5 खिलाड़ी जिन्हें दिल्ली डेयरडेविल्स (डीडी) आईपीएल 2018 के लिए दोबारा रखना चाहेंगे

5 players DD would like to retain in IPL 2018

दिल्ली डेयरडेविल्स पहली सीजन की शुरुआत के बाद से ही आईपीएल में बारहमासी अंतः प्राप्तकर्ता रहे हैं क्योंकि वे टूर्नामेंट के फाइनल तक एक बार भी पहुंचने में नाकाम रहे हैं। 2017 संस्करण में, उनके पास उनकी किस्मत को बदलने का अच्छा मौका था क्योंकि उनकी टीम इतनी बेहतर थी कि फाइनल में पहुंच सके। हालांकि, जेपी डुमिनी और क्विंटन डी कॉक की अनुपस्थिति के चलते, डेयरडेविल्स ने दो मुख्य बल्लेबाज़ों को गंवा दिया था और लगातार एक अनुभवहीन बल्लेबाजी लाइन-अप के साथ खेल रहे थे।

उन्होंने कुछ मैचों में जीत हासिल की और छह जीत के साथ छठे स्थान पर रहे। हालांकि, एक बार फिर, उन्होंने अपनी टीम के संयोजन के साथ बहुत अधिक छेड़खानी की और टूर्नामेंट में अपने खिलाड़ियों का सर्वश्रेष्ठ उपयोग नहीं किया और यह ज़हीर खान की अगुवाई वाली टीम के लिए महंगा साबित हुआ।

2018 में नए सिरे से नीलामी के लिए तैयार होने के करण, सभी खिलाड़ी नीलामी पूल में वापस जाएंगे। आईपीएल कार्यकारी समिति ने खिलाड़ी को बनाए रखने के बारे में कुछ भी पुष्टि नहीं की है| जब एक ताजा नीलामी 2014 में आयोजित की गई, तो प्रत्येक टीम को अधिकतम पांच खिलाड़ियों को दोबारा रखने का अधिकार दिया गया था (राइट टू मैच कार्ड सहित)।

आइए उन पांच खिलाड़ियों पर नजर डालें जिन्हें दिल्ली 2018 आईपीएल के लिए बनाए रखने की कोशिश करेगा, यह मानते हुए कि आईपीएल कार्यकारी समिति हर टीम में पांच खिलाड़ियों को बनाए रखने का फैसला करेगी।

# 1 शाहबाज नदीम

जब सनराइजर्स हैदराबाद ने 2014 की आईपीएल नीलामी में झारखंड के धीमी गति के बाएं हाथ के स्पिनर शाहबाज नदीम की सेवाएं लीं, तो दिल्ली डेयरडेविल्स ने इस स्पिनर को खरीदने के लिए राइट टू मैच विकल्प का इस्तेमाल किया, जो पिछले सीजन में उनके फ्रैंचाइज का हिस्सा थे। नदीम ने 2011 में आईपीएल की शुरुआत के बाद से डेयरडेविल्स के लिए बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है क्योंकि उन्होंने ने यह तो सुनिश्चित कर दिया है कि शुरूआती छः ओवरों के दौरान विपक्षी बल्लेबाज शांत रहेंगे।

उनके महत्व को समझते हुए, फ्रैंचाइज़ी ने अपने पांच आरटीएम में से एक का इस्तेमाल इनके लिए किया और वे 2018 की नीलामी में भी ऐसा करने में संकोच नहीं करेंगे। नदीम भारतीय घरेलू सर्किट में सनसनीखेज फार्म में हैं और लगातार दो रणजी ट्रॉफी सत्रों में कम से कम 50 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज बने हैं।

वह कुछ समय से राष्ट्रीय टीम के चयनकर्ताओं के रडार पर रहे हैं और अगर वह निकट भविष्य में भारतीय टीम में चयनित होते हैं तो आश्चर्य नहीं होगा।
2017 में आईपीएल में उनका उपयोग ठीक तरह से नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने केवल सात मैच खेले और 18 ओवरों में छह से कुछ ज्यादा की इकोनोमी दर से छह विकेट लिए। दिल्ली टीम प्रबंधन को अगले सीज़न से पहले इस धीमी गति के बाएं हाथ के गेंदबाज को बरकरार रखना चाहिए, जैसे उन्होंने चार सत्र पहले किया था|

# 2 संजू सैमसन

आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए अपना पदार्पण करने के बाद से, संजू सैमसन ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया है। जब टीम को दो साल के लिए प्रतिबंधित किया गया, तो उन्हें राहुल द्रविड़ की दिल्ली डेयरडेविल्स द्वारा खरीदा गया था और पूर्व भारतीय कप्तान के मार्गदर्शन में उनका बल्लेबज के रूप में बढ़ना जारी रहा।

2016 का सत्र केरल के इस युवा के लिए शानदार रहा क्योंकि उन्होंने 14 मैचों में 28 की औसत और 141 की स्ट्राइक रेट के साथ 386 रन बनाए थे। उन्होंने टूर्नामेंट में एक शतक भी बनाया और तेज रन नहीं बनाने का जो तमगा उन पर लगा हुआ था उसे हटाया|

ऋषभ पंत के साथ, उन्होंने दसवें संस्करण में जहीर खान और उनके दल के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कम उम्र और निकट भविष्य में शीर्ष स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की संभावना दिखाने वाले इस खिलाड़ी को, दिल्ली डेयरडेविल्स दोबारा बनाए रखने की कोशिश करेंगे।

