आई पी एल की अधिकतर टीमें डूबी हुई हैं कर्ज में

Most IPL teams in heavy debt

आई पी एल की कुछ बड़ी फ्रेंचाइज़ियाँ अपना क़र्ज़ तक नहीं चुका सकी हैं।

यह केवल एक धारणा है कि विश्व की सर्वाधिक संपन्न लीग में फ्रैंचाइज़ी टीमें 4-5 साल के अंदर अकूत धन अर्जित करती हैं।

एक तरफ जहां बी सी सी आई ने 5 वर्ष के प्रसारण अधिकार ₹16374 करोड़ में बेच डाले वहीं दूसरी ओर टॉप 5 फ्रैंचाइज़ी टीमें 9 वर्ष बाद भी आर्थिक मंदी से गुज़र रही हैं।

अधिकतर टीमों के खातों की जानकारी से ज्ञात होता है कि उन पर न सिर्फ बैंक का कर्ज है बल्कि उनकी सहायक कंपनियों का कर्ज भी शामिल है।

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कंपनियों के रजिस्ट्रार को पेश की गयी रिपोर्ट के अनुसार 2014 की विजेता टीम शाहरुख़ ख़ान की कोलकाता नाइट राइडर्स के आंकड़े सबसे बेहतर हैं। 2014-15 के लिये इस टीम ने 27.5 करोड़ का कर्ज घोषित किया था जो कि वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिये घट कर ₹17675730 हो गया।

हालाँकि 2016-17 के लिए नाइट राइडर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने आंकड़े घोषित नहीं किये हैं लेकिन सूत्रों के अनुसार इस वर्ष भी टीम का घाटा कम से कम है।

निचली टीम इस मामले में ऊपर है

2008 में रियल एस्टेट कंपनी जी एम आर ने $84 मिलियन में डेल्ही डेयरडेविल्स की फ्रैंचाइज़ी ली। इसके वित्तीय आंकड़ों के अनुसार 2015-16 में इसके ऊपर 58.3 करोड़ का कर्ज़ बकाया है।

9 अप्रैल 2014 को कंपनी मीटिंग में निर्णय लिया गया कि ” कंपनी द्वारा भविष्य की योजनाओं और प्रस्तावित नई नौकरियों / कामों को ध्यान में रखते हुए, निदेशकों ने यह तय किया है कि विशेष संकल्प के जरिए शेयरधारकों की सहमति से उधार लेने की शक्तियों को 200 करोड़ रुपये पर तय किया जाता है।”

इसी मीटिंग में यह भी तय हुआ कि राजस्व बढ़ाने के लिये कंपनी अपनी चल अचल संपत्तियों को गिरवी रखेगी। ऐसा करने के पीछे उद्देश्य यही था कि बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं से लोन मिल सके। इन सबके बावजूद 2015 में डेल्ही डेयरडेविल्स ने सबको चकित करते हुए युवराज सिंह को 12 करोड़ में खरीद लिया।

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प्रीति जिंटा की किंग्स XI पंजाब ने 2014-15 में 12.7 करोड़ का लाभ अर्जित किया लेकिन इसके बाद 73.4 करोड़ के कर्ज में घिर गयी। पंजाब टीम की फ्रैंचाइज़ी के पी एच टीम प्राइवेट लिमिटेड पिछले दो वित्तीय वर्षों से लाभ की स्थिति में नहीं है। सूत्रों के अनुसार टीम वित्तीय संकट से गुज़र रही है और इसी कारण टीम के मुख्य प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारियों तक में भारी फेरबदल हो सकता है।

शराब कारोबारी विजय माल्या की टीम रही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर 2014-15 से वही कहानी दोहरा रही है। उस समय इसके ऊपर 42,38,120,376 रूपए का लोन था। वर्तमान में टीम का कुल कर्ज 37,59,619,950 रुपये है।

आई पी एल की सबसे रसूखदार टीम मुम्बई इंडियंस जिसकी मालिक इंडियाविन स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड है, वर्ष 2015-16 में 22,40,900,000 के कर्ज़ में डूबी है। उसी वर्ष कंपनी को 21 लाख रूपए का घाटा भी हुआ।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार दूसरी टीमों की स्थिति भी कमोबेश यही है। हालांकि कंपनी के लाभ या हानि के आंकड़े का अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि यह उनकी मूल कंपनी के अधिकार में है।

डेक्कन चार्जर्स तथा पुणे वारियर्स, ये दो टीमें भारी हानि और बी सी सी आई को भुगतान न कर पाने के चलते दिवालिया हो चुकी हैं। किंतु भारी हानि और कर्ज के इन आंकड़ो का बी सी सी आई और आई पी एल की वित्तीय स्थिति के ऊपर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

Source: In IPL, Most Teams Are Struggling to Knock it Out of the Stadium

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