एम एस धोनी का कैरियर अभी आधा भी समाप्त नहीं हुआ- रवि शास्त्री

MS Dhoni is not even half done says Ravi Shastri

श्रीलंका के खिलाफ जारी एकदिवसीय श्रृंखला में धोनी का प्रदर्शन शानदार रहा है।

बृहस्पतिवार को धोनी द्वारा खेले गए उनके 300वें एकदिवसीय मुकाबले सहित पिछली तीन पारियों में उन्होंने नाबाद 45, 67 और 49 रनों की पारी खेली।

    सहवाग के अनुसार 2019 विश्व कप के लिये अहम हैं एम एस धोनी

शास्त्री ने कहा फिटनेस से कोई समझौता नहीं

शनिवार को भारत के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर लगाये जा रहे कयासों पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रतिभशाली खिलाड़ी का अभी आधा कैरियर भी समाप्त नहीं हुआ है और इंग्लैंड में 2019 में होने वाले विश्व कप में उनका चयन लगभग सुनिश्चित है।

श्रीलंका के खिलाफ जारी एकदिवसीय श्रृंखला में धोनी का प्रदर्शन शानदार रहा है। धोनी द्वारा खेले गए उनके 300वें एकदिवसीय मुकाबले सहित पिछली तीन पारियों में उन्होंने नाबाद 45, 67 और 49 रनों की पारी खेली।

शास्त्री ने कहा कि 2019 विश्व कप से पहले टीम में खिलाड़ियों की अदला बदली के प्रयोग होंगे लेकिन 36 वर्षीय धोनी उनकी योजनाओं का अभिन्न अंग हैं।

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शास्त्री ने कहा ” एम एस धोनी टीम पर गहरा प्रभाव डालते हैं। ड्रेसिंग रूम में और खेल के मैदान पर वह एक दिग्गज खिलाड़ी हैं। किसी भी मायने में उनका कैरियर पूरा तो क्या आधा भी समाप्त नहीं हुआ है।”

“यदि कोई ऐसा सोचता है तो वह गलत है। उनके अंदर अभी भी आश्चर्यजनक प्रदर्शन करने की शक्ति है।”

मुख्य कोच के अनुसार धोनी देश के अब तक के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर

शास्त्री ने प्रश्न किया “आप खिलाड़ियों का चयन कैसे करते हैं? जब वो अच्छा खेलते हैं और धोनी के बल्लेबाज़ी के आंकड़ों को भुला भी दें तो सीमित ओवरों के खेल में वह देश के सर्वश्रेष्ठ कीपर हैं। इससे ज़्यादा और क्या चाहिये? सिर्फ इसलिये कि वह काफ़ी वर्ष तक खेल चुके, आप उनके विकल्प की तलाश कर रहे हैं?”

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“धोनी देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। क्या आप सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर को 36 वर्ष की अवस्था में बाहर कर देते? धोनी अभी भी खेल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं इसलिये ऐसी बातें क्यों की जाएं?”

शास्त्री ने ध्यान दिलाया कि विश्व कप से पहले भारत 40 सीमित ओवरों के मुकाबलों में हिस्सा लेगा और इस बीच खिलाड़ियों की अदला बदली का प्रयोग भी किया जायेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया में फिटनेस चयनकर्ताओं की पहली प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा “एकदिवसीय मुकाबलों में हम प्रयोग करेंगे। हार या जीत से ज़्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। निःसंदेह आप जीतने के लिये खेलते हैं लेकिन हमें सभी खिलाड़ियों का उपयोग करना होगा। विश्व कप के लिए अभी समय है और फ़िलहाल हम हर एक श्रृंखला पर ध्यान दे रहे हैं।”

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“इस श्रृंखला में हमारे अधिकतर खिलाड़ी खेल चुके हैं किंतु हमारी प्राथमिकता है कि हर खिलाड़ी को पर्याप्त अवसर मिले जिससे कि विश्व कप से 12-15 महीने पूर्व हमारे पास 18-20 ऐसे खिलाड़ी हों जिन्हें हम विश्व कप में उतार सकें।”

“खिलाड़ियों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण है और मुख्य टीम उन्हीं 18-20 खिलाड़ियों में से होगी।”

शास्त्री ने आगे कहा कि फिटनेस से कोई समझौता नहीं किया जायेगा।

उन्होंने कहा “हम सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षण वाली टीम तैयार कर रहे हैं और इसके लिए फिटनेस सबसे अहम है। इसीलिए हमने कुछ मानक तय किये हैं।”
“मेरा काम टीम के चयन में दखलअंदाजी देना नहीं है, यह चयनकर्ताओं का काम है। मैं चाहता हूँ कि मेरे खिलाड़ी मुझ पर विश्वास करें। पूरे साल क्रिकेट देखने वाले खेल के मैदान पर प्रदर्शन के आधार पर यदि मानकों पर खरे उतरते हैं तो वह चयन के लिए उपलब्ध होंगे।”

जब कोच से फिटनेस मानकों के आधार पर युवराज सिंह और सुरेश रैना के विश्व कप से बाहर होने की संभावनाओं पर प्रश्न किया गया तो उन्होंने इस पर सहमति देते हुए कहा “टीम में चयन के लिये जो मानक निर्धारित किये गये हैं, हर किसी को उस पर खरा उतरना होगा।”

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शास्त्री के प्रमुख कोच नियुक्त होने की शुरुआत भारतीय टीम की जीत से हुई। टीम ने श्रीलंका में लगातार दूसरी टेस्ट श्रृंखला जीती और अब प्रभावशाली ढंग से एकदिवसीय श्रृंखला पर भी कब्ज़ा कर लिया।

कोच का पूरा ध्यान आगामी विदेशी दौरों पर केंद्रित है।

शास्त्री ने कहा ” यह एक बेहतरीन दौरा रहा है और टीम ने काफी साहस का प्रदर्शन किया है। पालकेले में दूसरे एकदिवसीय मैच में हमारे सात विकेट गिर गए थे और वहाँ से जीत दिलाने के पर्याप्त साहस की आवश्यकता थी।”

“जब आप एक ही टीम के खिलाफ ज़्यादा मुकाबले खेलते हैं और अधिक यात्रा करते हैं तो यह आपको मानसिक रूप से थका देता है। ऐसे में खुद को प्रोत्साहित करना एक चुनौती है। अगले दो वर्षों में जहाँ एक ओर सीमित ओवरों के काफ़ी मुकाबले होने वाले हैं वहीं दूसरी ओर कई सारे टेस्ट मैच भी होंगे।”

उन्होंने कहा कि भारतीय टीम पूरे विश्व में कहीं भी जीतने की क्षमता रखती है।

उन्होंने कहा “विश्व क्रिकेट की कोई भी टीम विदेशों के अधिक दौरे नहीं करती किन्तु भारतीय टीम अधिक दौरे कर सकती है और हम ऐसा कर भी रहे हैं।”

“यदि आप पिछले तीन सालों में देखें तो पाएंगे कि 2014 में हमने इंग्लैंड में एकदिवसीय श्रृंखला जीती। 2016 की टी 20 श्रृंखला में हमने ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से हराया और मुझे ठीक से याद भी नहीं कि किस टीम ने इसके पहले ऑस्ट्रेलिया में यह उपलब्धि प्राप्त की। श्रीलंका में हमने एक के बाद एक श्रृंखला खेली। पिछले साल हमने एशिया कप जीता। इस प्रकार यह युवा टीम विदेशों में काफी खेल चुकी है।”

अश्विन और चेतेश्वर पुजारा इंग्लैंड में काउंटी चैंपियनशिप के अंतिम सप्ताह में खेल रहे हैं।

Source: MS Dhoni is not even half finished yet: Ravi Shastri

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