10 घटनाएं जब पिच पर बल्लेबाज गेंदबाज की गेंद से चोटिल हो गया

10 instances of bowler hurting batsmen in cricket

एक नजर क्रिकेट इतिहास की क्रूर घटनाओं पर :

न्यू यॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक लेख, ‘द ब्लडी ट्रुथ अबाउट क्रिकेट’ में, लेखक जोनाथन मायर्सन ने लिखा है कि ‘हिंसा क्रिकेट का गंदा रहस्य है’ | उन्होंने कहा कि, “दुनिया में क्रिकेट एकमात्र सामूहिक खेल हो सकता है जिसमें एक खिलाड़ी के लिए अपने गतिविधियों के द्वारा दूसरे खिलाड़ी को चोट पहुँचाना जायज है” |

गेंदबाज जब 90 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से बल्लेबाज के सिर के आसपास गेंदबाजी करता है, तो बल्लेबाज के ऊपर जो खतरा मंडराता है, वो सब को मालूम है | अंतरराष्ट्रीय मैचों में बल्लेबाजी के दौरान खिलाड़ी कई बार मौत के डर को महसूस करते है |

चलिए नजऱ डालते है कुछ क्रूर गेंदों पर जिन्होंने बल्लेबाजों को चोटिल किया और अक्सर इसके दूरगामी परिणाम दिखे |

10. 2002 में ब्रेट ली ने एलेक्स ट्यूडर को चोटिल किया

इंग्लैंड के खिलाड़ी एलेक्स भले ही एक निचले क्रम के बल्लेबाज थे, लेकिन वो किसी भी तरह से नौसिखिया नहीं थे | और उन्होंने एक बार न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में तेज 99 रन भी बनाये थे |

2002 में पर्थ में एशेज टेस्ट में, उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ब्रेट ली पर बाउंसर्स फेंके थे | और जब एलेक्स बल्लेबाजी करने आये तो यह लगभग तय था की ब्रेट ली प्रतिशोध लेंगे | स्टीव वॉ ने गेंद ब्रेट ली को दी और तब ऐसा हुआ |

ब्रेट ली ने नयी गेंद से एलेक्स पर बाउंसर फेंके, एलेक्स एक बाउंसर को पकड़ नहीं पाये और लाइन से दूर जाने के बजाय लाइन की तरफ चले गये, और चोटिल हो गए | जब एलेक्स को स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया तो ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ ब्रेट ली भी चिंतित दिखे | एलेक्स फिर कभी टेस्ट मैच नहीं खेल पाये |

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9. इयान बिशप की गेंद पर रॉबिन स्मिथ का जबड़ा टूट गया

जहां तक तेज गेंदबाजी और निर्दयता का संबंध है, कोई भी टीम क्रिकेट के इतिहास में वेस्ट इंडीज के करीब नहीं आती है।

1995 में, इयान बिशप ने दिखाया की उन्हें सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक क्यों बोला जाता है | रॉबिन स्मिथ इंग्लिश बल्लेबाजी क्रम में तेज गेंदबाजी के सबसे अच्छे खिलाड़ी थे, और वेस्ट इंडीज के खिलाफ उनका प्रदर्शन भी अच्छा था | वेस्ट इंडीज के 1995 के इंग्लैंड दौरे के चौथे टेस्ट में इयान बिशप की गेंद पर रॉबिन चोटिल हो गये |

बिशप की वह गेंद काफी खतरनाक थी | गेंद गुड लेंथ पर पिच हुई, रॉबिन ने जैसे ही आगे बढ़ना शुरू किया, गेंद ऊपर उठ गयी | गेंद को दस्ताने से खेलने के काफी प्रयासों के बाद भी रॉबिन गेंद को खेल नहीं पाये और गेंद उनके चेहरे पर लगी, और उनको मैदान से बाहर जाना पड़ा, वो ‘रिटायर हर्ट’ हो गये |

8. 1996 विश्व कप में एलन डोनाल्ड की गेंद पर यु.ए.ई. के कप्तान चोटिल हुए

यु.ए.ई. के कप्तान सुल्तान जारावानी एक रईस आदमी थे, उनके पास कई स्पोर्ट्स कार थी, और वो अपने साथियो को दिखाते थे, की वो किसी से भी नहीं डरते है | लेकिन, विश्व कप में, एलन डोनाल्ड के खिलाफ बिना हेलमेट के बल्लेबाजी करना शायद सही फैसला नहीं था | यह एक तरह से भड़के हुए सांड को लाल कपड़ा दिखाने जैसा था |

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डोनाल्ड ने एक छोटी गेंद की और वह गेंद जारावानी के सर पर लगी | डोनाल्ड ने बाद में अपनी आत्मकथा में लिखा “उन्हें डर था की जारावानी उस चोट के कारण मर भी सकते थे”| हालाँकि ऐसा कुछ नहीं हुआ, और यह एक बल्लेबाज की गेंद द्वारा चोटिल होने की सबसे दर्दनाक घटनाओ में से एक है |

7. 2003 में लाहौर में शोएब अख्तर की गेंद पर कर्स्टन चोटिल हुए

दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज गैरी कर्स्टन ज्यादा गति की गेंद से कभी ज्यादा परेशान नहीं हुए थे, लेकिन शोएब अख्तर को खेलना कई बल्लेबाजों के लिए एकदम अलग है |

2003 में लाहौर में, टेस्ट मैच के पहले दिन शोएब अख्तर ‘अराउंड द विकेट’ से कर्स्टन पर आग बरसा रहे थे | कर्स्टन ने एक छोटी तेज गेंद पर पुल शॉट खेलने का फैसला किया, लेकिन अत्यधिक गति के कारण वो उस शॉट को सही से नहीं खेल पाए और गेंद उनकी दायें आँख के नीचे लगी | उस गेंद की रफ़्तार के प्रभाव से कर्स्टन का हेलमेट हवा में उड़ गया |

कर्स्टन मैदान पर गिर गये और उनके चेहरे से खून निकलना शुरू हो गया, जो अस्पताल में ही बंद हुआ | शोएब अख्तर भी चिंतित थे. और उन्होंने कर्स्टन से हाल चाल पूछा | कर्स्टन पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं कर पाए और पाकिस्तान ने उस मैच को जीत लिया |

6. 1994 में मोहाली में, कोर्टनी वॉल्श की गेंद पर मनोज प्रभाकर चोटिल हुए और भारत मैच हार गया

मोहाली में तीसरे टेस्ट से पहले वेस्ट इंडीज शृंखला में 1-0 से पीछे चल रहा रहा और वेस्ट इंडीज को 15 सालो में टेस्ट शृंखला में अपनी पहली हार नज़र आ रही थी | लेकिन, वेस्ट इंडीज ने अच्छा खेला और भारत को 358 रनो का लक्ष्य दिया |

सब को उम्मीद थी की भारत 5वें दिन पूरा बल्लेबाजी करेगा और मैच ड्रा करा लेगा और शृंखला जीत जाएगा | लेकिन कोर्टनी वॉल्श ने पारी की चौथी गेंद पर पहली पारी में शतक बनाने वाले प्रभाकर को चोटिल कर दिया |

बाउंसर खतरनाक तरीके से उछली और सीधे प्रभाकर की नाक पर लगी, और प्रभाकर मैदान पर गिर गये | प्रभाकर फिर उस मैच में बल्लेबाजी करने नहीं आये, लेकिन उस बाउंसर ने बाकी बल्लेबाजों में खौफ पैदा कर दिया और 35.2 ओवर में भारत के सभी बल्लेबाज आउट हो गये, भारत ने उस पारी में कुल 114 रन बनाये और मैच हार गया |

5. 1994 में पर्थ में, ग्लेन मैकग्राथ की गेंद पर पीटर कर्स्टन चोटिल हो गए

ग्लेन मैकग्राथ को विश्व के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक नहीं माना जाता है, लेकिन जब वह चाहते तब वह काफी तेज गेंद फेंक सकते थे, और वह एक अच्छी तरह से निर्देशित बाउंसर फेंक सकते थे, ऐसा बाउंसर जिसको खेलने में कई बल्लेबाजों को दिक्कत होती थी |

1994 में दुनिया की सबसे तेज पिचों में से एक पर्थ में एक अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच में, दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज ने मैकग्राथ की छोटी गेंद करने की क्षमता को देखा|

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मैकग्राथ की छोटी गेंद बेहद अच्छी तरह से निर्देशित थी, तेज पर्थ पिच का मतलब यह था कि कर्स्टन के पास प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय था और जब वह गेंद से दूर रहने का प्रयास कर रहे थे, तब गेंद उनके हेलमेट से टकरा गई | पीटर चारों खाने चित हो गये और मैदान पर गिर गये | कर्स्टन ‘रिटायर हर्ट’ हो गए और फिर उस पारी में बल्लेबाजी करने नहीं आये |

4. 2004 में सेंचूरियन में, रेयान मैकलारेन को मिचेल जॉनसन ने चारो खाने चित किया

2013-2014 में, ऑस्ट्रेलिया के बाये हाथ के गेंदबाज मिचेल जॉनसन अपने करियर के बेहतरीन फॉर्म में थे, उनका यह फॉर्म एशेज से शुरू हुआ था, और उनका यह फॉर्म 2014 के दक्षिण अफ्रीकी दौरे में भी ज़ारी रहा | जॉनसन की रफ़्तार और सटीकता ने उन्हें काफी खतरनाक गेंदबाज बना दिया था और सेंचूरियन में दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी में रेयान मैकलारेन जॉनसन के निशाने पर आ गए |

जॉनसन की 148.2 किमी / प्रति घंटे की रफ़्तार से फेंकी गयी गेंद रेयान के सर की तरफ थी, मैकलारेन ने गेंद की लाइन से बाहर जाने की कोशिश की, लेकिन वो नाकाम रहे | और अगले ही पल मैकलारेन घुटनो पर थे, और उनके सर से खून निकलना शुरू हो गया |

वह लंबे समय तक नहीं टिक पाये, लेकिन उस झटके के कारण मैकलारेन ने अगले 2 टेस्ट से अपना नाम वापस ले लिया, और अगले 6 महीनो तक उन्होंने किसी भी तरह का क्रिकेट नहीं खेला और अपने आत्मविश्वास को पाने का प्रयास किया |

3. 1975 में पर्थ में, जैफ थॉमसन ने क्लाइव लॉयड का जबड़ा तोड़ा

जैफ थॉमसन को क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज गेंदबाजों में से एक माना जाता है | और एक बार क्रिकेट के बारे में अपनी राय व्यक्त करते हुए उन्होंने बोला की उन्हें बल्लेबाज को आउट करने से ज्यादा मजा बल्लेबाज को चोट पहुंचाने में आता है | उन्होंने कहा की वो पिच पर खून देखना पसंद करेंगे |

ऑस्ट्रेलिया में 1975-76 की शृंखला वेस्ट इंडीज के लिए अच्छी नहीं रही | जैफ थॉमसन और डेनिस लिली ने वेस्ट इंडीज की कमर तोड़ दी और वेस्ट इंडीज 5-1 से शृंखला हार गया | दूसरे टेस्ट में ही थॉमसन ने एक खतरनाक बाउंसर से क्लाइव लॉयड का जबड़ा तोड़ कर विरोधियो को एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका दिया था | लॉयड वेस्ट इंडीज के बल्लेबाजी क्रम में तेज गेंदबाजी को खेलने वाले एक अच्छे खिलाड़ी थे, और उनके पास भी थॉमसन की तेज गेंदों का कोई जवाब नहीं था और एक बाउंसर उनके चेहरे पर लगी और उनका जबड़ा टूट गया |

लॉयड ने अपना बल्ला फेंका और घुटनो पर बैठ गए, लेकिन यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओ में से एक है |

2. 2004 में साउथैम्प्टन में, आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में शोएब अख़्तर ने ब्रायन लारा को चारो खाने चित किया

शोएब अख़्तर के इस कारनामे में कुछ भी रोमांचक नहीं था, क्योकि एक पल के लिए लगा की 2004 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में वेस्ट इंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा के साथ कुछ गलत हुआ |

एक छोटे से लक्ष्य का पीछा करते हुए, वेस्ट इंडीज अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा था और पाकिस्तान को विकेट की जरूरत थी, पाकिस्तान ने शोएब अख्तर को गेंदबाजी करने भेजा | वह निर्दयी बाउंसर ‘आउटसाइड लेग’ से शुरू हुआ और लारा के सिर के पीछे लगा |

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लारा की तत्कालिक प्रतिक्रिया देखकर लगा की वो बेहोश हो गये क्योंकि वो मैदान पर गिर गये और शोएब अख्तर के चेहरे के हावभाव ने लोगो के सबसे बुरे भय की पुष्टि की | अख्तर चिंतित दिखे लारा की सहायता करने पहुंचे | लारा ‘रिटायर हर्ट’ हो गए | जब यह खबर आयी की सब ठीक है, तब लोगो की जान में जान आयी |

1. 1984 में एजबेस्टन में मैल्कम मार्शल ने एंडी लॉयड का करियर ख़त्म कर दिया

वेस्ट इंडीज के खतरनाक तेज गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ खेलना एक दौर में सभी बल्लेबाजों के लिए कड़ी चुनौती थी, लेकिन अगर किसी खिलाड़ी का पहला मैच वेस्ट इंडीज के खिलाफ हो तो यह चुनौती और भी कड़ी हो जाती थी |

इंग्लैंड के बल्लेबाज एंडी लॉयड ने अपने पहले ही मैच में सबसे कठोर सबक सीखा, जब उनके सर पर मैल्कम की बाउंसर लगी, वह गेंद लॉयड के टेस्ट करियर की 17वीं गेंद थी |

गेंद काफी तेज थी, और लॉयड उस गेंद की लाइन से बाहर निकल पाते, उससे पहले गेंद उनके सर के किनारे पर लगी |

लॉयड ने हेलमेट पहना हुआ था लेकिन वह झटका उनके लिए घातक साबित हुआ और वो मैदान पर गिर गये | लॉयड को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्होंने एक सप्ताह बिताया लेकिन धुंधली दृष्टि की शिकायत की | वो फिर कभी इंग्लैंड के लिए नहीं खेल पाए लेकिन उन्होंने वारविकशायर के लिये प्रथम श्रेणी मैचों में रन बनाना ज़ारी रखा |

Source: 10 times a bowler knocked out a batsman on the pitch

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