पर ख़रीदा – इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ टाइमल मिल्स (50 लाख से 12 करोड़ ) और नवोदित भारतीय सीमर अनिकेत चौधरी (10 लाख से 2 करोड़ ) | किसी भी और टीम ने चार गुना से अधिक आधार मूल्य नही दिया, लायंस का 1.48 का अनुपात सबसे कम रहा |

बेन स्टोक्स का बिक्री मूल्य 14.5 करोड़ रुपये रहा, जिससे वो आई.पी.एल. में नीलाम होने वाले सबसे महंगे विदेशी बन गए | वो राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स में गए | 2015 की शुरुआत से, जब भारतीय रुपया आई.पी.एल. की मुद्रा बन गया, युवराज सिंह की 16 करोड़ की दिल्ली डेरडेविल्स द्वारा की गयी खरीददारी दिल्ली डेरडेविल्स द्वारा की गयी खरीददारी ही स्टोक्स से ऊची बिक्री हैं | यू.एस. डॉलर्स में स्टोक्स का पेचेक करीब 2.16 मिलियन हैं |

6 इंग्लिश प्लेयर्स पर कुल मिलाकर 34.3 करोड़ रुपये खर्च हुए | स्टोक्स( 14.5 करोड़ ) और मिल्स( 12 करोड़ ) के आलावा, क्रिस वोर्क्स को 4.2 करोड़ रुपये मिले, इयोन मॉर्गन को 2 करोड़ रुपये मिले, जैसन रॉय को 1 करोड़ मिले वही क्रिस जॉर्डन को 50 लाख मिले | 39 भारतीय खिलाडियों को इंग्लैंड के 6 खिलाडियों से करीब दस करोड़ कम दाम पर ख़रीदा गया |

टी नटराजन का आधार मूल्य और बिक्री मूल्य का अनुपात 30 रहा, इस साल की नीलामी में सबसे अधिक | 25-वर्षीय बाएं-हाथ के तेज़ गेंदबाज़ – जिन्हें सिर्फ 5 टी-20 खेलों का अनुभव हैं – को किंग्स इलेवेन पंजाब द्वारा 10 लाख के आधार मूल्य से 3 करोड़ पर ख़रीदा गया |

नीलामी में बिकने वाले सबसे महंगे 8 खिलाड़ी सभी विदेशी ही हैं | उनमे से 6 गेंदबाज़ हैं और दो ऑलराउंडर हैं | सबसे बेशकीमती भारतीय कारण शर्मा रहे, जो मुम्बई टीम में 3.2 करोड़ में गए | 22 खिलाडियों के लिए 1 करोड़ या उससे ऊपर की बोली लगी, जिनमे से 14 विदेशी खिलाड़ी थे |

आई.पी.एल. के इतिहास में टाइमल मिल्स 12 करोड़ में बिकने के साथ ही सबसे महंगे गेन्दबाज़ बन गए | मिल्स 24-वर्षीय हैं और एक टी-20 स्पेशलिस्ट हैं | पिछले साल उन्होंने इंग्लैंड के लिए पदार्पण किया था और वह 145 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से गेंदबाज़ी करने का हुनर रखते हैं, खास तौर पर छुपी हुई धीमी गेंदे डालने में वो माहिर हैं, मिल्स का पेचेक यू.एस. डॉलर में 1.79 मिलियन हैं |

3 टीमों ने अपना 27 खिलाडियों का कोटा पूरा कर लिया हैं – 18 भारतीय और 9 विदेशी – लायंस, किंग्स इलेवेन और मुम्बई | कोलकाता नाईट राइडर्स का स्क्वाड सबसे छोटा हैं, जिसमे सिर्फ 23 खिलाड़ी हैं |

दो नवोदित खिलाड़ियों को भी इस नीलामी में ख़रीदा गया – वेस्ट इंडीज़ के रोवमान पॉवेल और यू.ए.ई. के चिराग सूरी | ३० और नवोदित खिलाडी भी आई.पी.एल. का हिस्सा बन गए, जो की सारे भारतीय हैं | सिर्फ ९ ही कैप्ड भारतीय खिलाड़ी नीलामी में नीलाम हुए |

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