# 3 क्रिस मॉरिस

खेल के किसी भी प्रारूप में एक बेहतरीन हरफनमौला खिलाड़ी का अपना अलग मूल्य है, और टी 20 में तो वे सोने की धूल की तरह हैं। यह एक अप्रत्यक्ष कृपादान की तरह है कि टीम में एक ऐसा हरफ़नमौला खिलाड़ी है जो जब भी मैदान में आए चार ओवर गेंदबाजी कर सके और जरूरत पड़ने पर बल्ले से महत्वपूर्ण रन भी बनाएं।

क्रिस मॉरिस के रूप में दिल्ली डेयरडेविल्स को ऐसा ही खिलाड़ी मिला है| बिना किसी संदेह के, मॉरिस पिछले कुछ सत्रों में डेयरडेविल्स के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे हैं और यदि फ्रेंचाइजी उन्हें बाहर करने का फैसला करती है तो यह एक बड़ी गलती होगी। वह हर मैच में चार ओवरों की गेंदबाजी करने में सक्षम है, जिसमें कम से कम दो मैच के अंतिम ओवरों में आते हैं और बल्लेबाज़ी में भी ये दक्षिण अफ्रीकी खिलाडी 170 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं।

मोरिस को बाहर करने से न केवल दिल्ली को बड़ा नुकसान होगा, बल्कि जो भी टीम उन्हें ले पाएगी, उसको बड़ा फायदा रहेगा। दिल्ली के प्रशंसकों को उम्मीद रहेगी कि फ्रेंचाइजी ने अपनी पिछली गलतियों से सीख ली होगी और अगले सत्र से पहले मॉरिस के दम-ख़म के खिलाड़ी को नहीं छोड़ेंगे।

# 4 ऋषभ पंत

आईपीएल के दसवें संस्करण में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए सबसे शानदार बातो में से एक ऋषभ पंत थे। 2016 के अंडर -19 विश्व कप में और 2016-17 के घरेलू सत्र में उनके प्रदर्शन के बाद से बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को प्रशंसकों द्वारा बेहद पसंद किया गया है। उनसे इस आईपीएल में बहुत उम्मीदे थी और इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने निराश न करते हुए 14 पारियों में 26.14 की औसत से 366 रन बनाए और 166 का असाधारण स्ट्राइक-रेट बरक़रार रखा, जो कम से कम 300 रन बनाने वाले बल्लेबाजो में दूसरा सर्वश्रेष्ठ था|

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज का टीम प्रबंधन ने बुद्धिमानी से इस्तेमाल नहीं किया था क्योंकि उन्हें अपने ज्यादातर मैचों में निचले क्रम में बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया और जब उन्हें नंबर 3 के लिए पदोन्नत किया गया, तब तक डेयरडेविल्स के लिए सत्र खत्म हो चुका था।

दिल्ली के इस युवा को सलामी बल्लेबाजी करने का मौका देना चाहिए ताकि वह मैदान पर शुरूआती ओवरो का पूरा फ़ायदा उठा सके और हमले को विपक्ष के खेमे में ले जा सके, जैसे उसने अतीत में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पंत जैसे खिलाड़ी को अधिकतम गेंदों का सामना करना चाहिए न कि नंबर 5 पर बर्बाद होने देना चाहिए।

कुछ रिपोर्टो में बताया गया कि डेयरडेविल्स के संरक्षक राहुल द्रविड़ ने फ्रैंचाइजी को पंत को बरकरार रखने की सलाह दी है और अब यह देखना बाकी है कि क्या वे उनकी सलाह मानेंगे।

# 5 क्विंटन डी कॉक

क्विंटन डी कॉक अभी से ही पूरी दुनिया के सबसे अच्छे बल्लेबाज़ो में से एक है। पिछले तीन सालों में दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन सनसनीखेज रहा है और 2013 के नीलामी में इस युवा को 2012 के अंडर -19 विश्व कप और चैंपियंस लीग ट्वेंटी 20 में अच्छे प्रदर्शन के आधार पर खरीदने के लिए दिल्ली डेयरडेविल्स को श्रेय दिया जाना चाहिए।

जिस तरह से डी कॉक प्रगति कर रहे है, यह आश्चर्य करने योग्य नहीं होगा यदि वह निकट भविष्य में विराट कोहली सरीखे सीमित ओवरों के धुरंधर बल्लेबाज के रूप में उभरकर आएँ। बाएं हाथ का ये बल्लेबाज, पहले से ही महानता के सीढियों पर आगे बढ़ रहा हैं क्योंकि उसने आसानी से कई कीर्तिमान ध्वस्त किए हैं और अब कोहली, जो रूट, स्टीव स्मिथ, केन विलियमसन, डेविड वार्नर और एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों की फेरिहस्त में शामिल हो गया हैं|

डी कॉक को खरीदना फ्रैंचाइजी द्वारा 2008 में शुरू होने के बाद से सबसे अच्छे फैसले में से एक था और दिल्ली को डेविड वार्नर, एबी डिविलियर्स और ग्लेन मैक्सवेल जैसे खिलाड़ियों की तरह उन्हें बाहर करने की बजाय अगली नीलामी में उन्हें बरकरार रखना चाहिए।

दिल्ली, उंगलियों की चोट के कारण इस वर्ष आईपीएल में उनकी सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाई पर उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी बल्लेबाजी लाइन-अप इस विकेटकीपर बल्लेबाजों के इर्द- गिर्द घूमती रहे, चाहे वे 2018 की आईपीएल नीलामी में अन्य किसीको भी ख़रीदे।

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