आई पी एल के अगले संस्करण में 150 करोड़ की कमाई करेंगी टीमें

Sony Pictures and Discovery bid for IPL media rights

वर्तमान आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक आई पी एल फ्रेंचाइज़ी, टीम के ऊपर 120-150 करोड़ रुपये वार्षिक खर्च करती है। इसमें खिलाड़ियों की फीस, फ्रेंचाइज़ी फीस तथा अन्य प्रशासकीय कार्यों का खर्च सम्मिलित है।

बी सी सी आई 4 सितम्बर को धन से परिपूर्ण आई पी एल के मीडिया अधिकार बेचने जा रही है और इससे सिर्फ बोर्ड ही लाभान्वित नहीं होगा बल्कि फ्रेंचाइज़ियों के लिये भी यह फायदे का सौदा होगा। बोर्ड ने मीडिया अधिकार की नीलामी कई श्रेणियों में भारतीय उपमहाद्वीप और शेष विश्व के लिए अलग अलग रखी है। पहली गेंद फेंके जाने से पहले ही आठों फ्रेंचाइज़ी कम से कम 150 करोड़ रूपए कमा चुकी होंगी। इतनी बड़ी रकम का अर्थ है यह फ्रेंचाइज़ियों के लिये लाभदायक होने के साथ साथ उनके विकास में भी सहायक होगा यदि टीमें फ़िज़ूलखर्ची न करें।

    सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रह्मण्यम स्वामी की आई पी एल प्रसारण अधिकार की ई-नीलामी याचिका खारिज की

पूर्वानुमान है कि अगले पांच साल(2018-2022) के आई पी एल के प्रसारण अधिकार और डिजिटल अधिकार की नीलामी 12000-14000 करोड़ रूपए में होने की उम्मीद है। मुख्य प्रायोजक वीवो पहले ही 2199 करोड़ रूपए निवेश कर चुका है। इसके अतिरिक्त 3-4 आधिकारिक प्रायोजकों के भी इस दौरान 700-800 करोड़ निवेश करने की सम्भावना है। इन सबसे बी सी सी आई का राजस्व कम से कम 15000 करोड़ रूपए(3000 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष) तक पहुँचने की सम्भावना है।

अनुबंधों एवं शर्तों के अनुसार इस 3000 करोड़ का 40% यानी 1200 करोड़ रूपए बी सी सी आई अगले संस्करण की 8 फ्रेंचाइज़ियों में वितरित करेगी।
एक आई पी एल फ्रेंचाइज़ी के आला अधिकारी ने इकोनॉमिक टाइम्स से कहा ” इस वित्तीय प्रबंधन के आधार पर सभी टीमें अगले साल भी आराम से प्रतियोगिता में भाग ले सकती हैं। यदि खिलाड़ियों पर ज़्यादा खर्च न हो तो 50 करोड़ से अधिक का लाभ होगा।”

    टीएनपीएल 2017 में से किस पर रहेगी आईपीएल नीलामी में नज़र

किंग्स इलेवन पंजाब के सह प्रभारी मोहित बरमन ने कहा ” हम आशा करते हैं कि इस साल के मुकाबले अगले साल केंद्रीय राजस्व अधिक होगा। इसलिए खर्च अधिक न बढ़ने पर राजस्व में वृद्धि लाभदायक होगी।”

आई पी एल की सबसे लाभकारी फ्रेंचाइज़ी, शाहरुख़ ख़ान के स्वामित्व वाली कोलकाता नाइट राइडर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकी मैसूर ने कहा ” राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी लेकिन मैं राशि को लेकर कोई अनुमान नहीं लगाना चाहता। यह बहुत सी फ्रेंचाइज़ियों के लिये लाभकारी होगा किन्तु एक फ्रेंचाइज़ी के विकास को राजस्व पर निर्भर नहीं होना चाहिए बल्कि अपनी खुद की पहचान और प्रशंसकों के जरिये खुद को विकसित करना चाहिए”।

    राजस्थान रॉयल्स आईपीएल 2018 में अलग नाम से खेलेगी?

वर्तमान आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक आई पी एल फ्रेंचाइज़ी, टीम के ऊपर 120-150 करोड़ रुपये वार्षिक खर्च करती है। इसमें खिलाड़ियों की फीस, फ्रेंचाइज़ी फीस तथा अन्य प्रशासकीय कार्यों का खर्च सम्मिलित है। अगले वर्ष से टीमों को फ्रेंचाइज़ी फीस देने की ज़रुरत नहीं होगी किन्तु अपने राजस्व का 20% बी सी सी आई को देना होगा।

आई पी एल फ्रेंचाइज़ियाँ 3 प्रकार से राजस्व अर्जित करती हैं- केंद्रीय राजस्व, प्रायोजन और टिकट बिक्री। मैसूर ने कहा “आपके कितने अधिक प्रशंसक हैं और आपका ब्रांड कितना सशक्त है, इस पर मूल्यांकन होता है। यदि आपका ब्रांड सशक्त है तो दूसरे ब्रांड आपके सहयोगी बनना चाहेंगे और अगर आपके पास प्रशंसकों का एक बड़ा हिस्सा है तो यह आपकी टिकट बिक्री और व्यापार को बढ़ाएगा। यदि आप सिर्फ केंद्रीय राजस्व पर निर्भर हैं तो आप अपना महत्त्व न बढ़ा कर दूसरे राजस्वों पर सब्सिडी ले रहे हैं। हालाँकि केंद्रीय राजस्व में बढ़ोत्तरी सभी फ्रेंचाइज़ियों के शेयरधारकों के लिए ख़ुशी की बात है”।

    क्या आईपीएल -2018 को महाराष्ट्र से हटा दिया जाएगा?

Source: IPL teams set to earn Rs 150 crore next season

Summary
Review Date
Reviewed Item
Teams to earn INR 150 crore in IPL 2018 | CricketinHindi.com
Author Rating
51star1star1star1star1star

Leave a Response

share on: