5 रिकॉर्ड जो 100 वर्षों में भी नहीं टूटे

5 cricket records unbroken in over 100 years

क्रिकेट का सबसे महत्वपूर्ण प्रारूप, टेस्ट क्रिकेट 140 से अधिक वर्षों से खेला जा रहा है। इस प्रारूप ने क्रिकेट को कई यादगार रिकॉर्ड दिए हैं। कुछ दिनों पूर्व श्रीलंका ने पाकिस्तान को एक बेहद रोमांचक टेस्ट मैच में हराया। उस मैच के साथ अब तक कुल 2278 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं। इन 2278 मैचों में खेल के हर विभाग में रिकॉर्ड बने हैं। कैरियर में सर्वाधिक रनों से लेकर एक ओवर में सर्वाधिक रनों तक के रिकॉर्ड इस प्रारूप में बने हैं।

यह कहा जाता है कि रिकॉर्ड टूटने के लिए बनते हैं लेकिन कुछ रिकॉर्ड पिछले 100 वर्षों में भी नहीं टूटे हैं। हम आपको बताएंगे पांच ऐसे रिकॉर्डों के बारे में जो 19वीं शताब्दी से बने हुए हैं-

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#1 एक पूर्ण टेस्ट पारी में सर्वाधिक प्रतिशत रन(1877)

यह रिकॉर्ड विश्व क्रिकेट के सबसे पहले टेस्ट मैच में बना और अभी तक टूट नहीं सका। ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स बैनरमैन(जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट की पहली गेंद खेली) ने टीम के 245 रनों में 165 रन बनाए जो कुल टीम के स्कोर का 67.34% है।

15 मार्च 1877 को मेलबॉर्न क्रिकेट ग्राउंड में शुरू हुआ यह मैच चार दिन में खत्म हुआ जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 45 रनों से जीता।

इस रिकॉर्ड के सबसे करीब आए ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज माइकल स्लॉटर। सलामी बल्लेबाज के रूप में उन्होंने 1999 में इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में टीम के 186 रनों में 123 रन बनाए। स्लॉटर ने उस पारी के 66.84% रन बनाए।

इस रिकॉर्ड के लिए जहाँ एक ओर अकेले ही टिक कर खेलना पड़ता है वहीं दूसरी ओर टीम के अन्य साथियों को असफल होना पड़ता है।

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#2 नंबर 10 पर बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक रन(1884)

नंबर 10 पर बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक रन(1884)
नंबर 10 पर बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक रन(1884)

बल्लेबाज़ी के सभी क्रमों पर सर्वाधिक स्कोर का रिकॉर्ड आधुनिक बल्लेबाज़ों के नाम है सिवाय नंबर 10 के।

16 वें टेस्ट मैच में जो कि 1884 में ओवल में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के मध्य खेला गया, यह अद्वितीय रिकॉर्ड बना। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया ने मध्य क्रम के तीन बल्लेबाज़ों के शतक की बदौलत 551 रन बनाए। इंग्लैंड ने इस पारी के दौरान 311 ओवर गेंदबाज़ी की।

इसके जवाब में मेहमान टीम 181 रन पर 8 विकेट गंवा चुकी थी। उस समय सलामी बल्लेबाज विलियम स्कॉटन का साथ देने आए वाल्टर रीड। दोनों ने मिलकर 151 रनों की साझेदारी कर डाली। रीड आउट होने वाले सबसे अंतिम बल्लेबाज़ थे। उन्होंने 20 चौकों की मदद से 117 रन बनाए। इंग्लैंड फॉलो ऑन नहीं बचा सका और मैच ड्रॉ हो गया।

उसके बाद से नंबर 10 पर तीन बल्लेबाज़ शतक बना चुके हैं। 2011 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ बांग्लादेश की तरफ से अबुल हसन ने 113 रन बनाए जो कि 10 नम्बर पर दूसरा सर्वोच्च स्कोर है।

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#3 न्यूनतम गेंदबाज़ी औसत और स्ट्राइक रेट(1896)

न्यूनतम गेंदबाज़ी औसत और स्ट्राइक रेट(1896)
न्यूनतम गेंदबाज़ी औसत और स्ट्राइक रेट(1896)

यह अब तक न टूटने वाला अद्भुत रिकॉर्ड है। पूर्व के समय में बल्लेबाजी इतनी आसान नहीं थी और ऐसे में सरे के तेज़ गेंदबाज़ जॉर्ज लोहमैन ने अपनी विविधता और सटीक गेंदबाज़ी से बल्लेबाज़ी की कड़ी परीक्षा ली।

