आईपीएल मीडिया अधिकारों की नीलामी के खिलाफ सुब्रमनियन स्वंय गए सुप्रीम कोर्ट

Subramanian Swamy moves to Supreme Court for IPL Media rights auction

सुब्रमनियन स्वामी का सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख करना और आईपीएल के मीडिया अधिकारों की ऑनलाइन नीलामी से जुड़ी जटिलताएं!

बीजेपी के नेता सुब्रमनियन स्वामी, जो किअपने आपको भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक मसीहा के रूप में प्रस्तुत करते है, ने भारतीय प्रीमियर लीग(आईपीएल) के मीडिया अधिकारों की नीलामी ऑनलाइन कराने की सुप्रीम कोर्ट से मांग की है | जब यह मामला मुख्य न्यायाधीश जेएस शेखर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, उन्होंने कहा कि इस पर आने वाले समय में गौर किया जायेगा |

स्वामी ने कहा है कि आईपीएल के मीडिया अधिकारों से जुड़ी मुद्रा 30,000 करोड़ के लगभग आती है और इस मामले पर फैसला अस्पष्ट रूप से नहीं लिया जाना चाहिए | भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) आईपीएल के मीडिया अधिकारों पर बोली लगाने की प्रक्रिया 17 जुलाई को आरम्भ करेगा | मीडिया अधिकारों को पांच सालों के लिए सौपा जायेगा, जबकि पिछले चक्र में नीलामी 10 सालों के लिए हुई थी |

स्वामी ने यह तर्क दिया है कि ऑनलाइन नीलामी से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी जैसा कि टेलीकॉम और कोयले की नीलामी में हो चुका है | हालाँकि, कई मीडिया अधिकारियों ने मीडिया अधिकारों की नीलामी की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की प्रभावशीलता पर सवाल उठाये है, जिसमे कई पहलू शामिल है | क्या सभी अधिकार, जिसमे टीवी और डिजिटल भी शामिल है, उन्हें साथ संयोजित कर दिया जायेगा या अलग-ही रखा जायेगा ? क्या होता है यदि एक संयुक्त बोली-ही टीवी और डिजिटल अधिकारों के लिए सबसे बड़ी रकम है ? इन लोगों ने ऐसा भी कहा है कि आईपीएल अधिकारों की कीमत की वसूली वर्तमान प्रणाली में ही सबसे अधिक हो पायेगी क्योंकि दूसरों द्वारा लगाए गए मूल्य किसी को मालूम नहीं पड़ेंगे | इसका सबसे बढ़िया उदाहरण हाल-ही के 5-वर्षीय आईपीएल के प्रयोजन अधिकार है, जिसमे 2,199 करोड़ की सबसे ऊँची बोली लगायी गयी थी | चीन की मोबाइल कंपनी वीवो ने ये अधिकार प्राप्त किये थे, वही, बोली लगानी वाली दूसरी और आखिरी कंपनी, ओप्पो 1,430 करोड़ के साथ बहुत पीछे थी |

एक वरिष्ठ खेल प्रसारण अधिकारी ने कहा कि अधिकारों को प्रदान करने की वर्तमान प्रणाली पारदर्शी है क्योंकि मोहरबंद बोली मूल्यों को सभी बोली लगाने वालों के सामने खोला जाता है | और-तो-और, मीडिया अधिकारों की नीलामी कोयला ब्लॉक या टेलीकॉम स्पेक्ट्रम की नीलामी से बिलकुल अलग है | मीडिया अधिकारों के मामले में, टीवी/डिजिटल के रूप में विभिन्न पहलू होते है और अलग-अलग क्षेत्र भी होते है | कोयले या टेलीकॉम की नीलामी में, केवल एक प्रकार की वस्तु कि ही नीलामी हो रही होती है | इस कारण से, अधिकारी ने कहा, कि आईपीएल के मीडिया अधिकारों की ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया काफी कष्टकर हो जाएगी | उदाहरण के तौर पर, अमेज़न और फेसबुक जैसी कंपनियों ने केवल डिजिटल अधिकारों में दिलचस्पी दिखाई है | ईएसपीएन केवल यूएस के अधिकारों में रूचि रखता है तो वहीं, सुपरस्पोर्ट्स सिर्फ दक्षिण अफ्रीकी अधिकार चाहता है |

“यदि आईपीएल के अधिकारों को ई-नीलामी के लिए संयोजित कर दिया जाये, तो इन अधिकारों के थोड़े-से हिस्से में दिलचस्पी रखने वाले कई मोर्चे पीछे हट जायेंगे | यदि ये अलग-अलग है, तो तब क्या होगा जब एक कंपनी की संयुक्त बोली बाकी सभी विजयी बोलियों के पूरे मूल्य से भी अधिक हो? बीसीसीआई शायद ऐसा लचीलापन बनाये रखना चाहेगा,” अधिकारी ने जोड़ा | इस अधिकारी ने यह भी कहा कि कोयला ब्लॉक और टेलीकॉम स्पेक्ट्रम की नीलामी हुई क्योंकि इन संसाधनों के आवंटन में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया जहा रहा | “क्रिकेट के अंदर, अधिकारों की बोली लगाने की प्रक्रिया हमेशा से ही पारदर्शी रही है जिसमे हर कोई एक मोहरबंद कवर पेश करता है और इन मूल्यों की घोषणा सभी बोली लगाने वालों के सामने होती है | तो भ्रष्टाचार का तो सवाल ही पैदा नहीं होता ?” अधिकारी ने दृढ़ता से कहा | कुछ समय पहले, पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के अधीन, बीसीसीआई ने आईपीएल के मीडिया अधिकारों की बिक्री प्रक्रिया शुरू की थी; हालाँकि, यह प्रक्रिया बंद कर दी गयी जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त लोधा समिति, जिसे बीसीसीआई में सुधार लाने के लिए बनाया गया था, ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी नहीं दिखाई |

18 कंपनियों, जिसमें स्टार इंडिया, अमेज़न सेलर सर्विसेज़, फॉलोऑन इंटरैक्टिव मीडिया, ताज टीवी इंडिया, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स, टाइम्स इंटरनेट, सुपरस्पोर्ट इंटरनेशनल, रिलायंस जियो डिजिटल सर्विसेज़, गल्फ डीटीएच एफज़ेड, ग्रूपेन मीडिया इंडिया, बीइन आईपी, एकॉनेट मीडिया, स्काई यूके, ईएसपीएन डिजिटल मीडिया (इंडिया), बीटीजी लीगल सर्विसेज़, बीटी, ट्विटर और फेसबुक शामिल है, ने प्रस्ताव के दस्तावेज़ ख़रीदे थे | आखिरी समय में इस प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया जब कंपनियां अपनी-अपनी बोलियाँ सौपने जा रही थी | बीसीसीआई आईपीएल के अधिकारों के विजेता की घोषणा 25 अक्टूबर को करने वाली थी, जो कि बोलियों के प्रस्तुतीकरण की आखिरी तिथि भी थी |

बीसीसीआई ने आईपीएल के मीडिया अधिकारों को तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटा है | भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़े टीवी अधिकार 2018 से 2027 तक 10 वर्षों के लिए है वही भारतीय उपमहाद्वीप के डिजिटल अधिकार 2018 से 2022 तक 5 सालों के लिए है | बाकी जगत के मीडिया अधिकार भी 5 सालों की अवधि के लिए 2018 से 2022 तक है | सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गयी प्रशासकों की समिति, जिसकी अगुवाई विनोद राय कर रहे थे, अब बीसीसीआई पर हर-पल निगरानी रख रही है |

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