युवराज और धोनी के शतकों से भारत ने इंग्लैंड से सीरीज़ जीती (Yuvraj and Dhoni hundreds lead India to series victory over England)

Yuvraj and Dhoni hundreds lead India to series victory over England

भारत 6 विकट पर 381 रन (युवराज 150. धोनी 134, वॉक्स 4-60) ने इंग्लैंड 366-8 (मॉर्गन 102, रॉय 82, मोईन 55, रूट 54, अश्विन 3-65) को 15 रन से हराया.

याद है वो समय जब एकदिवसीय क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करना मुश्किल समझा जाता था? भारत और इंग्लैंड की सीरीज़ के दूसरे मुक़ाबले ने दिलों की धड़कन बढ़ाई, एक तेज़ आउटफील्ड और छोटे मैदान ने बल्लेबाज़ों को ग़ज़ब का आत्मविश्वास प्रदान किया. भारत ने पहले ंबल्लेबाज़ी करते हुए 381 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके सूत्रधार युवराज सिंह (150 रन) और महेंद्र सिंह धोनी (134 रन) बने जिन्होने अपने करियर का दसवाँ शतक जड़ा. लेकिन बमुश्किल ही ये दोनो मैच के हीरो बन पाए क्योंकि इंग्लैंड की जवाबी कार्यवाही में कप्तान ईयन मॉर्गन ने इंगैंड के क्रिकेटरों के इतिहास की सबसे शानदार शतकीय पारी खेली.

एक ऐसा मैच जिसमे 747 रन बने, 19 छक्के और 81 चौके देखे गए का मोड़ तब बदला जब आख़िरी ओवर से पहले जस्प्रीत बूम्राह ने ईयन मॉर्गन को 102 के निजी स्कोर पर रन आउट करा दिया, जो दूसरे रन के लिए दौड़ रहे थे.

युवराज सिंह ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलते हुए 150 रन बनाए और धोनी ने अपने करियर का दसवाँ शतक बनाते हुए भारत को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज़ के दूसरे एकदिवसीय मुक़ाबले में 381 रन के स्कोर तक पहुँचाया. इंग्लैंड को सीरीज़ में बने रहने के लिए ये मैच जीतना आवश्यक था और उन्होने अच्छी शुरुआत करते हुए भारत के पहले 3 विकट 5 ओवर के भीतर ही गिरा दिए. विराट कोहली भी केवल 8 रन ही बना सके. लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की युवराज और धोनी ने जमकर खबर ली.

युवराज सिंह – भारत – रिकॉर्ड्स (Yuvraj Singh Records)

बराबती स्टेडियम के दर्शकों को गेंदबाज़ों से कुछ सहानभूति ज़रूर हुई होगी, जब उन्होने युवराज और धोनी को बीते दिनों के अंदाज़ में प्रहार करते देखा, और दोनो ने 230 गेंदों में 256 रनों की विशाल साझेदारी कर दी. हर प्रकार के शॉट युवराज और धोनी के बल्लों से देखने को मिले और किसी गेंदबाज़ को बख्शा नही गया. धोनी के शॉट इतने आक्रामक थे की बेन स्टोक्स और आलेक्स हेल्स को अलग अलग मौकों पर चोट भी लगी. मैदान पर स्थित स्पाइडर केमरा तक सुरक्षित नही रहा.

युवराज मैदान पर इतने जानलेवा नही थे और उन्होने मानवता के नाते जीवित और आजीवित वस्तुओं को नुकसान नही पहुँचाया. युवराज मैच के तीसरे ओवर में बल्लेबाज़ी करने आए और एक ऐसी पिच पर जहाँ बाउन्स ज़्यादा नही था उन्होने इंग्लैंड के गंदबाज़ों द्वारा की गयी छोटी गेंदबाज़ी का भरपूर फ़ायदा उठाते हुए 2011 विश्व कप के बाद से अपना पहला शतक बनाया. ये कमाल उन्होने अपनी ९८वीं गेंद पर किया और उसके बाद के जश्न से सिद्ध हो गया की युवराज के लिए इस पारी के क्या मायने थे. आसमान की ओर दहते हुए युवराज ने अपने हाथ उपर उठा लिए और फिर बल्ले को अपने सीने पर मरते हुए युवराज ने दर्शकों के अभिवादन को स्वीकार किया. 35 साल की उम्र में कोई आशा ना रखते हुए टीम में वापसी करना और अपने करियर का सर्वाधिक स्कोर बनान निश्चित ही एक बेहद सुखद अनुभव था युवराज के लिए.