1896 में जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लोहमैन ने 28 रन देकर 9 विकेट लिए। यह टेस्ट क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी का आंकड़ा रहा लेकिन उनके बाद इंग्लैंड के जिम लेकर ने 1956 में एक पारी में 10 विकेट चटका कर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। लोहमैन ने 18 टेस्ट मैचों के बाद ही सन्यास ले लिया। उन्होंने 10.75 की गेंदबाज़ी औसत और 34.1 की स्ट्राइक रेट के साथ 112 विकेट अपने नाम किए।

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कम से कम 2000 गेंदे फेंकने वाले गेंदबाज़ों में लोहमैन के नाम न्यूनतम गेंदबाज़ी औसत और स्ट्राइक रेट का रिकॉर्ड दर्ज है। हालाँकि उसके बाद कुछ गेंदबाज़ 34.1 की स्ट्राइक रेट के करीब आए लेकिन उनमें से कोई आधुनिक युग का गेंदबाज़ नहीं है।

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#4 सबसे अधिक आयु के टेस्ट कप्तान(1899)

सबसे अधिक आयु के टेस्ट कप्तान(1899)
सबसे अधिक आयु के टेस्ट कप्तान(1899)

यह रिकॉर्ड क्रिकेट के पहले सुपरस्टार के नाम है। डॉ विलियम गिल्बर्ट ग्रेस ने इंग्लैंड क्रिकेट प्रशंसकों के दिलों पर राज किया। जब वह बल्लेबाज़ी करते थे तो पूरा स्टेडियम भर जाता था और उनके आउट होते ही खाली। उन्होंने अपने कैरियर में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 54000+ रन बनाये और 2800 विकेट लिए।

1848 में जन्मे गिल्बर्ट ने एशेज श्रृंखला में भी भाग लिया। अपने कैरियर के अंतिम दिनों में 1899 में 50 वर्ष की अवस्था में वह इंग्लैंड टीम के कप्तान बने।

हालाँकि ग्रेस को पता था कि उनकी फिटनेस खेल के अनुरूप नहीं रही और जल्द ही उन्होंने आर्की मैक्लेरेन को कप्तानी सौंप दी। ग्रेस ने अपना अंतिम टेस्ट 1899 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला।

50 वर्ष और 320 दिन के ग्रेस टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक आयु के कप्तान बने। आधुनिक युग में 40 वर्ष से ऊपर के खिलाड़ी बमुश्किल ही टेस्ट मैच खेलते हैं और इसलिए शायद यह रिकॉर्ड कभी टूट न सकेगा।

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#5 पदार्पण टेस्ट पारी में उच्चतम स्कोर(1903)

पदार्पण टेस्ट पारी में उच्चतम स्कोर(1903)
पदार्पण टेस्ट पारी में उच्चतम स्कोर(1903)

रेजीनॉल्ड टिप फॉस्टर का जन्म 1878 में एक खेलप्रेमी परिवार में हुआ। वह अपने छः भाइयों के साथ वर्सेस्टरशायर की तरफ से खेले और इसी कारण कुछ समय तक इस काउंटी को ‘फॉस्टरशायर’ नाम से बुलाया जाने लगा।

टिप अपने परिवार में सबसे कुशल खिलाड़ी थे। उन्होंने इंग्लैंड की तरफ से पांच फुटबॉल मैचों में भी भाग लिया।

1903 में अपने टेस्ट पदार्पण से पूर्व फॉस्टर काउंटी क्रिकेट में बहुत से रन बना चुके थे। 1901 में उन्हें ‘विस्डन क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ अवार्ड से सम्मानित किया गया।

इसके बाद फॉस्टर स्टॉकब्रोकर बन गए और प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलते रहे।

1903 में वह ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चयनित हुए। फॉस्टर ने ऑस्ट्रलियाई स्टेट टीमों के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया और सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट उन्हें टीम में स्थान मिला।

ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 285 रन बनाए। फॉस्टर जब बल्लेबाज़ी करने आए तो उस समय इंग्लैंड का स्कोर 73/3 था। उन्होंने अंतिम दो बल्लेबाज़ों के साथ 245 रनों की साझेदारी की और सबसे अंत में आउट हुए। उन्होंने 287 रन बनाए जो कि ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के स्कोर से अधिक था।
इंग्लैंड ने यह मैच जीत लिया। फॉस्टर के 287 रन उस समय टेस्ट क्रिकेट का सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर था। इस रिकॉर्ड के नज़दीक जैक्स रुडोल्फ आए जिन्होंने 2003 में बांग्लादेश के खिलाफ पदार्पण टेस्ट में 222 रन बनाए।

आधुनिक युग में टीमें बेहतर रन रेट के साथ बल्लेबाज़ी करती हैं और ऐसे में यह संभव है कि किसी दिन कोई युवा खिलाड़ी 114 वर्ष पुराने इस रिकॉर्ड को तोड़ देगा।

क्योंकि अंत में रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं।

Source: 5 records that have not been broken in over 100 years

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