फिर से धोनी के साथ आक्रामक बल्लेबाज़ी करना चाहता हूँ – युवराज (Yuvraj wants to bat aggressively with Dhoni again)

Yuvraj Singh and MS Dhoni

इंडियन एकदिवसीय टीम में वापसी कर रहे युवराज सिंह को लगता है की धोनी के पास भारतीय क्रिकेट को देने के लिए अभी भी बहुत कुछ है और वे फिर से धोनी के साथ उसी आक्रामकता और निडरता से बल्लेबाज़ी करना चाहते हैं.

युवराज ने अपने इंटरव्यू में कहा की धोनी एक कप्तान के तौर पर बेहतरीन रहे हैं, और उन्होने सही समय पर कप्तानी छोड़ने का निर्णय लिया है; धोनी ने पिछले सप्ताह एकदिवसीय और टी20 क्रिकेट में भारत की कप्तानी से इस्तीफ़ा दे दिया था.

“मुझे लगता है की धोनी एक उम्दा कप्तान रहे हैं. हमने उनकी कप्तानी में विश्व कप और चॅंपियन्स ट्रोफी जीती है. उनके मार्गदर्शन में हम विश्व की नंबर एक टेस्ट टीम बने. यह बोहोट बड़ी उपलब्धियाँ हैं और मुझे नही मालूम और कितने कप्तानो ने विश्व स्तर पर ऐसा किया है” – युवराज ने कहा.

“इस समय धोनी का कप्तानी छोड़ना बहुत अच्छा निर्णय है क्योंकि उन्हे अब लगा होगा की कप्तानी का भार संभालने का समय अब किसी और का होना चाहिए, और 2019 विश्व कप से पहले विराट को कप्तान बनाना भारतीय क्रिकेट के लिए बेहतर है.”

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“उनमें अभी भी एक खिलाड़ी के तौर पर बहुत क्षमता है और मुझे लगता है वे अपने अंदाज़ में ही क्रिकेट खेलेंगे. जब हम साथ खेला करते थे तो बहुत ही आक्रामक और निडर तरीके से खेलते थे, और मुझे आशा है की आगामी इंग्लेंड सीरीज़ में भी हम वैसे ही खेलेंगे.”

युवराज, जिन्हे आगामी इंग्लेंड सीरीज़ के लिए टीम में चुना गया है, पिछले टीन वर्ष से भारतीय टीम से बाहर थे, और उन्होने पिछले वर्ष मार्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टी20 मुक़ाबले के दौरान टखने में चोट लग जाने के बाद से एक भी अंतरराष्ट्रीय मॅच नही खेला है. उनका टीम में चयन हालिया रणजी सीरीज़ में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर हुआ है, जिसमे उन्होने पंजाब के लिए खेलते हुए 84 की औसत से 5 मैचों में 672 रन बनाए. युवराज ने यह भी कहा की वे आओनी फिटनेस पर अब और भी ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं क्योंकि अब उनकी उम्र 35 के पार हो गयी है.

“मैं अपनी सेहत पर बहुत ध्यान दे रहा हूँ क्योंकि जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपको उतने ही परिणाम प्राप्त करने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है. जब आप 35 साल के हो चुके होते हैं तो आपका शरीर ज़्यादा मेहनत और चोट से उभरने के लिए ज़्यादा समय लेता है. मैने अपने ख़ान पान पूरी तरह से बदल दिया है, और ये ध्यान में रखते हुए की मेरे शरीर ने पिछले कुछ सालों में जितना कुछ सहा है मुझे कई ज़्यादा घंटे लगाने पड़ते हैं और ज़्यादा ध्यान भी रखना पड़ता है.”

उन्हें इस बात का भी अंदाज़ा है की नये कप्तान कोहली अपने सभी खिलाड़ियों से 100% चाहते हैं.

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“विराट के लिया प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण है. वे अपने करियर में निरंतर प्रदर्शन करते रहे हैं, और उनकी यही निरंतरता और आक्रामकता उन्हे एक बहुत अच्छा कप्तान भी बनती है. वे अपने प्रत्येक खिलाड़ी से 100% चाहते हैं, और ये एक बेहद सफल कप्तान की निशानी है.” – युवराज

“वे हर साल बेहतर होते जा रहे हैं – अपने करियर की शुरुआत से ही उन्होने बहुत रन बनाए, फिर उन्होने बहुत शतक बनाए, और अब तो वो टेस्ट मैचों में दोहरे शतक बना रहे हैं. खेल के सभी प्रारूपों में उनका औसत 50 से उपर का है, और मुझे नही लगता विश्व में किसी भी बल्लेबाज़ ने ऐसा किया है. मुझे पूरा भरोसा है की कोहली भारतीय क्रिकेट के अगले स्तर तक ज़रूर ले जाएँगे.”

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