रहाणे को इंग्लैंड के खिलाफ शीर्ष क्रम में इस्तेमाल करेंगे कुंबले (Kumble says Rahane will bat in top order against England)

Kumble says Rahane will bat in top order against England

अजिंक्य रहाणे, यकीनन भारत के सबसे बहुमुखी टेस्ट बल्लेबाज, एक ऐसे स्थान पर इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय मैचों में बल्लेबाज़ी करेंगे जो उन्हें जल्द ही छोड़ना पड़ेगा, जब भारत के नियमित ओपनर वापसी करेंगे. एक ऐसे दिन जब उनके 83 बॉल में बनाए गए 91 रनों ने भारत-ए टीम को इंग्लैंड पर मुंबई में अभ्यास मैच में जीत दिलाई, कोच अनिल कुंबले ने इस बात की पुष्टि की कि रहाणे इंग्लैंड सीरीज़ में उपर बल्लेबाज़ी करेंगे.

शिखर धवन और रोहित शर्मा भारत के लिए आजतक की तीसरी सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी रहें हैं. पहली बार इन दोनों ने इंग्लैंड में 2013 की चॅंपियन्स ट्रोफी में साथ ओपनिंग करी थी और ऑस्ट्रेलिया में 2015 विश्व कप में भी अच्छा प्रदर्शन किया था. रहाणे ने अब तक मध्य क्रम में अपनी मज़बूत दावेदारी पेश नहीं की है लेकिन ओपेनरों को लगातार लगती चोटों की बदौलत उन्हें शीर्ष क्रम में मौके मिलते रहें हैं. टी२० टीम से निकाले जाने के बाद अब रहाणे को फिर एक बार रोहित शर्मा के चोटिल होने के कारण, शिखर धवन के साथ ओपनिंग करने का मौका मिला है.

के एल राहुल के टीम में होने की दबाव से रहाणे को सीरीज़ में कुछ बेहतरीन ही करना होगा जिससे की वो अपनी दावेदारी कायम रख सकें. ये साबित करने के लिए उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ़ 3 मैच ही मिलेंगे. हालाँकि निःसंदेह आईपीएल के प्रदर्शन से भी भारतीय चयंकरताओं के निर्णय पर काफ़ी प्रभाव पड़ता आया है.

“इस समय रहाणे को केवल शीर्ष क्रम में बल्लेबाज़ी करते देखा जा सकता है. एकदिवसीय मैचों में मेरे विचार से कोई भी कहीं भी बल्लेबाज़ी कर सकता है और रहाणे अभी भी शीर्ष क्रम में ही बल्लेबाज़ी कर रहें हैं.” – कुंबले ने पुणे में पहला एकदिवसीय शुरू होने से पहले कहा.

Ajinkya Rahane and Anil Kumble
Ajinkya Rahane and Anil Kumble

किसी भी लिहाज़ से मध्य क्रम में पहले ही दावेदारो की एक लंबी कतार है, और अगर रोहित और धवन फिट होकर कंपीओन्स ट्रोफी में ओपनिंग करते हैं, तो विराट नंबर ३ पर, और इसके बाद मध्य क्रम में धोनी, युवराज, के एल राहुल, केदार जाधव और मनीष पांडे में से कोई तीन खिलाड़ी टीम में आएँगे. इसलिए ये रहाणे और सुरेश रैना (जो टी२० मैचों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी कर रहें हाँ) के लिए बहुत कठिन होगा की वे मध्य क्रम में टीम का हिस्सा बने.

कुंबले ने ये तो नहीं बताया की टीम की फाइनल रचना क्या होगी, लेकिन उपलब्ध खिलाड़ियों के समूह से वे खुश हैं. “हमारे चुनने के लिए बहुत से अच्छे विकल्प हैं, और युवराज का टीम में वापिस आना बहुत अच्छी खबर है. हम सब बतौर बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ उनकी काबिलियत को अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन उसी स्थान पर केदार और मनीष पांडे के अच्छे प्रदर्शन को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता.” -अनिल कुंबले

“इतने विकल्प होना और टीम में स्थान पाने के लिए प्रतिस्पर्धा होना एक अच्छी बात है. आप हमेशा टीम में इस तरह का सकारात्मक संघर्ष चाहते हैं. टीम में चयन होना इस बात पर भी निर्भर करेगा कि पिच कैसी है और किसके खिलाफ हम खेल रहें हैं.” – कुंबले ने कहा

एक बात का कुंबले ने आश्वासन दिया की टीम की प्राथमिकता सीरीक्ष जीतने की होगी और चॅंपियन्स ट्रोफी के लिहाज़ से ज़्यादा प्रयोग करने में वो विश्वास नहीं रखते. “किसी भी परिस्थिति में हम टीम में अपने सर्वश्रेष्ठ ग्यारह खिलाड़ी ही रखेंगे. ये हम इसलिए करना चाहते हैं क्योंकि चॅंपियन्स ट्रोफी में भी हर मैच नौक-आउट ही होता है, इसलिए खिलाड़ियों की भी वैसी ही मानसिकता होनी चाहिए और टीम का भी यही संकल्प रहेगा.” – अनिल कुंबले

“आप कभी भी किसी भी सीरीज़ से पहले ये नहीं कह सकते की आदर्श तैयारी क्या होनी चाहिए, इसलिए जो भी हमारे पास है हम उसी से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान रखेंगे. नतीजे ज़रूरी हैं, और हम नतीजों पर ही आधारित हैं.”

इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज़ जीतने में ओस की भी भूमिका रहेगी अगर भारत टॉस हार जाता है तो. इस सीरीज़ में ओस का ध्यान रखते हुए मैच 2.30 के बजाय 1.30 बजे शुरू होंगे लेकिन कुंबले ने कहा की चाहे ओस आड़े भी आए तब भी भारत को उससे उभर कर खेल जीतना होगा. इसकी तैयारी के लिए नेट में भारतीय गेंदबाज़ गीली गेंद से अभ्यास कर रहे हैं.

“कल हमने शाम 7.30 बजे तक अभ्यास किया. और ज़्यादा ओस नहीं देखी गयी, क्योंकि खेल एक घंटा जल्दी शुरू होगा तो ओस अगर पड़ती भी है तो उसका प्रभाव केवल खेल के आख़िरी एक घंटे में आएगा. ये समस्या कोई नयी नहीं है और हमें इसके अनुसार अपना खेल खेलना है. कोई नहीं जनता की मैच के दिन कितनी ओस पड़ेगी. लेकिन सामान्य तौर पर इस मौसम में ओस पड़ती है और इसलिए हमारे गेंदबाज़ गीली गेंद से अभ्यास कर रहें हैं. यही सबसे अच्छा तरीका है. एक कोच के तौर पर आप टीम को हर प्रकार की परिस्थितियों के लिए तैयार करना चाहते हैं.” – कुंबले

“स्पिन गेंदबाज़ों के लिए ज़्यादा मुश्किलें होती हैं. उंगली से स्पिन करना फिर भी संभव है लेकिन रिस्ट स्पिन्नर के लिए ज़्यादा कठिन होगा. लेकिन इस स्तर पर आप बहाने नहीं बना सकते, टीम के लिए आपको सब कुछ करना पड़ेगा. और हम इसी के लिए सबको तैयार कर रहें हैं.”

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