क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ

5 top cameos in cricket history

आइये हम क्रिकेट के इतिहास में पावर हिटिंग से भरपूर कुछ सबसे बेहतरीन पारियों पर एक नजर डालते हैं।

सीमित ओवरों के क्रिकेट के उभरने के साथ से ही आक्रामक बल्लेबाजी करना बल्लेबाज़ों का पसंदीदा तरीका रहा है। हालांकि 1992 के विश्व कप में मार्टिन क्रो द्वारा लाए गए नवाचारों के कारण पूरे विश्व भर के बल्लेबाजों में विस्फोटक पारियाँ खेलने की जो होड़ लगी, उसने आधुनिक युग के क्रिकेट को बदलकर रख दिया। जब तक कि रन तेज गति से बन रहे हैं तब तक विकेट खोने का भी कोई भय नहीं रहता और विपक्षी गेंदबाज़ भी दबाव में बने रहते हैं।

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टी20 क्रिकेट के उदय के साथ छोटी और तेज तर्रार पारियों का महत्त्व और भी बढ़ गया है और इसने खेल का अंदाज़ भी बदल कर रख दिया है। यहां हम कुछ ऐसी ही प्रसिद्ध तेज़ तर्रार पारियों पर एक नजर डालते हैं जो पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेली गयीं हैं।

(सूची में 15 से कम गेंदों में खेली गयी पारियाँ शामिल की गई हैं)

#5 आंद्रे रसेल 42* (13 गेंदों में) बनाम पाकिस्तान, क्राइस्टचर्च, विश्व कप 2015

क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ - 1
क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ – 1

विश्व में बहुत कम ऐसे बल्लेबाज़ हैं, जो कि वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर आंद्रे रसेल जैसी पावर हिटिंग कर सकते हैं और विश्व कप 2015 में पाकिस्तान के खिलाफ एक लीग मैच में उन्होंने कुछ ऐसा कर दिखाया जिससे उनकी काबिलियत पर लोगों को और भरोसा हो गया। वह 259/5 के स्कोर पर 48 वें ओवर में बल्लेबाजी करने आये थे। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाज़ों पर जमकर कहर ढाया और इसका नतीजा यह हुआ कि 50 ओवरों के बाद टीम का स्कोर 310 रन था।

सक्षम पाकिस्तानी हमले के खिलाफ उन्होंने 4 छक्के और 3 चौके लगाए। उन्होंने 13 गेंदों में 42 रन बनाए और एक बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण के पसीने छुड़ा दिए। 48 वें ओवर में अपनी पहली बाउंड्री लगाने के बाद रसेल ने 49 वें ओवर में वहाब रियाज के ओवर में तीन छक्के लगाए और पूरी तरह से खेल बदल दिया।

वेस्टइंडीज ने 150 रनों से जीत हासिल की।

#4 मोईन खान 31* (12 गेंदों में) बनाम ऑस्ट्रेलिया, लीड्स, 1999 विश्व कप

क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ - 2
क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ – 2

1990 के दशक के आखिर में, पाकिस्तान के विकेटकीपर मोईन खान शायद दुनिया के सबसे खतरनाक निचले क्रम के बल्लेबाज़ों में से एक थे, जो स्लॉग ओवरों के दौरान तेज़ गति से रन स्कोर करने की अपनी क्षमता के कारण पूरी दुनिया में जाने जाते थे। लीड्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ग्रुप मैच में उन्होंने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ अपनी सबसे प्रसिद्ध पारी खेली। अब्दुल रज्जाक और इंजमाम उल हक ने एक ठोस नींव रख दी थी और जब वह 47वें ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर बल्लेबाजी करने आये थे, तो पाकिस्तान 230 रन पर पहुंच गया था।

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मोईन खान ने 13 गेंदों 3 छक्के और 2 चौके लगाकर शानदार 31 रन बनाए। उन्होंने अपने अनोखे तरीके से ऑस्ट्रेलिया पर आक्रमण करने का प्रयास किया और पाकिस्तान की टीम 50 ओवर में 275 रन बनाने में सफल रही। उन्होंने मैक्ग्रा को लगातार दो छक्के मारे, एक बल्ले के किनारे से और एक थर्ड मैन के ऊपर से। इसके तुरंत बाद उन्होंने एक और छक्का लगाया और फिर ऑस्ट्रेलियाईयों की हालत तो देखने लायक थी।

उनकी पारी महत्वपूर्ण भी साबित हुई और पाकिस्तान ने स्कोर का बचाव करते हुए 10 रन से एक करीबी खेल जीता।

# 3 मोहम्मद अजहरुद्दीन 29* (10 गेंदों में) बनाम पाकिस्तान, शारजाह, 1996

क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ - 3
क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ – 3

भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी कोई मैच खेला जाता है तो दोनों पक्षों के खिलाड़ियों से हमें कई उम्दा प्रदर्शन देखने को मिलते हैं। शारजाह में एक ऐसे ही एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच में तत्कालीन भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने बहुत ही यादगार खेल दिखाया। नवजोत सिद्धू और सचिन तेंदुलकर की शतकीय परियों के बाद भारत एक बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन इसके लिए अजहरुद्दीन की तरफ से एक धुआँधार पारी की आवश्यकता थी ताकि टीम 300 का जादुई आंकड़ा पार कर सके।

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वह 264-4 के स्कोर पर बल्लेबाज़ी करने आए और अगली 10 गेंदों में 2 चौके और 2 छक्के लगाकर उन्होंने स्कोर 305 रन तक पहुँचा दिया। उन्होंने पाकिस्तान के तेज गेंदबाज अता- उर-रहमान के ओवर में 24 रन बनाए और भारत ने एक ऐसा स्कोर खड़ा कर लिया जिसे हासिल करना पाकिस्तान के लिए मुश्किल साबित होने वाला था।

# 2 डैरेन सैमी 34* (13 गेंदों पर) बनाम ऑस्ट्रेलिया, वर्ल्ड टी 20, ढाका, 2014

क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ - 4
क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ – 4

वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम के सदस्यों ने हाल के वर्षों में कुछ बेहतरीन तेज़ तर्रार पारियाँ खेली हैं और उनमें से एक पारी डैरेन सैमी द्वारा विश्व कप में ढाका में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गयी थी। ऑस्ट्रेलिया ने मैच से पहले बहुत टिप्पणियाँ की थी और शायद इसलिए भी यह पारी और महत्वपूर्ण हो गयी।

जब सैमी बल्लेबाज़ी करने आये, तो वेस्टइंडीज की हालत उतनी अच्छी नहीं थी और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के 179 रनों का पीछा करने के लिए 21 गेंदों में 50 रन चाहिए थे। तब कप्तान सैमी ने इतिहास में सबसे बेहतरीन टी-20 पारियों में से एक खेल कर मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया। 19वें ओवर में उन्होंने मिशेल स्टार्क की गेंद पर शानदार छक्का लगाया और दो चौके और लगाकर उन्होंने खेल का पासा ही पलट दिया।

वेस्टइंडीज को आखिरी ओवर से 12 रनों की जरूरत थी। पहले दो गेंदें डॉट रहीं और माहौल काफी रोमांचक हो गया था, लेकिन जैसे ही सैमी ने जेम्स फॉल्कनर की अगली दो गेंदों पर छक्के लगाये, वैसे ही उनके सारे प्रशंसक जश्न मनाने लगे।

# 1 कार्लोस ब्रेथवेट 34 * (10 गेंदों में) बनाम इंग्लैंड, विश्व टी20 फाइनल, कोलकाता, 2016

क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ - 5
क्रिकेट के इतिहास की 5 सबसे तेज़ तर्रार पारियाँ – 5

कार्लोस ब्राथवेट की यह लुभावनी पारी कई मायनों में सबसे अलग है। यह टी20 क्रिकेट की कुछ सबसे बेहतरीन पारियों में से एक तो है ही, लेकिन इस पारी के पीछे छुपा उनका प्रयास इस घटना को और भी ख़ास बना देता है। विश्व टी20 के फाइनल के दबाव को झेल जाना और इतनी शानदार पारी खेलना किसी युवा खिलाड़ी के लिए सपनों सरीखा ही होता है। और जीत हासिल करने के लिए अंतिम ओवर में लगातार 4 छक्के लगाना तो और भी बड़ी बात है।

ईडन गार्डन में फाइनल में इंग्लैंड के 155 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्ट इंडीज संघर्ष कर रहा था और धीरे-धीरे आवश्यक रन की दर भी बढ़ने लगी थी। सेट बल्लेबाज़ मार्लन सैमुअल्स भी अपने लय में नज़र नहीं आ रहे थे। ब्रेथवेट 16 वें ओवर में बल्लेबाजी करने आये थे, लेकिन तब तक उन्होंने केवल 6 गेंदों का सामना किया था और 10 रन बनाये थे।

जब बेन स्टोक्स का अंतिम ओवर शुरू हुआ, तो वेस्टइंडीज को जीत के लिए 19 की जरूरत थी और किसी को यह उम्मीद नहीं थी ब्रेथवेट कुछ ऐसा कमाल दिखा पाएँगे। ज्यादा से ज्यादा उनसे उम्मीद थी की वह सिंगल लेकर सेट बल्लेबाज़ सैमुअल्स को बड़ी हिट लगाने का मौका दें। हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने आखिरी ओवर की पहली गेंद को स्क्वायर लेग की तरफ उठा कर मार दिया। उसके बाद लॉन्ग ऑन और मिड ऑफ के ऊपर छक्के लगाकर इंग्लैंड की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया।

अगली 3 गेंदों में जीत के लिए 1 रन चाहिए था, लेकिन उन्होंने एक रन चुराने के बजाय एक गगनचुम्बी छक्का लगाकर मैच समाप्त किया।

Source: 5 of the most famous cameos in cricket history

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