Yuvraj-and-Dhoni-added-256-runs-for-the-fifth-wicket-against-England-in-second-ODI-in-Cuttack-on-19th-Jan-2017
Yuvraj-and-Dhoni-added-256-runs-for-the-fifth-wicket-against-England-in-second-ODI-in-Cuttack-on-19th-Jan-2017

हालाँकि हमेशा की तरह धोनी के साथ ऐसी भावनाओं की कोई जगह नही थी. उन्होने परिस्थिति के मुताबिक ही अपने रंग दिखाए. जब धोनी बल्लेबाज़ी करने आए तो भारत के ३ विकट गिर चुके थे और उन्होने अपनी पहली 16 गेंदों में केवल एक रन बनाया. लेकिंग जब 3 विकट लेने वाले वॉक्स दोबारा गेंदबाज़ी करने आए तो धोनी ने उनकी जमकर धुलाई कर डाली. धोनी ने 122 गेंदों का सामना कर 134 रन बनाए और एकदिवसीय क्रिकेट में 200 छक्के मारने वाले पहले भारतीय बने. उनका ये चक्का ठीक उसी अंदाज़ में आया जैसे उन्होने 2011 के विश्व कप के फाइनल में जिताया था. और एक समानता यह भी थी की वो आख़िरी मौका था जब धोनी और युवराज ने मिलकर 50 रन से अधिक की साझेदारी की थी.

इंग्लैंड को एक काफ़ी छोटे लक्ष्य की आशा थी जब क्रिस वॉक्स ने बेहतरीन गेंदबाज़ी करते हुए विराट कोहली, के एल राहुल और शिखर धवन को सस्ते में पवेलियन लौटा दिया था. के एल राहुल ने टेस्ट मैचों में इंग्लैंड को ख़ासा परेशन किया था, और विराट कोहली ने खेल के सभी प्रारूपों में अपनी बल्लेबाज़ी का लोहा विश्व भर में मनवाया है. और इन दोनो समेत शिखर धवन का विकट इंग्लैंड मैच के पहले पाँच ओवर के भीतर ले चुका था!

लेकिन इसके बाद इंग्लैंड ने ग़लतियाँ की. युवराज सिंह को छोटी गेंद करते गए और वे आराम से पुल करके चौके लगाते रहे. युवराज को छोटी गेंद सिर्फ़ तेज़ पिचों पर परेशान करती रही है, और ये पिच इतनी तेज़ नही थी. ऐसे समय में जब धोनी ने शुरुआती ओवर में रन बनाने की तरफ ध्यान तक नही दिया और युवराज क्रीज़ पर जम चुके थे, मध्य के ओवेरो में इन दोनो ने जमकर प्रहार किया.

भारत ने 30 से 40 ओवर के बाच 94 रन ठोक दिए और पारी के अंतिम पाच ओवेरो में धुआँधाड़ 73 रन बनाए. पारी के अंतिम पड़ाव में पिछले मैच के हीरो रहे केदार जाधव, हार्दिक पांड्या और रवीन्द्र जडेजा ने भी अपने हाथ दिखाते हुए चौको छक्कों की बरसात कर दी. इंग्लैंड के लिए गेंदबाज़ी में केवल वॉक्स कुछ कमाल कर सके और उन्होने चार विकट लिए, साथ ही मोईन अली ने किफायती गेंदबाज़ी करते हुए 6 रन प्रति ओवर से कम की दर से रन दिए.

Leave a Response

share on: