सचिन तेंदुलकर के प्रशंसकों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विराट कोहली के शतकों की सीमा तय की

Supreme Court orders Kohli not to break Tendulkar 100 records

उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों के लिए नए नियम तय करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सचिन तेंदुलकर के प्रशंसकों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए विराट कोहली के शतकों की सीमा तय कर दी है। सचिन गौतम ने एक पी आई एल के ज़रिये सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि कोहली के शतकों की संख्या सीमित की जाए ताकि वह सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को पार न कर सकें।

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जब उनसे इस अजीबोगरीब पी आई एल दाखिल करने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा “सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कई साहसिक निर्णय दिए हैं जिससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा और हमने पी आई एल दाखिल कर दी।”

इस केस को जीतने के बाद मयंक वर्मा ने कहा “पहले सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई और उसके बाद उज्जैन मंदिर में जलाभिषेक के लिए पानी की सीमा तय की। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला। मैं क्रिकेट के भगवान के प्रशंसकों की भावनाओं को आहत नहीं होने देना चाहता। और आश्चर्यजनक रूप से कोर्ट ने न सिर्फ मेरी दलील सुनी बल्कि मैं केस जीत भी गया।”

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सचिन तेंदुलकर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन उनके प्रशंसक इस फैसले पर जश्न मना रहे हैं। कुछ प्रशंसकों ने इसे भारतीय क्रिकेट के इतिहास का ऐतिहासिक दिन घोषित कर दिया है।

लेकिन विराट कोहली के प्रशंसक हिमांशु सिरोही कोर्ट के फैसले से निराश हैं। उन्होंने बताया “कोर्ट से मेरा विश्वास उठ गया है। लेकिन मुझे विश्वास है कि कोर्ट कोहली के अर्धशतकों की सीमा तय नहीं करेगा और कम से कम उन्हें सचिन तेंदुलकर के अर्धशतकों को पार करने की अनुमति मिलेगी।”

इन सबके बीच सूत्रों से पता चला है कि राजदीप सरदेसाई एक नई किताब लिखने वाले हैं जिसका शीर्षक होगा “2017 सुप्रीम कोर्ट: फैसला जिसने विराट कोहली को महान क्रिकेटर बनने से रोक दिया”

Source: Supreme Court sets annual limit for Virat Kohli’s 100s to protect sentiments of Sachin Tendulkar’s fans

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