‘आईपीएल को फुटबॉल की तरह ही विदेशी खिलाड़ियों को उधार देना चाहिए’

Cricketers on rent in IPL

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की प्रति मैच चार विदेशी खिलाड़ियों की नीति के परिणामस्वरुप बहुत से प्रतिभाशाली खिलाड़ी खेल से बाहर रह रहे हैं और एक ऋण प्रणाली उनके लिए काफी फायदेमंद होगी।

विदेशी खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग में आकर्षण,दर्जा और गुणवत्ता लाते हैं और भारत के घरेलू टूर्नामेंट को वास्तव में वैश्विक आयोजन बना देते हैं। आईपीएल गेल, डी विलियर्स, वार्नर या राशिद खान की प्रतिभा के बिना वो नहीं होता जो है।

जब विदेशी खिलाड़ियों को भारत में खेलने के उनके अनुभव के बारे में पूछा जाता है, तो जवाब हमेशा अच्छा ही रहता है। विद्यालय की प्रार्थना सभा में तय टुकड़ों को पढ़ते हुए बच्चों की तरह, वे जल्दी ही आईपीएल के फायदे – बड़ी भीड़, और प्रशंसकों का अद्भुत जुनून – सूची में शामिल करते हैं।

हालांकि पटकथा चाहे जितनी भी हो, यह नकली नहीं है| खिलाड़ियों का मानना है कि, केरी पैकर की विश्व क्रिकेट श्रंखला के बाद से आईपीएल क्रिकेट के लिए सबसे अच्छी बात है|

खिलाड़ियों में बदलाव

आईपीएल के लिए केविन पीटरसन एक जन-पीआर मशीन है, पर जीवन बदलने वाले अनुबंध की पेशकश करने की इवेंट की योग्यता सबसे अच्छी तरह एक ईमानदार इंग्लिश काउंटी क्रिकेटर, टायमल मिल्स के उदाहरण से स्पष्ट हो जाती है। मिल्स, जिन्हें कोई भी राष्ट्रीय अनुबंध नहीं मिला था, ने बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान में होने वाली दुनिया भर की विभिन्न लीगों में खुद को स्थापित किया। बीबीएल में वह बहुत मूल्यवान नहीं थे, पीएसएल में उन्हें $ 50000 की पेशकश की गई और वह सीपीएल में किसी के भी द्वारा ख़रीदे नही गए थे| आईपीएल में, उनकी कीमत छप्पर फाड़ 12 करोड़ रुपये थी, जो इंग्लैंड में उनकी लगभग 15 साल की आय के बराबर थी।

न खेल पाने वाले विदेशी खिलाड़ी

आईपीएल विदेशी खिलाड़ियों की समृद्धि को और बढ़ाता है, लेकिन यह पूर्ण रूप से स्थापित खिलाड़ियों का कई बार तिरस्कार भी करता है। इस सत्र में, फैफ डु प्लेसिस, शाकिब अल हसन, केन विलियमसन, एंजेलो मैथ्यूज, ओइन मॉर्गन, सरीखे शीर्ष सितारों और अपने राष्ट्रीय पक्ष के मौजूदा कप्तानों के बारे में सोचिए। आईपीएल में इनमे से किसी को भी ज्यादा अवसर नहीं मिले| ज्यादातर समय ये खिलाड़ी बाहर बैठे रहे, और मैदान में खेलने के बजाय पेय पदार्थों को ले जाने और रिजर्व खिलाड़ियों के कर्तव्यों का निर्वहन करने में लगे रहे। उस्मान ख्वाजा, ट्रेंट बोल्ट, टिम साउथी और डैरेन सैमी अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने इस आईपीएल में परिधीय भूमिका निभाई।

अंतिम ग्यारह में चार विदेशी खिलाड़ियों की बंदिश के कारण, स्थापित सितारों के बाहर बैठे रहने की तुलना में अधिक बड़ा सवाल यह है कि, प्रशंसकों को उनके कौशल का जश्न मनाने का मौका नहीं दिया गया। चार विदेशी खिलाड़ियों के नियम का उद्देश्य भारतीय टूर्नामेंट में भारतीय प्रतिभा को बढ़ावा देना है। फ्रैंचाइजी में नौ विदेशी खिलाड़ियों की भर्ती के साथ,अंतिम ग्यारह में आने के उनके अवसर सीमित रहते हैं| आईपीएल नियम उन विदेशी खिलाड़ियों को दोहरा झटका पहुँचाते है जो बाहर बैठते हैं। हर ‘गैर चयन’ का भुगतान एक कटौती के रूप में होता है, जिसके कारण एक खिलाड़ी संभवत: प्रति सीज़न की अनुबंधित राशि का 20% तक खो सकता है।

पांचवां विदेशी

आईपीएल ग्यारह में “प्रतिभा का अपव्यय” रोकने, सितारों के लिए अवसर पैदा करने और खेलने की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए पांचवें विदेशी खिलाड़ी को टीम में रखने के नियम में परिवर्तन करने का दबाव है। लेकिन आईपीएल प्रबंधन के साथ ऐसा होने की संभावना नहीं है।

एक वैकल्पिक हल एक फुटबॉल शैली प्रणाली का है, जहां अवांछित संपत्ति शर्तों के अधीन अन्य टीमों को उधार दी जाती है। यह अधिक व्यावहारिक प्रतीत होता है और विचार करने योग्य है। ऐसे ऋणों को सीज़न के आधे रास्ते के बाद ही अनुमति दी जा सकती है और हस्तांतरित खिलाड़ी अपनी मूल टीम के खिलाफ नहीं खेलते है। उधार लिए गए खिलाड़ियों के वाणिज्यिक मुद्दों को आसानी से संबोधित किया जा सकता है| ऋण के रूप में खिलाड़ी, टीमों और प्रशंसकों के लिए एक जीत है। यदि यह विकल्प उपलब्ध होता, तो दिल्ली ने खुशी से डु प्लेसिस को चुना होता, जो पुणे के ख़ेमे में बैठे थे!

Summary
Review Date
Reviewed Item
Cricketers on rent in IPL | CricketinHindi.com
Author Rating
51star1star1star1star1star

Leave a Response

share on: