कप्तानी के भार से मुक्त धोनी दोनों पक्ष के लिए अच्छी खबर – कोहली (What Kohli said about captaincy and Dhoni)

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भारत के नाव नियुक्त सीमित ओवेरो के कप्तान विराट कोहली मानते हैं की बिना कप्तानी के भार के धोनी का टीम में होना दोनो पक्षों के लिए अच्छी खबर है. कप्तान नियुक्त होने के एक दिन बाद बीसीसीआई की एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कोहली ने कहा कि वे खेल के छोटे प्रारूपों में टीम की कप्तानी करने में खुद को आश्वस्त और उत्साहित पाते हैं, और क्योंकि वे टीम को काफ़ी अच्छे से जानते हैं, उनका हर कदम 2019 विश्व कप के लिए टीम तैयार करने की तरफ होगा.

“यह एक नये कप्तान के लिए जीत की परिस्थिति है की मेरे पास धोनी हैं, जिनसे मैं कभी भी सलह ले सकता हूँ, और धोनी का क्रिकेटिय मस्तिष्क और उनकी समझ हमेशा बहुमूल्य है. लेकिन सबसे ज़्यादा मैं इस बात से खुश हूँ कि अब धोनी खुल कर बल्लेबाज़ी कर सकेंगे और हमें फिर से वही आक्रामक धोनी देखने को मिलेंगे जिन्हे हमने तब जाना था जब वो नये नये टीम में आए थे. एक खिलाड़ी के तौर पर उत्तरदायित्व आपसे आपकी प्राकृतिक आक्रमकता छीन सकता है, और मुझे लगता है कि यह सही समय है की धोनी अब अपने खेल का आनंद लें क्योंकि उन्होने बहुत सालों से देश की आकांक्षाओं का भार अकेले उठाया है” – कोहली ने कहा.

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धोनी ने 4 जनवरी 2017 को भारत के कप्तान के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था, जिस पद पर उन्होने ९ साल बिताए. कोही एक लंबे समय तक धोनी के उपकप्तान रहे.

कोहली ने कहा की उनके और धोनी के बीच मधुर संबंध हैं, और धोनी उन्हें कप्तान की भूमिका के लिया संवारते रहे हैं. “मैनें उनसे नेतृत्व और आत्म आयोजन के विषय में बहुत सीखा है. आप जब भी “धोनी” सोचते हैं तो पहला शब्द आप के दिमाग़ में “कप्तान” आता है. मेरे लिए वो हमेशा मेरे कप्तान रहेंगे क्योंकि मैने अपने करियर की शुरुआत उन्ही के अंडर की थी. वे हमेशा मेरे वही मार्गदर्शक रहेंगे, जिसने मुझे अवसर दिए, खुद को एक क्रिकेटर के रूप में विकसित करने के लिए पर्याप्त समय और स्थान दिया, और कई मौकों पर मुझे टीम से निकाले जाने से भी बचाया.”

कोहली ने कहा – “हम दोनों के बीच बेहद आपसी सम्मान है क्योंकि धोनी इस बात को समझते हैं की उपकप्तान का दायित्व मिलने के बाद मैने अपने खेल पर बहुत मेहनत की है और साथ ही साथ मानसिक रूप से भी खुद को मज़बूत किया है. हमारी दोस्ती बाहित गहरी है और मैं इस बात को अपना सौभाग्य मानता हूँ की धोनी मेरी कप्तानी में मेरे साथ होंगे अपने बहुमूल्य विचार साझा करने के लिए.”

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“कप्तानी का दायित्व संभालने के लिए मैने खुद को मानसिक रूप से पहले से ही तैयार कर लिया था और धोनी भी समय समय पर मुझसे रणनीतियाँ साझा करते रहें हैं क्योंकि वे भी मुझे इस ज़िम्मेदारी के लिए तैयार करने की गंभीरता समझते हैं.”

धोनी का बल्लेबाज़ी क्रम पहले से ही चर्चा का विषय रहा है, कई विशेशग्यो ने माना है की बढ़ती उम्र के चलते बेहतर होगा की धोनी उपर बल्लेबाज़ी करने आएं और पारी को दिशा दें क्योंकि मॅच के अंतिम ओवेरो में जिताने का उत्तरदायित्व मानसिक और शारीरिक रूप से थकाने वाला है. कोहली ने भी धोनी के उपर बल्लेबाज़ी करने की इच्छा ज़ाहिर की है. “मैं चाहता हूँ की धीनी अपनी पारंपरिक पोज़िशन से उपर आ कर बल्लेबाज़ी करें और खुल कर अपने खेल का आनंद लें. जब धोनी अपने खेल का लुत्फ़ लेंगे और वैसे ही बल्लेबाज़ी करेंगे जैसे वो अपने करियर की शुरुआत में किया करेंगे तो निश्चित ही भारत की टीम और भी ज़ायद मज़बूत हो जाएगी.”

    विराट कोहली – भारत – रिकौर्ड़स (Virat Kohli Records)

कोहली ने माना की सीमित ओवेरो में कप्तानी करना उनके लिए टेस्ट कप्तानी से ज़्यादा आसान होगा. कोहली ना २०१५ जनवरी से भारत की टेस्ट कमान अपने हाथों में ली हुई है जब महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के दौरे के बीच में ही कप्तानी छोड़ दी थी. उस समय कोहली ने कुल 32 टेस्ट मॅच ही खेले थे. आज कोहली के पास 176 एकदिवसीय और 45 टी२० मैचों का अनुभव है.

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“मैं इस ज़िम्मेदारी को लेने के लिए खुद को आश्वस्त महसूस करता हूँ क्योंकि मैने काफ़ी सीमित ओवेरो की क्रिकेट खेली है और विभिन्न परिस्थितियों से बहुत कुछ सीखा है. इसलिए मैं अपनी नीतियाँ ज़्यादा अच्छे से लागू कर पाऊँगा, जबकि टेस्ट मैचों की शुरुआती कप्तानी में शायद ऐसा नहीं था.”

“मुझे एक दिन पहले बताया गया था की धोनी नहीं खेलेंगे और मुझे कप्तानी करनी है (जब धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से सन्यास लिया था), यह मुझे काफ़ी आश्चर्यजनक लगा था क्योंकि उस साने मैं टेस्ट क्रिकेट में अपनी शुरुआत ही कर रहा था.”

कोहली मानते हैं कि 2019 विश्व कप में भारत की कप्तानी करना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी, लेकिन अपनी दृष्टि उस लक्ष्य पर रखते हुए भी कोहली इस बीच होने वेल किसी भी मॅच को हल्के में ना लेते हुए जीत की पूरी कोशिश रखेंगे. वे मानते हैं की लगतार जीतते रहने से अच्छी तैयारी और कुछ नही हो सकती.

    महेंद्र सिंह धोनी – भारत – रिकॉर्ड्स (Mahendra Singh Dhoni Records)

“विश्व कप के बारे में सोचने भर से ही मैं रोमांचित हो उठता हूँ. मुझे लगता है यह युवा खिलाड़ियों के लिए सबसे अच्छा समय है की टीम में अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन के दम पर जगह पक्की करते हुए २०१९ विश्व कप के लिए तैयार रहें. मेरा लक्ष्य ऐसे ही खिलाड़ियों की तलाश कर उन्हे अलग अलग क्रम पर खेलने की कसौटी पर परखना, और पर्याप्त समय देना की वे बड़े मैचों के लिए खुद को तराशें और किसी भी प्रकार का दबाव महसूस ना करें.”

“लेकींन इसमें अभी काफ़ी समय बाकी है. हमारा लक्ष्य हर मॅच को जीतने का है – प्रक्रिया के नाम पर मॅच खोने का मैं कभी भी पक्षधर नही रहा हूँ, क्योंकि मुझे लता है मॅच हारने से खिलाड़ियों का मनुबल गिरता है.”

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“जब आप दबाव में होते हैं तो कई लोग उससे बाहर निकलने का रास्ता नहीं खोज पाते. लेकिन अगर आप ऐसी परिस्थितियों का सामना लगातार करें और वहाँ से मॅच जीतने लगे, तो आप मानसिक तौर पर बड़ी श्रंखलाओं में मज़बूत टीमों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं. यह एक लगातार प्रयोग करने की प्रक्रिया है और युवाओं को सही प्रोत्साहन और मार्गदर्शन दे कर उनकी प्रतिभाओं से मॅच जितवाना इसमें बहुत अहम है.”

कोहली मानते हैं की प्रभारी होने के बाद से वो एक बेहतर खिलाड़ी बने हैं. “ज़िम्मेदारियों में हमेशा मेरा खेल निखरता आया है क्योंकि मैं व्यक्तिगत तौर पे भी कोई ढिलाई ना बरतने वाला इंसान हूँ. आईपीएल मुकाबलों में रॉयल चॅलेनजर्स बंगलोर की कप्तानी करते हुए मेरे लिए ६०-७० रनों के बाद अपने विकेट फेंक देना बहुत आसान है लेकिन मैं तब भी लंबी पारियाँ खेल कर टीम के उदाहरण सिद्ध करने में विश्वास करता हूँ. मुझे लगता है की जब मैं ऐसा करके दिखौँगा तभी बाकी खिलाड़ियों से भी मैं ऐसी ही अपेक्षा रख सकूँगा.”

“यह मुझे एक अच्छा खिलाड़ी और अच्छा इंसान बनने में सहयोग करता है. इससे मुझे खेल की बेहतर समझ होती है और मैं ज़्यादा एकाग्रता से खेल की बारीक विव्र्णताओं को भाँप लेता हूँ जो जीत और हार के बीच का अंतर साबित होती हैं.”

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